समय का कांटा कभी नहीं रुकता. यह निरंतर अपनी रफ्तार से चलता रहता है. दिन-प्रतिदिन वक्त गुजरता जाता है और हम समय के साथ-साथ आगे बढ़ते जाते हैं.

मगर अक्सर कुछ घटनाएं ऐसे होती हैं, जो उस दिन, उस तारीख को इतिहास के पन्नों में दर्ज करा देती हैं. ऐसे किस्से इतिहास के पन्नों में अमर हो जाते हैं और फिर ऐसे ही पन्नों के संग्रह से किसी देश का सुनहरा इतिहास संजोया जाता है.

20 मार्च का दिन यूं तो आम दिनों की ही तरह है, लेकिन अगर हम समय में थोड़ा पीछे जाए और देखें, तो हमें पता चलेगा कि इतिहास के नजरिए से यह दिन कितना मायने रखता है.

कैसे आईए जानते हैं-

75 साल के बाद नामीबिया को मिली आजादी

20 मार्च का यह दिन शायद जितना खास नामीबिया के लोगों के लिए है, उतना शायद ही किसी और के लिए होगा. ऐसा इसलिए क्योंकि 75 सालों के लंबे इंतजार और कठिनाईयों के बाद 20 मार्च को ही नामीबिया को साउथ अफ्रीका की अधीनता से मुक्ति मिली थी.

इस स्वतंत्र राष्ट्र नामीबिया की आजादी के लिए संघर्ष करने वाली पार्टी साउथ वेस्ट अफ्रीका पीपल्स ऑर्गेनाइजेशन के मुखिया सैम नूजोमा को सौभाग्य यह प्राप्त हुआ कि उन्होंने नामीबिया के पहले राष्ट्रपति के तौर पर शपथ ग्रहण की.

हालांकि, इस आजादी के लिए नामीबिया के लोगों को बड़ी कीमत चुकानी पड़ी थी.

75 सालों तक चली इस जंग में लाखों लोगों को कई यातनाओं से गुजरना पड़ा. हजारों ने अपनी जान गँवा दी, मगर आखिरकार उनकी इस कुर्बानी और संघर्ष का फल उन्हें 1988 में मिल ही गया और नामीबिया को साउथ अफ्रीका की अधीनता से मुक्ति मिल गई.

After 75 years Namibian got his Independence (Pic: Journey to Namibia – Blogspot)

जब टोक्यो सब-वे में फैली जहरीली गैस!

जहां 20 मार्च का दिन नामीबिया के लिए खुशियों से भरा था. वहीं दुनिया के दूसरे कोने टोक्यो में इस दिन कई लोगों की खुशियां हमेशा के लिए गम में बदल गई.

दरअसल, इस दिन टोक्यो सब-वे में हुए एक आतंकी हमले के तहत जहरीली गैस फैल गई थी. इसके चलते 6 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि करीब 1200 लोग बुरी तरह से प्रभावित हुए थे.

इन हालातों में जापानी प्रधानमंत्री ने आपातकालीन कैबीनेट मीटिंग बुलाकर सभी को आदेश जारी किए कि वह लोगों तक हर संभव सहायता पहुंचाए.

इस हादसे की जांच में पता चला था कि एक शख्स सब-वे में एक कंटेनर छोड़ कर चला गया था, जिससे कुछ देर बाद लिक्विड गैस का रिसाव हुआ था. बावजूद इसके हैरानी वाली बात यह थी कि इसे मामले में किसी की गिरफ्तारी नहीं.

हां, इसे एक आतंकी हमला जरूर करार दिया गया था.

Tokyo Subway Gas Attack (Pic: Wall Street Journal)

ट्यूनेशिया को मिली स्वतंत्रता

ट्यूनेशिया के लोगों के लिए 20 मार्च का दिन काफी महत्वपूर्ण माना जाता. करबी 62 साल पहले आज ही के दिन इस देश को अपनी स्वतंत्रता मिली थी.

लगभग एक शताब्दी का समय फ्रांस के अधीन बिताने के बाद आखिरकार स्वतंत्रता के लिए संघर्ष कर रहे लोगों की मेहनत रंग लाई और 20 मार्च 1956 को ट्यूनेशिया को पूर्णतया स्वतंत्रता मिल गई. इस संघर्ष में हबीब बोरगीबा ने बड़ी भूमिका निभाई थी, जिसके फलस्वरुप उन्हें ही इस स्वतंत्र देश का पहला राष्ट्रपति नियुक्त किया गया.

दरअसल, फ्रांस द्वारा ट्यूनेशिया पर कब्जा जमाए जाने का एक मुख्य कारण ट्यूनेशिया की बिगड़ी आर्थिक स्थिति थी. उसने उन्हें इस कगार पर ला खड़ा कर दिया कि 1869 में इस देश दिवालिया घोषित कर दिया गया था.

हालांकि, धीरे-धीरे हालात सुधरे और इस देश न केवल अपनी आर्थिक स्थिति को मजबूत किया बल्कि अपने देश को फ्रांस की अधीनता से मुक्त भी करवाया.

Tunisia Independence day (Pic: The Independent)

फुटबाल वर्ल्ड कप की ट्रॉफी हो गई चोरी

शायद साल 1966 की यह सबसे बड़ी चोरी की घटना थी, जोकि हजारों लाखों फुटबाल प्रेमियों से जुड़ी थी. दरअसल फुटबाल वर्ल्ड कप की ट्रॉफी को लंदन के वेस्टमिंस्टर के सेंट्रल हॉल में प्रदर्शनी के लिए रखा गया था.

20 मार्च को उस पूरे हॉल में अचानक भगदड़ मच गई जब पता चला कि वर्ल्ड  कप की सॉलिड गोल्ड की ट्रॉफी चोरी हो गई! दरअसल इसी वर्ष ब्रिटेन द्वारा फुटबाल वर्ल्ड कप की मेजबानी की गई थी. ऐसे में ट्रॉफी का इस प्रकार चोरी होना उनके लिए एक बड़ी शर्मनाक घटना थी.

इस चोरी के बाद फुटबाल काउंसिल के वाइस चेयरमैन जैक स्टीवर्ट ने इस घटना की जिम्मेवारी ली. आगे इस मामले को लेकर काफी लंबी जांच चली. चोरी के समय, जो शख्स हॉल में मौजूद था, उसके हुलिए का अंदाजा भी लगाया गया.

मगर बावजूद इसके न तो वह शख्स मिल पाया और न ही ट्रॉफी.

The Fifa World Cup Trophy Stolen From England (Pic: Reddit)

आतंकवाद का शिकार हुए मासूम!

20 मार्च की तारीख अन्य लोगों के लिए आम हो सकती है, मगर कोलिन और वेंडी के लिए यह तारीख उस मनहूस दिन की याद है, जिसने उनसे उनके बेटों को हमेशा के लिए छीन लिया.

20 मार्च 1993 के दिन इंग्लैंड के वैरिंगटन शहर की नार्थन स्ट्रीट अचानक बम के धामकों से गूंज उठी. कुछ ही सेकेंड में चारों तरफ धूएं व धूल का बादल छा गया.

पलक झपकते ढेरों लोग दर्द से कराहते जमीन पर लेटे नजर आए. उन्हीं में दो नाबालिग लड़के भी थे, जो बेसुध हालत में जमीन पर पड़े थे.

पास जाकर देखा तो पता चला कि 12 साल का टिम पैरी और 3 साल का जोनॉथन बॉल दम तोड़ चुके थे. घटना की जांच में पता चला कि यह एक आतंकी हमला था, जिसकी जिम्मेवारी एक आतंकी ग्रुप आई.आर.ए ने ली है.

इस घटना ने पूरे ब्रिटेन को हिलाकर रख दिया था.

इस घटना से सबसे अधिक आहत हुए कोलिन और वेंडी के दुख को समझते हुए बहुत से लोगों ने उनका साथ दिया और आतंकवाद के खिलाफ आवाज उठाई. इसे देखकर कई राजनीतिक शख्सियतों ने भी इसमें अपनी भागीदारी दी.

आज वैरिंगटन शहर में इन बच्चों के नाम से एक संस्था चलाई जा रही है, जो लोगों को अमन व शांति से रहने के लिए प्रेरित करती है.

Tim Parry And Jonathan Ball, Who Died In Bomb Blast (Pic: Extra.ie)

तो यह थीं 20 मार्च से जुड़ी दुनियाभर की प्रमुख घटनाएं.

आपको इनमें से कौन सी घटना सबसे ज्यादा रोचक लगी, कृपया कमेंट बॉक्स में ज़रूर बताएं.

Web Title: Day In History, 20th March, Hindi Article

Featured Image Credit: O-Posts