हथियार की इस दुनिया में वैस तो एक से बढ़कर एक हथियार हैं, पर हेलीकॉप्टर की बात अलग है. वह इसलिए क्योंकि हेलीकॉप्टर किसी भी सेना के लिए लड़ाई के अलाव और भी कई तरह से काम आ सकता है.

जेट हर जगह काम नहीं कर सकते हैं और जब किसी ऐसी जगह पर निशाना लगाना हो, जहां पर पहुंचना मुश्किल होता है तो सबकी जुबान पर हेलीकॉप्टर नाम ही आता है.

आज के आधुनिक हेलीकॉप्टर इतने खास हो चले हैं कि यह किसी भी जेट से कम नहीं हैं. जिस तरह से जेट में हथियार को लगाया जाता है, उसी तरह के हथियारों को इसमें भी लगाया गया है. दुनिया भर की सेना के पास कई खास तरह के हेलीकॉप्टर हैं, जिनमें दुनिया की सबसे बेहतरीन टेक्नोलॉजी लगाई गई है.

तो आइए जानते हैं कुछ ऐसे ही हेलीकॉप्टर के बारे में.

एएच-64 अपाचे हेलीकॉप्टर

एएच-64 अपाचे हेलीकॉप्टर को कुछ इस तरह से डिजाइन किया गया था कि किसी भी कठिन युद्ध में काम किया जा सके. अपाचे ने पहली उड़ान 1975 में भरी थी.

इसके बाद इसकी हर तरह की कमी को ठीक कर 1982 में सेना को इसे सौंप दिया गया.

शुरुआत में इसके उत्पादन 1984 में मैकडोनेल डगलस में शुरू किया गया था. यह किसी भी लक्ष्य को रात हो, यह दिन आराम से ध्वस्त कर सकता है. अपाचे की दूसकी बड़ी खासियात यह है कि यह सभी मौसम में तेजी से अपना काम कर सकता है.

इसके अंदर दो 1,900 शाफ्ट हाउस पवार जी.टी. 700 टर्बो स्विफ्ट इंजन को लगाया गया है, जिसकी मदद से यह 190 मील प्रति घंटा के रफ्तार के साथ उड़ता है.

AH-64D Apache Long Bow (Pic: coloringpagelogo)

कामोव केए -50

कामोव केए 50 एक घटक हेलीकॉप्टर है, जिसे रूस ने बनाया है. इसको रूस की कंपनी ‘कमोव’ फैक्टी में बनाया गया है, जो हेलीकॉप्टर के डिजाइन बनाने में खास मानी जाती है.

1980 के दशक में कमोव कारखाने में हेलीकॉप्टर बनाने के लिए डिजाइन की शुरुआत की थी.  इसे इतना ख़ास बनाया है कि यह तोप, मशीन गन और गुप्त मिसाइलों को ले जा सके.

कंपनी ने जब हेलीकॉप्टर को बनाना शुरू किया पर इसमें कुछ कमियां थीं. बाद में इनके दूर होते ही इसे सेना को दे दिया गया. इसके आने के बाद से रूस की सेना की ताकत बढ़ गई.

Kamov KA-50 (Pic: kartinki24)

मील एमआई -28 हेलीकॉप्टर

मील एमआई -28 हेलीकॉप्टर एक रूसी हेलीकॉप्टर है, जिसको लोग ‘नाइट हंटर’ के नाम से भी जानते हैं. इस हेलीकॉप्टर को  मॉस्को की एक हेलीकॉप्टर कंपनी द्वारा विकसित किया गया है. इसको खासतौर से रात के समय में दुश्मनों से लड़ने के लिए बनाया गया है.

मील एमआई -28 हेलीकॉप्टर ने पहली बार अप्रैल 2004 को उड़ान भारी थी और जून 2005 को इसे रूसी वायु सेना के साथ जोड़ दिया गया.

माना जाता है कि यह उड़ान, हथियार और ऑपरेटिंग सुविधा में अपाचे हेलीकॉप्टर को टक्कर देता है. इसकी सबसे खास चीज इसकी सटीकता से शूंटिग करना है, जिसमें यह अमेरिकी हेलिकॉप्टर से भी बेहतर माना जाता है. इसमें प्रयोग होने वाला गोला बारुद छोटा है, इसलिए उसे लाने ले जाने में किसी तरह की कोई समस्या नहीं होती.

MI 28 Havoc (Pic: youtube)

यूरोकॉप्टर टाइगर

यूरोकॉप्टर टाइगर को ‘एयरबेस टाइगर’ के नाम से भी जाना जाता है. यह बहु-भूमिका वाला हेलीकॉप्टर है, जो प्रतिकूल परिस्थितियों में प्रदर्शन करने के लिया ख़ास तैयार किया गया है. इसमें दो लोगों की जगह होती है एक पायलट और दूसरा गनर जो पायलट के पीछे होता है.

इसको खासतौर से लड़ाई के लिए ही बनाया गया है. इसमें एलसीडी डिस्प्ले होती है, जो प्रत्येक चालक दल के सदस्य की जोड़ी के लिए इस्तेमाल के लिए सेंसर डेटा और सूचना देती है.

साथ ही दूसरे विमान के सिस्टम के साथ बातचीत भी बनाए रखाती है.

इसको कुछ इस तरह से डिजाइन किया गया है कि इसके रखरखाव की ज्यादा आवश्यकता नहीं होती है. इसमें कई हथियार हैं. जैसे 450 राउंड फायरिंग वाली गन, 68 और 70 एम.एम वाले रॉकेट. इन हथियारों से ही इसे अपनी ताकत मिलती है.

यह एयर-टू-एयर मिसाइल चलाने वाली क्षमता भी रखता है.

Eurocopter Tiger (Pic: pinterest)

एएच-1 जेड वाइपर

एएच-1 जेड वाइपर एक दो इंजन वाला सुपर हेलीकॉप्टर है, जिसको संयुक्त राज्य अमेरिका ने मरीन कोर के लिए विकसित किया है. यह एक चार ब्लेड वाला हेलीकॉप्टर है.

यह 1979 में आए बेल 249 एएच 1 एस का अपडेट किया हुआ मॉडल है.

इस अपडेटेड एएच-1 जेड वाइपर को 2000 में बनाया गया था, जिसमें इलेक्ट्रिक टी 7800 इंजन और चार ब्लेड रोटर वाले पंख हैं. वैसे तो इसमें कई हथियार हैं पर यह उनके साथ में ब्रिमस्टोन मिसाइलों  को भी ले जा सकता है, जोकि बहुत घातक मानी जाती हैं.

इसमें दो पाइलट होते हैं, जिसमें एक गनर का काम करता है.

इसका वजन 5,580 किलोग्राम के आसपास माना जाता है. रफ़्तार में भी इसका कोई जवाब नहीं है, क्योंकि यह  411 किलोमीटर प्रतिघंटे की गति से आसमान में उड़ता है.

Ah-1Z Viper (Pic: pinterest)

टी 129 अटक

टी 129 अटक इटली का सबसे बहेतरीन हेलीकॉप्टर माना जाता है. इसे इटली की हेलीकॉप्टर कंपनी ‘अगस्ता वेस्टलैंड’ ने बनाया है. टी 129 अटक अगस्ता कंपनी का नया मॉडल है, जिसकी पहली उडांन 2010 में हुई थी. उस उड़ान में ऐसे 4 हेलीकॉप्टरों का इस्तेमाल किया गया था.

इस हेलीकॉप्टर के अंदर की मशीनों को पूरी तरह से कंप्यूटर से जोड़ा गया है. इसके अंदर दो  टी 8800 इंजनों को लगाया गया है, जिसकी मदद से इसको चलाया जाता है.

यह हेलीकॉप्टर 561 किलोमीटर की सीमा में नियंत्रण रखाने में सक्षम माना जाता है. इसकी 269 किलोमीटर प्रतिघंटा की तेज गति इसे कभी भी दुश्मन के हाथ नहीं आने देती.

टी 129 अटक का वजन 11,023 पाउंड से अधिक माना जाता है.

इसके हथियारों की सूची में एंटी टैंक मिसाइल, स्टिंगर एए मिसाइल, एक 20 एम.एम. तोप और रॉकेट शामिल हैं. माना जाता है कि यह एक कम लागत में एक अच्छा विकल्प है.

T129 Atak (Pic: behance)

एच -1 एच सुपर कोबरा हेलीकॉप्टर

एच -1 एच सुपर कोबरा हेलीकॉप्टर की कुल लंबाई 58 फीट मानी जाती है. जमीन से इसकी ऊंचाई 14 फीट के लगभग है. एक एच- 1 सुपर कोबरा का वजन 16,300 पांउड होता है.

इसमें दो जोई टी 700 जीई और 401 इंजन है, जो इसको और भी खास बनाते हैं.

इसमें दो लोगों की जगह होती है, जिसमें एक पाइलट और एक गनर होता है. इसको ‘बेल हेलीकाप्टर टेक्स्ट्रॉन‘ कंपनी के द्वारा बनाया गया है. इस हेलीकॉप्टर का इस्तेमाल वियतनाम में बड़े पैमाने पर किया गया था.

सेना के द्वारा इसका प्रारंभिक परीक्षण वियतनाम में 1969 में किया गया था.

कई परीक्षणों से गुजरने के बाद पहले एच -1 एच सुपर कोबरा को 1971 में सेना में शामिल किया गया था. शुरुआत में इस तरह के कुछ 212 हेलीकॉप्टर को वितरित किया गया था.

यह खास तौर से नौ सेना के द्वारा इस्तेमाल किए जाते हैं. इसके अलावा यह कई तरह के काम में लाया जा सकता है. जैस  खोज, बचाव, युद्ध का मैदान या फिर चिकित्सा सहायता के कार्यों में.

AH-1W Super Cobra (Pic: reddit)

डेनेल रूइवालक हेलीकॉप्टर

डेनेल रूइवालक हेलीकॉप्टर दक्षिण अफ्रीका का सबसे खास हेलीकॉप्टर माना जाता है. इसको बनाने की शुरुआत तो ‘डेनेल एविएशन’ ने की थी, पर माना जाता है इसको ‘एटलस एयरक्राफ्ट कॉरपोरेशन’ के द्वारा 1984 में  विकसित किया गया था.

डेनेल दक्षिण अफ्रीका के आलाव किसी और देश के पास नहीं है. इस खास हेलीकॉप्टर के हथियारों की बात करें, तो इसमें एक 20 एम एस की तोप मौजूद है, जो 700 राउंड चलाने की ताकत रखती है. इसके साथ ही इसमें लंबी दूरी तक वार करने वाली गाइडेड मिसाइल है.

वहीं अच्छी सुरक्षा के लिए इसमें 38 और 76 × 70 एम एम रॉकेट्स भी लगाए गए हैं.

Denel Rooivalk (Pic: wallpaperup)

मिल में 24

मिल में 24 एक रूसी हेलीकॉप्टर है. यह दुनिया के सबसे घातक बहुमुखी हेलीकॉप्टरों में से एक है. इसकी ताकत का इसी बात से पता चलता है कि इतने सालों के बाद भी रूसी सेना ने इसको अपने से अलग नहीं किया है.

युद्ध के क्षेत्र में इस मिल में 24 ने कई दुश्मनों को मौत की नींद सुलाया है.

यह रूसी सेना का पहला रूसी हेलिकॉप्टर माना जाता है, जिसको हमले करने के लिए एक अलग रूप में बनाया गया है. इसने 1978 में सोमालिया से अपने मुकाबले की शुरुआत की थी. इसके बाद इसने अफ्रीका के हॉर्न के क्षेत्र में नियंत्रण करने में मदद की, जिसके बाद से इसने लगभग 20 से अधिक युद्धों में अपनी ताकत को साबित किया है.

इसकी गनशिप एएच-64 की तरह लगती है.

कहा जाता है कि यह हेलीकॉप्टर 168 मील प्रति घंटा की गति से उड़ता है. यह अपने सहायक ईंधन के साथ लगभग 600 मील की यात्रा करने की क्षमता रखता है. इसके हथियारों में 12.7 एम.एम की मशीन गन भी शामिल है. इसके आलाव इसमें 57 एम एम वाले रॉकेट लगाए गए हैं.

अपनी क्षमता के हिसाब से यह 500 किलो के बम को साथ आराम से ले जा सकता है.

Mil Mi-24 (Pic: wikipedia)

तो यह थे कुछ खास हेलीकॉप्टर, जिन्होंने अपने बल पर कई जंग जीती हैं. पूरी दुनिया के कुछ प्रमुख देश ही इन खास तरह के हेलीकॉप्टरों को अपने पास रखते हैं.

यह उनकी ताकत को और भी बढ़ा देते हैं.

आपको इनमें से कौन सा हेलीकॉप्टर सबसे ज्यादा खास लगा हमें जरूर बताएं.

Web Title: Most Superior Helicopters within the World, Hindi Article

Featured Image Credit: wallpaperesque