फलारिस यूनान का एक ऐसा राजा था, जिसने गद्दी पर बैठते ही आतंक मचाना शुरु कर दिया था. वह इतिहास के सबसे क्रूर राजाओं में से गिना जाता है. कहते हैं कि लोगों को मारना उसका शौक बन गया था. लोगों को मारने के लिए वह तरह-तरह के तरीकों को अपनाता था. अपने समय में उसने एक तांबे का पात्र बनवाया था, जिसके अंदर वह लोगों को बंद करके उन्हें यातनाएं देता था. यह पात्र ‘खूनी बैल’ के नाम से कुख्यात था. तो आईये आज फलारिस और उसके ‘खूनी बैल’ को जरा नजदीक से जानने की कोशिश करते हैं:

आतंक का दूसरा नाम था ‘फलारिस’

फलारिस (Link In English) एक शैतानी दिमाग वाला इंसान माना जाता था. उसके सिर पर हर समय एक अलग ही जुनून सवार रहता था. अपने आगे वह किसी को कुछ नहीं समझता था. राजा बनने के बाद तो वह बेलगाम ही हो गया था. अपनी ताकत को वह गलत तरीके से इस्तेमाल करने लगा था. महज मनोरंजन के लिए वह लोगों को मौत के घाट उतार देता था. लोगों के दिलों में फलारिस, आतंक का दूसरा नाम बन चुका था. आम लोग उसके सामने से गुजरने से भी डरते थे.

इसके बावजूद भी उसका मन नहीं भरा तो वह लोगों को मारने के नए-नए तरीके इजाद करने लगा था. इसी क्रम में उसने एक दिन इलाके के सबसे बेहतर तांबे के कारीगर को बुलाया. (Link In English) जैसे ही उस कारीगर को फलारिस के सामने पेश किया गया, वह डर गया. वह कांंपने लगा, पर मरता क्या न करता. उसे फलारिस के सामने आना ही पड़ा. जैसे ही वह फलारिस के पास पहुंचा, उसने बुलंद आवाज में कहा, सुना है तुम तांबे के सबसे कुशल कारीगर हो. उसने दबी हुई आवाज में कहा, जी जनाब!

मौत बांटने के लिए बनवाया खास औजार

फलारिस ने कहा डरो मत. मैं चाहता हूं कि तुम मेरे लिए एक खूनी औजार बनाओ. उसने अपने पास खड़े सिपाही से कहा, इसको विस्तार से बता दो इसे क्या बनाना है. यह कहते हुए उसने दोबारा कारीगर को टोकते हुए कहा, सुनो यह औजार ऐसा होना चाहिए, जिसके नाम भर से लोगों की रुह कांप जाये. कारीगर का मन नहीं था इस हथियार को बनाने का, लेकिन मना करने पर फलारिस उसे मौत दे देता, इसलिए उसने हां कर दी.

फलारिस एक तांबे का बड़ा बैल चाहता था. वह इसके अंदर लोगों को कैद करके यातनाएं देना चाहता था. फलारिस की योजना थी कि वह लोगों को इस तांबे के बने बैल में पहले बंद करेगा,  फिर बाहर से आग लगा देगा. वह मरते हुए लोगों की चीखें सुनना चाहता था.

फलारिस का आदेश मानते हुए कारीगर ने उसके मुताबिक तांबे का बैल बनाना शुरु कर दिया. जलते अंगारों में उसने पहले तांबे का आकार बदला और उसे बैल का आकार देना शुरु कर दिया. दिन-रात की मेहनत के बाद आखिरकार वह फलारिस के मन का ‘बैल’ बनाने में सफल रहा. फलारिस ने जैसे ही इसको देखा वह खुश हो गया.

Phalaris And His Brazen Bull (Pic: factinate.com)

कारीगर को ही बनाया पहला शिकार

तांबा कारीगर अभी भी डरा हुआ था. उसे लग रहा था कि अगर इस औजार में किसी प्रकार की कोई कमी हुई तो फलारिस उसे जिंदा नहीं छोड़ेगा. धीरे-धीरे फलारिस को हंसते देख उसने राहत की सांस लीं. उसे लगने लगा था कि उसे इस काम के लिए फलारिस इनाम जरुर देगा. वह कुछ कहता इससे पहले फलारिस ने उससे कहा, तुमने बहुत शानदार औजार बनाया है, लेकिन यह काम कैसे करेगा? यह कौन बताएगा? कारीगर ने उसे बताया जनाब आप इसके अंदर किसी भी व्यक्ति को डालकर बंद कर सकते हैं. फिर बाहर से आग लगा दीजिए. धीरे-धीरे यह ‘बैल’ गर्म होगा. इसके ताप से कैदी तड़फ-तड़फ कर मरने के लिए मजबूर हो जायेगा. वह जोर-जोर से चिल्लायेगा, लेकिन उसकी आवाज आपको किसी बैल की आवाज जैसी लगेगी.

यह सुनते ही फलारिस के अंदर जिज्ञासा जाग गई. वह उसी वक़्त उस बैल का कारनामा देखना चाहता था. (Link In English) अब परेशानी यह थी कि वह अंदर भेजे किसे? उसने थोड़ी देर विचार किया फिर चतुराई के साथ कारीगर से कहा कि वह एक बार अंदर जाकर दिखाए.

कारीगर इस चाल को समझ नहीं पाया और अंदर चला गया. उसके अंदर जाते ही बाहर से बैल को बंद कर दिया गया था. कारीगर कोशिश करता रहा मगर किसी ने उसे नहीं खोला. फलारिस ने तुरंत ही बैल के नीचे आग जलवा दी. कारीगर अंदर जलने लगा. गर्म होता तांबा कारीगर की खाल को खुद पर चिपका रहा था. वह दर्द से चिल्लाया तो बैल में से आवाज आने लगी. फलारिस यह देख कर बहुत खुश होने लगा. कारीगर को उम्मीद भी नहीं थी कि वह अपनी ही बनाई चीज का शिकार होगा.

जारी रहा मौत का घिनौना खेल

खूनी बैल का चस्का लगने के बाद तो फलारिस रुका ही नहीं. (Link In English) उसने अपने इलाके में कानून बना दिया था कि हर गुनहगार को इस बैल से ही मारा जाएगा. इस बहाने वह सबको सजा भी दे देता और अपना मनोरंजन भी कर लेता. एक-एक कर उसने कई लोगों को इसकी सजा दी. अंदर लोगों की जिंदगियां जा रही थीं और बाहर सब उसका आनंद ले रहे थे. थोड़े ही समय में यह एक आम चीज बन गया. हर छोटी-बड़ी गलती के लिए इसकी ही सजा मिलती थी. कभी-कभी तो पूरे परिवार को इस बैल के अंदर जला दिया जाता था.

दूसरे लोगों को भी मजबूरन इस उत्पीड़न को देखना पड़ता था. कोई भी अपने राजा के खिलाफ कुछ भी कहने से डरता था. वक्त के साथ-साथ मौत का यह खेल बढ़ता गया. लाशों के ढ़ेर लगने लगे. फलारिस को किसी बात से कोई फर्क नहीं पड़ता था. वह अपने मनोरंजन में ही मग्न रहता था. कहते हैं कि जब लोग पूरी तरह जल जाया करते थे तो फिलारिस उनकी हड्डियों से अपने लिए आभूषण बनवाता था.

Phalaris And His Brazen Bull (Pic: thrillist.com)

अपना ही हथियार बना मौत का सबब

फलारिस के लिए सब कुछ ठीक चल रहा था, तभी वक़्त बदला. उसके राज्य पर खतरा मंडराने लगा. एक दूसरे राजा ने उसके राज्य को हथियाने के लिए उस पर हमला कर दिया. इस जंग में फलारिस हार गया और पकड़ा गया. अंत में उसका बनावाया हुआ खास औजार ‘बैल’ उसकी मौत का सबब बना.

चूंकि, लोग फलारिस को उसके अंदर जलते देखना चाहते थे, इसलिए उसको उसमें डाल दिया गया. आग लगाते ही ‘बैल’ से आवाज आने लगी. लोगों की पीड़ा पर हंसने वाला चीखें मार रहा था. हर गुजरते पल के साथ उसका दर्द बढ़ता जा रहा था. कहते हैं कि उस दिन वह बैल ने आखिरी बार आवाज निकाली थी. (Link In English)

Phalaris And His Brazen Bull (Pic: mfa.org)

जिस तरह से फलारिस अपने ही औजार के शिकार हुआ, वह इस कहावत को चरितार्थ करता है कि अक्सर जो लोग दूसरों के लिए गढ्ढा खोदते हैं. अक्सर वह ही उस गढ्ढे में घर जाते हैं. ऐसे लोग मानवता के लिए हमेशा कलंक ही कहे जायेंगे. आखिर बुराई का अंत बुरा ही होता है.

Web Title: Phalaris And His Brazen Bull, Hindi Article

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