यूं तो आपने अक्सर प्लेन, टैंक और तोपों को ही खतरनाक हथियार के रूप में देखा और सुना होगा.  किन्तु क्या आपने कभी किसी ऐसी प्रलयंकारी पनडुब्बी के बारे में सुना है, जिसकी मार से पल भर में दुश्मन का नामोनिशां मिटाया जा सकता है.

बताते चलें कि ज़माना बदल चुका है… अब जंग पानी के अंदर से भी हो सकती है,  इसलिए हर देश जानलेवा पनडुब्बी बनाने में लगा हुआ है. इसी कड़ी में रुस ने भी एक खास किस्म की पनडुब्बी बनाई, जिसे दुनिया की सबसे घातक पनडुब्बी कहा जाता है.

‘टाइफून’ नामक इस पनडुब्बी में आखिर ऐसा क्या है, जो इसे औरों से अलग बनाता है, आईये जानने की कोशिश करते हैं:

क्यों खास है टाइफून क्लास

टाइफून क्लास TK-208, दुनिया की सबसे बड़ी पनडुब्बी मानी जाती है. यह सन 1981 में पहली बार दुनिया के सामने आई थी. आकार के मामले में आज भी इसका कोई विकल्प नहीं है.

इसकी लम्बाई 175 मीटर के आसपास है. तीन महीने तक पानी में अंदर रहने की क्षमता इसे सबसे अलग और खास बनाती है.

इसके अलावा ‘परमाणु रिएक्टर’ इसको असली ताकत प्रदान करते हैं. ये परमाणु रिएक्टर इतनी बिजली उत्त्पन्न करते हैं कि टाइफून को किसी अन्य ईंधन की आवश्यकता नहीं होती है. यह एक बार में कई सौ किलो परमाणु हथियार ले जा सकती है. यही वजह है कि इसे प्रलयंकारी माना जाता है.

‘टाइफून’ को बहुत ही ख़ास तरीके से बनाया गया है. असल में रूस में बर्फीले पानी की कमी नहीं है, इसलिए इसे ऐसा बनाया गया है कि यह बर्फ को चीरती हुई निकल जाए. इतना ही नहीं इसमें ऐसे उपकरण भी दिए गए हैं, जो बर्फ को पानी के अंदर से ही तोड़ दें.

यह पनडुब्बी इतनी खतरनाक है कि यह दुश्मन की पलक झपकने से पहले ही उसका खेल खत्म कर देती है.

यूं तो यह पनडुब्बी काफी पुरानी हो चुकी है, लेकिन रूस इसे अब भी अपने से अलग नहीं करना चाहता. वैसे भी इसके निर्माण के बाद रूस ने बता दिया कि वह समुद्र में भी परमाणु शक्ति को इस्तेमाल करने का दम रखता है.

Typhoon: Most Dangerous Submarine (Pic: alphacoders)

‘आधुनिकता’ का बेमिसाल नमूना

रूसी नौसेना की शान इस पनडुब्बी को रूस के ही होनहार वैज्ञानिकों ने बनाया है.

टाइफून का निर्माण भविष्य को ध्यान में रखकर किया गया. यह पूरी तरह से ऑनलाइन है, ऑनलाइन से मतलब है कि इसे चलाने के लिए हर समय सैनिकों की आवश्यकता नहीं पड़ेगी.

रूसी नौसेना इसे अपने बेस पर बैठे-बैठे अपने कंप्यूटर से ही चला सकती है. साथ ही इस पर नज़र भी रख सकती है. इस विशेष तकनीक की वजह से इसमें सैनिकों को मारे जाने के आसार कम हो जाते हैं.

एक मिनट से भी कम समय लगता है टाइफून को अपने हथियारों को तैयार करने में. इसकी डिजिटल कंप्यूटर तकनीक इसे तेज बनाती है.

‘टाइफून’ मानव इतिहास के सबसे विनाशकारी हथियारों में से एक है. इसके आने के बाद से पनडुब्बी जगत में हलचल मच गई थी. इससे पहले कोई भी इतनी आधुनिक पनडुब्बी नहीं बनाई गई थी.

Typhoon: Most Dangerous Submarine (Pic: makeyourdepth)

‘जानलेवा मिसाइलें’ हैं ताकत  

टाइफून में टॉरपीडो जैसी विनाशकारी मिसाइलों का साथ है. इसके साथ इसमें कई सारी बैलिस्टिक मिसाइल और कुछ परमाणु मिसाइलों को भी इनस्टॉल किया गया है, ताकि कभी भी यह जंग के लिए तैयार रहे.

एक साथ यह इतनी सारी मिसाइलें अपने पास रखती है कि कोई भी इसके इलाके में घुसने से पहले भी सौ बार सोचेगा.

‘टाइफून’ पानी के किसी मगरमच्छ की तरह है. उसकी तरह ही यह पानी में चुप चाप छिपी रहती है और जैसे ही शिकार दिखता है, यह बाहर आके उसको ख़त्म कर देती है.

परमाणु जंग के लिए इसे रूस का एक मुख्य हथियार मारा जाता है. कहते हैं कि इसलिए ही इसमें हर समय परमाणु मिसाइल रखी जाती है.

Typhoon: Most Dangerous Submarine (Pic: act)

पुतिन का ‘इक्का’ है टाइफून!

सीरिया में बिगड़ते हालातों को देखते हुए रूस ने अब कड़े-कड़े फैसले लेने शुरू कर दिए हैं. शुरुआत में तो रूस ने बहुत से हवाई हमले किए, लेकिन अपने सैनिकों की मौत होते हुए देख उसका पारा चढ़ गया.

माना जा रहा है कि रूसी राष्ट्रपति पुतिन ने अपनी टाइफून पनडुब्बी का रुख सीरिया की ओर कर रखा है. वह अब सीधे तौर पर हमला करना को तैयार नज़र आ रहे हैं.

ऐसी धारणाएं हैं कि टाइफून को रूस ने एक बड़ी मात्रा में परमाणु मिसाइलों से भर दिया है, जो हजारों किलोमीटर दूर तक हमला कर सकती हैं.

कथित तौर पर ‘टाइफून’ सीरिया में रूस के बंदरगाह पर तैनात है. ऐसे में अगर वहां से कोई भी मिसाइल दागी जाती है, तो वह बड़े ही आराम से सीरिया के कोने-कोने तक पहुंच सकती है. कुल मिलाकर टाइफून से किया गया हमला सीरिया का नक्शा बदल सकता है.

Typhoon: Most Dangerous Submarine (Pic: fortune)

टाइफून पनडुब्बी जैसी कोई और पनडुब्बी शायद ही कोई थोड़े समय में बना पाएगा. वैसे भी रूस दिन-ब-दिन टेक्नोलॉजी में आगे बढ़ता जा रहा है.

इस लिहाज से जैसे-जैसे वक़्त बीतेगा, वैसे-वैसे टाइफून का और भी ज्यादा एडवांस होना तय है. अब तो आने वाला वक्त ही बताएगा कि क्या कोई और पनडुब्बी  टाइफून की जगह ले पाएगी?

Web Title: Typhoon: Most Dangerous Submarine, Hindi Article

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