इंटरनेट के इस युग में आज हर कोई ऑनलाइन चीजें ही खरीदता है. घर बैठे-बैठे अपने फ़ोन पर ही हम आज दुनिया भर की चीजें खरीद सकते हैं. यही कारण है कि आज ई-कॉमर्स के मार्केट में बहुत सी वेबसाइटों का जमावड़ा लगा हुआ है.

यूँ तो आज बहुत सी ई-कॉमर्स वेबसाइटें हैं मगर उनमें से एक है जिसके नाम से शायद बच्चा-बच्चा वाकिफ है… वह नाम है ‘अमेज़न’!

इस समय इसकी टक्कर की कोई वेबसाइट नजर ही नहीं आती है. कभी एक छोटे से गैराज से अपनी शुरुआत करने वाला अमेज़न आज कामयाबी के शिखर पर है.

ऐसे में ये जानना दिलचस्प रहेगा कि आखिर कैसे अमेज़न फर्श से अर्श तक आया–

1994 में ई-कॉमर्स की दुनिया शुरू ही हुई थी और अमेज़न के खोजकर्ता जेफ़ बेजोस इसमें अपनी किस्मत आजमाना चाहते थे. इसके लिए उन्होंने अपनी नौकरी छोड़ी दी और 30 साल की उम्र में अमेज़न की स्थापना की. इसके साथ ही एक गैराज में अमेज़न का सबसे पहला ऑफिस खुला. उस छोटी सी जगह से ही इस बड़ी कंपनी की शुरुआत हुई (Pic: mashable)

अमेज़न ने अपनी शुरुआत एक ऑनलाइन किताब बेचने वाली वेबसाइट के तौर पर की थी. अपनी पहली किताब बेचने के लिए अमेज़न को करीब एक साल ही वक़्त लगा. अपने पहले ही साल में उन्होंने कंपनी की पहली सेल्स बना ली थी. (Pic: fortune)

1996 आते-आते अमेज़न ने अपनी कुछ किताबें बेच दी थी. मार्केट में उनका थोड़ा नाम हो गया था. इसके बाद ही अमेज़न ने पूरी तरह से अपने ऑफिस की स्थापना की. ऑफिस की स्थापना के साथ ही उन्होंने जल्द से जल्द बिजनेस को बढ़ाने का प्लान शुरू कर दिया (Pic: cnbc)

कुछ साल लग गए अमेज़न को… मगर आखिर में उन्होंने 1997 में अपनी कंपनी को पब्लिक कर ही दिया. इसके साथ ही जेफ़ बेजोस ने अमेज़न के शेयर बेचन शुरू कर दिए. उस समय अमेज़न का एक शेयर 18 डॉलर में बेचा गया था. इस इसके बाद अमेज़न के बारे में काफी लोग जानने लगे. (Pic: accountingweb)

हर गुजरते दिन के साथ अमेज़न का बिजनेस बढ़ने लगा था. ईबे जैसी बड़ी वेबसाइट के लिए भी अमेज़न की बढ़ती लोकप्रियता एक खतरा साबित हो रही थी. धीरे-धीरे अमेज़न ने किताबों के साथ-साथ और भी चीजें बेचना शुरू कर दिया और इसके साथ के 1998 में अमेज़न यूरोप में शुरू हुआ (Pic: amazon)

सन 2000 में अमेज़न ने सोच लिया था कि वह किसी तीसरे व्यक्ति की तरह सामान बेचेगा. उन्होंने अपनी कंपनी का लोगो भी इसके लिए बदला. नए लोगों में A से Z तक एक लाइन जाती है. इसका मतलब था कि यहाँ पर सब कुछ मिलता है. यह आईडिया काम कर गया और देखते ही देखते अमेज़न एक ई-कॉमर्स वेबसाइट के तौर पर विश्व प्रसिद्ध हो गया (Pic: seenit)

इसके बाद अमेज़न ने छुट्टियों को खास बनाने के लिए अपनी वेबसाइट पर ‘फेस्टिवल सीजन’ शुरू किए. उनका मानना था कि त्यौहार के समय लोग ज्यादा खरीदारी करेंगे. आखिर में हुआ भी ऐसा ही. 2003 में क्रिसमस के समय अमेज़न ने अपने पूरे साल के प्रॉफिट से भी ज्यादा कमाया. (Pic: thedailybeast)

अमेज़न की डिमांड इतनी ज्यादा हो गई थी कि उन्होंने एक बहुत ही बड़ा गोदाम खरीदा… अपने सामान को रखने के लिए. कहते हैं कि वह इतना बड़ा है कि उसमें 10,000 ओलिंपिक स्विमिंग पूल बनाए जा सकते हैं (Pic: shippingamazonfba)

मार्केट में बहुत सी ई-कॉमर्स वेबसाइट थी मगर कोई भी अमेज़न जैसी नहीं थी, जहां पर हर एक छोटी-बड़ी चीज अच्छे दाम पर उपलब्ध हो. अमेज़न ने न सिर्फ अमेरिका बल्कि और देशों में भी अपनी व्यवसाय को पहुंचाया. इससे उनकी और भी ज्यादा कमाई हुई (Pic: digitalcommerce360)

2006 में अमेज़न ने ताजे फल और सब्जियां बेचना भी शुरू कर दिया. इसका नाम रखा गया अमेज़न फ्रेश. यह अपने आप में एक बिलकुल ही नई सोच थी. इसके बाद तो अमेज़न ने प्राइम, किंडल जैसी बहुत सारी सर्विसेज निकाली (Pic: cnn)

वक़्त के साथ अमेज़न पूरी दुनिया में चलाया जाने लगा था. एक-एक सेकंड में भी कंपनी पैसा कमाया करती थी. कहते हैं कि 2012 में अमेज़न की वेबसाइट 49 मिनट के लिए बंद हो गई थी. इतनी सी देर में ही उन्होंने करीब 5.7 मिलियन डॉलर की सेल्स खो दी थी. (Pic: siteuptime)

दुनिया भर में लोगों के लिए अमेज़न सबसे बढ़िया ई-कॉमर्स वेबसाइट थी मगर भारत में ऐसा नहीं था. भारत में फ्लिपकार्ट अपने पैर पसार चुका था. जेफ़ बोजोस ने देखा की भारत में डिजिटल क्रांति आ रही है, इसलिए उन्होंने यहाँ पर अमेज़न को बड़े पैमाने पर लांच करने की ठान ली (Pic: compareraja)

2012 में अमेज़न ने अपनी वेबसाइट इंडिया के लिए भी लांच की. उन्हें लगा था कि भारत के लोगों के साथ कंपनी को थोड़ा समय लगेगा मगर ऐसा हुआ नहीं. भारत में आकर अमेज़न ने आम लोगों को टारगेट किया जो काफी काम भी आया. भारतीय त्योहारों पर अमेज़न ने सेल दी ताकि ज्यादा लोग इससे जुड़ सके (Pic: thetechsite)

अमेज़न भारत को अपने सबसे फायदेमंद देशों में मानता है. कहते हैं कि अमेज़न का मानना है कि भारत अमेरिका के बाद उसक दूसरा सबसे बड़ा मार्केट बन सकता है. इसलिए ही कंपनी भारत में होने वाले घाटे से भी नहीं डरती (Pic: fotune)

अभी भी भारत में अमेज़न को कोई ख़ास फायदा नहीं हो रहा है. इसलिए 2019 को उन्होंने अपना टार्गेटेड साल माना है. तब तक वह कम दाम में खुश रहेंगे. 2019 से उन्हें भारत में बड़ा प्रॉफिट मिलने के आसार लग रहे हैं. तब तक शायद वह मार्केट में अपना नाम सबकी जुबान पर ला देंगे (Pic: fortune)

आज के समय में फ्लिप्कार्ट और अमेज़न के बीच भारत में बड़ी जंग चल रही है पहले नंबर पर आने के लिए. इसलिए अमेज़न नए प्लान के साथ बार-बार मार्केट में सामने आ रहा है. बाकी देशों में तो अमेज़न ने अपनी जंग जीत ली है और अभी के लिए भारत उसका लक्ष्य है जिसे कंपनी जल्द से जल्द पाना चाहती है

कभी एक छोटे से गैराज में शुरू हुआ अमेज़न आज एक बिलियन डॉलर कंपनी बन चुकी है. ई-कॉमर्स के मामले में आज इसके जैसा कोई और नहीं है. आज अमेज़न इतने बड़े लेवल पर आ चुका है कि कोई भी इसकी टक्कर का नहीं है.

आपने भी कभी न कभी इससे सामान आर्डर किया ही होगा… तो लिखिए अपना अनुभव कमेन्ट-बॉक्स में.

Web Title: How Amazon Becomee Biggest E-commerce Website, Hindi Article

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