आज हर एक सामान की एक कीमत होती है. उसे खरीदने के लिए आपके पास होता है, पैसा या मुद्रा! लगभग विश्व के सभी देशों की अर्थव्यवस्था इसी हिसाब से चलती है.

ऐसे में कल्पना काजिए कि अगर अापके पास कोई मुद्रा ही न हो, या फिर सामानों की बिक्री या उसका वितरण मुद्रा में न होकर किसी अन्य वस्तु के बदले किया जाए.

यहां तक कि लोगों की मेहनत के बदले भी उन्हें मुद्रा न देकर उनकी जरूरत का सामान दिया जाए, साथ ही बैंक या करेंसी एक्सचेंज जैसी कोई जगह ही न हो.

तो ऐसी अर्थव्यवस्था का स्वरूप कैसा होगा?

क्या आज के आधुनिक समय में कोई भी देश ऐसी व्यवस्था को अपनाते हुए अपनी अर्थव्यवस्था को गति दे पाएगा…? शायद नहीं!

जहां आज मुद्रा बिना व्यापार की कल्पना असंभव सी मालूम पड़ती है, वहीं करीब 500 साल पहले दक्षिण अमेरिका के एक साम्राज्य ने ऐसा किया और पूरी दुनिया के सामने अर्थव्यवस्था और व्यापार का एक नया उदाहरण पेश किया.

जी हां, हम बात कर रहे हैं 15वीं और 16वीं शताब्दी के महान दक्षिण अमेरिकी इन्का साम्राज्य की, जिसकी उपलब्धियां आज भी उल्लेखनीय हैं. इन्का लोगों द्वारा दिए गए विचार और आविष्कारों का इस्तेमाल आधुनिक काल में किया जाना इसको प्रमाणित करता है.

ऐसे में उनके व्यापार व अर्थव्यवस्था के तौर-तरीकों को जानना दिलचस्प रहेगा–

एंडीज पर्वतों पर पली बढ़ी सभ्यता

13वीं शताब्दी में एंडीज पर्वतों के ऊपर रहने वाले लोगों का एक समूह दक्षिण पूर्व पेरू के कुज़को घाटी में गया. इसके 200 साल बाद ये छोटा सा समूह एक करोड़ 60 लाख की आबादी वाला एक शक्तिशाली साम्राज्य बन चुका था, जो लगभग पूरे एंडीज पर्वत पर निवास करता था.

ये था इन्का साम्राज्य, जो दक्षिण अमेरिका में एंडीज पर्वत श्रेणी के ऊपर से लेकर नीचे तक फैला हुआ था. इसका केंद्र था पेरू, वहीं आज का कोलंबिया, चिली, बोलीविया, इक्वाडोर और अर्जेंटीना भी इस साम्राज्य का एक हिस्सा थे. यह सभ्यता उत्तर से लेकर दक्षिण तक 5,500 किलोमीटर के क्षेत्र में निवास करती थी, इनके बीच में 30 से अधिक भाषाएं बोली जाती थीं.

दक्षिण अमेरिका के सबसे बड़े इस साम्राज्य को अपने खाद्य पदार्थ, वस्त्र, सोना-चांदी और कोको के कारण काफी प्रसिद्धी मिली.

दिलचस्प बात तो यह थी कि तब उनके पास न तो कोई बाजार था और न हीं कोई मुद्रा.

Incan Migrated Down from Andes Mountains. (Pic: Peregrine Adventures)

मेहनतकश थे साम्राज्य के निवासी

इन्का समाज में ‘मीता‘ नाम का मजदूर संगठन सैनिकों, किसानों, समाचार दूतों, सड़क निर्माणकर्ताओं या जो कुछ भी करने की जरूरत होती थी, उसके लिए अपनी सेवाएं देता था.

ये लोग मंदिरों, महलों, सिंचाई के लिए नहरों, खेती योग्य जमीनों, सड़कों, पुलों और सुरंगों को बनाने का काम किया करते थे. वो भी पहिया तकनीकी की सहायता के बिना. ये सीधा-सादा काम के बदले में अच्छा जीवन का एक वादा था और इससे अर्थव्यवस्था भी संतुलित थी.

इन्का सभ्यता के आर्किटेक्ट विशाल पिरामिड बनाने और उन्हें डिजाइन करने में महारथी थे. टिपोन में पाए जाने वाले वाटरवर्क्स से वह सिंचाई किया करते थे और वहीं माचू पिच्‍चू जैसे पहाड़ों पर पचैकैम जैसे विशाल मंदिरों का निर्माण करते थे.

मुख्य रूप से श्रम या मजदूरी इस सभ्यता में एक सिक्का था, जबकि शारीरिक मेहनत ने उनकी अर्थव्यवस्था को आकार दिया.

Inca Labour working for Terraces. (Pic: pinterest)

खेती था इनका मुख्य कार्य

मिशनरियों और वलेरा के दस्तावेजों के अुनसार इन्का सभ्यता के लोग अच्छे बिल्डर और भूमि योजनाकार थे. वहीं इन्हें अत्याधुनिक तरीके से पहाड़ों पर खेती करने और शहर निर्माण का अच्छा ज्ञान था. कहते हैं कि इन्का समाज इतना समृद्ध था कि ये नए क्षेत्रों को कृषि योग्य बनाने के लिए सैकड़ों लोगों का खर्चा उठा सकते थे.

इस दौरान पहाड़ों पर सीढ़ीदार खेती होती थी, जिसमें आलू, मक्का, मूंगफली आदि फसलें पैदा की जाती थीं. इसके बाद भी ये लोग बिना मुद्रा और बाजार के लेनदेन किया करते थे.

Machu Picchu: The Lost City of the Inca Empire. (Pic: The Pinnacle List)

नहीं था कोई बाजार…

वैसे तो काफी जरूरी सामानों का उत्पादन इन्का सभ्यता द्वारा खुद ही किया जाता था, लेकिन कुछ अन्य जरूरी उत्पाद आयात किए जाते थे.

हालांकि बिना मुद्रा के ये कैसे संभव था?

ऐसे में रणनीतियों के तहत विशेष वस्तुओं के लिए उनके विशिष्ट उत्पादन क्षेत्रों में कॉलोनी बसाई जाती थीं और वहां से लंबी दूरी के व्यापार किए जाते थे. वस्तुओं का उत्पादन, वितरण और उसका उपयोग इन्का साम्राज्य की केंद्र सरकार द्वारा नियंत्रित किया जाता था.

वहीं साम्राज्य के प्रत्येक नागरिक के लिए भोजन, उपकरण, कच्चा माल और कपड़ों सहित सभी जरूरी सामानों का वितरण राज्य भंडार से किया जाता था.

इस तरह से उन्हें कुछ भी खरीदने की जरूरत नहीं पड़ती थी. लिहाजा ऐसी अर्थव्यवस्था जहां न तो कोई दुकान थी और न हीं कोई बाजार.

ऐसे में एक मानक मुद्रा या धन की कोई आवश्यकता नहीं थी.

मुद्रा बिना मजबूत थी अर्थव्यवस्था

अपनी इन्हीं नीतियों की मदद से इन्का सभ्यता बाहरी लोगों के साथ व्यापार करती थी, लेकिन स्वयं के बीच इसकी कोई आवश्यकता नहीं थी.

इन्का साम्राज्य के दौरान अब तक कि सबसे सफल केंद्र योजित अर्थव्यवस्था थी. श्रम के कुशल प्रबंधन और एकत्र किए गए संसाधनों के बेहतर प्रशासन के कारण ये अर्थव्यवस्था सफल रही.

सामूहिक शारीरिक श्रम आर्थिक उत्पादकता और सामाजिक धन के निर्माण का आधार था. समाज के प्रत्येक नागरिक को अपने हिस्से का काम करना जरूरी था, इससे इनकार करने या आलस्य के साथ काम करने की सजा मृत्यु दंड था.

काम के बदले सरकार शिक्षा, मुफ्त कपड़े, भोजन, स्वास्थ्य देखभाल आदि देती थी.

किसी भी प्रकार की कोई मुद्रा न होने के कारण इन्का समाज में करों के भुगतान के लिए फसलों, मवेशियों, कपड़ों को दिया जाता था.

वहीं इसमें सबसे ऊपर था श्रम दान या शारीरिक रूप से काम करना.

Barter System in Inca Empire. (Pic: ThingLink)

बड़े गोदामों में रख-रखाव की व्यवस्था

इन्का साम्राज्य के अंतर्गत आर्थिक गतिविधि के रूप में सरकार राज्य के लिए श्रम शक्ति के बदले लोगों को जरूरत का सामान देती थी.

इसी समय बड़े पैमाने पर लोगों के बीच वस्तु विनिमय का प्रचलन था, हालांकि बची-कुची वस्तुओं का बड़े पैमाने पर पुनर्वितरण किया जाता था.

सरकार राज्य उत्पादों और सामानों को अपनी सुरक्षा के अंदर अपने गोदामों में सुरक्षित करके रखती थी, जहां से आवश्यकतानुसार इनका वितरण किया जाता था.

वहीं माना जाता है कि उस क्षेत्र के जलवायु अच्छी नहीं थी, इसलिए एल नीनो/ला नीनो के प्रभाव से बचने के लिए ऐसे बड़े गोदामों को बनाया गया, ताकि अकाल की स्थिति में लोगों के लिए उचित रसद सुरक्षित रखा जा सके.

इन्का साम्राज्य ने अपना ज्यादातर ध्यान व्यापार को बढ़ाने की बजाए भुखमरी रोकने और अपने लोगों को जरूरी सामान देने पर केंद्रित किया. शायद इसी कारण से इन्का साम्राज्य के सभी इनोवेशन अर्थशास्त्र की बजाए कृषि के आसपास ही सीमित थे और उन्होंने खाद्य उत्पादन और भूमि प्रबंधन के आसपास ही अपने तकनीकी और संस्थानों को बढ़ावा दिया.

Incan Rope Bridges Near the town of Huinchiri, Peru. (Pic: videoblocks)

सड़क नेटवर्क का आविष्कार!

इन्का साम्राज्य ने सड़कों और राजमार्गों के एक आधुनिक नेटवर्क का आविष्कार किया था, जोकि इससे पहले दक्षिण अमेरिका में कभी नहीं देखा गया.

आपको जानकर हैरानी होगी कि इन्का राजमार्ग व्यवस्था के तहत 40,000 किलोमीटर लंबी सड़कों का जाल पूरे दक्षिण अमेरिका में बिछाया गया था.

सड़क नेटवर्क की मुख्य सड़कों को शाही राजमार्ग प्रणाली या कैपैक-नेन के रूप में जाना जाता था. इसके अंतर्गत समुद्र तट के सहारे और पहाड़ों के ऊपर समांतर सड़कों का जाल बिछाया गया था. ये सड़कें केवल सैन्य साजो सामान और व्यापार के उपयोग में ही नहीं आती थीं, बल्कि इनका उपयोग संचार नेटवर्क के रूप में किया जाता था.

वहीं दो पहाड़ियों को जोड़ने के लिए इन्का सभ्यता के लोगों ने रस्सियों के पुल भी बनाए. चूंकि उस समय वाहन नहीं थे इसलिए ये पुल काफी कारगर साबित हुए.

इसके अलावा नासा के अंतरिक्ष यात्री अपने अभियानों पर सूखा भोजन लेकर जाते हैं, इस भोजन को किसी भी प्रयोगशाला में नहीं बनाया गया, बल्कि इसे बनाने की शुरूआत इन्का सभ्यता द्वारा की गई. एंडीज पर्वतों की ऊंचाई पर ठंड के दौरान इन्का लोगों ने सूखे आलू का उत्पादन शुरू किया जिन्हें कुन कहा जाता था.

The Incas, largest Native American Empire. (Pic: Freeman-pedia)

इन्का लोगों के जीवन के कई पहलुओं पर आज भी रहस्य बना हुआ है.

ऐसा माना जाता है कि सन 1532 ई. में मशहूर स्पेनिश लुटेरे और आक्रमणकारी फ्रांसिस्को पिस्जारो ने इन्का साम्राज्य का खात्मा कर दिया था.

वहीं दूसरा मत यह कहता है कि कि यूरोपीय आक्रमणकारियों द्वारा अनजाने में फैलायी गई चेचक बीमारी के कारण लगभग 90 प्रतिशत इन्का सभ्यता समाप्त हो गई.

खैर, जो भी हो इस सभ्यता ने अपनी अर्थव्यवस्था को लेकर जिस तरह की नीतियां बनाईं और जिस तरह से उनको सही दिशा में आगे बढ़ाया वह हमेशा प्रासंगिक रहेगा.

क्यों सही कहा न?

Web Title: Inca Empire: Ancient American Civilization with Most Successful Economic System So Far, Hindi Article

Featured Image Credit: awakening for all