5वीं शताब्दी ई. से लेकर 12वीं शताब्दी ई. तक नालंदा विश्वविद्यालय संपूर्ण विश्व में प्रमुख शिक्षा का केंद्र माना गया. यहां विश्व का सबसे प्राचीन नौ मंजिला पुस्तकालय हुआ करता था, जिसे बख्तियार खिलजी नामक एक लुटेरे ने 1199 ईस्वी में आग के हवाले कर दिया था.

इसके बाद भी भारतीय इतिहास में कई पुस्तकालयों की स्थापना की गई, जो समय के साथ धुंधली पड़ती चली गयी. ऐसे ही एक पुस्तकालय की स्थापना टीपू सुल्तान ने अपने समय में की थी, जिसकी 2000 पांडुलिपियों को ब्रिटिश अपने साथ ले गए, जिनमें से कुछ ब्रिटेन में कैम्ब्रिज और ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय व कलकत्ता में फोर्ट विलियम कॉलेज को बांट दिया गया.

ये तो बात थी इतिहास के कुछ सबसे बड़े और पुराने भारतीय पुस्तकालयों की.

किन्तु, क्या आप जानते हैं कि आज विश्व में ऐसे कई ऐसे पुस्तकालय मौजूद हैं, जो वहां रखी किताबों के साथ-साथ कई अन्य पहलुओं की वजह से भी मशहूर हैं.

आईये उनमें से ही कुछ को जानने की कोशिश करते हैं–

कांग्रेस लाइब्रेरी, वाशिंगटन डीसी

कांग्रेस पुस्तकालय (लाइब्रेरी) दुनिया का सबसे बड़ा पुस्तकालय है. इसकी शुरूआत सन 1800 ई. में की गई. इस पुस्तकालय में 16 करोड़ 40 लाख (164 मिलियन) पुस्तकें 470 विभिन्न भाषाओं में मौजूद हैं, जो 1349 किलोमीटर लंबी अलमारियों पर रखी हैं.

यहां कानून सामग्री, फिल्म, नक्शे, संगीत और ध्वनि रिकॉर्डिंग का दुनिया में सबसे बड़ा संग्रह मिलता है.

इसे देखने के लिए जहां, दुनिया भर से लगभग 18 लाख आगंतुक आते हैं, वहीं इस पुस्तकालय में 3,149 स्थायी स्टाफ सदस्य काम करते हैं. यही नहीं भारत, मिस्र, कीनिया, इंडोनेशिया, पाकिस्तान सहित विश्व के 60 देशों में इसके प्रवासी कार्यालय मौजूद हैं.

यह पुस्तकालय विश्व के सबसे बड़े तिब्बत पुस्तक संग्रह में से भी एक माना जाता है.

Library Of Congress (Pic: theblacktieblog)

ब्रिटिश पुस्तकालय, लंदन

ब्रिटिश पुस्तकालय में प्रत्येक साल लगभग 30 लाख पुस्तकें बढ़ जाती हैं. फिलहाल यहां विभिन्न भाषाओं में 15 करोड़ पुस्तकें उपलब्ध हैं. इन सभी पुस्तकों को रखने के लिए कुल 625 किमी जगह की जरूरत होती है, जो हर साल 12 किमी बढ़ जाती है.

ब्रिटिश पुस्तकालय में मौजूद कलेक्शन का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि अगर आप प्रत्येक दिन 5 चीजें ही देखें तो भी सारे संग्रह को देखने में आपको करीब 80 हजार साल लग जाएंगे.

इस पुस्तकालय में 12 सौ लोग एक साथ पढ़ाई कर सकते हैं. यह 14 मंजिल की बिल्डि़ंग में बना है, जिसमें 9 तल जमीन के ऊपर और बाकी 5 जमीन के नीचे हैं.

इस पुस्तकालय में 3000 साल पुरानी हड्डियों पर लिखी चाइनीज कहानी भी पढ़ने को मिल जाती है.

The British Library London (Pic: commons)

न्यूयॉर्क पब्लिक पुस्तकालय

सन 1911 ई में जब न्यूयॉर्क पब्लिक पुस्तकालय खुला था, तब यह पुस्तकालय अमेरिका की सबसे बड़ी मार्बल बिल्डिंग थी.

इस पुस्तकालय में 19वीं शताब्दी की मशहूर उपन्यासकार चार्लोटे ब्रॉन्टा, कवि वाल्ट व्हिटमैन, उपन्यासकार मेरी शेली, कवियित्री पर्सी शेली आदि के बाल भी सुरक्षित रखें हैं.

पर्ल हार्बर पर जापानियों द्वारा हमले के बाद यहां रखी महत्वपूर्ण किताबों और पांडुलिपियों को न्यूयॉर्क शहर में दूसरी जगहों पर छिपाकर रख दिया गया था. यहां विश्वभर के उपयोगकर्ताओं के इस्तेमाल के लिए 5 करोड़ 50 लाख पुस्तकों इत्यादि का संग्रह मौजूद है.

न्यूयॉर्क पब्लिक पुस्तकालय में विश्व के किसी अन्य पुस्तकालय के मुकाबले सबसे ज्यादा आगंतुक आते हैं. सन 2016 में इस पुस्तकालय में एक करोड़ 80 लाख लोग गए थे.

इस पुस्तकालय में चार करोड़ 65 लाख के लगभग रिसर्च सामग्री उपलब्ध है, जो इसे दूसरों से अलग करती है.

New York Public Library (Pic: thenation)

कनाडा पुस्तकालय

कनाडा पुस्तकालय और अभिलेखागार विश्वभर में कनाडाई संस्कृति को जानने समझने के लिए खास जगह माना जाता है. यहां 2 करोड़ 40 लाख तस्वीरें और एक पेटाबाइट से ज्यादा डिजिटल सामग्री उपलब्ध है. पुस्तकालय में विभिन्न भाषाओं में छपी लगभग 2 करोड़ किताबें, 241 किलोमीटर लंबा सरकारी और निजी शाब्दिक रिकॉर्ड उपलब्ध है.

यहां, लगभग 3 करोड़ फोटो और 5 लाख 50 हजार घंटे की ऑडियो वीडियो रिकॉर्डिंग मौजूद है, जिन्हें अगर प्रत्येक दिन 24 घंटे सुना या देखा जाए, तब भी इसे खत्म होने में 23 हजार दिन लग जाएंगे.

Library And Archives Canada (Pic: ottawacitizen)

रूस स्टेट पुस्तकालय, मॉस्को

रूस स्टेट पुस्तकालय पहले लेनिन पुस्तकालय के नाम से जाना जाता था. ये रूस का राष्ट्रीय पुस्तकालय है, जो रूस की राजधानी मॉस्को में स्थापित है. इस पुस्तकालय में कई पुरानी पुस्तकें और स्लोवेनिक कोडिसेज नामक प्राचीन रूसी पांडुलिपी भी रखी है.

इस पुस्तकालय की स्थापना 1862 में की गई थी, लेकिन रूसी क्रांति 1917 के बाद ब्लादिमिर लेनिन की देखरेख में इस पुस्तकालय को फिर से पुनर्जीवित किया गया.

यहां तीन करोड़ 80 लाख से ज्यादा मुद्रित पुस्तकें, पत्रिकाएं और रूस के राष्ट्रीय दस्तावेज सुरक्षित रखे हुए हैं.

Russian State Library (Pic: olden)

राष्ट्रीय संसद पुस्तकालय, जापान

राष्ट्रीय संसद पुस्तकालय, जापान का राष्ट्रीय पुस्तकालय है, जिसे 1948 में स्थापित किया गया. जापान में संसद को डाइट कहा जाता है. इसका मुख्य नाम राष्ट्रीय डाइट पुस्तकालय है.

स्थापना के समय इसे अस्थायी सुविधाओं के साथ लोगों के लिए खोला गया था. मई 2002 में इसे पूर्ण रूप से जापान के लोगों को समर्पित कर दिया गया. इस पुस्तकालय में कुल 4 करोड़ 18 लाख पुस्तक, दस्तावेज इत्यादि का संग्रह है. इसमें से तकरीबन 45 लाख वाल्यूम किताबें हैं, जिन्हें रखने के लिए 172 किलोमीटर लंबी अलमारियां हैं.

पुस्तकालय में पूर्वी एशिया, दक्षिण पूर्व एशिया, मध्य पूर्व और अफ्रीकी व अमेरिकी और कई पश्चिमी भाषाओं में लिखा संग्रह मौजूद है.

संसद पुस्तकालय 12 मंजिला इमारत में है, जिसमें केवल 4 तल ही जमीन के ऊपर मौजूद हैं. बाकी 8 तल जमीन के अंदर बने हैं. जमीन के नीचे किताबों को रखने के लिए 240 किलोमीटर लंबी अलमारियां हैं.

पुस्तकालय में 19वीं शताब्दी के आसपास के आधुनिक जापानी राजनीतिक इतिहास के दस्तावेज मौजूद हैं. संग्रह में मुख्य रूप से प्रख्यात राजनेताओं, महिलाओं, राजनयिकों, सैनिकों, सरकारी अधिकारियों और व्यवसायियों इत्यादि से संबंधित डायरी, पत्र, ड्राफ्ट और ज्ञापन आदि मौजूद हैं.

इसके अलावा पुस्तकालय में 150 देशों का आधिकारिक गजट, विधियों, अदालत की रिपोर्टें और संधियां भी रखी हैं.

National Diet Library (Pic: stroll-tips)

तो यह थे कुछ एेसे पुस्तकालय, जहां पर आप को लगभग दुनिया की सभी किताबें मिल जाएँगी. किसी खास किताब की तलाश आपको अगर लंबे समय से है, तो आप इन पुस्तकालयों की ओर रुख कर सकते हैं.

साथ ही अगर आप भी किसी ऐसे पुस्तकालय के बारे में जानते हैं, तो नीचे दिए कमेंट सेक्शन में हमें उसका नाम बताना न भूलें.

Web Title: Worlds Largest Libraries, Hindi Article

Featured Image Credit: Emaze