क्लियोपेट्रा और मार्क एंटीनो विश्व इतिहास के दो ऐसे किरदार थे, जिनकी प्रेम कहानी को अमर कहा जाता है. कहते हैं कि क्लियोपेट्रा, एंटीनो को देखते ही उनके इश्क में गिरफ्तार हो गई थी. इनके रिश्ते में एक ऐसा समय आया, जब सारा जमाना इनके रिश्ते के खिलाफ हो गया. कोई आम प्रेमी होते, तो हार गये होते, पर  इन्होंने हार नहीं मानी. बाद में दोनों की मोहब्बत उस मुकाम तक पहुंच गई कि दोनों ने एक दूजे के लिए मौत को गले लगा लिया. तो आईये जानते हैं इन दोनों की अटूट प्रेम कहानी के पहलुओं को:

क्लियोपेट्रा-एंटनी की पहली मुलाकात

क्लियोपेट्रा रोम सम्राट जूलियस सीजर की प्रेमिका थी. माना जाता है कि वह खूबसूरत होने के साथ-साथ विद्वान भी थीं. उन्हें कई भाषाएं आती थी. यही कारण था कि सीजर उन्हें बेइन्तहा प्यार करता था. दोनों अपने जीवन में बहुत खुश थे. इस दौरान उन्होंने एक पुत्र को भी जन्म दिया. वह बात और है कि रोम के लोग इनके रिश्ते से खुश नहीं थे. असल में क्लियोपेट्रा का रिश्ता मिस्र से था और उस समय मिस्र के रोम के साथ संबध अच्छे नहीं थे. इसी कड़ी में 44 ईसा पूर्व के आसपास सीजर की हत्या हो जाती है और क्लियोपेटा को मिस्र वापस लौटना पड़ता है.

सीज़र की हत्या के बाद मार्क एंटीनो उन तीनों व्यक्तियों में शामिल था, जिन्होंने रोम पर शासन किया. एंटोनी रोम के प्रति मिस्र की निष्ठा सुनिश्चित करना चाहते थे. इसके लिए उन्होंने क्लियोपेट्रा को राजनीतिक गठबंधनों के साथ मिलकर चर्चा करने का बुलावा भेजा. पहले उन्होंने दो बार आने के लिए मना कर दिया. अंतत: वह तीसरी बार एंटोनी से मिलने के लिए सहमत हो गईं.

माना जाता है कि अपनी पहली मुलाकात में ही वह एंटीनों को अपना दिल दे बैठी थी. साथ ही अपने आकर्षण से एंटीनो को जीत लिया था. कुछ समय बाद ही क्लियोपेट्रा ने एंटीनो को मिस्र आने का निमंत्रण दिया. इसके बाद दोनों मिस्र में मिले तो नजदीकियां बढ़ गईं. जल्द ही दोनों के प्यार के किस्सों ने तूल पकड़ लिया, लेकिन वह जमाने से बेफिक्र होकर प्यार में डूबते चले गये. वह खुलेआम एक-दूजे से मिलने लगे.

Antony and Cleopatra (Pic: en.wikipedia.org)

रास नहीं आया ‘रोमवासियों’ को यह रिश्ता

दोनों के बीच रिश्ता गहरा हुआ तो मिस्र पहले की तुलना में ज्यादा शक्तिशाली समझा जाने लगा. मिस्र को बढ़ता देख रोम के लोगों को यह रिश्ता रास नहीं आया. वह क्लियोपेट्रा को एंटोनी की पत्नी बनते नहीं देखना चाहते थे. सीजर की तरह इस रिश्ते का भी खूब विरोध हुआ. रोम के लोग किसी भी कीमत पर दोनों को एक होते नहीं देखना चाहते थे. बावजूद इसके इस प्रेमी युगल ने विवाह कर लिया.

इसके बाद एक साथ, एंटोनी और क्लियोपेट्रा ने एक मजबूत सत्तारूढ़ सत्ता का गठन किया. अब वह एक टीम की तरह काम करने लगे. इस तरह से वह सीधे तौर पर ओक्टावियन के प्रतिद्वंदी हो गये थे. ओक्टावियन कुछ करते, इससे पहले एंटीनों ने शाही अंदाज में क्लियोपेट्रा की रोम में इंट्री कराई. एक शक्तिशाली सेना के बीच उन्होंने क्लियोपेट्रा को अपनी रानी होने का ऐलान किया. क्लियोपेट्रा शानदार पोशाक में मुस्कुरा रही थीं. यह देखकर रोम के लोग जल रहे थे. जल्द ही इसकी सूचना ओक्टाविन को मिली तो खुद इस नजारे को देखने पहुंच गया.

ओक्टेवियन ने कर दी युद्ध की घोषणा

एंटोनी के बढ़ते कदम को देखकर ओक्टेवियन बौखला गया. चूंकि, वह सीज़र का रिश्तेदार था. इसलिए वह खुद को रोम का असली सम्राट मानता था. इसी सोच के चलते उसने एंटनी के खिलाफ युद्ध की घोषणा कर दी. इस तरह ग्रीस में ओक्टावियन और एंटोनी की सेनाओं की बीच खूनी संघर्ष शुरु हो गया. एंटोनी की सेना इस युद्ध में भारी पड़ रही थी. वह तेजी से ऑक्टेवियन के सैनिकों को मारते हुए आगे बढ़ रही थी. ऑक्टेवियन ने देखा कि वह कमजोर पड़ रहा है. उसे समझ नहीं आ रहा था कि वह क्या करे. परिस्थितियां कुछ ऐसी बनती जा रही थी उसे लगने रहा था कि वह आसानी से जीत नहीं पायेगा, इसलिए उसने साजिश रची.

इसके तहत माना जाता है कि लड़ाई के दौरान झूठी खबर दी गई कि क्लियोपेट्रा नहीं रहीं. यह खबर सुनते ही एंटोनी सदमे में आ गया. वह कमजोर होने लगा. उसने अपने सारे हथियार डाल दिए. अपने सम्राट को कमजोर देखते हुए एंटोनी की सेना भी कमजोर पड़ने लगी. ऑक्टेवियन अपनी साजिश में सफल हो चुका था. उसने देरी न करते हुए इसका फायदा उठाया और युद्ध पर अपनी पकड़ बना ली. देखते ही देखते एंटोनी, क्लियोपेट्रा की मौत की खबर के कारण बिखरता चला गया. वह अपनी ही तलवार पर गिर गया.

Octavian and Marcus Agrippa with Gaius Maecenas (Pic: pinterest.com)

दोनों ने मौत को गले लगाया

यह भी कहा जाता है कि एंटोनी क्लियोपेट्रा के साथ मिस्र भाग गए थे. अगले वर्ष, जब ओक्टावियन अपनी सेना के साथ मिस्र पहुंचे, तो एंटोनी ने कारावास से बचने के लिए आत्महत्या कर ली थी. क्लियोपेट्रा को एंटनी की मौत के बारे में पता चला, तो वह चौंक गईं. वह यह सहन नहीं कर पाईं.

ओक्टेवियन के सिपाही उन्हें कैद में लेने के लिए आगे बढ़े तो वह तेजी से अपने महल की ओर दौड़ गईं. वहां जाते ही वह एंटोनी की चीजों से लिपट-लिपट कर रोनी लगीं. अंतत: जब उन्हें लगा कि वह पकड़ी जायेंगी तो उन्होंने एक जहरीले सांप से खुद को कटवा लिया. वह मर चुकी थी. उनका शरीर नीला पड़ चुका था. उनकी आंखें खुली हुईं थी.

The Death of Cleopatra (Pic: wikipedia.org)

इस तरह मोहब्बत करने वाले इन दोनों किरदारों ने मौत को गले लगा लिया. वह भले ही खत्म हो गये हों लेकिन उनकी मोहब्बत आज भी जिंदा है. इनकी प्रेम कहानी कितनी लोकप्रिय रही. इस बात को इसी से समझा जा सकता है कि शेक्सपियर जैसे साहित्यकारों ने अपनी कहानी में इन्हें नायक-नायिका बनाया. इनकी कहानी पर जिगर मुरादाबादी का यह शेर एकदम सटीक बैठता है, जिसमें वह कहते हैं:

ये इश्क़ नहीं आसां इतना ही समझ लीजे
इक आग का दरिया है और डूब के जाना है

Web Title: Great Love Story of Cleopatra And Mark Antony, Hindi Article

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