बॉलीवुड की फिल्मों में और कई गानों में एक ड्रिंक का नाम कई बार लिया जाता है. शराब से जुड़ी ये इंडिया की एक काफी प्रसिद्ध ड्रिंक है. इस ड्रिंक का नाम कुछ और नहीं बल्कि 'पटियाला पेग' है.

शराब पीने वालों के बीच प्रसिद्ध पटियाला पेग का नाम अधिकांश लोगों ने सुना है मगर ये नाम कैसे आया ये कहानी हर किसी को मालूम नहीं. 

पटियाला पेग बॉलीवुड की नहीं बल्कि पटियाला के महाराजा भूपिंदर सिंह की देन माना जाता है. इतना ही नहीं कहते हैं कि, जब उन्होंने आयरिश खिलाड़ियों को ये ड्रिंक पिलाई, तो उनके तोते उड़ गए!

तो चलिए आज जानते हैं कि आखिर कैसे शुरू हुआ पटियाला पेग का सिलसिला–

पोलो और लक्ज़री के बीच बीतती थी भूपिंदर सिंह की जिंदगी...

ये वक्त था भारत की गुलामी का. अंग्रेजों की हुकूमत भारत पर थी और लोगों के जीने के तरीके पर भी उन्होंने कई तरह की रोक लगा रखी थीं. 

हालांकि, पंजाब के पटियाला के एक राजा ऐसे थे जिनकी लक्ज़री लाइफ कभी भी अंग्रेजों के आगे नहीं रुकी. उनका नाम था महाराजा भूपिंदर सिंह. 

महाराजा भूपिंदर सिंह अपनी लक्ज़री लाइफ के लिए भारतीयों से लेकर अंग्रेजों तक के बीच प्रसिद्ध थे. महंगी गाड़ियाँ, स्टाइलिश कपड़े, बेशकीमती आभूषण और 300 से ज्यादा अत्यंत खूबसूरत रानियाँ, महाराजा भूपिंदर के पास थीं. 

इतना ही नहीं भूपिंदर सिंह को खेलने का भी बहुत शौक था. माना जाता है कि वह पोलो बहुत खेला करते थे और उनके पास सिख योद्धाओं वाली एक पोलो टीम भी थी. 

ये कोई आम पोलो टीम नहीं थी. इसमें खेलने वाले हर एक खिलाड़ी की एक अलग पहचान थी. जब यह टीम मैदान में उतरती थी, तो पूरे भारत की कोई और पोलो टीम इनके आगे टिक नहीं पाती थी. 

उन दिनों भूपिंदर सिंह एक अलग ही तरह का पोलो खेलने के लिए भी जाने जाते थे. उस गेम का नाम था 'स्कल पेग्गिंग'. 

ये खेल भूपिंदर सिंह की टीम अपने मर चुके दुश्मनों के सिर के कंकाल से खेलती थी! वह दुश्मन के सिरों को मैदान में रखते और फिर उसे उठाने का खेल खेला जाता था. इसके कारण भी उनकी टीम का नाम हर जगह फैला हुआ था. 

इस बात की खबर आयरिश पोलो टीम को लगी. उन्होंने जब भूपिंदर सिंह की टीम के बारे में सुना तो सोच लिया कि उनके साथ एक मुकाबला करके रहेंगे. 

इसके कुछ वक्त बाद ही भूपिंदर सिंह को पटियाला में आयरिश टीम के साथ एक फ्रेंडली-पोलो मैच खेलने का निमंत्रण मिला. भूपिंदर सिंह ने ज्यादा कुछ नहीं सोचा और आयरिश टीम को भारत आने के लिए कह दिया. 

Maharaja Bhupinder Singh Was Known For His Luxury Life (Pic: wikipedia)

आयरिश टीम जितनी शराब कोई नहीं पी सकता!

महाराजा भूपिंदर सिंह ने एक बार जैसे ही मुकाबले के लिए हाँ कहा हर तरफ बातें चलने लगीं. आयरिश टीम को किसी ने नहीं देखा था. कोई नहीं जानता था कि आखिर उनका खेल कितना अच्छा है. 

हाँ, उनके बारे में उड़ती-उड़ती ख़बरें आती थीं कि उनके जैसी पोलो की कोई और टीम नहीं है. लंबे और विशाल शरीर वाले आयरिश प्लेयर्स का खौफ हर किसी को था. 

हालांकि, महाराजा भूपिंदर सिंह ने किसी का खौफ नहीं रखा. वह तो बस इंतज़ार कर रहे थे आयरिश टीम का उनके पटियाला के महल में आने का. 

कुछ वक्त गुजरा तो, आयरिश टीम भूपिंदर सिंह के महल में पहुंची. वहां पर उन्हें शाही मेहमानों की तरह रखा गया. कहते हैं कि उस समय भूपिंदर सिंह के महल में रोज रात को महफ़िल लगा करती थी.

हर कोई हाथों में जाम लिए हुए होता था. ऐसी ही एक महफ़िल में आयरिश टीम के प्लेयर्स भी मौजूद थे. कहते हैं कि उन दिनों आयरिश खिलाड़ियों की एक बात बहुत प्रसिद्ध थी. 

वह बात थी कि वह लोग पूरी रात शराब पीने के बाद भी सुबह बिलकुल सही हालत में उठते थे. किसी देश की ऐसी शराब ही नहीं थी जिसका उनपर असर होता. 

उनकी इस बात को सुनकर महफ़िल के लोगों को लगने लगा कि सच में आयरिश से ज्यादा कोई नहीं पी सकता. इतना ही नहीं कहते हैं कि इसके बाद भूपिंदर सिंह के कई खिलाड़ी आयरिश से मैच हारने की बात भी सोचने लगे थे.

उन्हें लगने लगा था कि आयरिश खिलाड़ी बहुत ताकतवर हैं और उन्हें हराना नामुमकिन है. ये बात भूपिंदर सिंह को पता चली, तो उन्हें ये खुद की तौहीन लगी. 

वह यह मानने के लिए तैयार ही नहीं थे कि वह गोरे खिलाड़ी कितनी भी शराब को झेल जाते हैं. इसके बाद भूपिंदर सिंह आए और आयरिश खिलाड़ियों के लिए एक नए ड्रिंक की पेशकश की. 

इस ड्रिंक का अभी कोई नाम नहीं रखा गया था. इसका साइज़ बाकि किसी भी ड्रिंक से दोगुना था. इसके बाद आयरिश खिलाड़ियों ने अपनी ताकात दिखाने के लिए बिना कुछ सोचे शराब पीना शुरू कर दिया. 

कहते हैं कि उस रात आयरिश खिलाड़ियों ने इतनी शराब पी कि जब वह सुबह उठे तो वह होश में ही नहीं थे. शराब उनके शरीर में इस तरह से मिल चुकी थी कि वह ठीक ही नहीं हो पा रहे थे. 

Irish Players Was Famous For Their Drinking Habits (Representative Pic: gqindia)

हाँ, पटियाला में पेग बड़े होते हैं!

आयरिश टीम इतने ज्यादा नशे में थी कि वह खेलने की हिम्मत भी नहीं कर पा रही थी. हालांकि, अपनी इज्ज़त बचाने के लिए उन्हें किसी भी कीमत पर खेलना तो जरूर था. 

जैसे-कैसे आयरिश टीम ने अपनी थोड़ी सी हालत सुधारी और पोलो का मैच खेलने के लिए खुद को तैयार किया. हालांकि, वहीं दूसरी ओर वही जानते थे कि उनकी हालत कैसी थी. 

थोड़ी ही देर में आयरिश टीम मैदान में पहुंची और साथ ही उनके महाराजा भूपिंदर सिंह की टीम भी. दोनों ही टीम आपने-सामने थी एक फ्रेंडली मैच के लिए मगर ये फ्रेंडली मैच में दोनों की ही इज्ज़त दांव पर लगी हुई थी. 

मैच शुरू हुआ और शुरुआत से ही भूपिंदर सिंह की टीम आयरिश टीम से आगे रही. आयरिश टीम खुद को संभाल ही नहीं पा रही थी. आखिर में वही हुआ जिसका आयरिश टीम को डर था. 

महाराजा भूपिंदर सिंह की टीम ने उन्हें हरा दिया, वह भी काफी बुरी तरह से! आयरिश टीम को यह हार सीधा दिल पर लगी. उन्हें यह कबूल ही नहीं था कि वह ऐसे कैसे हार गए. 

इसके बाद उन्होंने महाराजा भूपिंदर सिंह पर इलज़ाम लगाया कि उन्होंने आयरिश टीम के पेग काफी बड़े बनाए थे. इसके कारण ही उनकी टीम की हालत खराब हो गई और वह जीत नहीं पाए. 

इसके जवाब में महाराजा भूपिंदर सिंह ने कहा 'हाँ, पटियाला में हमारे पेग बड़े होते हैं!'. ये सुनने के बाद किसी ने भी भूपिंदर सिंह से कुछ और नहीं कहा. उस दिन के बाद से ही 'पटियाला पेग' का भी जन्म हुआ. 

इसके बाद हर कोई समझ गया कि पटियाला पेग एक ऐसी ड्रिंक है, जिसे सिर्फ बहुत कम ही लोग हजम कर सकते हैं. उस दिन के बाद से यह लगातार मशहूर होती गई.

Indian's Won The Tent Pegging Game Against Irish Team (Pic: defensepk)

आज क्लब से लेकर गानों तक हर जगह पटियाला पेग का नाम फैल चुका है. युवाओं के बीच तो यह खासा प्रसिद्ध है. अब पटियाला पेग की एक निर्धारित मात्रा हो चुकी है. अब इसे 120ml की मात्रा में दिया जाता है. हालांकि, शराब के मामले में इतनी मात्रा का पेग पीना बहुत बड़ी बात मानी जाती है. बहुत कम ही लोग इसे पीते और उससे भी कम ही इसे झेल पाते हैं. पटियाला पेग की ये कहानी आपको कैसी लगी कमेंट बॉक्स में हमें जरूर बताएं. 

WebTitle: History Of Patiala Peg, Hindi Article

Feature Image: jfcfoodconsulting