दिन-प्रतिदिन वक्त गुजरता जाता है और समय का कांटा निरंतर अपनी रफ्तार से चलता रहता है. हम भी समय के साथ-साथ आगे बढ़ते जाते हैं, लेकिन कुछ तारीखें इतिहास की याद दिलाती हैं, वो ऐतिहासिक घटनाएं, जिन्होंने इन तारीखों को यादगार बनाया.

जब कभी इतिहास के इन पन्नों को पलटा जाता है, तो ये तारीखें उसी घटना को एक बार फिर जीवंत कर देती हैं. तारीखों की इसी कड़ी में इस बार हम आपके लिए कुछ खास लाए हैं.

एक अप्रैल का दिन यूं तो आम दिनों की तरह ही है, लेकिन इसमें थोड़ा पीछे जाएं, तो हमें पता चलेगा कि इतिहास के नजरिए से यह दिन कितना मायने रखता है–

जी-मेल की शुरूआत

आज का दिन तकनीक की दुनिया के लिए काफी अहम है. लोगों के लिए पत्राचार और तुरंत संचार का एक साधन बन चुके जी-मेल से दुनिया के लोग आज ही यानी 1 अप्रैल को परिचित हुए थे. गूगल कंपनी ने जी-मेल ई-मेल सेवा की शुरुआत एक अप्रैल 2004 को की गई थी.

हालांकि, तब लोगों को लगा था कि गूगल की इस सेवा की घोषणा लोगों को अप्रैल फूल बनाने के मकसद से की गई थी, जबकि यह सच नहीं था. जी-मेल के रूप में लोगों तो एक बेहतरीन ई-मेल ऑप्शन दिया गया था.

जी-मेल ई-मेल सेवा का तोहफा देने का श्रेय पॉल बुकेट को जाता है. पॉल बुकेट ने आधुनिकता की रफ्तार को समझते हुए इसका अविष्कार किया था, जिसके बाद व्यक्तिग रूप से लेकर अधिकारिक तौर पर पत्राचार करने का स्वरूप बदला है.

हालांकि, जी-मेल सेवा से पहले लोगों के पास होटमेल का विकल्प मौजूद था, लेकिन वह इतना कारगर नहीं था. यही कारण था कि लगभग सारी ऑडियंस को इसने अपनी ओर आकर्षित किया है.

जी-मेल आने के बाद प्राइवेट कंपनी से लेकर सरकारी विभागों में इस मेल सर्विस का प्रयोग बढ़ा. साथ ही चिठ्ठियों की जगह मेल से सूचनाएं भेजी  जाने लगीं. जी-मेल का दायरा बढ़ा तो इसे और बेहतर बनाने के प्रयास होने लगे.

सबसे पहले अंग्रेज़ी में लांच हुई जी-मेल सेवा वर्तमान समय में 72 भाषाओं में मौजूद है.

Gmail Logo. (Pic: Lifewire)

अमेरिका में लगी सिगरेट के विज्ञापन पर रोक

“धूम्रपान करना सेहत के लिए हानिकारक है.” ये टैग लाइन आपको याद होगी.

आपने अक्सर अपने टीवी पर इस स्लोगन के साथ धूम्रपान को रोकने वाले एड देखे होंगे. आजकल फिल्मों में भी इस तरह के दृश्य अक्सर देखने को मिल जाते हैं, हालांकि पहले से कमी आई है और लोगों में जागरुकता भी आई है.

अक्सर ऐसा माना जाता है कि धू्म्रपान की साम्रगी के प्रचार-प्रसार के विज्ञापन को देखकर काफी लोग खासकर बच्चे इससे प्रेरित होकर शौकिया तौर पर धूम्रपान करने लगते हैं, जो बाद में एक बुरी लत बन जाती है, लेकिन एक ऐसा देश है, जिसने इस चीज पर ध्यान दिया और वहां इसके प्रचार प्रसार पर रोक लगाई.

जी हां, हम बात कर रहे हैं अमेरिका की. उसने धू्म्रपान पर ऐतिहासिक फैसला लेते हुए इसके प्रचार-प्रसार पर रोक लगाने के लिए 1 अप्रैल के दिन सराहनीय कदम उठाया था.

एक अप्रैल 1970 में अमेरिकी राष्ट्रपति रिचर्ड निक्सन ने एक प्रस्तावित बिल पर हस्ताक्षर कर पूरे अमेरिका में टीवी और रेडियो के माध्यम से प्रचारित होने वाले धूम्रपान के विज्ञापनों पर रोक लगाने की पहल की थी.

साल 1971 में 2 जनवरी आधी रात बारह बजे के बाद ही तत्काल रूप से इस बिल को लागू कर दिया गया था, जिसके तहत कोई भी चैनल और रेडियो धूम्रपान करने वाली साम्रगी का विज्ञापन नहीं दिखा सकता था.

Smoking Ban. (Pic: Wikipedia)

स्टीव जॉब्स ने रखी एप्पल कंपनी की नींव

वर्तमान समय में अपने मोबाइल और कंप्यूटर्स के लिए विश्व प्रसिद्ध कंपनी एप्पल के लिए भी आज का दिन काफी महत्वपूर्ण है. एप्पल कंपनी के फाउंडर स्टीव जॉब्स ने 1 अप्रैल के दिन ही अपने साथियों के साथ मिलकर इस कंपनी की नींव रखी थी.

1 अप्रैल 1976 को स्टीव जॉब्स और उनके दोस्त स्टीव वोज़्निक ने बहुत छोटे रूप में एप्पल कंपनी की शुरूआत की थी. जब स्टीव जॉब्स और उनके दोस्त स्टीव वोज़्निक ने एप्पल कंपनी की शुरूआत की थी, तब शायद किसी ने सोचा भी नहीं था कि आने वाले भविष्य में यह कंपनी विश्व की प्रसिद्ध कंपनी बन जाएगी.

मौजूदा समय में एप्पल कंपनी के मोबाइल और लैपटॉप की डिमांड लोगों के बीच काफी बढ़ गई है. कंपनी को एप्पल नाम देने के पीछे भी कई तर्क हैं. कई बार कहा जाता है कि एप्पल के बगीचे में घूम कर आने के बाद स्टीव जॉब्स ने कंपनी को एप्पल का नाम दिया था.

इसी क्रम में एक मत यह भी है कि एप्पल की शुरुआत अंग्रेज़ी के सबसे पहले अक्षर से होती है, शायद इसलिए कि अन्य कंपनियों की तुलना में एप्पल पहले नंबर पर रहे.

An Old Apple Computer. (Pic: Fossbytes)

जैकी मिचेल बनी पहली बेसबॉल खिलाड़ी

बेसबॉल को पुरुषों का खेल कहा जाता है. इसके पीछे तर्क यह है कि इसमें अधिक मेहनत और ताक़त की ज़रूरत होती है. हालांकि, इस धारणा को आज से कई साल पहले जैकी मिचेल ने गलत साबित कर दिया.

जैकी मिचेल ने बेसबॉल खेल में पहली महिला खिलाड़ी के तौर पर प्रतिभाग किया था. एक अप्रैल 1931 को जैकी मिचेल ने चट्टानूगा लुकआउट की टीम की ओर से खेलते हुए न्यूयार्क यंकीस के खिलाफ अपने करियर का आगाज़ किया था.

हालांकि, इस मैच में बारिश हो गई थी, लेकिन इसी मैच से आधिकारिक रूप से महिलाओं की इस खेल में एंट्री हो गई. इसके अगले ही दिन 17 साल की जैकी मिचेल ने बेसबॉल खेल में भूचाल ला दिया था, जब उन्होंने एक शानदार पिचर के तौर पर बॉल फेंकते हुए उस समय के मशहूर पुरुष बेसबॉल खिलाड़ी बेबे रुथ और लो गेह्रिग को आउट कर सबको चौंका दिया.

जैकी मिचेल लड़की होने के बावजूद इतनी तेज़ी से बॉल फेंकती थीं कि स्ट्राइकर बॉल को हिट नहीं कर पाता था और आउट हो जाता था. मिचेल को बेसबॉल की दुनिया में सबसे सफल महिला खिलाड़ी के तौर पर याद किया जाता है.

Jackie Mitchell Playing a Baseball Match. (Pic: smithsonianmag)

कनाडा ‘रॉयल’ एयरफोर्स का गठन

कनाडा जैसे खूबसूरत देश के लिए आज का दिन काफी महत्वपूर्ण है. आज ही के दिन कनाडा की वायुसेना रॉयल एयरफोर्स को पुनर्गठित करते हुए रॉयल एयरफोर्स का गठन किया था.

एक अप्रैल 1924 को कनाडा सरकार ने अपनी पुरानी वायु सेना को रॉयल एयरफोर्स का नया नाम दिया था. रॉयल एयरफोर्स कनाडा के सेना प्रमुख के अधीन आती है. युद्ध के मैदान के अलावा रॉयल एयरफोर्स देश के अहम महत्वपूर्ण कार्यों में अपनी सेवा देती है, जिसमें सरहदी क्षेत्रों पर हवाई गश्त भी शामिल है.

इसके साथ ही आपातकाल में रॉयल एयरफोर्स अहम भूमिका निभाती है. कई बार जंगलों में आग लगने पर यह फोर्स कम समय में घटनास्थल पर पानी का छिड़काव भी करती है. इसके साथ ही रॉयल एयरफोर्स भूकंप प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री पहुंचाने और लोगों को रेस्कयू करने में भी काफी मददगार साबित हुई है.

Royal Canadian Air Force Hornet. (Pic: Yellowknife)

तो ये थीं एक अप्रैल से जुड़ी कुछ खास जानकारियां!

अगर आप भी इस दिन से जुड़ा कोई विशेष और ऐतिहासिक किस्सा जानते हैं तो कृपया नीचे कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं.

Web Title: Important Historical Events of 1st April, Hindi Article

Featured Image Credit: cultofmac