कुछ लोग इसे राजस्थान की शान कहते हैं. कुछ भारतीय धरोहर का नायाब नमूना कहते हैं, तो कुछ इसे खंडहर मानते हैं.

जी हां! हम बात कर रहे है राजस्थान में मौजूद खिमसर किले की.

यूं तो राजस्थान एक खूबसूरत प्रदेश है. इतिहास की एक से बढ़कर एक नायाब धरोहर वहां आपको देखने को मिल जाएगीं.

फिर भी आपको वहां अपना कुछ समय खिमसर किले को देना चाहिए, ताकि आप जान सकें कि क्या हैं इससे जुड़ा इतिहास और इसके एकांत में कौन-कौन सी कहानियां छिपी हुई हैं.

आइये जानते हैं:

500 वर्ष पुराना है इसका इतिहास

यह किला थार रेगिस्तान के पूर्वी किनारे पर जोधपुर और नागौर के बीच मौजूद है. इतिहास की बात करें तो यह किला लगभग 500 वर्ष पुराना है. इसमें राव जोधाजी की कई पीढ़ियां रहीं. इसको बनवाने का श्रेय राव जोधाजी के आठवें बेटे, ठाकुर करम सिंह को जाता है. उन्होंने 1523 के आसपास इस शानदार 

किले का निर्माण कराया था. कहते हैं शुरुआत में यहां ज्यादा लोग नहीं रहते थे. फिर 18 वीं शताब्दी आते-आते लोग यहां के वासी बन गए. पहले इसमें महिलाओं के लिए खास जगह बनाई गई,  फिर यह शाही परिवार का ठिकाना बन गया.

ठाकुर ओन्कर सिंह जो ठाकुर करम सिंह के 17 वें वंशज थे. उन्होंने 1940 में इसके अंदर अपने लिए एक अतिरिक्त शाही विंग का निर्माण कराया था, जिसे आज भी देखा जा सकता है.

बेजोड़ ‘वास्तुकला’ का अनूठा संगम

खिमसर का किला राजस्थान के जोधपुर और नागौर के बीच में बनाया गया है, जोकि खुद में एक खास स्थल है. दूसरी चीज जो इसे सबसे खास बनाती है, वह है उसकी वास्तुकला.

इसमें खास किस्म की रेत और पत्थर का इस्तेमाल किया है, जो इस किले को सुनहरे रंग की चमक देता है. कहते हैं कि नागौर के पांरपरिक सिद्धांत पर यहां के वास्तुशिल्प को डिजाइन किया गया है.

किले के वास्तुशिल्प को मुख्यत: तीन अलग-अलग शैलियों में बांटा गया है. पहली मध्ययुगीन वास्तुकला, दूसरी मुगल शैली और तीसरा अंग्रेजी शैली, जो पश्चिमी शास्त्रीय वाद को दर्शाती है.

वहीं किले के अंदर बनाई गई वास्तुकला में इस्लामी, फारसी और भारतीय शैली का मिश्रण मिलता है. किले के ज्यादातर हिस्सों के निर्माण में  संगमरमर का भी प्रयोग किया गया है.

वर्तमान में भारत की प्रमुख विरासत

वर्तमान में, यह किला भारत के प्रमुख विरासत में से एक माना जाता है, हालांकि यह अब एक आलीशान होटल के रूप में परिवर्तित हो चुका है. किले के अंदर मौजूद आंगन, बगीचे और फव्वारे लोगों के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है.

क्षेत्रफल की बात करें तो यह करीब 11 एकड़ भूमि से भी ज्यादा दूर तक फैला हुआ है. किले के अंदर की हरियाली इसे बाकी दूसरे किलों से अलग करती है. इसके साथ-साथ यहां कुछ पक्षी भी देखने को मिलते हैं.

इनकी चहक यहां आने वाले को लुभाती है. वहीं इतने सालों बाद भी इसके गलियारों में योद्धाओं के निशान, खंडहर, अस्तबल, राजसी टावर और आकर्षणक ऊंचे-ऊंचे खंभे दिखाई देते हैं.

पुराने समय के हथियार भी यहां देखने को मिलती हैं, जिनमें कुछ बंदूकें और तोप प्रमुख हैं.

कुल मिलाकर यह किला हर वह खासियत रखता है, जो लोगों को इसकी ओर खीचने के लिए जरूरी है. फिर चाहे इसका गौरवशाली इतिहास हो, यहां की वास्तुकला या फिर फिर इसका आधुनिक स्वरूप.

यही कारण है कि इसको नजदीक से देखने के लिए विदेशों तक से सैलानियों की एक बड़ी संख्या आती है.

Web Title: History of Khimsar Fort, Hindi Article

This Article Is About the History of Khimsar

Feature Image Credit: barkandyougetbetter