17वीं शताब्दी में जब महिलाओं को समाज में पुरुषों से काफी पीछे समझा जाता था. किसी इलाके को संभालने के लिए सिर्फ पुरुषों को उचित माना जाता था. तब ‘एनदोंगो’ और ‘मतांबा’ की रानी एनजिंगा एमबांदी ने इस भ्रम को तोड़ने का काम किया.

बावजूद इसके उन्हें इतिहास ने अपनी क्रूरता के लिए भी याद रखा है. कहा जाता है वह अपने साथी पुरुषों के साथ यौन संबंध बनाती थीं और फिर, उन्हें बेरहमी से मौत के घाट उतार देती थीं. यही नहीं उनके बारे में यह भी प्रचलित है कि उन्होनें अपने सगे भाई की भी हत्या करवा दी थी.

तो आईए जानने की कोशिश करते हैं कि आखिर क्या थी रानी एनजिंगा एमबांदी की असल कहानी-

बचपन से दुश्मनों से किया संघर्ष

एनजिंगा एमबांदी का जन्म दक्षिण अफ़्रीका के एनदोंगो में हुआ था. उनके पिता का नाम किंग एमबांदी किलुंजी था, जोकि एमबांदू लोगों के नेता थें. एनजिंगा का एक भाई भी था, जिसका नाम एनगोला एमबांदी था.

उनका बचपन संघर्ष में बीता था. लूट की फ़िराक में आए पुर्तगालियों ने एनदोंगो पर हमला किया था, लेकिन उनके हाथ कुछ नहीं लगा. ऐसी स्थिति में वे ब्राज़ील की ओर रवाना हो गए थे. इस दौरान एनजिंगा ने अपने पिता के साथ पुर्तगाली हमलावरों से संघर्ष किया था.

उनके पिता की मौत के बाद अब सत्ता की कमान उनके भाई के हाथों में आ गयी, किन्तु सत्ता पर काबिज़ एनगोला अपना कुछ ख़ास कमाल नहीं दिखा पा रहे थे. वो अपने पिता की तरह मजबूत नेता और अपनी बहन की तरह बुद्धिमान साबित नहीं हुआ.

इस बात को एनगोला भी अच्छे से जानते थें. लिहाज़ा उन्हें इस बात का शक होने लगा कि उनकी बहन कुछ करीबियों के साथ मिली हुई है, जो उनके खिलाफ कुछ साज़िश रच रही है. बस इसी के चलते उन्होंने अपनी सगी बहन के बेटे को ही मौत की सजा भी सुनाई थी.

A Statue of Queen Nzinga Mbande (Pic: afrika)

शान्ति के लिए 'लुआंडा' की यात्रा

एनगोला यूरोपियन हमले से मुकाबला नहीं कर पा रहे थे. ऐसे में उन्होंने एनजिंगा के साथ अपना शासन आधा-आधा बांट लिया. एनजिंगा, पुर्तगाली भाषा की भी जानकार थी. साथ ही, एक बेहद कमाल की रणनीतिकार थी. उन्होंने यह भाषा पुर्तगाली मिशनरियों से सीखी थी.

उनके इस हुनर का कमाल कई बार देखने को मिला. खासकर, जब वह पुर्तगाली गवर्नर जोआओ से मिलने लुआंडा पहुँची. उन्होंने पहली बार, श्वेत और अश्वेत लोग एक साथ देखे थे. वहाँ उन्होंने देखा कि कैसे लुआंडा में लोगों को गुलाम बना कर रखा जाता है.

इन गुलामों की हालत बहुत ख़राब थी, जिसे  देखकर एनजिंगा काफी द्रवित हुई!

एक मुखिया के तौर पर लुआंडा  पहुंची एनजिंगा को तब बड़ा झटका लगा, जब उन्हें नीचे बैठकर बात करने को कहा गया. अपनी मुखिया का हाल देखरकर, एनजिंगा का नौकर कुर्सी के अंदाज में उनके सामने बैठ गया. इसके बाद वह उसकी पीठ पर बैठ गयीं.

इस तरह वो, गवर्नर के आमने-सामने  थीं. उन्होंने साफ कर दिया था कि वह गुलामों की तरह नहीं, बल्कि बराबरी की बात करने आई हैं. आगे उन्होंने अपनी समस्या को  सुलझाने के लिए पुर्तगालियों से बातचीत की, जोकि सफल रही.

एनजिंगा, उन्हें अपनी ज़मीन छोड़ने के लिए मनाने में सफल हो गयी.

पुर्तगालियों ने व्यापार के लिए रास्ता देने की शर्त पर यह समझौता किया था. कुछ दिन तो सब ठीक रहा, लेकिन बाद में पुर्तगालियों ने अपना रंग दिखा दिया. बाद में वे इससे पलट गए थे और एक बार फिर संघर्ष शुरू हो गया.

Queen Nzinga Mbande While Sitting on his Servant’s Back (Representative Pic: dw.com)

भाई की हत्या के लगे आरोप

एनजिंगा एमबांदी,  ‘एनदोंगो’ और ‘मतांबा’ की पहली रानी बनी थीं!

कहा जाता है कि 1624 से ही उनके भाई ने एनदोंगो छोड़ दिया था. उनका भाई जाकर एक द्वीप पर रहने लगा था, जहां उसकी मौत हो गयी थी.

वैसे, उनके भाई की मौत के बारे में भी कई तरह की कहानियाँ हैं. एक कहानी के अनुसार, एनजिंगा ने अपने भाई की हत्या करवा दी थी. वहीं दूसरी ओर ये भी कहा जाता है कि एनगोला ने आत्महत्या कर ली थी.

खैर, एनजिंगा एक अच्छी नेता थी. उन्होंने अपने पड़ोसी राज्य पर भी अधिकार जमा लिया था. इसके अलावा उन्होंने अपने इलाकों की रक्षा भी बहुत अच्छे से की थी. यही नहीं उन्होंने पुर्तगालियों से लड़ाई की और डचों के साथ दोस्ती की.

इस कारण मौके पर उन्हें उनसे मदद मिल जाती थी. 

Ndongo and Portuguese Army During a Clash (Representative Pic: ranker)

यौन संबंध के बाद पुरुष साथी को मौत

‘द फ़िलॉसोफ़ी ऑफ़ द ड्रेसिंग टेबल’ (किताब) के अनुसार, एनजिंगा सेक्स करने के बाद पुरुषों को मार देती थीं. इसे फ्रांसीसी दार्शनिक मार्किस दे सादे ने लिखा था. यह इतालवी मिशनरी गिओवनी कावेज़ी की कहानियों पर आधारित थी.

कहते हैं, वह अपने हरम के पुरुषों को महिलाओं के कपड़े पहनने को देती थीं. उनके हरम को चिबदोस  कहा जाता था. वह हर दिन एक नए पुरुष के साथ यौन संबंध बनाती थी. पुरुषों को इसके लिए लड़ाई करनी होती थी. जीतने वाले पुरुष के साथ रानी संबंध बनाती थी, वहीं हारने वाले पुरुष को इनाम में मिलती थी मौत. वह उन्हें, अगली सुबह ज़िंदा जलाकर मरवा देती थीं. 

कहते हैं उसका यह सिलसिला जब तक चलता रहा, जब तक 1661 में उन्होंने अपनी आंखें हमेशा के मूंद लीं.

हालांकि, इस बारे में बहुत सी कहानियां मौजूद हैं. कई इतिहास कार इसे गलत भी मानते है, तो कई इसका समर्थन करते हैं. 

ऐसे में सच क्या है, यह एक खोज का विषय है...

Queen Nzinga Mbande During Her Battle (Representative Pic: rfi)

बहरहाल, एनजिंगा को लेकर प्रचिलत किस्से भले ही उसे हत्यारिन और विलासी औरत बताए.

किन्तु उनके जीवन का एक पहलू यह भी है कि उन्होंने अफ्रीका में यूरोप उपनिवेशवाद के खिलाफ 17वीं शताब्दी में जंग छेड़ी थी. साथ ही अपनी बुद्धिमत्ता और अपने नेतृत्व से न सिर्फ अपने इलाके में राज किया था, बल्कि अपने पड़ोसी राज्यों पर भी विजय हासिल की थी.

Web Title: Nzinga Mbande: AQueen Who kills Her Male Sex Partners, Hindi Article

Feature Image Credit: face2faceafrica