‘लिओनार्दो दा विंची’ (Link In English) इतिहास में दर्ज वह नाम है, जिनकी सोच के दायरे को जानकर आप भी हैरान हो सकते हैं. अधिकतर लोग लिओनार्दो को एक चित्रकार के तौर पर जानते हैं. इसके पीछे वाजिब कारण भी है. उनकी बनाई पेंटिंग ‘मोनालिसा’ तो विश्व प्रसिद्ध है ही, किंतु वह असल जिंदगी में एक नामी वैज्ञानिक से कम नहीं थे. उनका जीवन आम नहीं रहा. वह अपने रोचक और रहस्यमय जीवन के लिए खासा मशहूर रहे. तो आईये जानते हैं इनके बारे में विस्तार से:

बचपन में हो गया था कला से प्यार

लिओनार्दो 1452 में (Link In English) इटली में पैदा हुए थे. पिता पेशे से वकील थे. घर की आर्थिक स्थिति शुरु से मजबूत रही, बावजूद इसके दुर्भाग्य से लिओनार्दो स्कूल नहीं जा पाए. पढ़ाई के नाम पर उन्होंने जो भी पढ़ा सब घर पर ही पढ़ा. वह थोड़ा बड़े हुए तो उन्होंने देखा कि इटली में कलाकारों की बहुत इज्जत होती थी. इसी से प्रेरित होकर उन्होंने पेंटिंग बनाना सीखना शुरु कर दिया. पिता की मदद से वह एक पेंटर के साथ हेल्पर बन गये.

पेंटर के साथ लिओनार्दो ने वह दुनिया देखी, जिसके तहत वह एक दिन राजा बनने वाले थे. पेंटिंग को लिओनार्दो मानो जैसे घोलकर पीने लगे. तेजी से उन्होंंने पेंटिग के सारे गुर सीख लिए थे. धीरे-धीरे उनके हाथ में सफाई आने लगी थी. माना जाता है कि लिओनार्दो को पेंटिंग के साथ-साथ ड्राइंग करने में भी मजा आता था. यह उनके लिए वरदान साबित हुआ. वह दुनिया के सामने अपनी कला के नमूने पेश करने लगे.

इसके चलते उन्हें बड़ी-बड़ी पेंटिग सोसाइटी से उनकी पेंटिग के प्रदर्शन के लिए न्यौता आने लगे थे. पर वह अपने मालिक के लिए ईमानदार थे. एक बार तो उन्हें बहुत बड़ी पेंटिग सोसाइटी से न्योता आया था, लेकिन उन्होंंने उसे नकार दिया था. उन्होंंने न्योते के जवाब में कहा था कि अभी मेरे गुरु ही सब कुछ हैं. वैसे भी मुझे अभी बहुत कुछ सीखना बाकी है.

The Great Mind Leonardo da Vinci (Pic: videoblocks.com)

काम में पूरी तरह डूब चुके थे

कुछ वक्त बाद लिओनार्दो पूरी तरह पेंटिग के काम में पारंगत हो गए थे. उनकी बनाई पेंटिंग और मूर्तियों की काफी चर्चा थी. उन्हें अपना पहला काम एक मठ की तरफ से मिला था. उन्हें मठ के लिए एक पेंटिंग बनानी थी, लेकिन वह अपना पहला काम अधूरा छोड़ कर चले गये थे. ऐसा उन्होंने इसलिए किया क्योंकि वह ‘मिलान’ जाना चाहते थे. मिलान में उस समय स्फ़ोर्ज़ा परिवार का राज था. उसे पेंटिग का हब माना जाता था. वहां उन्हें स्फ़ोर्जा साम्राज्य के खोजकर्ता की एक कांसे की मूर्ती बनाने (Link In English) का काम मिला. इस मूर्ति को बनाना लिओनार्दो के लिए कोई बड़ा काम नहीं था. फिर भी उन्होंने इसको बनाने में 12 साल लगा दिए थे. माना जाता है कि वह उस मूर्ति को बनाने में इस तरह डूब चुके थे कि उन्हें वक्त का पता ही नहीं चला था.

सिर्फ एक कलाकार ही नहीं थे…

लिओनार्दो एक कलाकार के तौर पर तो मशहूर थे, लेकिन उनके जीवन का एक दूसरा पहलू भी था. उनकी विज्ञान में बहुत रुचि थी. (Link In English) माना जाता है कि वह बहुत जिज्ञासु किस्म के व्यक्ति थे. इसी गुण के कारण वह विज्ञान के करीब जाते गये. चीजों के बारे में जानने की ललक में उन्होंने अविष्कार करने शुरू कर दिए. उस समय जिस चीज के बारे में लोग जानते नहीं थे, उसे लिओनार्दो ने बनाने का तरीका दुनिया को दे दिया था. माना जाता है कि वह चिड़िया की उड़ान से प्रेरित हो गये थे. वह अक्सर उन्हें देखकर सोचते थे कि इंसान हवा में कैसे उड़ सकता है. अपने इसी सवाल को मन में लिए लिओनार्दो ने एक दिन इसका जवाब खोज लिया था. उनकी मिली एक किताब में कुछ ऐसे चित्र देखने को मिले हैं, जिन्हें देखकर यह पता लगता है कि वह हेलीकॉप्टर का नक्शा था.

सिर्फ यह नक्शा ही नहीं लिओनार्दो की लिखी किताब से और भी बहुत से चीजों के डिज़ाइन निकले. लिओनार्दो इंसान की शारीरिक प्रणाली के काम करने के तरीके को जानना चाहते थे. माना जाता है वह मरे हुए इंसानों और जानवरों पर इसके लिए टेस्ट किया करते थे. अपने इन टेस्ट्स के बलबूते उन्होंने इंसानी शरीर को काफी अच्छे से जान लिया था. उन्होंने जो कुछ भी विज्ञान के बारे में सीखा उन सब चीजों की ड्राइंग बना कर रख ली. लिओनार्दो की किताबें आज भी मौजूद हैं.

The Great Mind Leonardo da Vinci (Pic: dreamstime.com)

लिओनार्दो के राज और मोनालिसा

लिओनार्दो की विशेषताओं की कोई गिनती ही नहीं थी. एक अच्छे पेंटर एक अच्छे वैज्ञानिक के साथ-साथ संगीत भी उनकी काबिलियत का एक हिस्सा था. लिओनार्दो का दिमाग बहुत ही शातिर था. बात को कैसे राज रखना है यह उन्हें बखूबी आता था. दरअसल लिओनार्दो के पास एक खूबी थी कि वह उल्टा लिख सकते थे. (Link In English)  ऐसा लिखने के लिए सालों की मेहनत चाहिए होती है. उन्होंने सिर्फ इसलिए यह कला सीखी ताकि, उनकी खोजें सुरक्षित रह सके. कोई उनको आसानी से न जान सके.

उनकी बनाई पेंटिग ‘मोनालिसा’ तो विश्व विख्यात हुई. ‘मोनालिसा’ (Link In English) दिखने में तो बहुत खूबसूरत है, लेकिन वह अपने साथ कई सारे राज भी लेकर आती है. उस पेंटिंग में जिस हिसाब से वह लड़की मुस्कुरा रही है वह सालों से लोगों के लिए एक राज बना हुआ है. कोई यह समझ ही नहीं पाता कि वह खुश है, दुखी है या परेशान है. इसके अलावा माना जाता है कि पेंटिंग को अलग एंगल से देखा जाए तो उसमें जानवरों, इंसानी खोपड़ी और एक अनजाने आदमी की तस्वीर दिखाई पड़ती है. कई साल गुजर जाने के बाद भी लिओनार्दो की ‘मोनालिसा’ का राज, राज बना हुआ है.

The Great Mind Leonardo da Vinci (Pic: mentalfloss.com)

आखिरी वक़्त तक जिज्ञासा पूरी नहीं हुई!

माना जाता है कि लिओनार्दो कुछ साल तक अपने अविष्कार करते रहे और फिर वापस मिलान चले गए. वहां जाकर उन्होंने नए बच्चों को पेंटिंग सिखाना शुरू कर दिया. सुबह की रोशनी में वह पेंटिंग सिखाते और रात में अपने आविष्कारों पर लग जाते. उनके अन्दर की जिज्ञासा ख़त्म ही नहीं होती थी. अपनी मौत (Link In English) से पहले उन्होंने बहुत सी चीजों का ज्ञान ले लिया था. मनुष्य का शरीर हो, हेलीकॉप्टर जैसे और नए अविष्कार हो या पृथ्वी के बारे में जरुरी जानकारी. उन्होंने सीखना कभी नहीं छोड़ा.

लिओनार्दो को अपने समय का सबसे बुद्धिमान व्यक्ति कहा जाता है. आइंस्टीन जैसे बड़े वैज्ञानिक से भी ज्यादा बुद्धिमान लिओनार्दो को माना जाता है. आज भले ही हमारे पास उनकी कुछ पेंटिंग्स और कुछ किताबों के अलावा कुछ नहीं है, लेकिन वह उन्हें बुद्धिजीवी बनाने के लिए काफी मानी जाती हैं. अगर उस समय लिओनार्दो की खोज पर काम होता तो शायद आज दुनिया बिल्कुल अलग होती.

Web Title: The Great Mind Leonardo da Vinci, Hindi Article

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