जिंदगी का हर दिन इंसान को कई तरह के अनुभव देकर जाता है, वहीं इस दिन से जुड़े कुछ ऐतिहासिक किस्से भी आपको याद रह जाते हैं!

इतिहास के पन्नों में कई कहानियां और रोचक किस्से ऐसे हैं, जिन्हें हम कभी नहीं पढ़ पाए और उनके बारे में नहीं जान पाए.

आज हम कुछ ऐसे ही ऐतिहासिक किस्सों और यादगार तारीख़ को जानने की कोशिश करेंगे.

तो चलिये जानते हैं 28 फ़रवरी के दिन घटित हुई महत्वपूर्ण घटनाएं–

भारत के प्रथम राष्ट्रपति का निधन

भारत के गौरवशाली इतिहास में कई महत्वपूर्ण व्यक्तित्व पैदा हुए जिन्होंने अपने खून और देशभक्ति के जज्बे से भारत की मिट्टी को सींचा है, जिससे कि आज हम इस वर्तमान भारत की खुली हवा में सांस ले पा रहे हैं. भारत को आजाद कराने में हज़ारों क्रांतिकारियों और महान नेताओं ने कुर्बानी दी है.

ऐसे ही एक नेता थे डॉ. राजेंद्र प्रसाद.

जहां भारत की आज़ादी के बाद पं. जवाहर लाल नेहरू भारत के पहले प्रधानमंत्री बने वहीं डॉ. प्रसाद को भारत का पहला राष्ट्रपति बनने का अवसर मिला.

भारत के प्रथम राष्ट्रपति प्रसाद भारतीय स्वाधीनता आंदोलन के प्रमुख नेताओं में से थे. इन्होंने भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के 52वें अध्यक्ष के रूप में भी अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी. वहीं इन्होंने भारतीय संविधान के निर्माण में भी अपना अहम योगदान दिया, शायद इसी देश भक्ति और सेवा भाव के कारण इन्हें भारत के पहले राष्‍ट्रपति के रूप में देश सेवा करने का मौका मिला.

डॉ. राजेंद्र प्रसाद का राष्ट्रपति का कार्यकाल काफी लंबा रहा, इन्होंने 12 साल तक भारत की बागडोर संभाली लेकिन भारत का यह महान नेता आज ही के दिन यानी 28 फरवरी 1963 को इस दुनिया को अलविदा कह गया.

राष्ट्रपति होने के अतिरिक्त इन्होंने स्वतंत्र भारत में केंद्रीय मंत्री के रूप में भी कार्य किया. देशभर में अपनी लोकप्रियता के कारण इन्हें राजेन्द्र बाबू या देशरत्न कहकर भी पुकारा जाता था.

President Dr. Rajendra Prasad with Governor General of Pakistan. (Pic: rashtrapatisachivalaya)

‘रमन प्रभाव’ की खोज!

7 नवंबर 1888 को ब्रिटिश भारत की मद्रास प्रेजीडेंसी में जन्मे सर सीवी रमन ने आज ही के दिन प्रकाश पर अपना महत्वपूर्ण शोध पत्र दुनिया के सामने रखा था जिसको आगे चलकर रमन प्रभाव के नाम से जाना गया.

इन्होंने अपने शोध पत्र में कहा कि जब प्रकाश किसी पारदर्शी तत्व से होकर गुजरता है तब प्रकाश की तरंगदैर्ध्‍य में बदलाव दिखता है, इसे ही ‘रमन प्रभाव‘ कहा गया. कलकत्‍ता यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर बनने के बाद उन्होंने इंडियन एसोसिएशन फॉर द कल्‍टीवेशन ऑफ साइंस में केएस कृष्‍णन समेत अन्‍य वैज्ञानिकों के साथ मिलकर इस रमन प्रभाव की खोज की थी.

इस महत्‍वपूर्ण खोज के लिए इन्हें भारत सरकार द्वारा सन 1954 में भारत रत्‍न से सम्मानित किया गया. वहीं सर सीवी रमन को रमन प्रभाव की खोज के लिए साल 1930 में नोबेल पुरस्कार भी दिया गया. विज्ञान के क्षेत्र में नोबल प्राप्त करने वाले रमन पहले एशियाई व्यक्ति थे.

28 फरवरी, 1928 को विश्व प्रसिद्ध भौतिकशास्त्री सर चंद्रशेखर वेंकट रमन के रमन प्रभाव की खोज के कारण राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के रूप में भी मनाया जाता है.

Sir C. V. Raman won the Nobel Prize in 1930. (Pic: financialexpress)

मशहूर क्रिकेटर करसन घावरी का जन्म

पुराने समय के मशहूर क्रिकेटर करसन देवजी घावरी का आज ही के दिन यानी 28 फरवरी को जन्म हुआ था. घावरी को क्रिकेट मैदान में उनके बेजोड़ प्रदर्शन के लिए याद किया जाता है. वह साल 1975 और 1979 के वर्ल्ड कप में भारतीय क्रिकेट टीम का हिस्सा भी रहे.

1979 के दशक में वेस्टइंडीज के खिलाफ खेली गई सीरीज़ में उनके बेहतरीन प्रदर्शन को दुनिया आज भी याद रखती है. घावरी ने वेस्टइंडीज़ टीम को बेहद गहरे घाव देते हुए सीरीज़ में 27 विकेट चटकाए थे.

जिसके बाद भारतीय क्रिकेट टीम में उनका कद काफी बढ़ गया था.

Former Indian cricketer Karsan Devji Ghavri. (In the top left corner) (Pic: espncricinfo)

भूकंप से दहला पाकिस्तान

आजकल आतंक के आगे घुटने टेक चुका पाकिस्तान अपनी आतंकवाद को बढ़ाने वाली गतिविधियों के कारण विश्वभर में बदनाम रहा है और पूरे संसार में आतंक का निर्यात कर रहा है. वहीं इतिहास में एक समय ऐसा भी आया जब आज ही के दिन 1997 में पाकिस्तान को कुदरत के आगे घुटने टेकने पड़े थे.

28 फरवरी 1997 को आए एक शक्तिशाली भूकंप से पाकिस्तान की ज़मीन दहल उठी थी. इस ख़तरनाक भूकंप में 100 से अधिक लोगों की मौत हो गई थी. पाकिस्तान के विभिन्न शहरों में इस भूकंप के झटके महसूस किए गए थे.

भूकंप की तीव्रता 7.2 रिएक्टर स्केल नापी गई थी. 30 से 90 सेकेंड के इस भूकंप ने पाकिस्तान में दहशत मचा दी थी. पाकिस्तान के इतिहास में इस भूकंप को सबसे घातक भूकंप माना गया था.

Residents Walk near a Collapsed House in Swat. (Pic: slate)

फ्रांसेस पर्किंस बनीं यूएस कैबिनेट की पहली महिला सचिव

आज की तारीख़ अमेरिकी राजनीति में भी काफी महत्वपूर्ण और यादगार है. अमेरिकी कैबिनेट में फ्रासेंस पर्किंस को सेकेट्री ऑफ लेबर बनाया गया था.

आज ही के दिन यानी 28 फरवरी को फ्रांसेस पर्किंस का नाम अमेरिकी इतिहास में हमेशा के लिए दर्ज हो गया. उन्हें कैबिनेट में सचिव के एक अहद पद से नवाज़ा गया था. इस पद पर रहते हुए फ्रांसेस ने अमेरिका में मजदूरों के अधिकार को लेकर काफी बेहतर काम किया.

इसके साथ ही पर्किंस ने अमेरिकी अर्थव्यवस्था में सुधार को लेकर अहम योगदान निभाया. अमेरिकी राष्ट्रपति रूजवेल्ट के कार्यकाल में फ्रांसेस पर्किंस ने सोशल सिक्योरिटी कार्यक्रम में सुधार को लेकर अमेरिकी सरकार को कई अहम फैसले सुझाए थे. हालांकि साल 1965 में 85 वर्ष की उम्र में इनकी मौत हो गई थी.

Frances Perkins, FDR’s Secretary of Labor. (Pic: thedailybeast)

माइकल जैक्सन ने जीता 8वां ग्रेमी अवार्ड

पॉप सिंगर माइकल जैक्सन आज भले इस दुनिया में जीवित नहीं हैं लेकिन उनके गाने आज भी हमको थिरकने पर मजबूर कर देते हैं. उपलब्धियां उनकी काबिलियत बताती हैं.

आज ही के दिन यानी 28 फरवरी को पॉप सिंगर माइकल जैक्सन ने अपना 8वां ग्रेमी अवार्ड जीता था. अंग्रजी गायन में दिया जाने वाला ग्रेमी अवार्ड सिंगिग के क्षेत्र में सबसे बड़ा अवार्ड माना जाता है. माइकल जैक्सन को यह अवार्ड उनकी एलबम थ्रिलर के लिए दिया गया.

इस एलबम के आने के बाद अंग्रजी गानों के सभी पुराने रिकार्ड ध्वस्त हो गए थे और थ्रिलर एलबम 259 दिनों तक नंबर वन के पायदान पर रही. थ्रिलर एलबम लांच होने के बाद इस पॉप सिंगर की लोकप्रियता का ग्राफ तेजी से बढ़ा था. इसी के चलते 1984 को माइकल जैक्सन को इस प्रमुख अवार्ड से नवाज़ा गया.

Michael Jackson with Grammy Awards. (Pic: abcnews)

तो ये थीं 28 फरवरी से जुड़ी कुछ खास जानकारियां!

अगर आप भी इस दिन से जुड़ा कोई विशेष और ऐतिहासिक किस्सा जानते हैं, तो कृपया नीचे कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं.

Web Title: Important Historical Events of 28th February, Hindi Article

Featured Image Credit: Rashtrapati Bhavan