यूँ तो दुनिया में स्मगलिंग के कई अजीब तरीके देखे गए हैं पर क्या अपने सुना है कि किसी ने शहीद सैनिकों की लाश में ड्रग्स स्मगल किए हो? 

नहीं. तो शायद आपने अमेरिका के सबसे खतरनाक ड्रग स्मगलर फ्रैंक लूकस के बारे में नहीं सुना. फ्रैंक लूकस वही ड्रग डीलर है, जो अपने काम को पूरा करने के लिए किसी भी हद तक जा सकता था. 

फिर चाहे अपने काम के लिए उसे किसी की जान ही क्यों न लेनी हो. लूकस ने अपने समय में ड्रग्स स्मगलिंग को इस तरह से किया कि उसे आज तक का सबसे आर्गेनाइजड क्राइम माना गया. 

तो चलिए जानते हैं कि आखिर कैसे एक छोटा सा गरीब बच्चा बना अमेरिका का ड्रग लॉर्ड–

छोटी उम्र से ही जुड़ गया जुर्म से नाता!

अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में रहने वाले फ्रैंक की जिंदगी शुरुआत से ही काफी मुश्किलों भरी थी. जहां वह रहता था वहां पर गरीबी और जुर्म बहुत बड़ी परेशानी थी. रोजाना ही कहीं न कहीं चोरी होती तो कहीं पर हत्या. ऐसे में फ्रैंक बहुत ज्यादा वक्त तक इस माहौल से दूर नहीं रहा पाया. 

कहते हैं कि वह सिर्फ छह साल का था, जब उसके सामने उसके एक भाई को कुछ लोगों ने मौत के घाट उतार दिया था! यह पहला मौका था जब फ्रैंक का सामना सच्चाई से हुआ था. 

कहते हैं कि इस हादसे के बाद फ्रैंक की जिंदगी पूरी तरह से बदल गई थी. घर में कमाने वाला कोई नहीं था और जिंदगी धीरे-धीरे बहुत ही मुश्किल भरी हो रही थी. 

ऐसे में घर के हालत सुधारने के लिए फ्रैंक को ही आगे आना पड़ा. फ्रैंक तब एक छोटा बच्चा ही था, जब उसने अपनी भूख मिटाने के लिए पहली बार जुर्म का सहारा लिया. उसने एक जगह से पहली बार खाने की चोरी की...

फिर यहाँ से शुरू हुआ फ्रैंक का जुर्म की दुनिया का वो सफर, जो वक्त के साथ और भी ज्यादा बढ़ता गया. इसके बाद फ्रैंक लगातार चोरी करने लगा. कभी दुकानों से तो कभी उन शराबियों की जेब से जो उसे रस्ते में दिखाई दे जाते थे. 

उसकी इन चोरियों से जिंदगी पूरी तरह से सही तो नहीं हुई मगर फ्रैंक के घर वाले भूखे नहीं रह रहे थे. फ्रैंक को लगा था कि ऐसे ही करते हुए वह अपना काम चला लेगा मगर ऐसा नहीं था. कुछ ही वक्त में फ्रैंक की जिंदगी में एक नया मोड़ आ गया. 

फ्रैंक एक जगह पर नौकरी किया करता था. एक दिन बॉस के दूकान पर न होने पर उसने वहां से करीब 400 डॉलर की चोरी कर ली. इसके बाद बॉस ने पुलिस को यह घटना बताई और पुलिस फ्रैंक के घर पहुँच गई. 

पुलिस से बचने के लिए फ्रैंक तुरंत ही भाग गया और फिर वापस कभी मुड़कर अपने घर की ओर नहीं देखा. 

He Started Crime At Very Early Age (Representatice Pic: talesoftheleng)

15 साल तक ड्राईवर बन सीखा जुर्म करने का तरीका

घर से भागने के बाद फ्रैंक सीधा हार्लेम, न्यूयॉर्क की ओर चला गया. उन दिनों न्यूयॉर्क में जुर्म की दुनिया बढ़ रही थी और रोज ही नए-नए मुर्जिम वहां आ रहे थे. फ्रैंक भी उनमें से ही एक था. 

न्यूयॉर्क आने के बाद फ्रैंक को दिखाई दिया कि आखिर बड़े लेवल पर जुर्म किस तरह से किए जाते हैं. वह धीरे-धीरे जुर्म की काली अँधेरी गलियों में जाने लगा था. उन गलियों में ही उसकी मुलाक़ात हुई उस समय के एक बड़े गैंग्स्टर जॉनसन से. 

कहते हैं कि जॉनसन को फ्रैंक में कुछ बहुत ही ख़ास लगा था इसलिए उसने उसे सीधा अपना पर्सनल ड्राईवर बना दिया. फ्रैंक को कभी नहीं लगा था कि वह अमेरिका के बड़े गैंगस्टर का ड्राईवर बनेगा. 

ड्राईवर बनने के कारण फ्रैंक को हर जगह जॉनसन के साथ जाना पड़ता था. इसकी वजह से वह जुर्म की दुनिया को बहुत ही करीब से जानने लगा था. वह हर छोटी से छोटी चीज को बड़े ही ध्यान से सीख रहा था. 

कहते हैं कि खुद जॉनसन भी फ्रैंक को जुर्म की दुनिया की बारीकियां बताता था. जॉनसन के साथ रहने की वजह से फ्रैंक को भी काफी लोग जनाने लगे थे. मुजरिमों के बीच उसका काफी नाम हो चुका था. 

करीब 15 साल तक फ्रैंक ऐसे ही ड्राईवर की नौकरी करता रहा. 1968 में अचानक ही दिल के दौरे के कारण जॉनसन की मौत हो गई और यही वह वक्त था जब फ्रैंक ने नया जॉनसन बनने का फैसला किया!

He Learned Everything From His Mentor Jhonson (Representative Pic: medium)

...और खड़ा किया ड्रग्स का साम्राज्य!

फ्रैंक ने जॉनसन के जाते ही उसका सारा बिजनेस अपने हाथों में ले लिया. इतना ही नहीं जिस ड्रग्स के बिजनेस की शुरुआत जॉनसन ने की थी उसे ऊंचाइयों पर पहुंचाने का काम अब फ्रैंक करना चाहता था. 

उसने बहुत बड़ी संख्या में ड्रग्स की स्मगलिंग अमेरिका में करवानी शुरू की. वह सारा ड्रग्स अमेरिका की गलियों में भटके हुए युवाओं को बेचा जाने लगा. हर कोई हेरोइन के नशे में चूर रहने लगा. 

ड्रग्स के धंदे में फ्रैंक बहुत तेजी से पैसा कमा रहा था मगर इससे उसका दिल नहीं भरा. वह और भी ज्यादा पैसा चाहता था. 

उसकी ड्रग्स की आधी कमाई बिचोलिये खा जाया करते थे. हालांकि, वही थे जो उस ड्रग्स को बाहर देशों से फ्रैंक तक पहुंचाते भी थे. फ्रैंक को इन बिचोलियों से नफरत हो गई. वह नहीं चाहता था कि उसके ड्रग्स का पैसा कोई और ले जाए. 

इसलिए उसने सबसे पहले बिचोलियों को अपने रास्ते से हटाना शुरू किया. अब ड्रग्स का ये धंधा खून भरा हो गया था. जगह-जगह पर लाशें पाई जा रही थीं. 

इसके कारण फ्रैंक के काफी दुश्मन भी बन गए थे मगर उसे किसी भी चीज से परेशानी नहीं थी. वह तो रईसों वाली जिंदगी बिताना चाहता था. 

बिचोलियों को हटाने के बाद फ्रैंक ड्रग्स सीधा डीलर से खरीदने लगा और इसके जरिए थोड़े ही समय में उसने अपना ड्रग्स साम्राज्य खड़ा कर लिया. 

He Become Really Rich By Selling Drugs (Pic: theothermanblog)

शहीद सैनिकों की लाश में भरे ड्रग्स!

बिचोलियों को मारने के बाद फ्रैंक ने काफी हद तक ड्रग्स मार्किट अपने हाथों मर कर लिया था. हालांकि, अभी भी उसका दिल नहीं भरा था. ऐसा इसलिए क्योंकि अमेरिकी पुलिस धीरे-धीरे ड्रग्स को रोकने का काम करने में लगी हुई थी. 

ऐसे में फ्रैंक को बाहर से ड्रग्स अमेरिका लाने में परेशानी हो रही थी. उसका काफी सारा ड्रग्स पुलिस द्वारा पकड़ लिया गया था. फ्रैंक को कुछ समझ नहीं आ रहा था कि आखिर वह क्या करें. 

उसे स्मगलिंग का कोई ऐसा तरीका लाना था जिसके बारे में कोई भी नहीं सोच सके. फ्रैंक का ड्रग्स साउथ एशिया से बनकर आता था. उन दिनों वियतनाम का युद्ध चल रहा था जिसके कारण साउथ एशिया के डीलर भी ड्रग्स नहीं भेज पा रहे थे. 

फ्रैंक ने सीधा उनके पास जाकर अपने काम को करनी की सोची. वह थाईलैंड गया और वहां के डीलर से 'ब्लू मैजिक' नाम का एक ड्रग बेचने के लिए कहा. कहते हैं कि ब्लू मैजिक एक ऐसा ड्रग था, जो 98% प्योर था उसमें कुछ और नहीं मिलाया जाता था. 

ऐसे ड्रग्स के लिए नशे के आगे मुंह मांगी रकम देने के लिए तैयार हो जाते. हालांकि, अब उसके सामने परेशानी थी कि आखिर उस ड्रग्स को अमेरिका तक लाया कैसे जाए वह भी सबकी नजरों से बचा के. 

इसके बाद जो प्लान फ्रैंक के दिमाग में आया उससे हर कोई हैरान हो गया. फ्रैंक ने कुछ अमेरिकी अफसरों को अपनी ओर किया और कहा कि शहीद हुए सभी सैनिकों के ताबूत में ड्रग्स छिपाए जाए. ऐसा इसलिए क्योंकि कोई भी किसी शहीद के ताबूत की जांच नहीं करेगा. 

एक बार जिसे ही फ्रैंक का ये प्लान शुरू हुआ उसका ड्रग्स का बिजनेस देखते ही देखते इतनी तेजी से बढ़ा की हर कोई देखता रह गया. वियतनाम में शाहिद होने वाले सभी सनिकों के ताबूत के साथ अमेरिका में ड्रग्स भी आने लगे. 

फ्रैंक ने करीब 500 शहीदों के साथ यह काम किया. उनकी लाशों के साथ ड्रग्स भी अमेरिका लाए गए. इस काम ने फ्रैंक को इतना अमीर बना दिया कि कहा जाता है एक समय पर वह 1 मिलियन डॉलर एक दिन में कमा लेता था.

He Hided His Drugs In The Dead Soldiers Coffins (Representative Pic: thedarkroom)

अंत हुआ फ्रैंक के साम्राज्य का...

फ्रैंक का ब्लू मैजिक ड्रग्स अमेरिका में बहुत तेजी से फैल रहा था. वह बाकी हेरोइन से काफी ज्यादा असरदार था और युवा बड़ी मात्रा में उसे लिया करते थे. इसके कारण कई युवाओं की जान चली गयी क्योंकि वह ओवरडोज का शिकार हो गए. 

इस बात ने अमेरिकी पुलिस का ध्यान खींच लिया. वह समझ गए थे कि अगर ड्रग्स के इस कारोबार को नहीं रोका गया, तो अमेरिका में लाशों का ढेर लग जाएगा. 

इसके बाद पुलिस ने बहुत तेजी से ड्रग्स के कारोबार को बंद करना शुरू किया. जब तहकीकात और आगे बढ़ी, तो फ्रैंक का नाम भी सामने आया. इसी के चलते उसके घर पर रेड मारी गई. 

वह रेड में फ्रैंक के घर से ड्रग्स और काफी सारा पैसा मिला जिसके बाद तुरंत ही उसे हिरासत में ले लिया गया. फ्रैंक को 70 साल की जेल हुई क्योंकि उसके ड्रग्स के कारण कई सौ युवाओं की जान गई थी. 

इसके साथ ही फ्रैंक का ड्रग्स का पूरा साम्राज्य ही उसके साथ डूब गया. आज भी फ्रैंक सलाखों के पीछे अपनी जिंदगी काट रहा है. 

Frank Is Now Behind The Bars (Pic: nj)

जुर्म कितनी ही अच्छी तरह क्यों न किया जाए एक दिन वह पकड़ा ही जाता. फ्रैंक ने बहुत ही अच्छे तरीके से अपने ड्रग्स के काम को चलाया था मगर वह भी उसके साथ खत्म हो ही गया. हालांकि, आज भी जुर्म की दुनिया में फ्रैंक का नाम पहले जैसा ही चलता है. 

WebTitle: Frank Lucas: The Most Notorious American Drug Dealer, Hindi Article 

This article is about Frank Lucas who did the most organized crime in America

Feature Image: deserthopetreatment