कानून समाज की वह जरूरत है जिसके बिना यह समाज बिखर जाएगा. इसके द्वारा तय किए गए नियमों के कारण ही लोग अकसर जुर्म करने से बचते हैं. सालों से कानून हमारे का यह खेल चलता आ रहा था.

ऐसे में क्या आपने कभी सोचा है कि प्राचीन समय में राजाओं द्वारा अपनी प्रजा को रास्ते पर रखने के लिये क्या मापदंड तय किये जाते थे?

प्राचीन समय की बात हो तो रोम का नाम ज़रुर लिया जाता है. कानून की बात करें तो रोम राज्य अपने अजीबो गरीब कानून के लिये मशहूर था. रोमन राज्य में यह कानून कड़े तो थे साथ में प्रजा के लिये कई बार काफी घातक साबित होते थे.

तो आईये प्रचीन रोम के उन कानूनो के बारे में जानते हैं–

जनता नहीं पहन सकती थी बैंगनी रंग के कपड़े!

प्राचीन रोम के इस कानून को अब आज के 21वीं सदी में पढ़ते हुये यह बात आपको बहुत अजीब लगेगी कि प्रचीन रोम में रंगो को लेकर भी बंटवारा किया गया था. जी हां, प्रचीन रोम में राजा के सम्राज्य में प्रजा को पर्पल यानि बैंगनी रंग का कोई भी कपड़ा पहनने पर प्रतिबंध था.

सबसे रोचक बात तो यह थी कि प्रजा द्वारा इस रंग का कपड़ा पहनना अपराध की श्रेणी में आता था.

प्राचीन रोम में बैंगनी रंग को राजा सबसे प्रतिष्ठित और भव्य के रंग के रूप में देखा करते थे. राजा महाराजा हर सुबह बैंगनी रंग की पोशाक पहनते थे. प्राचीन रोम में बैंगनी रंग को शाही रंग के रुप में तवज्जो दी जाती थी. यही कारण था कि रोमन काल में प्रजा के लिये बैंगनी रंग पहनने पर मनाही थी. सबसे रोचक बात यह है कि उस दौर में प्रजा के पास अगर धन अधिक होता था तो वह खुद को अच्छा दिखाने के लिये बैंगनी रंग की पोशाक पहन लेते थे. यह बात राजाओं को कतई पसंद नहीं थी. इसलिये उन्होंने बैंगनी रंग को राज महल के राजाओं के लिये आरक्षित कर दिया था.

इसी के साथ प्राचीन रोम में राजाओं द्वारा पहने जाने वाली एक खास पोशाक जिसको टोगा बोला जाता था… उस पोशाक का रंग भी बैंगनी होता था. इसलिये राजाओं की कीमती बैंगनी पोशाक से हुबहू मिलता रंग उसकी प्रजा पहने तो यह राजा की तौहीन मानी जाती थी.

Roman Banned Purple Color Because It Was Associated With Royal House (Representative Pic: pinterest)

जनाजे पर नहीं रो सकती महिलाएं…

प्राचीन रोम का एक कानून जो आपको हैरान करेगा वह है किसी की मौत पर महिलाओं के रोने पर पूर्ण प्रतिबंध था. इस बात का अंदाज़ा आसानी से लगाया जा सकता है कि यह कानून एक रुप से किसी की भावनाओं पर अंकुश लगा देता था. इस कानून के पीछे भी कोई बड़ा तार्किक अर्थ निकलकर सामने आता है. कहा जाता है कि जब प्राचीन रोम में किसी की मौत हो जाती थी तो उसकी अंतिम यात्रा जुलूस के रुप में निकाली जाती थी.

माना जाता था कि मृत व्यक्ति की अंतिम यात्रा में जितना लोग अधिक रोयेंगे उससे उसकी शोहरत की पैठ पड़ोसियों के बीच स्थापित होगी.

किसी की मृत्यु हो जाने पर रोमन महिलाओं को रोने के लिये बुलाते थे. इसके तहत बकायदा महिलाओं को विलाप करने के लिये भुगतान किया जाता था, लेकिन जब महिलाएं अधिक विलाप करने लगीं और विलाप करने के दौरान वह अपने बालों को बिखेर कर अपने चेहरे को नाखून से नोंचने लगीं तो रोमन ने इससे तंग आकर महिलाओं के रोने पर प्रतिबंध लगा दिया. अंतिम संस्कार में महिलाओं के विलाप करने के प्रतिबंधित होने पर रोमन किसी की मृत्यु होने पर रोने वाले कलाकारों को बुलाने लगे थे.

Ancient Roman Women’s Were Not Allowed To Cry At Funeral (Representative Pic: elderofziyon)

बेटी के प्रेमी को जान से मारने की थी आज़ादी, लेकिन…

प्रचीन रोम में हर वर्ग के लिये नियम कानून काफी कड़े बनाये गये थे. प्रेमी जोड़ों के लिये रोमांस के लिए बनाये गये कानून तो और भी अधिक कड़े थे.

रोमन कानून के तहत एक पिता को अपनी बेटी के प्रेमी को मौत के घाट उतारने का अधिकार प्राप्त था. यही कारण था कि एक प्रेमी जोड़े के बीच मोहब्बत हो जाने के बाद उस प्यार को परवान चढ़ाना काफी चुनौती भरा था.

वहीं अगर किसी व्यक्ति की पत्नी अन्य पुरुष के साथ कमरे में आपत्तिजनक हालत में पकड़ी जाती थी तो पति द्वारा सबसे पहले उस कमरे के दरवाज़े को तालाबंद किया जाता था. इसके बाद पति को बीस घंटे के समय में सभी पड़ोसियों को इस बात की सूचना देनी होती थी. सूचना देने और लोगों के इकठ्ठा होने के बाद वह सार्वजनिक महफ़िल में अपनी पत्नी के कृत्यों को सभी को सुनाता था.

वहीं इस कानून के तहत पति को पत्नी को तलाक़ देने की आज़ादी थी. वहीं महिलाओं के लिये यह कानून बिल्कुल उलट था. अगर कोई महिला अपने पति को किसी अन्य महिला के साथ पकड़ती थी तो पति पर कोई कानूनी कार्रवाई नहीं होती थी.

रोचक बात यह है कि इस पूरे प्रकरण में महिला को अपने पति द्वारा किये गये कुकृत्य पर बस रोने का अधिकार प्राप्त होता था. वह भी अगर पड़ोस में किसी व्यक्ति की मृत्यु हुई है तो महिला के रोने पर भी प्रतिबंध था.

Ancient Roman Dad’s Are Allowed To Kill His Daughter’s Lover (Pic: forensicoutreach)

इच्छा मृत्यु की थी आज़ादी, लेकिन यह तीन लोग…

प्राचीन रोम में कानून लोगों के जीने के लिये ही कड़ा नहीं था बल्कि मरने वालों के लिये भी यह काफी दुर्लभ था. मौजूदा समय जहां आत्महत्या अधिकांश देशों में प्रतिभंधित है तो वहीं रोमन राज्य में कोई भी व्यक्ति इच्छा मृत्यु के लिये राजा के दरबार में अर्जी दे सकता था.

कोई भी मानसिक रुप से बीमार व्यक्ति अपनी बीमारी से तंग आकर इच्छा मृत्यु मांग सकता था. उच्च अधिकारियों की चर्चा के बाद उसकी इच्छा मृत्यु पर अंतिम मोहर लगा दी जाती थी. इसके बाद उसे एक ज़हर से भरी बोतल दे दी जाती थी. ज़हर पीकर व्यक्ति अपना जीवन समाप्त कर लेता था.

रोमन राज्य में सिर्फ तीन तरह के लोग ऐसे थे जिन्हें इच्छा मृत्यु नहीं दी जाती थी. इनमें शामिल थे कैदी, सिपाही और गुलाम. इन तीन लोगों को छोड़कर कोई भी आम व्यक्ति इच्छा मृत्यु को गले लगा सकता था. इन तीन लोगों को सरकार द्वारा इच्छा मृत्यु नहीं देने की वजह भी काफी तार्किक थी. कैदी को इसलिये इच्छा मृत्यु नहीं दी जाती थी कि उस पर चल रहे मुकदमात अगर सिद्ध हुये तो उसे मौत के घाट उतारा जाना ही है. फौजी और सिपाहियों का अर्जी पत्र इसलिये रद्य किया जाता था कि वह जंग होने के दौरान राज्य के काम आते थे. गुलाम को इसलिये मौत नहीं दी जाती थी कि उसकी मौत के बाद उसे खरीदने वाले के पैसे बर्बाद हो जाते थे. कई बार गुलाम को इच्छा मृत्यु दी भी जाती थी तो गुलाम को अन्य मालिक को बेचने वाले पहले मालिक को उसकी रकम लौटानी पड़ती थी.

Roman Have Rules For Suicide (Representative Pic: ancientrome)

पिता अपने बेटे को तीन बार बेच सकता था!

प्राचीन रोम में पुरुष, महिला और प्रेमी जोड़ों के लिये ही नियम कायदे कड़े नहीं थे. छोटे बच्चे भी प्राचीन रोम के नियमों से काफी जूझते थे. उस समय में पिता को अपने बेटे को गुलाम के रुप में दूसरे व्यक्ति को बेचने की पूरी आज़ादी थी, बल्कि प्राचीन रोम में अभिभावकों के लिये यह लीगल कानून माना जाता था.

इस कानून में सबसे रोचक बात यह थी कि एक पिता अपने बेटे को गुलाम के रुप में किसी भी व्यक्ति को तीन बार बेच सकता था.

पिता को अस्थायी रूप से अपने बच्चों को बेचने का कानूनी अधिकार था. पिता और बच्चा खरीदने वाले खरीददार के बीच एक समझौते के तहत बच्चों को बेचा जाता था.

 

In Ancient Rome A Father Could Sell His Son Three Times For Slavery (Representative Pic: wikimedia)

बच्चों की गुलामी का एक समय निर्धारित था जिसे बच्चे को पूरा करना होता था. अगर कोई बच्चा खरीददार के पास से भाग कर दोबारा अपने पिता के पास आता था तो पिता बच्चे को दोबारा उसी खरीददार को बेच देता था.

हालांकि, जो पिता तीन बार अपने बच्चे को खरीददार को बेचता था तो उसे समाज में अयोग्य बाप करार दे दिया जाता था. वहीं तीन बार एक बच्चे को बेचने के बाद पिता अपने दूसरे बच्चे को खरीददार को बेच कर पैसा कमाया करते थे.

इस कड़ी में और भी तमाम कानून हो सकते हैं. अगर आपको भी प्राचीन रोम साम्राज्य के किसी अजीबोगरीब कानून की जानकारी हो तो कमेन्ट बॉक्स में अवश्य शेयर करें.

Web Title: Funny Ancient Roman Rules, Hindi Article

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