जूते हमारी जिंदगी का अहम हिस्सा बन चुके हैं. कहते हैं कि अच्छे जूतों का चुनाव एक आदमी की पर्सनैलिटी में चार चांद लगा देता है. शायद इसलिए ही युवा अपने जूतों का चुनाव बहुत सोच-समझकर करते हैं.

वैसे तो वह तरह-तरह के जूते पहने नज़र आते हैं, लेकिन अगर किसी खास किस्म के जूतों की बात की जाये तो उनमें इन दिनों ‘स्नीकर्स’ का क्रेज तेजी से बढ़ा है.

तो आईये जानने की कोशिश करते हैं कि ‘स्नीकर्स’ क्यों है युवाओं की खास पंसद–

क्यों खास हैं ‘स्नीकर्स’?

स्नीकर्स अलग-अलग प्रकार के एथलेटिक शूज होते हैं, जिनका अपर यानी ऊपरी हिस्सा बहुत ही लचीला और शोल यानी के तला सॉफ्ट रबर का बना होता है. ये पहनने में बहुत ही कंफर्टेबल होते हैं. इन्हें पहनकर आप कोई भी एक्टिविटी बहुत ही आसानी से बिना थके कर सकते हैं, जैसे रनिंग, स्पोर्टिंग आदि.

इन्हें स्नीकर इसलिए कहा जाता है, क्योंकि ये हार्ड फ्लोर यानी फर्श पर कोई आवाज नहीं करते.

इन्हें पहले अधिकतर खिलाड़ियों को पहने देखा जाता था, लेकिन आजकल ये सेलिब्रिटिज से होते हुए,  आम आदमी तक के पैरों में पहुंच गये हैं. चूंकि, स्नीकर्स का प्राइज बहुत ही ज्यादा होता है, इसलिए इन्हें पहनना स्टेट्स सिंबल भी माना जाता है.

Virat’s Sneakers (Pic: elanstreet)

कहां से हुई शुरुआत ?

स्नीकर्स का इतिहास बहुत ही पुराना है. इनकी शुरूआत 18वीं शताब्दी में अमेरिका मे हुई थी, जब पहली बार लोगों ने रबर के शोल के जूते पहने थे. शुरु में इन्हें ‘प्लिमसोल्स’ कहा जाता था. बाद में 1892 के आसपास यू.एस की एक रबर कंपनी, कैनवास टॉप के साथ बाजार में उतरी. इन्हें केड्स के नाम से जाना गया.

वक्त के साथ-साथ इसमें छोटे-मोटे बदलाव होते रहे. इसी कड़ी में कुछ सालों बाद शू कपंनी ‘मार्क्विस‘ ने पहली बार ऐसे शूज को बनाया, जिन्हें बास्केटबाल खिलाड़ियों द्वारा अपनाया गया. इन्हें कनवर्स ऑल स्टार्स का नाम दिया गया था. आगे के सालों में ‘इंडियाना हूप्स’ के स्टार, ‘चक टेलर‘ ने इन शूज की ब्रांडिंग शुरू की. इस कारण इनको ‘चक टेलर’ ऑल स्टार्स कहा जाने लगा. ये उस दौर के बेस्ट सेलिंग बास्केटबाल शूज बन गये थे. 1924 आते-आते ये ग्लोबल शूज बन गए.

जर्मनी के एडी डैजलर ने इससे प्रभावित होकर एक अलग तरह के स्नीकर्स बनाए, जिनको एडिडास नाम दिया गया. ट्रैक स्टार जेसी ओन्स ने एडिडास को पहनकर ही 1936 के ओलंपिक्स में 4 गोल्ड मेडल जीते थे. ‘एडी’ की सफलता को देखकर डैजलर के भाई रूडी ने भी अपनी एक नई स्नीकर्स की कंपनी की नींव डाल दी, इसे आज हम पूमा के नाम से जानते हैं.

20वीं सदी तक आते-आते ये दुनियाभर में एथलेटिक शूज के तौर पर मशहूर हो गए. एथलीट्स के बाद बच्चों ने इन्हें फैशन के तौर पर पहनना शुरू कर दिया. हॉलीवुड मूवी ‘रिबेल विदआउट कॉज’ के एक्टर जेम्स डीन ने स्नीकर्स को पहना तो ये ट्रेंड में आ गये. टीनएजर्स इनके लिए क्रेजी होने लगे.

1984 में स्नीकर्स का सैलाब सा आ गया. असल में इस समय ‘एनबीए’ के स्टार खिलाड़ी ‘माइकल जॉर्डन‘ ने नाइकी के शूज एयर जॉर्डन का प्रचार कर दिया था. इसके चलके बाजार में इनकी मांग बढ़ती गई. परिणाम स्वरुप शू बनाने वाली बड़ी कंपनियों ने भी अपने अलग- अलग डिजाइन के साथ स्नीकर्स के बड़ी खेप बाजार में उतार दी.

तब से लगातार यह सिलसिला जारी है. बाजार शू मार्केट स्नीकर्स से पटा हुआ दिखाई पड़ता है.

Lightweight Sneakers (Pic: gq.com)

बढ़ते क्रेज की बड़ी वजहें

वक्त के साथ ही नाइकी, एडिडास, पूमा, रीबोक जैसे ब्रांड्स ने ‘स्नीकर्स’ पर बहुत से एक्सपेरिमेंट किए. स्नीकर्स के लुक और कलर में इतना बदलाव लाया गया कि ‘स्नीकर्स’ बॉस्केटबाल के अलावा दूसरे खेलों में भी प्रयोग होने लगे. यह सिनेमा इंडस्ट्री की दहलीज लांघने में भी कामयाब रहे. आज हालत यह है कि हर कोई इन्हें अपने पैरों में देखना चाहता है. हालांकि, इनकी कीमत बहुत ज्यादा होती है… फिर भी लोग इसके दीवाने हैं.

कहते हैं न कि जहां चाह, वहां राह!

लोग बहुत जुगाड़ु होते हैं, वह इनकी कॉपी की तलाश लोकल मार्केट में कर ही लेते हैं.

हिप-हॉप स्टार्स से लेकर एक्टर्स तक स्नीकर्सर पहने अक्सर किसी इवेंट या पार्टी में नजर आ ही जाते हैं. ऐसे में जो यूथ इन्हें फॉलो करते हैं वह उनके फैशन ट्रेंड को भी फॉलो करते हैं.

इतना ही नहीं तमाम शू कंपनियां भी अपने ग्राहकों को अपनी तरफ आकर्षित करने के लिए बड़े-बड़े सेलेब्स को अपना ब्रैड अंबेसेडर बना रहीं हैं. मसलन एडिडास फेमस रैपर सिंगर कायने वेस्ट इसके प्रचार के लिए साइन किया है, तो वहीं दूसरी तरफ रीबोक ने केंडर लेमार और पूमा ने रिहाना और मीक मिल के साथ गठजोड़ किया है.

इन सभी सेलेब्स को फॉलो करने वाले उनके हर स्टाइल को कॉपी करने के लिए आतुर रहते हैं.

स्टार्स भी बन चुके हैं ‘स्नीकरहेड्स’

स्नीकर्स के दिवानों को स्नीकरहेड्स कहा जाता है. ये लोग स्नीकर्स के लेटेस्ट और लिमिटेड एडिशन्स पर हजारों डॉलर खर्च कर देते हैं. इनके पास हर प्रकार के स्नीकर्स का कलेक्शन होता है. स्नीकर्स का क्रेज तो बॉलीवुड स्टार्स के भी सिर चढ़ कर बोल रहा है. अर्जुन कपूर, रणबीर कपूर, वरुण धवन जैसे बॉलीवुड स्टार्स भी स्नीकर्स फ्रीक यानी स्नीकरहेड्स हैं.

एक दौर ऐसा भी था जब बॉस्केटबाल कोर्ट या फिर किसी रैप वीडियो के अलावा स्नीकर्स को पहनने वाले का मजाक उड़ाया जाता था, लेकिन बदलते समय के साथ, स्नीकर्स पहनना कूल फैशन बन चुका है. यही कारण है कि आजकल किसी पार्टी या फिर किसी इवेंट में लोग स्नीकर्स पहने नजर आते हैं.

स्नीकर्स के बढ़ते क्रेज के चलते इस जुड़े लोगों के बिजनेस को दिन-दुगना और रात चौगुना कर रहा है.

Bollywood Stars Bringing Sneakers (Pic: gqindia)

जिस तरह से जिम से लेकर ऑफिस और पार्क से लेकर पब में लोग स्नीकर्स पहनकर जाने लगे हैं, वह इनके प्रति उनकी दीवानगी को साफ तौर पर बताता है. स्नीकर्स का बढ़ता हुआ यह ट्रेंड आगे ही बढ़ता जा रहा है.

ऐसे में जो लोग सोच रहे हैं कि स्नीकर्स का ट्रेंड खत्म होने वाला है, उनका अंदाजा फिलहाल तो गलत ही मालूम पड़ रहा है.

आप क्या सोचते हैं स्नीकर्स के बारे में… कितना कूल है इसका लुक ?

Web Title: Sneakers Craze, Hindi Article

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