आप अपने बेडरुम में सो रहे हैं.

सुबह आपकी आंख खुलती है तो आप पाते हैं कि आपकी छाती पर एक बेहद छोटा कीड़ा बैठा हुआ है. अब आप क्या करेंगे उस कीड़े को मारने की सोचेंगे या यह सोचेंगे कि वह कितना ज़हरीला है?

दुनिया में जितने इंसान है उससे कहीं ज़्यादा जीव जंतु भी हैं. हमारे आसपास घनी झाड़ियों और जंगलों में यह जीव जंतु प्रवास करते हैं, लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि बेहद आकार में छोटे जीव जंतु इंसान के जीवन के लिये कितने घातक साबित हो सकते हैं. जब कभी जंगल में सैर सपाटे और साथियों के साथ टूर पर घूमने के दौरान यह छोटे कीड़े आपके जूतों या हाथ पर बैठ जाते हैं तो पूरे शरीर में डर के मारे सिरहन दौड़ जाती है.

हर व्यक्ति को यह अंदाज़ा हो जाता है कि समय रहते इस कीड़े को नहीं मारा तो वह उसके शरीर में ज़हरीला डंक छोड़ सकता है.

आईये आज हम आपको दुनिया के आकार में भले सबसे छोटे, लेकिन ज़हरीले कीड़ों के बारे में बताते हैं. जो अगर इंसान को काट लें तो कुछ ही समय में इनके ख़तरनाक ज़हर से इंसान की मौत हो सकती है–

आर्मी चींटी

जी हां, आपने बिल्कुल ठीक पढ़ा इस सबसे छोटे ज़हरीले कीड़े का नाम आर्मी चींटी है. चींटियों की यह खतरनाक प्रजाति दुनिया के अफ़्रीकी जंगलों में पायी जाती है. जीव वैज्ञानिकों ने बेहद ख़तरनाक इस चींटी का नाम यूं ही आर्मी आंट नाम नहीं रखा है बल्कि इसके पीछे एक विशेष तर्क है. आर्मी चींटी हमेशा समूह में रहकर शिकार करती हैं. वैज्ञानिकों का मानना है कि दुनिया में ज़्यादातर चींटिया अपने घर बनाती हैं, लेकिन यह ख़तरनाक चींटिया कॉलोनी के रुप में रहती हैं.

हमेशा लाव-लश्कर के साथ किसी भी जानवर पर आक्रमण करने की इनकी विशेषता पर ही इनका नाम आर्मी चींटी रखा गया है.

इसके ज़हर की ताक़त और काटने की क्षमता इसे इंसानों के लिये भी घातक बनाती है. जानकर हैरानी होगी कि इस बेहद छोटी चींटी का डंक लगने के बाद इसके डंक का असर अन्य ज़हरीली चींटियों और मधुमक्खियों की तुलना में तीस गुना अधिक असरदारक होता है. कहा जाता है कि अगर आर्मी चींटी का झुंड एक व्यस्क इंसान के शरीर पर चढ़ाई कर दे तो पंद्रह से बीस मिनट में उसकी दर्दनाक मौत हो सकती है.

आम-तौर पर इस चींटी का काटा इंसान एक सप्ताह तक बिस्तर पर पड़ा रहता है. कहा जाता है कि एक करोड़ों की संख्या में आर्मी चींटी का झुंड एक दिन में आधा मिलियन कीड़ों को अपना निशाना बनाकर चट कर जाता है.

Army Ants (Pic: roaring)

यैलो जैकेट मक्खी

अगर आप बचपन में शरारती रहे होंगे तो मुमकिन है आपका पाला इस मक्खी से ज़रुर पड़ा होगा. हो सकता है आपने इस मक्खी के डंक को बर्दाश्त किया हो. यैलो जैकेट मक्खी, जी हां सही पहचाना इसे भारत में ततैया के नाम से जाना जाता है. यूं तो यह मक्खी दुनिया के लगभग सभी कोनों में मिलती है, लेकिन इसकी सबसे ज़हरीली प्रजातियां सिडनी और अफ्रीका के जंगलों में ही प्रवास करती है. पूरे शरीर पर तेज़़ पीला रंग होने के कारण वैज्ञानिकों ने इसे यैलो जैकेट का नाम दिया है.

वैसे तो यह मक्खी इतनी ज़हरीली नहीं होती, लेकिन अगर इस मक्खी का झुंड एक साथ किसी पर अटैक कर दे तो किसी के लिये भी मुसीबत खड़ी हो सकती है. इसके काटने के बाद इसका ज़हर तेज़ी से फैलता है. कई बार इंसान को सिरदर्द, उल्टी आना शुरु हो जाती है और शरीर में सूजन आ जाती है.

यैलो जैकेट मक्खी न सिर्फ इंसानों को काटने के लिये मशहूर है बल्कि बड़े पालतू स्तनधारी जानवरों पर भी आक्रमण करती हैं. हां, अगर आप भारतीय हैं तो आपके लिये राहत की बात है यह है कि भारत में पायी जाने वाली यैलो जैकेट मक्खी में ज़हर की मात्रा कम होती है.

Yellow Jacket Ant (Pic: wikipedia)

ब्राज़ीलियाई वांडरिंग स्पाइडर

अगर आप एशियाई देशों के नागरिक हैं तो अभी तक आपने यहां मकड़ियों को अपने घर के आंगन में जाला बुनते शांत स्वभाव से रहते देखा होगा, लेकिन अगर आप छुट्टियों में अमेरिका घूमने का मन बना रहे हैं तो इस जानलेवा मकड़ी के बारे में आपको ज़रुर पढ़ लेना चाहिये.

अमेरिका के जंगलों में प्रवास करने वाली यह मकड़ी दुनिया की सबसे ज़हरीली मकड़ियों में से एक है. अगर किसी इंसान के शरीर में इस मकड़ी ने काट लिया तो कहा जाता है कि भगवान ही उसका मालिक है. काटने के बाद चंद सेकेंड में इंसान के शरीर में इसका खतरनाक वायरस दौड़ जाता है.

यह मकड़ी कभी अपने बनाये जाले में नहीं रहती और भटकती रहती है, इसलिये इसको वांडरिंग स्पाइडर के नाम से जाना जाता है. यह ज़्यादातर केले के पौध पर प्रवास करने वाली इस मकड़ी काटने के चार घंटे बाद एक व्यक्ति की मौत हो गई थी. वैज्ञानिक अभी भी इस मकड़ी के ज़हर का तोड़ निकालने का प्रयास कर रहे हैं.

Brazilian Wandering Spider (Pic: pexels)

बंबल मधुमक्खी

शहद का नाम सुनकर सभी के मुंह में पानी आता है और अगर जंगल के ताज़ा फूलों से बना शहद मिल जाये तो बात ही क्या है. शहद खाने में जितना अच्छा होता है उससे कहीं ख़तरनाक इसको बनाने वाली मधुमक्खी होती है. जी हां, नार्थ अफ्रीका और इंग्लैंड के जंगलों में रहने वाली बंबल मधुमक्खियों की प्रजाति में सबसे छोटी मधुमक्खी है.

अपने शहद के लिये विश्वभर में लोकप्रिय बंबल बी कई बार खतरा होने पर काफी आक्रामक भी हो जाती है. राहत की बात यह है कि इसके डंक में ज़हर की मात्रा अधिक नहीं होती, लेकिन जो चीज़ इन्हें अधिक आक्रामक बनाती है वह है इसका अपने शिकार को डंक मारने के लिये करीब एक मील तक उसका पीछा करना.

अस्सी हज़ार मधुमक्खियों के झुंड में रहने वाली बंबल मधुमक्खी छेड़ने पर ही डंक मारती है. हैरानी इस बात की है कि यह इंसान की आंखों को ही मुख्य रूप से टारगेट करती है.

Bumble Bee (Pic: pinterest)

बुलडॉग आंट

हमें बचपन से ही एक कहानी सुनाई और सिखाई जाती है कि एकता में ताकत है. बताया जाता है कि जब आप कितने ही कमज़ोर हों और एकता के साथ रहते हैं तो दुश्मन के लिये आपको नुक़सान पहुंचाना बिल्कुल आसान नहीं होता. यह कहावत बुलडॉग ड्राइवर चींटी प्रजाति पर बिल्कुल सटीक बैठती है. सिडनी के जंगलों में पाई जाने वाली बुलडॉग चींटी दुनिया की सबसे छोटी चींटियों में एक है. महज़ चार से चालीस एमएम लंबी यह चींटी अपने कद से हज़ार गुना ज़हरीली है.

हमेशा झुंड में चलने के कारण और सामने का आकार बुलडॉग की तरह होने के चलते इन्हें बुलडॉग नाम दिया गया है. आपको जानकर हैरानी होगी कि इनके एक झुंड में 22 मिलियन चींटिया होती हैं. कहा जाता है जब इनका झुंड निकलता है और कोई जानवर इन्हें कुचलने का प्रयास करता है तो यह उस पर जानलेवा हमला कर देती हैं.

वैज्ञानिकों का मानना है कि इन चींटियों को जीवित रहने के लिये झुंड में रहना अधिक ज़रुरी हो गया है. यही कारण है कि यह चींटियां झुंड में रहकर शिकार करती हैं और एक साथ झुंड में रहकर किसी भी मनुष्य और जानवर पर आक्रमण कर देती हैं.

Bulldog Ant (Pic: wikipedia)

मच्छर

अभी तक आपने उन छोटे कीड़ों के बारे में पढ़ा जो जंगल में रहकर इंसानों के लिये घातक हैं, लेकिन क्या आप उस शिकारी के बारे में जानते हैं जो कई बार आपके बैडरुम में होता है. जी हां, यह ख़तरनाक शिकारी और कोई नहीं एक छोटा सा मच्छर है. वैज्ञानिकों का मानना है कि अन्य कीड़ों की तुलना में मच्छर इंसान के जीवन के लिये अधिक घातक हैं क्योंकि अन्य कीड़े जंगलों में प्रवास करते हैं और मच्छर इंसान के घरों में पाये जाते हैं.

यही कारण है कि हर साल दुनिया भर में मलेरिया की बीमारी से लाखों लोगों की जान जाती है. वर्ल्ड हेल्थ ऑगनाइज़ेशन की रिपोर्ट के अनुसार दुनिया में हर तीस सेकेंड में एक बच्चे की मौत की वजह मलेरिया होती है, जबकि पांच सौ मिलियन लोग मलेरिया की चपेट में आते हैं. यह दिखते भले ही छोटे हैं, लेकिन होते जानलेवा हैं.

Mosquito (Pic: washington)

यह थे दुनिया के कुछ सबसे खतरनाक और जानलेवा कीड़े-मकोड़े. यह हैं छोटे मगर घाव गंभीर करते हैं. इनसे दूरी बनाए रखना और अपना बचाव करना ही सबसे सही उपाय है.

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Web Title: Insects Which Can Kill You, Hindi Article

Feature Image Credit: nationalgeographic