अभी ज्यादा वक़्त नहीं हुआ है भारत में डेटिंग ऐप्स के चलन को शुरू हुए!

भारत में इंटरनेट के विस्तार के साथ इनका भी क्रेज लोगों में बढ़ता जा रहा है. यह डेटिंग ऐप्स सिंगल युवाओं के लिए एक उम्मीद की किरण बन कर सामने आ रही है. विदेशों में तो यह सालों से चलती आ रही चीज़ है, पर भारत के लिए तो यह अभी भी नई जैसी ही है.

तो चलिए भारत की इन डेटिंग ऐप्स के बारे में थोडा और विस्तार से जानते हैं…

‘टिंडर’ है चर्चित

जब भी डेटिंग ऐप्स की बात आती है तो एक नाम बड़े जोर शोर से सुनाई देता है और वह है टिंडर.

भारत में टिंडर अभी बहुत ज्यादा पुराना नहीं है. 2013 में ही इसने भारत में अपनी शुरुआत की है. अपने आने के बाद से टिंडर लगातार बढ़ता ही जा रहा है.

वैसे तो बाज़ार में बुहत सी डेटिंग ऐप्स और भी हैं, लेकिन फिर भी टिंडर को सबसे पहली अहमियत दी जाती है. इसके पीछे भी एक कारण है.

टिंडर पर आप सिर्फ अंगूठे से किसी की प्रोफाइल खिसकाने भर से यह निर्धारित कर सकते हैं कि आपको वह व्यक्ति पसंद है या नहीं. यह ऐप सिंपल और आसान है. जो आपको पसंद है उसे राईट स्वाइप कीजिए और जो नहीं पसंद उसे लेफ्ट स्वाइप कर सकते हैं. अगर सामने वाले ने भी आपकी प्रोफाइल देख कर राईट स्वाइप किया तो यह एक मैच होगा और आप दोनों उसके बाद एक दूसरे से चैट कर सकते हैं.

यह फेसबुक से जुड़ा होता है. आपकी प्रोफाइल पर ही आपकी पसंद-नापसंद सब दिखाई दे जाएगी. इससे जब आप अपने लिए कोई साथी टिंडर पर ढूंढते हैं तो आपके सामने उससे जुड़ी सारी बातें होंगी कि वह कौन है और उसे क्या पसंद है आदि.

दिल्ली और मुंबई जैसे बड़े शहरों में यह ऐप युवाओं के बीच काफी चल रहा है.

Tinder Dating App (Pic: theverge)

कई और ऐप्स भी हैं मैदान में

टिंडर के पैर पसारने के बाद, एक के बाद एक डेटिंग ऐप्स आने लगी हैं. दर्जनों ऐप्स तो इसमें ऐसी हैं जो करती कुछ नहीं हैं और बस नाम के लिए ही डेटिंग ऐप्स हैं. हालांकि कुछ ऐप्स ऐसी भी हैं जो इस समय काफी लोकप्रिय हो रही हैं. उदहारण के तौर पर ‘हैपन‘ ऐप को ही ले लीजिए.

यह ऐप आपके फ़ोन की लोकेशन पर काम करती है. जब भी आप किसी दूसरे ‘हैपन’ यूजर के सामने से गुजरेंगे तो यह दोनों को एक दूसरे की प्रोफाइल शो करेगा. अगर दोनों जनों ने एक दूसरे की प्रोफाइल लाइक की तो उसके बाद वह दोनों एक दूसरे से बात कर सकते हैं. इन सबके अलाव ट्रूली-मैडली(यह एक भारतीय द्वारा बनाई गई है), वू, बम्ब्ल, ओके क्यूपिड, बडू, ब्लूमी, कामा, क्वेक-क्वेक, आदि जैसी कई और ऐप्स भी मार्किट में हैं लेकिन यह सभी कुछ ज्यादा ख़ास नहीं चला करती हैं, जैसे टिंडर ने मार्किट में अपना प्रभाव बना रखा है.

कई ऐप्स तो आपको ऐसे भी मिलेंगे जो डेटिंग के नाम पर सिर्फ यूजर्स से पैसा ऐंठने के लिए बनी हैं. ऐसी ऐप्स के कारण ही अधिकतर लोग इनसे दूरी बनाते हैं.

Happn Dating App (Pic: nyc)

ऐप इस्तेमाल के समय ‘सिंगल’ डूड रखें ध्यान…

एक वेबसाइट ने जब कुछ भारतीय लड़कियों के साथ सर्वे किया तो उन लड़कियों ने बताया कि आखिर लड़के क्या करें और क्या न करें डेटिंग ऐप पर!

तो अगर आप भी सिंगल हैं और डेटिंग ऐप्स पर अपनी किस्मत आजमा रहे हैं तो इन बातों को ध्यान में रखके ही आगे बढ़ें.

सबसे पहली जो चीज़ इन ऐप्स पर दिखती है वह आपकी प्रोफाइल फोटो है. यह आपका सबसे पहला इम्प्रैशन है. प्रोफाइल फोटो हमेशा ही सिंपल होनी चाहिए. जिम के पसीने में भीगी हुई, खुले छाती के बालों वाली या कार्टून की फोटो जैसा कुछ भी अपनी प्रोफाइल फोटो पर लगाने की सोचें भी नहीं.

अगर आपके पास अच्छे लुक्स हैं तो उससे एक पल को लड़की आपसे आकर्षित तो हो जाएगी लेकिन उससे बातें जारी रखने का सबसे अच्छा विकल्प है, अच्छा ह्यूमर.

माना जाता है कि लड़कियों को मजाकिया लड़के खूब भाते हैं. तो अब आप भी हो जाइए तैयार और शुरू कर दीजिए कॉमेडी.

डेटिंग ऐप्स पर जो सबसे नापसंद की जाने वाली चीज़ होती है वह है मैसेज में लड़कियों को गलत चीज़ लिखना. कुछ व्यक्ति डेटिंग ऐप्स के प्रति गलत धारणाएं बना बैठते हैं. वह बाद में लड़कियों को परेशान करते हैं. क्योंकि ऐसी अधिकतर ऐप्स फेसबुक से जुडी होती हैं, उसी का फायदा उठाकर यह लोग लड़कियों का नाम देख कर उन्हें फेसबुक पर परेशान करना शुरू कर देते हैं. यही कारण है कि लड़कियां भारत में इन ऐप्स से दूरी बनाती हैं.

आखिरी बात यह है कि यह एक डेटिंग ऐप है, इसलिए यहाँ पर शादी की उम्मीदें लगा कर न आएं. हो सकता है कि यहाँ पर आप अपनी हमसफ़र से मिल सकते हैं लेकिन इस बात की कोई गारंटी नहीं है. इसलिए अपनी अपेक्षाओं को थोडा काबू में रखें.

How Dating Apps Perform In India (Pic: gq)

डेटिंग ऐप्स के कुछ ऐसे ‘प्रेरक’ फायदे भी हैं…

कुछ लोगों के लिए तो डेटिंग ऐप्स कोई खास चीज़ नहीं हैं, लेकिन कुछ के लिए तो यह उम्मीद से भी बढ़कर है. ऐसा ही कुछ बंगलोर की श्रीलथा के साथ हुआ है. उन्होंने कभी सोचा भी नहीं था कि डेटिंग ऐप उनकी जिंदगी बदलकर रख सकती है.

एक बीमारी के कारण श्रीलथा को व्हीलचेयर के सहारे रहना पड़ता है. एक तरफ श्रीलथा की दोस्तों की शादी हो रही थी और दूसरी ओर श्रीलथा अकेले जीवन व्यतीत कर रही थीं. सबको लगता था कि अपनी कमजोरी की वजह से श्रीलथा को कोई भी लड़का पसंद नहीं करेगा. श्रीलथा को ऐसा नहीं लगता था और उन्होंने डेटिंग ऐप्स पर अपनी किस्मत आजमाना शुरू कर दिया था.

डेटिंग ऐप्स पर भी कोई लड़का श्रीलथा की तरफ आकर्षित नहीं हुआ था. इसके बाद एक दिन उन्होंने एक ऐसी डेटिंग ऐप को चलाया जो खास विकलांग लोगों के लिए बनाई गई थी. ‘इन्क्लोव‘ नाम की वह ऐप ख़ास श्रीलथा जैसे लोगों के लिए ही बनाई गई है ताकि, वह खुद को अकेला न समझें.

उस ऐप पर श्रीलथा को एक लड़का मिला था जो उनकी तरह ही व्हीलचेयर पर रहने को मजबूर था. दोनों की एक ही परेशानी थी और यही कारण था कि दोनों थोड़े ही समय में एक दूसरे के करीब आ गए और शादी करने की सोचने लगे.

कुछ कारणों की वजह से श्रीलथा की शादी नहीं हो पाई लेकिन उस ऐप ने इतना जरूर बता दिया कि वह अकेली नहीं हैं इस दुनिया में! ऐसी ही डेटिंग ऐप से कईं और विकलांग लोगों को अपना जीवनसाथी ढूंढने में मदद मिली है.

भारत में युवाओं की संख्या बहुत ज्यादा है. यह माना जा सकता है की कुछ सालों बाद शायद टिंडर जैसी डेटिंग ऐप्स भारत में भी पूरी तरह छा जाएंगी. अभी भी यह विस्तार कर रही हैं लेकिन भारत में अरेंज मैरिज का चलन जिंदा होने के कारण इन्हें पैर जमाने में वक्त ज़रूर लग रहा है, पर इनके कदम मजबूती से बढ़ रहे हैं.

आप का क्या अनुभव है इन ‘डेटिंग ऐप्स’ पर?

Web Title: How Dating Apps Perform In India, Hindi Article

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