दासप्रथा की दुनिया भर में निंदा की जाती है पर एक समय था जब यह प्रथा बहुत ही आम हुआ करती थी. लोग दास रखा करते थे और उनसे अपने काम करवाया करते थे. कुछ से जबरन काम करवाया जाता था तो कुछ अपनी मजबूरी के चलते काम किया करते थे. कई सालों तक यह प्रथा दुनिया भर में चलती रही.

माना जाता है कि लोग अपने दासों पर खूब अत्याचार किया करते थे. यूँ तो वह दास अपने मालिक के खिलाफ कुछ नहीं कहते थे, लेकिन कुछ ऐसे भी थे जिन्होंने अपनी आवाज उठाई और अपना नामा इतिहास के पन्नों में दर्ज करवा लिया.

चलिए फिर जानते हैं दुनिया के ऐसे ही कुछ मशहूर दासों के बारे में–

स्पार्टाकस

स्पार्टाकस एक डकैत था.

सरकार ने स्पार्टाकस को हिरासत में ले लिया था और उसके बाद उसे दास के रूप में बेच दिया. वह एक ग्लेडियेटर स्कूल में अपनी सेवाएं दिया करता था, लेकिन वह थोड़े समय में ही वहां से भाग गया. उसे जबरन दास प्रथा रास नहीं आई और वह इसे खत्म करना चाहता था. उसने कई ग्लेडियेटर्स को भी अपने साथ कर लिया था. उसने अपने जैसे कई और भागे हुए दासों को इकठ्ठा किया और खुद की एक विशाल 90,000 सैनिकों की सेना बनाई.

उसकी सेना में अधिकतर संख्या उन दासों की थी जो इस प्रथा को खत्म करने में लगे हुए थे. वह अपनी सेना लेकर सीधा रोमन सेना पर आक्रमण करने पहुँच गया. स्पार्टाकस का यह दाव काफी सफल भी रहा. दो हिस्सों में उसने रोमन सेना को हरा दिया और इटली के एक बड़े हिस्से पर अपना राज शुरू कर दिया.

इसके बाद वह उत्तर की तरफ अपनी सेना लेकर गया कुछ दासों को आजादी दिलाने के लिए, लेकिन उन सभी ने स्पार्टाकस के साथ आने से मना कर दिया. उसके बाद स्पार्टाकस दक्षिण की तरफ निकला सिसिली पर हमला करने पर इस बार वह जीत हासिल नहीं कर पाया.

अपनी सेना के साथ स्पार्टाकस भी उस जंग में मारा गया पर उसका नाम इतिहास में दर्ज हो गया.

Spartacus (Pic: commons)

ईसप

आज से कई सौ सालों पहले प्राचीन यूनान में एक लेखक हुआ करता था जिसका नाम था ईसप.

लेखक होने के बाद भी वह एक दास था जो एक राजा के सलाहकार के रूप में अपनी सेवाएं दिया करता था. ईसप लेखक तो जरूर था पर उसने अपनी कहानियां कभी भी लिख कर संरक्षित करनी नहीं चाही. वह हमेशा ही लोगों को अपनी कहानियाँ मुंह जबानी सुनाया करता था.

कहते हैं कि ईसप की कहानियों के पात्र अक्सर तेज दिमाग वाले जानवर और बेवकूफ इंसान होते थे.

ईसप को दास की जिंदगी से उसकी कहानियों ने ही निजात दिलाया. माना जाता है कि उस समय में ईसप की कहानियों के लोग दीवाने हुआ करते थे. अपनी कहानियों के जरिए कई बार वह बहुत से गंभीर मुद्दों को भी उठाता था जिसके कारण उसे कई बार परेशानी में भी फंसना पड़ता था.

कहते हैं कि ईसप की कहानियों से खुश हो के ही उसके मालिक ने उसे दास की जिंदगी से आजाद कर दिया. ऐसी धारणाएं हैं कि ईसप अपनी पूरी जिंदगी में कई बार फंसा, लेकिन हर बार उसकी कहानियों ने उसे बचा लिया.

Aesop (Pic: sundayobserver)

सेंट पैट्रिक

सेंट पैट्रिक का जन्म ब्रिटेन में लगभग 390 ई.पू. हुआ था. सेंट पैट्रिक जब पैदा हुआ था उस समय दासों की प्रथा आम बात हुआ करती थी. माना जाता है कि सैंट पैट्रिक की ईसाई धर्म में कोई खास रूचि नहीं थी.

जब वह 16 साल का हुआ तो उसकी दुनिया एक दम बदल गई क्योंकि उसका अपहरण कर लिया गया था. अपहरण के बाद लगभग 7 साल तक वह आयरलैंड के पहाड़ी इलाकों में एक गुलाम के रूप में अपनी जिंदगी व्यतीत करता रहा.

दास की जिंदगी इतनी कठिन थी कि सैंट पैट्रिक को भगवान पर विश्वास होने लगा. वह पूरी तरह से धार्मिक राह पर चलने लगा. कहते हैं कि उसे सपने में एक आवाज सुनाई देती थी. उस आवाज ने ही पैट्रिक से कहा कि उसे वापस अपने घर की ओर भाग जाना चाहिए. आखिर में उसने ऐसा ही किया और वह समुद्री लुटेरों के एक जहाज पर छिप कर वापस अपने घर चला गया अपने परिवार के पास.

पैट्रिक वापस आया ही था कि उसे वह आवाज फिर सुनाई दी और उसने कहा कि आयरलैंड जाके आयरिश लोगों को ईसाई धर्म से रूबरू करवाओ. पेट्रिक ने एक बार फिर उसे आवाज की बात मानी और अपनी पूरी जिंदगी आयरलैंड में ईसाई धर्म फैलाने में लगा दी.

Saint Patrick (Pic: funcoolfacts)

फ्रेडरिक डगलस

फ्रेडरिक डगलस का जन्म 1818 के आसपास  मैरीलैंड में हुआ था. वह अपने जन्म के साथ ही एक गुलाम थे पर जब वह धीरे-धीरे बड़े हुए तो उनका नाम दासों में नहीं बल्कि बुद्धिजीवियों के बीच आने लगा. वह राष्ट्रपति के सलाहकार हुआ करते थे.

फ्रेडरिक कभी एक आयरिश परिवार के दास हुआ करते थे. उन्होंने अपने जीवन में बहुत कठिनाई देखी हुई थी. जैसे ही गृह युद्ध छिड़ा और दास प्रथा खत्म हुई फ्रेडरिक ने अपनी एक नई जिंदगी शुरू कर दी. उन्होंने अपनी दास की दर्दनाक जिंदगी को कागज़ पर उतार दिया जिसने उन्हें इतना प्रसिद्ध कर दिया कि वह सबके लिए खास हो गए.

Frederick Douglass (Pic: steller)

नेट टर्नर

नेट टर्नर भी एक ब्लैक अमेरिकी गुलाम था, जिसने यू.एस के इतिहास में निरंतर दास विद्रोह किया. नेट टर्नर का जन्म  वर्जीनिया में हुआ था. नेट टर्नर को बचपन में दास-प्रथा के चलते तीन बार बेचा गया था और आखिरी में उसको जॉन ट्रेविस 1820 ने किराए पर लिया. काफी समय तक फिर नेट उसी के पास काम करता रहा. आगे चलकर नेट टर्नर अफ्रीकी-अमेरिकी दासों का नेता बन गया.

नेट चाहते थे कि अमेरिका से दास प्रथा किसी भी तरह खत्म हो जाए. अपने इस सपने के लिए उन्होंने कई अमेरिकी गोरों से पंगा भी लिया जिसके चलते उनके कई साथियों की मौत भी हुई. जाना का खतरा तो नेट पर भी कई बार आया, लेकिन वह डटे रहे और अपने हक के लिए लड़ते रहे.

Nat Turner (Pic: medium)

एना जे.कूपर

एना जे कूपर एक अमेरिकी शिक्षिका और लेखक थी.

उनको अफ्रीकी अमेरिकी महिलाओं के लिए किये गए कामों के लिए जाना जाता है. एना जन्म से एक दास थी, लेकिन उन्होंने बहुत कोशिशों के बाद अपनी दास की नौकरी से छुटकारा पा ही लिया.

खुद दास प्रथा से बच जाने के बाद भी एना रुकी नहीं और बाकी अफ्रीकी महिलाओं को बचाने में लग गई. उनकी पहली पुस्तक ‘वॉयस फॉर द साउथ: बाय ए वूमन फ्रॉम दे साउथ’ की काफी आलोचना हुई. क्योंकि उनकी किताब में जिक्र था कि आखिर काली महिलाओं पर अत्याचार हुआ करते थे.

उनकी किताब ने ब्लैक महिलाओं की गुलामी और नस्लवाद के प्रति जागरूकता पैदा की. उन्होंने अपनी पूरी जिंदगी दास और महिलाओं के लिए नागरिक आंदोलन किये.

Anna J. Cooper (Pic: pinterest)

यह थे कुछ वह दास जिन्होंने अपने बलबूते अपनी दास की जिंदगी को पीछे छोड़ा और नई जिंदगी की ओर कदम रखा.

Web Title: Famous Slaves In World History, Hindi Article

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