यूं तो ईवान चतुर्थ वसीलयेविच (Link in English) को रुस के साम्राज्य विस्तार के लिए जाना जाता है, पर उसके क्रोध और पागलपन के किस्से भी बहुत मशहूर रहे. बताते हैं कि उसने गुस्से में आकर अपने ही बेटे को मार डाला था. शायद यही कारण था कि वह ईवान भयानक (दी टेरिबल) के नाम से मशहूर हुआ. तो आईये जानते हैं इस राजा के अन्य पहलुओं को:

कम उम्र में खो दिए मां-बाप

ईवान मास्को का रहना वाला था. वह महज तीन साल का था, जब उसके पिता की मौत हो गई थी. पिता की मौत के बाद उसकी मां ने राज्य की बागडोर अपने हाथों में ली. कुछ सालों में बाद जब मां की भी मौत हो गई तो ईवान ने सत्ता अपने हाथों में ले ली. 1547 में, सोलह साल की उम्र में, इवान सिंहासन पर बैठ गया. छोटी सी उम्र में उसने बहुत कुछ देख लिया था, इसलिए उसने खुद को पूरी तरह अपने राज्य के विस्तार में लगा दिया. उसके दो ही प्रमुख लक्ष्य थे. पहला मंगोल का विरोध करना और दूसरा बाल्टिक सागर तक अपना विस्तार करना.

ईवान ने अपने शासन काल में रूस के लिए कई सारे बदलाव किये. उसके इन बदलावों ने गहरा असर छोड़ना शुरु कर दिया था. इस सबके बाद भी वह खुद को अकेला महसूस कर रहा था. जबकि, वह अब एक राज्य का राजा था. उसके पास ढ़ेर सारे नौकर थे. एक बड़ी सेना थी, पर उसकी आंखें किसी खास व्यक्ति को ढूढ़ रही थीं, जिससे वह अपना अकेलापन बांट सके. यही कारण था कि सिंहासन पर बैठने के कुछ वक्त बाद ही वह शादी के बंधन में बंध गया.

Story of Ivan The Terrible (Pic: ranker.com)

पत्नी की मौत ने पागल किया!

रोमनोवन (Link in English) उनकी पत्नी बनीं, तो उसने एक सुखी जीवन जीना शुरु कर दिया. रोमनोवन से उसे छह बच्चे प्राप्त हुए. वह बहुत खुश था, इसी बीच रोमनोवन अचानक गंभीर रुप से बीमार रहने लगी. ईवान ने उनकी देख-रेख के लिए डॉक्टरों की लाइन लगा दी, पर उनकी तबीयत में कोई सुधार नहीं हुआ. आखिरकार, रोमनोवन ने ईवान को हमेशा के लिए अलविदा कह दिया. रोमनोवन की मौत ने ईवान को पागल सा कर दिया. उसको आंशका थी कि शायद उसकी पत्नी को किसी ने जहर दिया था.

वह पहले से ही बहुत गुस्से में था इसी बीच उसके विरोधियों ने उस पर हमला बोल दिया. यह हमला उनको बहुत भारी पड़ा. गुस्से से लाल ईवान ने खून की नदियां बहा दीं. उसके रास्ते में जो भी आया उसने उसे मार दिया. कई बेगुनाह उसके गुस्से का शिकार हुए.

रोमनोवन की मौत के बाद, मारिया ने उनके जीवन में इंट्री ली. वह उत्तरी-पश्चिमी कोकेशियान जातीय समूह की नेता थी. दोनों करीब आए और फिर शादी कर ली. हालांकि, लोग इस रिश्ते से खुश नहीं थे. उनका मानना था कि मारिया ईवान के लायक नहीं थी. मारिया से ईवान को एक बेटा भी हुआ था. 8 साल के लंबे रिश्ते के बाद मारिया का निधन हो गया.

यहीं नहीं रुका शादियों का सिलसिला

अपनी तीसरी शादी (Link in English) के लिए ईवान ने एक जलसा बुलाया. इस जलसे में 2,000 से ज्यादा महिलाएं उससे शादी करने के लिए शामिल हुईं. अंत में, मारफा सोबाकीना रूस की नई सम्राज्ञी बनी. माना जा रहा था कि ईवान का रिश्ता चलेगा, लेकिन पहली पत्नी की तरह सोबाकीना भी पहले गंभीर रुस से बीमार हुई फिर मृत्यु को प्राप्त हुई.

चूंकि पहली तीनों रानियों की मौत के पीछे जहर देने की आशंका थी, इसलिए इस बार ईवान अपनी रानी चुनने से पहले बहुत सावधानी रखना चाहता था. इससे विवाह के लिए कुछ रीति-रिवाजों के कारण ईवान को कई अवरोध भी देखने को मिले, पर वह कहां मानने वाला था. उसने सभी रिवाजों को नजर अंदाज करते हुए शादी कर ली. इस तरह ऐना कोल्तोव्स्काया उनकी चौथी पत्नी बनीं. दो साल की शादी के बाद, ऐना के गर्भ में कोई बच्चा नहीं था इसलिए ईवान ने उसे आश्रम भेज दिया था. वहीं उसकी मौत हो गई थी.

Ivan the terrible with his Wife (Pic: royalinsight.net)

अपनी चौथी पत्नी की तरह ही ईवान ने अन्ना वासिलिकिकोवा से शादी रचाई थी. बाद में किसी को लेकर उसका अन्ना से भी मोह भंग हो गया तो उसने उसे कैद में भेज दिया. माना जाता है कि वहां उसने विरोध जताया तो उसे हिंसक मृत्यु दे दी गई. अन्ना के बाद वसिलिसा मेलेनटेयवा ईवान की पांचवी पत्नी बनी. वह एक विधवा थी, लेकिन उनकी सुंदरता के कारण ईवान ने उन्हें अपनी पत्नी बनाने का मन बना डाला. 1579 में दोनों ने शादी कर ली. किन्तु इस बार भी ईवान की किस्मत ने धोखा दिया. वसलिसा को किसी और के साथ प्रेम संबंधों में पकड़े जाने के बाद उसने उन्हें कैद दे दी. कुछ महीनों बाद खबर आई कि उनकी मौत हो गई. माना जाता है कि ईवान के इशारे पर ही उनको मौत दी गई थी.

1580 में मारिया डोलगोरुयाया ईवान की सातवीं पत्नी बनीं. वह मॉस्को के एक शाही घराने से आती थीं. यही कारण था कि ईवान ने उन्हें स्वीकार किया था. यह रिश्ता ईवान के लिए ठीक था, लेकिन शादी के महज कुछ दिनों बाद वह किसी और के प्यार में पड़ गया. इस कारण उसने अपनी सातवीं पत्नी को भी रास्ते से हटा दिया. इसी कड़ी में मारिया नागाया उसकी आठवीं और अंतिम पत्नी बनीं थी, जिनसे ईवान को एक पुत्र की प्राप्ति भी हुई थी.

अपना ही बेटा बना जब दुश्मन…

एक दिन ईवान अपने महल में पहुंचा तो उसने देखा कि उसके बेटे की पत्नी (Link in English) एक खास किस्म की पोशाक पहने हुए है. वह इस तरह की पोशाक के खिलाफ था. उसने कठोरता से उसे इन्हें दोबारा न पहने का आदेश दिया. उसकी बहू को यह व्यवहार ठीक नहीं लगा. उसने झगड़ा शुरु कर दिया. ईवान ने इसका कठोरता से जवाब दिया. बहू इस कठोरता को सहन नहीं कर सकी. बाद में यह उसके गर्भपात का कारण बना.

इस घटना के कारण पिता-पुत्र के बीच मतभेद हो गया. वह पिता का हर जगह विरोध करने लगा. इस बीच एक दिन दोनों के बीच गहमागहमी हो गई. ईवान ने उसके सिर पर अपने हथियार से वार कर दिया. बेटा इस प्रहार को नहीं झेल पाया और जमीन पर गिर गया. उसके सिर से तेजी से खून बह रहा था. यह देखकर ईवान द्रवित हो उठा. उसे एहसास हो चुका था कि उससे बड़ी गलती हो गई थी. उसने नीचे पड़े अपने बेटे को गले लगाया, प्यार से उसका माथा चूमने लगा.

Ivan the terrible with his son (Pic: en.wikipedia.org)

वह बार-बार अपने बेटे से उठने के लिए कह रहा था, लेकिन उसका बेटा मर चुका था. ईवान का विलाप बढ़ गया. वह आंसुओं के बीच बार-बार कह रहा था ‘मुझे खत्म कर दो, मैंने अपने बेटे को मार डाला! मैंने अपने बेटे को मार डाला!’ अंतत: 28 मार्च 1584 को ईवान का चैप्टर हमेशा के लिए क्लोज हो गया. वह शतरंज खेलते हुए मौत को प्राप्त हुआ.

Web Title: Story of Ivan The Terrible, Hindi Article

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