मोहब्बत अलफाज़ो की नहीं जज़्बातों की गुलाम होती है.

कुत्ता एक ऐसा जानवर जो एक बार अपने मालिक का नमक खा ले तो उसका दर नहीं छोड़ता. दिमाग पर थोड़ा जोर डालेंगे तो आपको जैकी श्राफ की सुपरहिट फिल्म ‘तेरी मेहरबानियां’ याद आ जायेगी.

फिल्म में एक साधारण कुत्ते की वफ़ादारी को पर्दे पर बड़ी संजीदगी से पेश किया गया था. फिल्म लोगों को इमोशनल करने में कामयाब भी रही.

यह तो हो गई रील लाइफ की बात… अब चलते हैं रियल लाइफ की ओर. क्या आप एक ऐसी महिला सैन्य अधिकारी को जानते हैं जिसने अपने कुत्ते की मदद से बमों को डिफ्यूज किया हो.

आज हम आपको अमेरिकी महिला सैन्य अधिकारी मेगन लिवी और उनके बहादुर कुत्ते की कहानी से रुबरु करायेंगे, जिसे जानकर आप कह उठेंगे… वाह!

बचपन से ही था कुत्तों से प्यार

मेगन अमेरिका के न्यूयॉर्क सिटी में पली बढ़ी हैं. कहते हैं कि बचपन से ही उन्हें जानवरों के साथ समय बिताना बहुत पसंद था. खासकर लिवी को डॉग्स से खेलना काफी पसंद था. कहा जाता है उन्होंने अपने बचपन में काफी कुत्ते पाल रखे थे.

मेगन लिवी को शायद ही कभी गुमान रहा हो कि उनका यह शौक़ उनका एक दिन प्रोफेशन बन जायेगा. समय गुज़रने के साथ मेगन लिवी के अंदर जानवरों के प्रति काफी लगाव हो गया था. अब वह न सिर्फ अपने पालतू कुत्तों के हावभाव को समझने लगीं थीं बल्कि उनके हर इशारे को झट से पहचान लेती थीं. बस, उनका यही शौक़ उन्हें एक नई दुनिया में ले गया.

पढ़ाई ख़त्म करने के बाद मेगन लिवी ने यूएस मरीन का टेस्ट दिया और उसमें वह चुन ली गईं.

ट्रेनिंग पूरी कर मेगन ने मरीन में नौकरी पा ही ली. जब वह अपने आर्मी कैंप में गईं तो वहां पर उन्होंने देखा कि कुत्तों को सेना के लिए ट्रेन किया जा रहा है. क्योंकि उन्हें पहले से कुत्तों से लगाव था, इसलिए वह रोजाना खाली समय में उन कुत्तों के पास समय बिताने चली जाती थी.

थोड़े ही दिन लगे होंगे मेगन को और उन्होंने सेना के घातक कुत्तों को अपना दोस्त बना लिया था. वह बहुत ही सहजता से उन्हें संभालती थीं. मेगन की यह खूबी एक दिन उनके अफसर ने देख ली और तुरंत ही उन्हें अपनी फील्ड बदलने के लिए कह दिया.

उन्होंने मेगन का नाम डॉग स्क्वाड के लिए भेज दिया.

Megan Love Dogs From The Beginning (Pic: wikipedia)

खूंखार के-9 डॉग्स संग की ट्रेनिंग!

यूएस मरीन के अधिकारियों ने मेगन को ट्रेनिंग के लिए मिलिट्री पुलिस कैंप कैलिफोर्निया भेज दिया. आपको जानकर हैरानी होगी इन कैंप में के-9 डॉग्स को ट्रेंड करने की कड़ी ट्रेनिंग दी जाती है. मिलिट्री पुलिस कैंप में दुनिया के सबसे खूंखार कुत्तों पर काबू पाने का हुनर सिखाया जाता है.

यह वह डॉग्स होते हैं जो युद्ध के दौरान अन्य देशों में सेना के साथ जाते हैं और ज़मीन में छुपा कर रखे गए बमों को सूंघ कर ढूंढ निकालने में मदद करते हैं.

इतना ही नहीं अपने मालिक के एक इशारे पर के-9 डॉग्स हमला करते हुये किसी को भी मौत की नींद सुला सकते हैं.

मेगन लिवी ने बहुत कम ही समय में इन डॉग्स पर काबू पाने का हुनर प्राप्त कर लिया था. अब उन्हें अपनी ट्रेनिंग को अमली जामा पहनाने का इंतज़ार था.

Megan Trained With Dangerous K-9 Dogs (Pic: pintrest)

कुत्ते की मदद से ‘खोजे बम’

कैलिफोर्निया के मिलिट्री पुलिस कैंप में कड़ी ट्रेनिंग लेने के बाद मेगन को रैक्स नाम के डॉग के साथ सैन्य ऑपरेशन में काम करने की ज़िम्मेदारी दी गई. अमेरिका में रैक्स के साथ काम करते हुये मेगन को कुछ ही दिन गुज़रे थे कि साल 2005 में इराक़ में हालात ख़राब हो गये.

मेगन को तुरंत रैक्स के साथ इराक़ रवाना होने का ऑर्डर मिला और दोनों इराक़ पहुंच गये.

इराक़ अमेरिकी सैनिकों के लिए एक बहुत ही खतरनाक जगह थी. यहाँ किसी को नहीं पता था कि आखिर कौन उनका दुश्मन है और कौन उनका दोस्त. इतना ही नहीं वहां पर जगह-जगह पर बम भी छिपाए जाते थे. इसलिए ही मेगन और रैक्स को वहां भेजा गया था.

उनका काम था कि सेना के साथ जा के जगह-जगह से लैंड माइंस खोजें व जो बम मिलें… उन्हें डिफ्यूज करें.

यह काम काफी चुनौती भरा था, क्योंकि कई बार ज़मीन में छुपे हुये ख़तरनाक बारुद पर पैर पड़ते ही उसके फटने का ख़तरा बना रहता था. हालांकि इन सब ख़तरों से मेगन को कोई डर नहीं था. उन्हें तो बस रैक्स और खुद को अपने देश के लिए समर्पित करने का जुनून सवार था.

2003 से 2006 तक मेगन और रैक्स इराक़ में एक साथ थे. रोजाना ही उन्हें किसी न किसी जानलेवा मिशन पर जाना पड़ता था. बस एक गलती और दोनों की मौत हो सकती थी. कई खतरों के बावजूद रोजाना ही दोनों मौत के इस खेल को खेलने निकल जाते थे. यह शायद मेगन और रैक्स का एक दूसरे पर विश्वास होने के कारण ही संभव हुआ कि उन्होंने करीब 100 मिशन सफलता से पूरे किए.

She Used To Defuse Bomb With His Dog Rex In Iraq (Representative Pic: netflix)

रेस्कयू करने के दौरान फटा बम…

इराक के कई शहरों में मेगन ने रैक्स की मदद से दुश्मन के हाथ से छुपाये गए घातक बम और विस्फोटक सामान डिफ्यूज़ किये. दोनों दोस्तों ने मिलकर दुश्मन के कई नापाक मंसूबों पर न सिर्फ पानी फेरा बल्कि लाखों करोड़ों लोगों की जिंदगी को बचाने का ज़रिया भी बने. सब कुछ ठीक चल ही रहा था कि एक दिन मुसीबत के बादल मेगन और रैक्स के ऊपर मंडराने लगे.

यह बात साल 2006 की है. इराक़ के शहर रमादी में दुश्मनों ने बम विस्फोटक सामान छुपा रखा था. मेगन और रैक्स को वहां पर भेजा गया ताकि वह वहां छिपाए बम ढूंढ सके. यह काम दोनों ही कई बार कर चुके थे इसलिए गलती की कोई गुंजाइश नहीं थी.

थोड़े समय में ही रैक्स ने छुपाये हुये बमों को ढूंढ निकाला.

बम डिफ्यूज करने एक व्यक्ति वहां आया और तब तक मेगन और रैक्स बाकी बमों को ढूँढने लगे. तभी एक दम से एक बम फट गया. धमाका इतना तेज था कि मेगन और रैक्स दोनों ही दूर जाकर गिर गए.

जब उनकी आँख खुली तो वह अस्पताल में थे. बम का असर इतना तेज था कि दोनों ही बुरी तरह चोटिल हो गए थे. गनीमत यह थी कि उस धमाके में किसी की मौत नहीं हुई.

धमाके से ज्यादा बड़ी चोट मेगन को तब लगी जब उन्हें पता चला कि रैक्स अपनी सूंघने की शक्ति खो चुका है. इसके चलते रैक्स को सेना से निकाल दिया गया और साथ में मेगन को भी लंबी छुट्टी दे दी गई.

Rex Lost His Sniffing Ability After A Bomb Blast (Pic: af.mil)

रैक्स का साथ पाने के लिए मेगन ने लड़ी लड़ाई!

रमादी में हुये घातक बम विस्फोट के कारण दोनों बुरी तरह से घायल हुये थे. मेगन तो इंसान थीं अपने दर्द को अल्फाज़ो के ज़रिये लोगों को सुना सकतीं थीं, लेकिन रैक्स एक बेज़ुबान जानवर था. उसे दर्द तो बहुत ज़्यादा था, लेकिन वह अपने दर्द को किसी से कह नहीं सकता था. रैक्स के लिए पूरी दुनिया में एक मेगन ही थीं जो उसके दर्द को समझ सकती थीं.

दोनों का अलग-अलग अस्पताल में काफी लंबे समय तक ट्रीटमेंट चला. ठीक होने के बाद मेगन ने सेना से कई बार गुज़ारिश की, कि वह रैक्स को अडॉप्ट करना चाहती हैं. शुरुआत में किसी ने भी मेगन की बात पर गौर नहीं किया. वह उनकी गुजारिश को नकारते रहे. मेगन एक अफसर से दूसरे अफसर तक जाती रही गुहार लगाने. आखिर में काफी मेहनत के बाद मेगन को रैक्स देने की गुजारिश को मंजूर कर लिया गया. इसके साथ ही रैक्स और मेगन का मिलन एक बार फिर हो गया.

सेना से रिटायरमेंट के बाद दोनों साथ रहे. चोटिल रैक्स काफी हद तक ठीक हो गया था. दोनों को साथ रहते हुये महज़ कुछ महीने ही बीते थे कि रैक्स ने इस दुनिया से अलविदा कह दिया. इस तरह एक गहरी दोस्ती जो अल्फाज़ो से ज़्यादा जज़्बातों की गुलाम थी उसका अंत हो गया.

Megan Fight The Army For Adopting Rex After Retirement (Pic: northpointechurch)

मेगन लिवी और रैक्स की दोस्ती पर साल 2017 में हॉलीवुड में फिल्म भी बनी. हालांकि यह फिल्म की कहानी पूरी तरह से सच्ची तो नहीं थी मगर इराक में मेगन और रैक्स ने कैसा जीवन बिताया वह इसमें जरूर दिखाया गया. मेगन की कहानी ने दुनिया को बताया कि आखिर क्यों डॉग्स हमारे सबसे वफादार होते हैं. मेगन और रैक्स की कहानी वाकई बेमिसाल है.

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Web Title: Megan Leavey And His Bomb Defusing Dog, Hindi Article

Featured Image Credit: collider/ff2media/people