जब भी दुनिया में रिकॉर्ड की बात आती है तो उसमें सबसे ऊपर नाम गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड का ही आता है!

मशहूर रिकॉर्ड हो या फिर अजीबोगरीब रिकॉर्ड… इस एक किताब में हर किसी का नाम मिलेगा. सालों से गिनीज बुक दुनिया भर के रिकार्ड्स को अपनी सूची में दर्ज करती जा रही है.

लेकिन यह सिलसिला आखिर शुरू कैसे हुआ?

तो चलिए जानते हैं कि कैसे शुरू हुआ गिनीज बुक का कारवां और कैसे बनी यह इतनी फेमस–

अचानक ही आया बुक बनाने का आईडिया…

गिनीज बुक को बनाने का आईडिया ऐसे ही नहीं आ गया था… इसके पीछे तो एक पूरी कहानी है. इसे बनाने का विचार 1950 के दशक की शुरुआत में आया था. यह आईडिया गिनीज ब्रेवरी के मैनेजिंग डायरेक्टर ‘सर ह्यूग बीवर’ को आया था. वह उस समय एक निशानेबाजी की पार्टी में गए हुए थे. वहां पर उनके और उनके दोस्त के बीच एक छोटी सी बहस हो गई कि यूरोप में सबसे तेज उड़ने वाला पक्षी कौन है. दोनों ने सारी किताबें छान मारी, लेकिन किसी को भी कहीं कुछ नहीं मिला. उस समय ही उन्होंने सोचा कि एक ऐसी किताब बनाई जाए जिसमें ऐसे सारे फैक्ट्स का विवरण हो.

काफी सोच विचार करने के बाद 1954 में ह्युग ने एक और निशानेबाजी की पार्टी रखी और नोर्रिस और रौस नाम के दो जुड़वाँ भाईयों को इसका आईडिया बताया. दोनों भाईयों को यह आईडिया काफी पसंद भी आया.

इसके बाद ह्युग और दोनों भाईयों ने मिलकर एक छोटे से घर में बुक बनाने का काम शुरू किया. सबसे पहले उन्होंने कई फैक्ट्स के बारे में रिसर्च शुरू की. कई दिनों तक रिसर्च करने के बाद उन्होंने किताब लिखने का काम शुरू किया.

तीनों ने एक भी दिन नहीं छोड़ा और निरंतर काम करते रहे. कई हफ़्तों की कड़ी मेहनत के बाद उन्होंने किताब को पूरा किया.

फिर बुक को बेचे जाने के लिए तैयार किया गया.

Norris And Ross McWhirter (Pic: mcwhirterfoundation)

कामयाब हुई ‘पहली कोशिश’

एक बार जैसे ही बुक पूरी हुई, उसे बेचने का प्लान बनाया गया. शुरुआत में सोचा गया कि बुक को पब में बेचा जाए ताकि लोग इसे ज्यादा खरीदें. हालांकि इसकी कोई ख़ास जरूरत नहीं पड़ी. यह बुक आते ही हिट हो गई. लोगों को यह इतनी पसंद आई कि सब इसे खरीदने के लिए पागल हुए जा रहे थे.

इसकी पॉपुलैरिटी देख कर कंपनी ने इसे फ्री में देने की जगह सीधा बेचने के बारे में ही सोचा. लोगों ने इसे बहुत बड़ी मात्रा में खरीदा. अभी तक इसके जैसी फैक्ट्स से भरी कोई किताब मार्केट में थी ही नहीं. सब इसे देख के हैरान हो गए थे.

कहते हैं कि यह उस समय की यह बेस्ट सेलर बुक थी. देखते ही देखते यह एक बड़ा ब्रांड बन गई.

The First Edition Of The Guinness Book Of Records (Pic: crystalclearcomms)

रिकॉर्ड जमा करना नहीं था अासान!

गिनीज बुक में किसी एक जगह नहीं बल्कि पूरे विश्व भर की जानकारी होती है. यह किताब रिकार्ड्स की इनसाइक्लोपीडिया है. इसके शुरुआती समय में रिकॉर्ड जमा करना बहुत ही कठिन काम था… क्योंकि हर जगह तो रिकॉर्ड इकठ्ठा करने जाया नहीं जा सकता था, इसलिए बुक के मालिक अपने कॉन्टेक्ट्स के जरिए दूसरे देशों की जानकारी लेते थे. यही कारण है कि इसके हर संस्करण को बनाने में बहुत समय लगता था.

कहते हैं कि इसके सबसे पहले संस्करण के लिए तीनों पार्टनर्स को लगभग 35,000 डॉलर का खर्च आया. उस समय के हिसाब से यह रकम बहुत ज्यादा थी.

एक बार जैसे ही यह किताब मार्केट में छाने लगी लोग पत्र लिख कर इसमें अपने रिकॉर्ड दर्ज करवाने की अर्जी डालने लगे. धीरे-धीरे बुक के मालिकों को रिकॉर्ड ढूंढने नहीं जाना पड़ा बल्कि खुद लोग इन्हें अपने पास बुलाने लगे थे.

History of Guinness World Book (Pic: picquery)

दुनिया की सबसे ज्यादा ‘चोरी’ होने वाली बुक!

गिनीज बुक को आज बहुत साल हो चुके हैं आए हुए, लेकिन फिर भी लोगों के बीच इसकी दीवानगी कम नहीं हुई है. अमेरिका में तो इसकी दीवानगी शायद सबसे ज्यादा ही है. गिनीज बुक अमेरिका की पब्लिक लाइब्रेरी में हमेशा रखी जाती है. लोग बड़े ही चाव से इसे पढ़ते हैं.

माना जाता है कि कई लोगों को यह इतनी पसंद आ जाती है कि वह इसे ले भागते हैं. कहते हैं कि अमेरिका की पब्लिक लाइब्रेरी से चोरी होने वाली किताबों में गिनीज बुक का नाम सब से ज्यादा आता है.

अब यह बात तो सीधे तौर पर बताती है कि इसकी दीवानगी आखिर कितनी है.

 

Most Frequently Stolen Books From Public Libraries (Pic: photo-backhaus)

आधुनिक समय में गिनीज बुक

पहले के समय में गिनीज बुक नाम दर्ज करना बहुत मुश्किल हुआ करता था. क्योंकि उस समय में यह ऑनलाइन नहीं हुआ करता थी . पर अब यह मुश्किल नहीं हैं क्योंकि यह पुरी तरह से ऑनलाइन हो चुकी है.

अब आप उसकी वेबसाइट पर जाकर अपने रिकार्ड्स दर्ज कराने के लिए आवेदन कर सकते हैं. अगर आपका आवेदन स्वीकार कर लिया गया तो इसके बाद आप को इसके लिए सूचित किया जाएगा. इसमें कम से कम 12 सप्ताह का समय लग सकता है.

अगर आप किसी नए रिकॉर्ड के लिए आवेदन करते हैं, तो नियमतः इसके लिए आपको 5 डॉलर शुल्क देना होगा.

History of Guinness Book of World Records (Pic: pinterest)

तो यह थी कहानी गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड की. इस गिनीज बुक में आपका नाम भी हो सकता है. बस आपको कुछ ऐसा करने की आवश्यकता है जो दुनिया मे कोई और नहीं कर सकता!

तो फिर देर किस बात की आप भी सोचिए की क्या खास हुनर है आपके अंदर… और दर्ज कर लीजिये इस विश्व बुक में अपना नाम… दशकों और सदियों के लिए… या फिर कुछ ऐसा जो हमेशा के लिए हो जाए!

Web Title: History of Guinness Book of World Records, Hindi Article

Featured Image Credit: emirates247