एक दिन में कहने को तो महज़ 24 घंटे होते हैं, लेकिन पूरी दुनिया में ना जाने कितना कुछ बदल जाता है… इन्हीं 24 घंटों में! जैसे–

  • एक दिन में हमारा दिल एक लाख बार धड़कता है.
  • दुनिया में 365,000 बच्चे जन्म लेते हैं.
  • 67,000 पेड़ कट जाते हैं.
  • हम करीब 15 बार हंसते हैं.
  • दुनिया भर में 7 भूकंप और 18000 तूफान आ जाते हैं.
  • 18 मिलियन लोग अपना जन्मदिन मनाते हैं.

एक दिन में कितना कुछ अच्छा और बुरा घटित होता है. एक दिन में मानो इतिहास के कई पन्ने जीवित हो उठते हैं और कई नए पन्ने लिखे जाते हैं.

तो चलिये आज इतिहास के कुछ पन्नों को फिर से पलटते हैं, और झांकते हैं फरवरी की 1 तारीख़ में. ये जानने के लिए कौन-कौन सी यादें समेटे है ये दिन–

जब ‘कल्पना चावला’ ने कहा दुनिया को अलविदा

कई नन्हीं आंखों में अंतरिक्ष की यात्रा के सपने को जन्म देने वाली कल्पना चावला इसी दिन दुनिया को अलविदा कह गई थीं.

कल्पना चावला भारतीय मूल की अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री और अंतरिक्ष शटल मिशन विशेषज्ञ थीं. वे अंतरिक्ष में जाने वाली प्रथम भारतीय महिला भी थीं.

कल्पना ‘कोलंबिया अंतरिक्ष यान आपदा’ में मारे गए सात अंतरिक्ष यात्रियों में से एक थीं. कल्पना की प्रथम अंतरिक्ष उड़ान एस.टी.एस. 87 कोलंबिया शटल से 19 नवंबर1997 से 5 दिसम्बर 1997 के मध्य सम्पन्न हुई.

उनकी दूसरी और आखिरी उड़ान 16 जनवरी 2003 को स्पेस शटल कोलंबिया से शुरू हुई. पर दुर्भाग्यवश 1 फरवरी 2003 को कोलंबिया स्पेस शटल पृथ्वी पर लैंड करने से पहले ही दुर्घटना ग्रस्त हो गया. इसमें कल्पना चावला समेत अंतरिक्ष यान के सभी 6 यात्री मारे गए.

कल्पना ने बेहद कम उम्र में ही दुनिया को अलविदा कह दिया था, लेकिन भारत की ये बेटी जाते-जाते भी विश्व में देश का नाम रोशन कर गई.

Kalpana Chawla And Her Crew Members (Pic: wikipedia)

उदय एक सफल ‘कप्तान’ का

मोहम्मद अजहरुद्दीन को मैच फिक्सिंग के आरोपों की वजह से आजीवन प्रतिबंध का सामना करना पड़ा, जो बाद में बीसीसीआई ने हटा दिया था. उस बैन का दाग हटा दिया जाए तो वह भारत के सफलतम कप्तानों में से एक थे.

अपने पहले टेस्ट से ही लगातार 3 शतक मारकर उन्होंने अपने क्रिकेट करियर की शुरुआत की थी. साल 1984 में अजहर ने इंग्लैंड के खिलाफ 110 रन बनाकर अपने टेस्ट करियर की सशक्त नींव रखी. वह यहीं नहीं रुके उन्होंने अगले मैच में फिर 105 रन की शतकीय पारी खेली.

फिर 1 फरवरी 1985 को अज़हर ने इस सीरीज के तीसरे टेस्ट में कानपुर में हुए मैच में भी 112 रन ठोके. उनकी इस पारी ने ही उनकी रातों-रात तरक्की दिलवा दी. एक नए अंजान बैट्समैन से मोहम्मद अजहरुद्दीन सीधा एक प्रोफेशनल क्रिकेटर बन गए थे.

फ़रवरी के पहले ही दिन उन्होंने ऐसा खेल दिखाया कि देखने वाले हैरान हो गए. उस समय अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में सिर्फ और सिर्फ मोहम्मद अजहरुद्दीन की ही चर्चा हो रही थी.

वहीं, सन 1990 के समय में अजहरुद्दीन भारतीय टीम के कप्तान थे. वे भारत के सबसे सफलतम कप्तानों में से एक रहे हैं जिन्होंने भारत को उनकी कप्तानी में 90 वन-डे मैचों में जीत दिलवाई.

Mohammad Azharuddin (Pic: cricket)

दुनिया का पहला मोशन पिक्चर स्टूडियो

दुनिया को बल्ब की रोशनी से चमकाने वाले थॉमस ऐल्वा एडीसन एक जीनियस थे. उन्होंने ऐसे आविष्कार किए जिन्होंने दुनिया को बदल दिया. इसमें इलेक्ट्रिक लाइट और पॉवर यूटिलिटीज, साउंड रिकॉर्डर और मोशन पिक्चर भी शामिल हैं.

1 फरवरी 1893 को थॉमस ऐल्वा एडीसन ने दुनिया को पहला मूवी स्टूडियो दिया. इसके बाद से तो जैसे मनोरंजन के नए द्वार खुल गए थे.

उनके स्टूडियो का नाम ब्लैक मारिया था, जिसे उन्होंने अपनी लेबोरेटरी के पास न्यू जर्सी के वेस्ट ओरेंज में बनाया था. थॉमस के स्टूडियो का आकार थोड़ा अजीब था, ताकि खुली छत के ज़रिये सूरज के प्रकाश को लगातार मंच पर जाने के लिए घुमाया जा सके.

हॉलीवुड की कई शुरूआती फिल्मों की शूटिंग यहीं पर हुई थी. उस समय के फिल्म निर्माताओं के लिए तो यह स्टूडियो स्वर्ग के समान था.

इस स्टूडियो में कई फिल्में शूट हुई थी. यूँ तो अक्सर उनका नाम विज्ञान में बड़ी-बड़ी खोज करने के लिए लिया जाता है, मगर उन्होंने लोगों के एंटरटेनमेंट के लिए भी यह एक बड़ी खोज की.

 Black Maria Edison Studio (Pic: onlyinyourstate)

एक दर्ज़ी से अभिनेता का जन्म

ब्लॉकबस्टर फिल्म ‘शोले’ में इमाम साहब उर्फ रहीम चाचा का प्रसिद्ध किरदार निभानेवाले बॉलीवुड के वेटरन अभिनेता अवतार किशन हंगल यानी ए.के. हंगल का जन्म 1 फरवरी 1914 में हुआ था.

पाकिस्तान के सियालकोट में पैदा हुए ए.के हंगल ने अपना बचपन पेशावर में बिताया था. बहुत कम लोग ही यह जानते होंगे कि फिल्मों में अपना दमदार रोल करने वाले ए. के हंगल असल में पहले दर्जी हुआ करते थे.

वो तो वक़्त ने उनके लिए फ़िल्मी दुनिया चुनी हुई थी. वक़्त आखिर में उन्हें दर्जी के काम से फ़िल्मी दुनिया की चौखट तक ले ही गया.

शोले फिल्म के मशहूर संवाद ‘इतना सन्नाटा क्यों है भाई’ को उन्होंने डायलॉग अदायगी के इतिहास में अमर कर दिया. हिंदी सिनेमा में उनकी यादगार चरित्र भूमिकाओं के लिए उन्हें पद्मभूषण से भी नवाज़ा गया.

एक समय था जब शायद ही कोई फिल्म उनकी मौजूदगी के बिना बनाई जाती हो. नमक हराम, शोले, शौकीन, आइना, बावर्ची उनकी सर्वश्रेष्ठ फिल्मों में से हैं.

97 साल की उम्र में भी वो स्क्रीन से रिटायर नहीं हुए थे. सात साल के लंबे ब्रेक के बाद उन्होंने मनोरंजन चैनल कलर्स पर आने वाले धारावाहिक ‘मधुबाला’ के ज़रिए वापसी की थी. शो में आने के कुछ समय बाद ही हंगल साहब दुनिया से चल बसे थे.

AK Hangal (Pic: youtube)

अमेरिका का ‘नेशनल फ्रीडम डे’

1 फ़रवरी को ही अमेरिका में ‘नेशनल फ्रीडम डे‘ मनाया जाता है. इस दिन को मनाने का उद्देश्य सभी नागरिकों के बीच अच्छी भावनाओं, सद्भाव और समान अवसर को बढ़ावा देना है.

इस दिन सन 1865 के राष्ट्रपति अब्राहम लिंकन ने संविधान के लिए 13वें संशोधन पर हस्ताक्षर किए. इस महत्वपूर्ण संशोधन से अमेरिका में गुलामी को गैर-कानूनी घोषित कर दिया गया था.

दरअसल, मेजर रिचर्ड रॉबर्ट राइट सीनियर नाम के एक पूर्व गुलाम ने अमेरिका के गुलामी से मुक्त होने के दिन को मनाने की मांग रखी.

मेजर राइट ने 1 फरवरी को राष्ट्रीय स्वतंत्रता दिवस के रूप में चुना.

राइट ने 1 फरवरी को ‘नेशनल फ्रीडम डे’ घोषित करने वाला एक बिल लिखने के लिए राष्ट्रीय और स्थानीय नेताओं को इकठ्ठा किया. इसके बाद राष्ट्रपति हैरी ट्रूमैन ने 1948 में इस बिल पर हस्ताक्षर किए जिससे कि यह आधिकारिक बन गया.

इससे अमेरिका के उन गुलामों को थोड़ी ख़ुशी तो नसीब हुई जिन्होंने गुलामी के दर्दनाक मंज़र को सहा था.

National Freedom Day (Pic: youtube)

ये थी इतिहास से निकली 1 फरवरी की कुछ ख़ास और मुख्य घटनाएं. अगर आपको भी आज के दिन हुई इतिहास से जुड़ी कोई घटना याद हो तो हमे कमेंट बॉक्स में ज़रूर बताएं.

Web Title: Important Events In First February, Hindi Article

Feature Image Credit: independent /thequint/rediff