राजधानी दिल्ली में मौजूद मंदिरों की चर्चा होती है, तो सबकी जुबान पर अक्षरधाम, बिरला मंदिर और लोटस टैम्पल का नाम ही आता है, जोकि अपनी-अपनी विशेषताओं के लिए मशहूर है.

किन्तु, क्या आप जानते हैं कि इनके अलावा भी दिल्ली में कई सारे ऐसे मंदिर हैं, जहां एक बड़ी संख्या में आस्था का सैलाब देखने को मिलता है. छतरपुर में मौजूद ‘श्री आद्या कात्यायिनी मंदिर‘ इसका एक बड़ा उदाहरण है.

तो आईये तस्वीरों में जानने की कोशिश करते हैं कि यह मंदिर क्यों खास है–

कहते हैं कि ‘श्री आद्या कात्यायनी शक्तिपीठ मन्दिर’ जिस जगह पर बना हुआ है, वहां कभी ‘बाबा नागपाल नामक संत’ की कुटिया हुआ करती थी. (Pic: santoscascayan)

बाद में 1974 के आसपास इसको बनाना शुरु किया गया, जोकि 1998 में संत बाबा नागपाल जी के निधन के बाद भी चलता रहा. (Pic: flickr)

करीब 70 एकड में फैला यह मंदिर ‘माता कात्यायनी’ को समर्पित है. इसे छतरपुर मंदिर के नाम से भी जाना जाता है.(Pic: delhipedia)

ऐसा कहा जाता है कि यह भारत का दूसरा सबसे बड़ा मंदिर है. इसके परिसर में 20 छोटे-बड़े मंदिर भी देखने को मिलते हैं. (Pic: pleasingpics)

‘माता कात्यायनी’ के दरबार के साथ यहां ‘संत बाबा नागपाल’ का भव्य कक्ष भी बनाया गया है, जहां पर रोजना पूजा-अर्चना की जाती है. इस खास कक्ष में बाबा नागपाल की मोम की बनी मूर्ति मौजूद है. (Pic: flickr)

इस मंदिर की खास बात यह है कि यह पूरी तरह से संगमरमर से बनाया गया है. यह इसका ख़ास आकर्षण कहा जा सकता है. (Pic: panoramio)

नवरात्रों में इस मंदिर में बहुत भीड़ देखने को मिलती है. इस मौके पर हर रोज सुबह 3 बजे हर रोज ‘माता कात्यायनी’ का श्रृंगार किया जाता है. (Pic: travelandleisure)

यही नहीं श्रृंगार के दौरान माता को एक खास किस्म की माला पहनाई जाती है, जिसे विशेष रुप में दक्षिण भारत से मंगवाया जाता है. (Pic: dynamitenews)

‘माता कात्यायनी’ के अलावा यहां मौजूद ‘भगवान हनुमान’ की विशाल मूर्ति लोगों के आकर्षण का केंद्र रहती है (Pic: ianbcross)

वास्तुकला की दृष्टिकोण से भी यह मंदिर बहुत खास है. यहां स्थापित भगवान की मूर्तियाँ एकदम सजीव प्रतीत होती हैं. (Pic: findmessages)

यह मंदिर छतरपुर मेट्रो स्टेशन से कुछ दूरी पर ही मौजूद है. इस लिहाज से यहां जाना भी काफी सुगम है. (Pic: wikipedia)

यह मंदिर सप्ताह के सभी दिनों में सुबह 6 बजे से लेकर रात 10 बजे तक खुला रहता है. नव-रात्रि के दौरान तो भक्तों के लिए 24 घंटे खुला रहता है मंदिर का दरबार. (Pic: findmessages)

इस मंदिर के बारे में ऐसी मान्यता है कि यहां जाने भर से लोगों के कष्टों को माता ‘माता कात्यायनी’ हर लेती हैं. शायद यही कारण है कि लोग एक बड़ी संख्या में इस मंदिर में ‘माता कात्यायनी’ के दर्शन के लिए हर रोज उमड़ते हैं.

Web Title: The Journey Of chhatarpur Temple, Hindi Article

Feature Image Credit: justdial