सालों से इंडिया में क्रिकेट खेला जाता है. समय-समय पर नए खिलाड़ी आते हैं जिनके नाम से इंडिया में क्रिकेट फेमस होता है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि भारत का सबसे पहला क्रिकेट प्लेयर कौन था?

अगर नहीं तो चलिए आज आपको बताते हैं महाराजा रणजीत सिंह के बारे में और कैसे उन्होंने इंडिया में की क्रिकेट की शुरुआत, इस पर भी एक नज़र डालते हैं–

कौन थे राजा रणजीत?

भारतीय क्रिकेट टीम आज दुनिया भर में अपने नाम का डंका बजा चुकी है. दिन प्रतिदिन भारतीय क्रिकेट टीम नए-नए रिकॉर्ड बनाते जा रही है. आज भारत की इन सारी कामयाबी के पीछे किसी का हाथ है तो वो है ‘रणजीत सिंह’, जो भारत के पहले क्रिकेटर के रूप में भी जाने जाते हैं.

रणजीत सिंह जी का जन्म 10 सितंबर 1872 को काठियावाड़, गुजरात में हुआ था. वह एक राज घराने के रहने वाले थे. यूँ तो उनका नाम रणजीत सिंह जी था, लेकिन उन्हें उनके नाम रणजी से जाना जाता था.

1907 को महाराजा रणजी ने अपनी राज गद्दी को संभाला. कहते हैं कि वह बहुत ही अच्छे शासक थे. उन्होंने हमेशा ही अपनी प्रजा के लिए काम करवाया. जामनगर उस समय उनकी राजधानी हुआ करता था. उन्होंने उसके विकास के लिए वहां पर बंदरगाह, रोड, रेलवे स्टेशन आदि कई तरह की सुविधाओं का निर्माण किया.

राजा होने के बाद भी रणजी ब्रिटिश सेना में अफसर के पद पर काम करते थे. माना जाता है कि पहले विश्व युद्ध के दौरान उन्होंने फ़्रांस में ब्रिटिश सेना की ओर से स्टाफ ऑफिसर का काम किया था.

Maharaja Ranjit Singh (Pic: indiatimes)

इंग्लैंड की क्रिकेट टीम में चुने गए!

भारतीय क्रिकेट टीम का इतिहास राजा रणजी सिंह के बिना अधूरा है. कहते हैं कि राजा रणजी को क्रिकेट से बहुत प्यार था. वह इस खेल में काफी माहिर भी थे. इसके कारण ही उन्हें इंग्लैंड की ओर से खेलने का मौका मिला.

माना जाता है कि रणजी बहुत ही उम्दा बल्लेबाज थे. उनके शॉट्स को देख कर तो खुद अंग्रेजों का सर चकरा जाया करता था. इंग्लैंड के सबसे बढ़िया गेंदबाजों को भी वह ऐसे खेला करते थे जैसे वह सब उनके आगे बच्चे हों. उनका हर एक शॉट किसी प्रोफेशनल जैसा होता था. वह अपनी ताकत नहीं बल्कि कलाईयों का भी बहुत बढ़िया प्रयोग किया करते थे.

राजा रणजी इंग्लैंड की एक टीम की ओर से मैच खेला करते थे. उस टीम की ओर से ही राजा रणजी सालों तक क्रिकेट खेलते रहे. उनके आगे कोई टिक ही नहीं पाता था. राजा रणजी भले ही इंडिया से थे, लेकिन इंग्लैंड जा के भी उन्होंने अपना नाम बना ही लिया.

अपने क्रिकेट करियर में राजा रणजी ने करीब 15 टेस्ट मैच खेले. इनमें उन्होंने 2 शतक और 6 अर्द्धशतक लगाए. राजा रणजी हर मैच में अच्छा स्कोर हिट करते थे. उनकी एवरेज 44.95 की थी. जितने अच्छे राजा रणजी बैटिंग में थे उतने खास वह बोलिंग में नहीं थे. बोलिंग के मामले में वह ज्यादा कुछ नहीं कर पाए. अपने पूरे करियर में उन्होंने बस 4 मैचों में ही गेंदबाजी की.

First Player Of Indian Cricket Ranjit Singh (Pic: madrascourier)

जब उन्होंने अपनी बल्लेबाजी से ऑस्ट्रेलिया को धो डाला!

वह साल था 1896 का. राजा रणजी को इंग्लैंड की टीम में चुना गया था और उन्हें ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेलना था. राजा रणजी ने अभी तक कोई भी मैच नहीं खेला था. यह उनका डेब्यू मुकाबला था. ऑस्ट्रेलिया की पहली बल्लेबाजी थी जिसमें उन्होंने करीब 305 रन बनाए. राजा रणजी को उनकी बैटिंग के लिए टीम में लिया गया था. अब उनकी जिम्मेदारी थी कि वह टीम के लिए अपनी बल्लेबाजी का हुनर दिखाएं.

राज रणजी बैटिंग के लिए आए. किसी को उम्मीद भी नहीं थी कि वह क्या कमाल कर देंगे. कहते हैं कि अपने पहले ही मैच में राजा रणजी ने 154 रन ठोक के शतक बना दिया. हर कोई देख के हैरान हो गया कि भारत जैसे देश से कोई इतना अच्छा कैसे खेल सकता है.

वह तो महज पहला मैच ही था. सूचना के अनुसार उस पूरे सीजन में राजा रणजी ने ऑस्ट्रेलिया को धो दिया था. उन्होंने उस सीजन में लगभग 2780 रन बनाए. इसके साथ ही उन्होंने एक नया रनों का रिकॉर्ड भी बना दिया.

Star Batsman At London (Pic: indiatimes)

मौत कुछ ‘यूं’ हुई…

माना जाता है कि राजा रणजी भारत में प्रजातंत्र लाने के खिलाफ थे और इस बात पर ब्रिटिश का समर्थन कर रहे थे. इसके बाद राजा रणजी पर कई आरोप लगे कि उनकी सत्ता बेकार है, वह ज्यादा कर लेते हैं आदि!

राजा रणजी अपनी ही तरह और राजाओं को भी अपनी ओर कर रहे थे कि इसी बीच उनकी तबियत बिगड़ने लगी.

धीरे-धीरे उनकी हालत और भी खराब होने लगी और आखिर में हार्ट फेल होने के कारण उनकी मौत हो गई. इसी के साथ भारत में क्रिकेट की शुरुआत करने वाले राजा रणजी सिंह की कहानी हमेशा के लिए खत्म हो गई.

Father Of Indian Cricket Ranjit Singh (Pic: pinterest)

महाराजा रणजी के नाम पर शुरू हुई ‘रणजी ट्रॉफी’

महाराजा रणजी सिंह भले ही इंग्लैंड के लिए खेला करते थे, लेकिन वह थे तो इंडियन क्रिकेटर ही. उनके कारण ही भारत में भी थोड़ी बहुत क्रिकेट की आग जली. शायद इसी वजह से राजा रणजी के नाम पर भारत की मशहूर क्रिकेट लीग ‘रणजी ट्रॉफी‘ शुरू की गई.

4 नवंबर 1934 में को मद्रास और मैसूर के बीच मैच करवा के रणजी ट्रॉफी का आगाज किया गया. 1934 में शुरू हुई इस पहली रणजी ट्रॉफी को बॉम्बे ने अपने नाम किया था. इतना ही नहीं इसके बाद मुंबई की टीम लगातार 15 टूर्नामेंट अपने नाम करने में सफल रही.

Ranji Trophy (Pic: bcci)

भारतीय क्रिकेट की नींव माने जाने वाले राजा रणजी हमेशा अपने इस काम के लिए याद किए जायेंगे. बेशक आज़ादी के सम्बन्ध में उनका योगदान नकारात्मक क्यों न हो!

क्रिकेट के फैन के तौर पर आप राजा रणजी को किस प्रकार याद करना चाहेंगे?
कमेन्ट बॉक्स में अवश्य बताएं!

Web Title: Father Of Indian Cricket Ranjit Singh, Hindi Article

Featured Image Credit: wikipedia/lafayette/mid-day