विश्व में हर साल कई विचित्र घटनाएं घटती हैं. इनमें से कुछ प्राकृतिक होती हैं, तो कुछ मानवीय करतूतों का परिणाम.

दिलचस्प बात तो यह है कि कई घटनाओं को सुनने के बावजूद इन पर यकीन नहीं होता!

कजाकिस्तान के एक गांव से ऐसी ही एक घटना सामने आई, जिसके तहत वहां के लोग एक खास किस्म की बीमारी से ग्रसित पाए गए.

इस बीमारी के चलते वहां के लोग चलते-चलते सो जाते हैं और जाहिर तौर पर कई तो काल के गाल में चले जाते हैं.

क्या है इस अजीबो-गरीब बीमारी का सच और इसके पीछे के असल कारण क्या हैं, आईये जानने की कोशिश करते हैं–

कहां से शुरु हुई ‘कहानी’

असल में यह मामला तब नज़र में आया जब एक ग्रामीण अपने कुछ काम से नजदीकी शहर के लिए निकला, लेकिन वह वहां नहीं पहुंचा. बाद में पता चला कि उसे चलते-चलते नींद आ गई थी, जिसके चलते वह सो गया था. आदमी ने जागने के बाद बताया कि उसे कुछ ज्यादा याद नहीं!

वह तो अपने रास्ते पर चल रहा था, तभी अचानक उसके दिमाग ने काम करना बंद कर दिया था. फिर क्या हुआ उसे कुछ याद नहीं.

शुरुआत में तो उसकी इसी बात पर किसी ने यकीन नहीं किया, लेकिन बाद में इस रहस्यमयी नींद आने की बीमारी ने कजाकिस्तान के कालाची गांव के तमाम लोगों को पूरी तरह से अपनी चपेट में लेना शुरु कर दिया. साथ ही वहां के कुछ निवासी काल के गाल में समा गए व कुछ लोग कोमा में चले गए. फिर तो लोगों ने इसे गंभीरता से लेना शुरू कर दिया.

गजब की बात तो यह थी कि कई लोग इस बीमारी के चलते कई महीनों तक गहरी नींद में सोते रहे. इस गांव से कई दिनों तक सोने का पहला मामला साल 2010 में सामने आया था. बाद में वक्त के साथ-साथ बीमारी बढ़ती चली गई. यहां की आबादी करीब 600 है और इस बीमारी से गांव के लगभग 14% लोग पीड़ित हैं.

क्या बूढ़े, क्या जवान और क्या बच्चे… कोई भी इससे नहीं बच सका!

वे अपना ज्यादातर समय सोते हुए बिताते हैं. हैरानी वाली बात यह है कि जिनको भी ये बीमारी है, उनको पता ही नहीं चलता कि कब वे सो जाते हैं. नजीता यह रहा कि 160 से अधिक लोग इसके कारण सोते-सोते मृत्यु को प्यारे हो चुके हैं.

Sleeping Disorder in Kazakhstan (Pic: Time)

विशेषज्ञ व डॉक्टर्स ‘नाकाम’

कहते हैं कि इस गांव के निवासी इस बीमारी से इस कदर ग्रसित है कि ये कभी भी अचानक ही सो जाते थे. कभी-कभी तो चलते चलते ही!

इस कारण इस गांव को स्लीपी होलो भी कहा जाने लगा.

वैसे तो कलाची में अब बहुत कम लोग बचे हुए हैं. वहां की सरकार वहां के लोगों से इलाके को छोड़ने का आदेश दे चुकी है. बावजूद उसके वहां का  मंजर बुरा हो चुका है. उस गांव के लोग इस बीमारी के कारण हिंसक होते जा रहे थे. पुरुषों की यौन इच्छाओं में तेजी से वृद्धि देखने को मिल रही थी. यहाँ तक कि मनुष्यों के साथ इसका असर तो अब पालतू जानवरों पर भी देखने को मिल रहा है.

कुल मिलाकर जैसे-जैसे मरीजों की गिनती बढ़ती जा रही है, वैसे-वैसे इस बीमारी के बारे में रहस्य भी बढ़ता जा रहा है.

गजब की बात तो यह है कि डॉक्टर तक इस बीमारी के बारे में कुछ भी कहने में असमर्थ रहे हैं. यहां तक कि इस बीमारी को कोई भी नींद विशेषज्ञ तक सुलझा नहीं सका है. ऐसा नहीं है कि वह इस अनोखी बीमारी के कारणों को खोजने की कोशिश नहीं कर रहे हैं, किन्तु उनके हाथों कोई भी सटीक जानकारी हाथ नहीं लग रही है.

कई वैज्ञानिकों के लिए तो यह बीमारी रिसर्च का विषय बन चुकी है. उनकी कोशिश है कि जल्द से जल्द वह इसके पीछे के सही कारण का पता लगा सकें, ताकि इस बीमारी से लोगों को बचाया जा सके. बहरहाल, अभी तक हुए शोधों की मानें तो इसके पीछे प्रदूषण को बड़ा जिम्मेदार बताया जा रहा है.

मॉस्को और प्राग के विशेषज्ञों के द्वारा किए गए उनके विस्तृत परीक्षण के बाद पाया गया कि कालाची के चारों ओर कार्बन मोनोऑक्साइड और हाइड्रोकार्बन का स्तर बढ़ने से यहां ऑक्सीजन कम हो गई, जिससे सैकड़ों ग्रामीण भयंकर नींद की चपेट में आ जाते हैं.

हालांकि, इसको पूरी तरह से सही नहीं माना जाता.

Radiation Leak Zone (Pic: youtube)

यूरेनियम खदान पर था संदेह

प्रदूषण के अलावा इस गांव में मौजूद यूरेनियम की बंद हो चुकी खदान को इसका कारक माना जाता है. बहुत से लोग इस पर संदेह करते हैं. उनका मानना है कि इस खदान से जहरीला और घातक रेडिएशन निकलता है, जिस कारण लोग सांस नहीं ले पाते और सो जाते हैं. कजाकिस्तान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने इसको गंभीरता से लिया और इसकी जांच कराई.

जांच में उन्होंने पाया कि इस बंद पड़ी खदान से यूरेनियम निकलता तो है, लेकिन इसकी मात्रा बहुत कम है. ऐसे में इसको जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता. इसी क्रम में सन 2015 में एक रूसी प्रोफेसर ने दावा किया कि यह बीमारी भविष्य के लिए ठीक नहीं है. चूंकि, शोध में इस बीमारी के लक्षण क्रोनिक थकान सिंड्रोम जैसे हैं, इसलिए इसमें वृद्धि ठीक नहीं है.

जल्द से जल्द इस पर समय रहते कंट्रोल नहीं किया जाता तो यह भविष्य में बड़ी समस्या बन सकती है.

Carbon Monoxide Leaked From Soviet Uranium Mines (Pic: Independent)

कजाकिस्तान का कलाची गांव सिर्फ एक उदाहरण भर है. दुनिया में ऐसे कई तरह के रहस्य मौजूद हैं, जिनका हल ढूंढने में वैज्ञानिक तक फेल हो चुके हैं. हालांकि, वह इन्हें सुलझाने में लगे हुए हैं, लेकिन वह कब तक ऐसी गुत्थियों को सुलझा पायेंगे, यह कहना कठिन है.

वैसे इस प्रकार के दूसरे अजूबे दुनिया के तमाम हिस्सों में मौजूद हैं. अगर आप की जानकारी में कुछ ऐसा हो तो कमेन्ट-बॉक्स में अवश्य बताएं!

Web Title: The Villages in Kazakhstan Fell Asleep: Mystery Epidemic, Hindi Article

Feature Image Credit: rebrn/dailymail