भारत और पाकिस्तान आज बेशक अलग-अलग देश हैं पर 1947 के बंटवारे से पहले यह एक ही थे.

जाहिर तौर पर दोनों की कुछ यादें दोनों जगहों पर मौजूद हैं. क्या आप जानते हैं कि मुस्लिम देश के रूप में प्रसिद्ध पाकिस्तान में सिर्फ मस्जिद ही नहीं मंदिर भी मौजूद हैं.

जी हाँ आपने सही सुना. पाकिस्तान में आज भी कई हिन्दू मंदिर जिंदा हैं. हालाँकि, कई मंदिरों के तोड़े जाने की खबरें आती रहती हैं, पर फिर भी कुछ मंदिरों की मौजूदगी दर्ज है.

तो चलिए देर किस बात की जानते हैं पाकिस्तान में स्थित प्रसिद्ध हिन्दू मंदिरों के बारे में–

जगन्नाथ मंदिर

जगन्नाथ मंदिर पाकिस्तान के पंजाब के जिले सियालकोट में स्थित है. यह पाकिस्तान में स्थित हिन्दुओं के सबसे पुराने और प्रसिद्ध मंदिरों में से एक है. दूर-दूर से लोग इसके दर्शन करने के लिए आते हैं. इतना ही नहीं हिन्दू के साथ-साथ मुस्लिम श्रद्धालु भी इस मंदिर में आते हैं.

शुरुआत में पाकिस्तान में हिन्दू मंदिरों की संख्या काफी थी पर समय के साथ-साथ यह कम होती गई. ऐसे में हजारों साल पुराने इस मंदिर की महत्ता आप ही बढ़ जाती है.

2007 में इसके रखरखाव के लिए पंजाब (पाकिस्तान) के तत्कालीन मुख्यमंत्री चौधरी परवेज़ इलाही ने 200,000 रुपये दिये, ताकि यह मंदिर फिर से पहले जैसा बनाया जा सके.

मरम्मत के बाद से तो इसकी खूबसूरती और भी बढ़ गई है और अब तो ज्यादा संख्या में लोग यहाँ आते हैं.

Jagannath Mandir, Sialkot (Pic: speakingstones1)

आदित्य सूर्य मंदिर

आदित्य सूर्य मंदिर पंजाब पाकिस्तान के मुल्तान में पड़ता है जो पाकिस्तान की सबसे अधिक आबादी वाले हिस्से में से एक है. यह मंदिर मुल्तान के तांबे के बाज़ार में स्थित है.

इस मंदिर में स्थापित 10 वीं सदी की प्रसिद्ध आदित्य मूर्ति को मुल्तान के इस्माइली शासकों के वंश द्वारा नष्ट कर दिया गया था.

माना जाता है कि सूर्य मंदिर को अपने कुष्ठ रोग के लक्षणों से राहत पाने के लिए श्री कृष्ण के पुत्र सांबा ने इस मंदिर क निर्माण करवाया था.

इसके आलाव यह भी कहा जाता है कि ह्वेन त्सांग ने 641 ईस्वी में इस मंदिर का दौरा किया था क्योंकि सूर्य मंदिर प्राचीन भारत के सबसे महत्वपूर्ण सूर्य मंदिरों मे से एक था.

तब ह्वेन त्सांग ने मंदिर के लिए शुद्ध सोने से बनी एक बड़ी लाल माणिकों की आंखों की बनी मूर्ति बनवाई थी. हालांकि बाद में मुस्लिम शासन के दौरान इस मंदिर को नष्ट किया गया था.

Aditya Sun Temple, Multan (Pic: dushyantchauhanexplorer)

हिंगलाज भवानी शक्तिपीठ

हिंगलाज भवानी शक्तिपीठ एक प्राचीन मंदिर है. यह मंदिर माता हिंगलाज को समर्पित है.

हिंगलाज भवानी शक्तिपीठ मंदिर हिन्दुओं में काफी प्रसिद्ध माना जाता है. इस मंदिर का निर्माण किसने किया और यह आखिर कब बना इसकी सटीक जानकारी किसी को भी नहीं है.

हिंगलाज भवानी शक्तिपीठ बलूचिस्तान में हिंगलाज नदी के किनारे पर बना है.

कराची से उत्तर-पश्चिम में लगभग 250 किलोमीटर की दूरी पर यह मंदिर बना है. यह मंदिर नानी मंदिर के नाम से भी जाना जाता है.

इस मंदिर में किसी भी प्रकार की कोई मानव निर्मित देवी की प्रतिमा नहीं है. बल्कि एक छोटे से आकार की पत्थर की पूजा यहाँ पर की जाती है.

इस मंदिर में आने वाले लोग माता की पूजा के लिए सिंदूर साथ लाते हैं.

क्योंकि इस मंदिर में मुसलमान भी आते हैं इसलिए वह इस मंदिर को नानी या बीबी नानी का मंदिर भी कहते हैं.

इस मंदिर में हर साल अप्रैल के महीन में चार दिन की यात्रा आयोजित की जाती है, जिसमें सभी धर्मों के कई भक्त यहाँ इकठ्ठा होते हैं.

Hinglaj Mata Mandir, Balochistan (Pic: wikipedia)

श्री वरुण देव मंदिर

कराची में बने श्री वरुण देव मंदिर का हिन्दुओं के बीच ख़ास धार्मिक महत्त्व है. यह मंदिर पूरी तरह से वरुण देवता को समर्पित है.

ऐसा माना जाता है कि इस मंदिर में पूजा करने के बाद वरुण देव अपने भक्त की सदैव रक्षा करते हैं.

आज के समय में यह मंदिर काफी पुराना हो गया है. यह जगह-जगह से टूटने लगा है. हालांकि इसके बाद भी यहाँ पर भक्तों के आने का सिलसिला नहीं रुका है.

कहा जाता है कि 1990 के दशक में भारत के अयोध्या में हुई बाबरी मस्जिद की घटना के बाद से इस मंदिर को भी बंद कर दिया गया था.उस समय लोगों ने इस मंदिर को तोड़ इसमें काफी नुकसान किया था.

1970 में ही इसकी मरम्मत का काम शुरू किया गया था मगर फिर एक घटना के कारण यह फिर से खंडहर हो गया.

इस मंदिर के आसपास दो गुरूद्वारा और एक चर्च भी है, जो आज भी चल रहे हैं. लोग इनमें अभी भी प्रार्थना करने के लिए आते हैं.

Shri Varun Dev Mandir, Manora (Pic: flickr)

कटासराज मंदिर

कटासराज मंदिर पाकिस्तान पंजाब के चकवाल में स्थित है. इस मंदिर की तरह इसका इतिहास भी बहुत खास रहा है.

माना जाता है कि इस मंदिर का निर्माण 615 – 950 ईसा में किया गया था.

कटासराज मंदिर भगवान शिव को समर्पित है. कहते हैं कि यह मंदिर पाकिस्तान के सबसे महत्वपूर्ण हिंदू स्थलों में से एक है.

इसे पाकिस्तान और भारत के हिंदू समुदाय के सदस्यों के द्वारा उपयोग किया जाता है. यह विश्व स्तर पर भी काफी लोकप्रिय है इसलिए कटासराज मंदिर के दर्शन के लिए हर साल विदेशी पर्यटकों का आना जाना लगा रहता है.

इस मंदिर का सबंध महाभारत से भी जोड़ा जाता है.

ऐसा कहा जाता है कि पांडव 12 साल के निर्वासन के दौरान इस मंदिर में भी रहे थे और इसमें कई निर्माण भी उन्होंने किया था.

Katas Raj Temple, Chakwal (Pic: ancient)

गोरखनाथ मंदिर

इस मंदिर के बारे में कोई ऐतिहासिक जानाकारी तो नहीं मिलती पर कहा जाता है कि यह मंदिर 160 साल से भी ज्यादा पुराना है. भारत के विभाजन के समय इसे बंद कर दिया गया था.

आज यह मंदिर पकिस्तान के पेशावर में स्थित है. इस मंदिर के साथ लोगों की भावनाएं जुड़ी हुई थीं, इसलिए पाकिस्तानी कोर्ट ने इसे कई सालों के बाद खोलने का विचार किया. हालांकि कोर्ट नहीं जानता था कि स्थानीय लोगों के दिमाग में क्या चल रहा है.

जैसे ही यह मंदिर खुला कई लोगों ने इस पर धावा बोल दिया. उन्होंने इसके अंदर की ऐतिहासिक चीजें जला दी. इसके बाद इस मंदिर पर सुरक्षा लगाई गई ताकि कोई भी इसे फिर नुक्सान नहीं पहुंचा सके.

Gorakhnath Temple, Peshawar (Pic: 123coolpictures)

श्री स्वामीनारायण मंदिर

श्री स्वामीनारायण मंदिर पाकिस्थान के कराची में स्थित है. यह स्वामीनारायण को समर्पित है. यह पूरे पाकिस्तान में एकमात्र स्वामीनारायण का मंदिर है.

श्री स्वामीनारायण मंदिर ने अप्रैल 2004 को अपनी 150 वीं वर्षगांठ मनाई थी. कहते हैं कि यहाँ केवल हिन्दू नहीं बल्कि इस्लाम के अनुयायियों का भी आना जाना लगा रहता है.

इस मंदिर में हरिश्चंद्र महाराज और राधा कृष्ण की मूर्तियों को आचार्य केशव प्रसाद जी महाराज ने स्थापित किया था.

1947 के बाद इसको शरणार्थी शिविर बना दिया गया था. इसमें लगी स्वामीनारायण की मूल छवियों को हटा दिया गया और भारत लाया गया.

अब यह मूर्तियाँ राजस्थान के खान गांव में स्थित है. 1989 में पहली बार अहमदाबाद के साधुओं के एक समूह ने इस मंदिर का दौरा किया था.

उस दिन के बाद से हर साल अहमदाबाद से कुछ यात्री इस मंदिर को देखने पाकिस्तान देखने जाते हैं.

Shri Swaminarayan Mandir, Karachi (Pic: pakistan360degrees)

राम पीर मंदिर

राम पीर मंदिर पाकिस्तान के सिंध में स्थित है. इस मंदिर में अक्सर तीर्थ यात्रियों का आना जाना लगा रहता है.

हर साल इस राम पीर मंदिर में एक मेले का आयोजन किया जाता है, जिसमें भारत से बहुत से हिन्दु भाग लेने जाते हैं. कहा जाता है कि यह मंदिर काफी पुराना है पर इसके इतिहास के बारे में कोई जानकरी कम ही मिलती है.

इस मंदिर में होने वाले मेले में पाकिस्तान के मुसलमान भी भारी मात्रा में आते हैं. इस मंदिर को भगवान रामदेव महाराज के रूप में भी जाना जाता है.

Rama Pir temple, Sindhi (Pic: jairamapir)

आज भारत और पाकिस्तान बेशक अलग हो गए हैं पर आस्था के आगे किसी का जोर नहीं चलता.

यह मंदिर आज भी दोनों को भावनाओं में जोड़े हुए हैं. दोनों देशों के श्रद्धालू इन मंदिरों में जाना पसंद करते हैं.

भारत में तो आपने कई मंदिर देखे होंगे मगर पाकिस्तान में स्थित इन हिन्दू मंदिरों के बारे में शायद ही आप जानते होंगे.

कमेंट बॉक्स में आप भी हमें जरूर बताएं कि आपको इन मंदिरों के बारे में जानकर कैसा लगा?

Web Title: Most Famous Hindu Temples In Pakistan, Hindi Article

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