जो आज है, वह भविष्य में इतिहास बनेगा.

दीवारों पर टंगे कैलेंडर की हर तारीख़ की अपनी विशेषता होती है. दिनभर के 24 घंटो में हर देश में कुछ ऐसा घटित होता है कि आने वाली पीढ़ियां उसे याद रखती हैं.

ऐसी हज़ारों तारीख़ें इतिहास की किताबों में दर्ज हैं जो हमें दुनिया के मशहूर किस्सों के बारे में बताती हैं.

इसी कड़ी में आज हम 22 अप्रैल को घटित इतिहास की कुछ ऐसी ही ‘विशेष’ व प्रसिद्ध घटनाओं पर बात करेंगे, जिनकी गूंज सालों बाद भी सुनाई देती है –

वाइप्रस का दूसरा युद्ध

प्रथम विश्व युद्ध दुनिया के सबसे खतरनाक युद्ध में से एक था, जिसमें कई देश एक दूसरे से लड़ाई लड़ रहे थे.

आज ही के दिन यानी 22 अप्रैल 1915 को प्रथम विश्व युद्ध के दौरान एक और लड़ाई लड़ी गई, सेकंड बैटल ऑफ़ वाइप्रस. पश्चिमी बेल्जियम की सेना पर जर्मनी की सेना ने घातक हथियाराें से हमला कर दिया था. इससे पहले किसी भी युद्ध में इस तरह के हथियारों का इस्तेमाल नहीं किया गया था. कहा जाता है कि इस लड़ाई में में जहरीली गैसों का इस्तेमाल किया गया था.

जर्मनी ने पश्चिमी बेल्जियम में स्थित वाइप्रस पर जहरीली गैस से हमला किया. इस हमले ने वाइप्रस को आश्चर्य चकित कर दिया था. वहीं इस हमले के कारण प्रकृति को भी काफी नुकसान पहुंचा था.

22 अप्रैल को शुरूआत में पहले भारी गोलाबारी हुई, जिसके बाद नीला-सफेद धुंआ उत्तर की ओर बढ़ते हुए देखा गया. यह जर्मनी के द्वारा इस्तेमाल किया गया एक रासायनिक हथियार था, जिसमें क्लोरीन गैस का इस्तेमाल किया गया था, जिससे धुंध के बादल बनाए गए.

जिन लोगों के शरीर में बड़ी मात्रा में ये गैस गई, उन लोगों की दर्दनाक मौत हुई थी.

इस गैस के हमले से वाइप्रस में कुछ ही देर में आतंक फैल गया, चारों ओर घबराहट और दम घुटने से लाशें एकाएक गिरती जा रही थीं. एक अनुमान के अनुसार इस युद्ध में करीब 87,000 लोग मारे गए और लगभग 35,000 के आसपास घायल हुए. वहीं, बहुत से लोग गायब हो गए, जिनका कुछ पता नहीं चला.

Second Battle Of Ypres. (Pic: tes)

पृथ्वी दिवस की शुरुआत

22 अप्रैल 1970 को पहली बार पृथ्वी दिवस मनाया गया था. लेकिन इसकी शुरूआत 1969 से हुई, जब अमेरिकी सीनेटर गेलार्ड नेल्सन ने कैलिफोर्निया के सांता बारबरा में भारी मात्रा में तेल फैलने से प्रकृति को हुए नुकसान को देखा. इस घटना ने उनको पर्यावरण की रक्षा करने के लिए प्रेरित किया.

नेल्सन ने कैलिफोर्निया के अमेरिकी प्रतिनिधि ‘पीट मैक्लोस्की’ को राजी किया और 85 कर्मचारियों के साथ 20 अप्रैल 1970 को पूरे संयुक्त राज्य में 2 करोड़ लोगों को इकट्ठा कर रैली निकाली. जिसके बाद व्यापक पैमाने पर पर्यावरण की रक्षा के लिए विरोध प्रदर्शन शुरू हुए.

लोगों को पर्यावरण की रक्षा करने के तरीके खोजने के लिए सार्वजनिक क्षेत्रों में इकट्ठा किया गया. वह तेल फैलाने, कारखानों और सीवेज से होने वाले प्राकृतिक नुकसान के खिलाफ लड़ रहे थे. इसी दौरान उन्हें अचानक पृथ्वी दिवस मनाने का विचार आया जिसको उन्होंने दूसरों के साथ साझा किया.

इसके बाद पर्यावरणीय संरक्षण के लिए पृथ्वी दिवस की शुरुआत की गई. जो हर साल 22 अप्रैल को दुनिया भर में मनाया जाता है.

1995 में राष्ट्रपति ‘बिल क्लिंटन’ ने नेल्सन को पृथ्वी दिवस के संस्थापक होने के लिए राष्ट्रपति पदक से सम्मानित किया.

Earth Day 1970. (Pic: denverlibrary)

व्लादिमीर लेनिन का जन्म

22 अप्रैल 1870 को रूस के सिमबिर्स्क में व्लादिमीर लेनिन का जन्म हुआ, जिसने आगे चलकर रूसी साम्यवादी पार्टी की स्थापना की और अपने लक्ष्य को प्राप्त कर सोवियत संघ का पहला प्रमुख बना.

लेनिन का शुरूआती नाम व्लादिमीर इलिच उल्यानोवा था और सन 1901 में साइबेरिया प्रवास के दौरान वहां लेना नदी के नाम पर अपना उपनाम बदलकर लेनिन कर लिया.

व्लादिमीर लेनिन ने रूस में जार निकोलस के शासन को खत्म किया और 15 देशों को एकजुट कर सोवियत समाजवादी गणराज्य संघ (यूएसएसआर) की स्थापना की.

एक पढ़े-लिखे परिवार में पैदा हुए लेनिन ने काजान विश्वविद्यालय से कानून की पढ़ाई की. इसी दौरान कार्ल मार्क्स की विचारधारा से प्रभावित होकर मार्क्सवादी रुख अपना लिया.

लेनिन ने अपने यूरोप प्रवास के दौरान मार्क्सवादी विचारधारा की अलख जगाई और क्रांतिकारियों के साथ मिलकर इस्करा अखबार की शुरूआत की. और फिर 1917 में रूस लौटने के बाद लेनिन ने सैनिकों, किसानों और श्रमिकों के साथ मिलकर एक नई सरकार बनाने का आह्वान किया. इसी दौरान रूस गृह युद्ध की चपेट में आ गए और बोल्शेविक क्रांति की शुरूआत हुई. इसमें सैकड़ों लोग मारे गए और उनकी हत्या कराई गई.

Vladimir Lenin. (Pic: gettyimages)

पैदा हुआ अंतिम मुगल सम्राट अकबर शाह

अकबर शाह द्वितीय भारत के अंतिम मुगल सम्राट माने जाते हैं. उन्होंने 1806 से 1837 तक दिल्ली में लाल किले से शासन किया था. अकबर द्वितीय का जन्म 22 अप्रैल 1760 में हुआ था. वह शाह आलम द्वितीय का दूसरा पुत्र था.

हालांकि भारत में ईस्ट इंडिया कंपनी के माध्यम से ब्रिटिश प्रभाव के अंदर अकबर द्वितीय की शक्ति नाममात्र ही शेष बची थी. उन्होंने राम मोहन रॉय को ब्रिटेन में अपना राजदूत बनाकर भेजा और उन्हें राजा की उपाधि प्रदान की.

अपने शासनकाल के दौरान, 1835 ई. में, ईस्ट इंडिया कंपनी ने खुद को मुगल सम्राट से अलग कर अपने नाम पर सिक्के जारी कर दिए. इसके बाद कंपनी के सिक्कों में फारसी लाइनों को हटा दिया गया था.2 मई 1781 को लाल किले में राजकुमार का अपने बड़े भाई की मौत के बाद राज्याभिषेक किया गया और इन्हें वाली अहमद बहादुर का खिताब दिया गया.

हालांकि सम्राट अकबर द्वितीय का साम्राज्य दिल्ली में लाल किले तक ही सीमित था. इनके शासनकाल के दौरान दिल्ली में सांस्कृतिक जीवन का विकास हुआ.

मौत के बाद मेहरौली में स्थिति 13वीं शताब्दी के सूफी संत कुतुबुद्दीन बख्तियार काकी की कब्र के बगल में उनको दफना दिया गया.

Prince Mirza Akbar Shah II (Pic: thebetter)

उत्तर कोरिया में हुआ सबसे बड़ा रेल हादसा

उत्तर कोरिया में 22 अप्रैल 2004 के दिन एक बड़ी ट्रेन दुर्घटना हुई, जिसमें दो ट्रेनों की एक दूसरे से टक्कर हो गई थी. इस दुर्घटना के बाद एक विशाल विस्फोट हुआ, जिसमें लगभग 3,000 लोग मारे गए या घायल हो गए. यह हादसा प्योंगयांग से लगभग 50 किमी उत्तर में हुआ था.

यह दुर्घटना तब हुई जब उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग इल बीजिंग यात्रा से अपने घर जा चुके थे. उसके नौ घंटे के बाद यह भीषण हादसा हो गया. किम उत्तर कोरिया के परमाणु कार्यक्रम पर विचार करने के लिए चीन गए थे.

हादसे के बाद मारे गए लोगों की संख्या की पुष्टि नहीं की गई, माना जाता है कि यह दुनिया का सबसे बड़ा रेल हादसा था. जिसकी जानकारी को भी दबा दिया गया और इस हादसे के पीछे के कारणों के बारे में किसी प्रकार की कोई जानकारी आज तक पता नहीं चल पाई है.

Ryongchon Disaster. (Pic: pinterest/alchetron)

तो यह थीं 22 अप्रैल से जुड़ी दुनियाभर की प्रमुख घटनाएं. अगर आप भी इस दिन के बारे में कोई विशेष घटना जानते हैं, तो कृपया कमेंट बॉक्स में ज़रूर बताएं.

Web Title: Important Historical Events of 22nd April, Hindi Article

Featured Image Credit: evemuseografia