बचपन में आपने एक कहानी सुनी होगी कि एक लड़का भालू को अपनी ओर आता देख सांस रोक कर ज़मीन पर लेट जाता है. भालू उस लड़के के करीब आता है उसे सूंघता है और उसे मरा हुआ समझ कर बिना उसे कोई नुकसान पहुंचाये आगे बढ़ जाता है.

अब आते हैं असल बात पर…

अगर आपका सामना दुनिया के इन ख़तरनाक भालूओं से हो जाता है तो कतई यह तरक़ीब मत आज़माइयेगा… जो ऊपर लिखी कहानी में लड़के ने अपनी जान बचाने के लिए आज़माई थी. दरअसल, वह सिर्फ एक कहानी थी. आज हम आपको दुनिया के उन सबसे ख़तरनाक भालूओं के बारे में बताने जा रहे हैं, जो जंगल में अपनी आक्रामकता और शिकार को चीर फाड़ करने के लिए जाने जाते हैं. यह भालू दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में पाये जाते हैं.

यह सभी अपने खूंखार रवैया के लिए जाने जाते हैं. तो चलिए देर किस बात की हम भी जानें दुनिया के कुछ सबसे खतरनाक भालुओं के बारे में–

सन बेयर

सन बेयर, अगर इस नाम का हम हिंदी में अनुवाद करें तो होगा सूर्य भालू.

भालू की यह प्रजाति दक्षिण-पूर्वी एशिया के घने जंगलों पायी जाती है. दक्षिण-पूवी एशियाई क्षेत्र में चाइना और भारत का जंगल भी आता है. आपको जानकर हैरानी होगी की सन बेयर दुनिया में भालूओं की सबसे छोटी प्रजाति है.

आप सोच रहे होंगे कि इस भालू का नाम सन बेयर क्यों है?

आपके इस चिंतन को हम दूर किये देते हैं. असल में इसकी छाती पर भूरे रंग का अंग्रेज़ी अक्षर का ‘यू’ बना होता है. इस कुदरती ‘यू’ के कारण ही इस भालू की प्रजाति का नाम सन बेयर रखा गया.

भालूओं की दुर्लभ प्रजातियों में शुमार सन बेयर दिखने में जितना शांत नज़र आता है… समय आने पर यह उतना ही घातक हो जाता है!

सन बेयर को हनी बेयर के नाम से भी जाना जाता है. इसका मुख्य कारण इसको मीठा शहद काफी पसंद है. यह भालू 48 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से अपने शिकार का पीछा कर सकता है. हालांकि यह भालू बहुत सीधे स्वभाव का होता है. चिंता की बात यह है कि भालूओं की सबसे अनोखी और दुर्लभ प्रजाति तेज़ी से ख़त्म होती जा रही है. साठ किलो वज़नी व्यस्क भालू आमतौर पर तीस साल तक जिंदा रह सकता है.

यह भालू ज़्यादातर गुफाओं में ही रहना पसंद करते हैं.

Sun Bear (Pic: animalsake)

एशियाटिक ब्लैक बेयर

एशिया के घने जंगलो में भालूओं की एक और प्रजाति है जो दिखने में काफी ख़तरनाक नज़र आती है. इस प्रजाति का नाम है एशियाटिक ब्लैक बेयर.

यह भालू अधिकांश एशिया के ही जंगलों में पाया जाता है. इसलिए इसको एशियाटिक ब्लैक बेयर कहते हैं. हालांकि एशिया के विभिन्न जंगलों में रहने के कारण इसके नाम भी अलग हैं. कुछ देशों में इनका कुछ नाम है तो किन्हीं में कुछ और. हालांकि नामा भले ही इनका अलग हो मगर काम इनका एक ही है.

जापान और रुस के जंगलों में भी इन भालुओं का काफी कब्ज़ा है. 6.25 फिट ऊंचा यह भालू एक घंटे में चालीस किलोमीटर की तेज़ रफ्तार से भाग सकता है. इस बात से जाहिर हो जाता है कि अगर यह किसी पर हमला करने निकले तो इसका शिकार शायद ही इससे बच पाए.

आमतौर पर यह जंगल में उगने वाले फल और फसल ही चाव से ख़ाते हैं. कई बार यह छोटे कीड़ों का भी शिकार करता है. हालांकि ख़तरा होने पर यह इंसानों पर भी हमला कर देता है, लेकिन ऐसा बहुत कम ही होता है.

दुख इस बात का है कि इसको सबसे अधिक ख़तरा चीते और भेडियों से होता है. इतना ही नहीं जानवरों के अलावा इंसान भी इनके बहुत बड़े दुश्मन हैं. कई शिकारी इन्हें बस इसलिए मारते हैं क्योंकि इनकी खाल की बहुत ज्यादा कीमत होती है.

Asiatic Black Bear (Pic: independent)

अमेरिकन ब्लैक बेयर

यह दुर्लभ ब्लैक बेयर केवल अमेरिका में ही पाया जाता है. इस भालू की एक चीज़ जो इसे बाकी भालूओं से अलग बनाती है वह यह है कि यह पेड़ पर बड़ी तेज़ी से चढ़ सकते हैं.

इन भालूओं की एक और आदत इन्हें भालूओं की अन्य प्रजातियों से अलग करती है और वह यह है कि अमेरिकी काले भालू सब कुछ खा सकते हैं. मतलब यह सिर्फ मांसाहार पर निर्भर नहीं रहते बल्कि वनस्पतियों और फूल एवं फलों को भी चाव से खाते हैं. कई बार यह भालू हिरण और बछड़े का शिकार कर उनका मांस भी बहुत चाव से खाते हैं.

अमेरिकन ब्लैक बेयर आमतौर पर अकेले रहना ही पसंद करते हैं. यह जंगलों में झुंड में न रहकर अकेले रहकर समय गुज़ारते हैं. गर्मियों के मौसम में अमेरिकन ब्लैक बेयर सहवास करते हैं. आठ माह के बाद मादा अमेरिकन ब्लैक बेयर बच्चों को जन्म देती है. इनके शावक दो बरस तक इन पर निर्भर रहते हैं. बड़े होने के बाद वह भी अकेले रहकर अपना जीवन गुज़ारते हैं.

यूँ तो यह अपना जीवन बड़ी शांति से व्यतीत करते हैं मगर इन्हें अगर गुस्सा आ जाए तो यह इतने घातक हो जाते हैं कि कोई इन्हें नहीं रोक पाता.

American Black Bear (Pic: nypost)

ब्राउन बेयर

भालू की यह दुर्लभ प्रजाति भी अमेरिका के जंगलों में ही पाई जाती है. ब्राउन बेयर आमतौर पर लकड़ी के बड़े बड़े तनों और बर्फीले जंगलों में रहना पसंद करते हैं. ब्राउन भालू वनस्पति, मछली और छोटे भूमि स्तनधारियों को ही अपना शिकार बनाते हैं. कभी-कभी यह हिरण जैसे बड़े स्तनधारियों का शिकार भी करते हैं.

आपको यह जानकर हैरानी होगी कि ब्राउन बेयर की प्रजाति सबसे लंबे भालूओं में गिनी जाती है. एक व्यस्क ब्राउन बेयर भालू की औसतन ऊंचाई 9.2 फीट तक जा सकती है. 136 किलोग्राम भार का यह भालू अपनी तेज़ रफ्तार के लिये भी जाना जाता है. शायद आपको यकीन न हो कि एक क्विंटल से अधिक वज़नी होने के बाद भी यह भालू  56 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से भाग सकता है!

बर्फीले जंगलों में रहने के कारण ब्राउन भालू का अधिकांश समय नदियों के पास ही गुज़रता है. यहां इन्हें मछलियों का शिकार करने में काफी आसानी रहती है. व्यस्क ब्राउन भालू की औसतन आयु चक्र बीस से तीस साल का होता है. माना जाता है कि अगर इन्हें खाते समय कोई इनके पास आ गया तो यह विशाल भालू उसे अपना शिकार बना लेते हैं.

इनका आकार इतना बड़ा होता है कि इन्हें देख कर ही किसी भी इंसान की रूह काँप जाए.

Brown Bear (Pic: huntercourse)

पोलर बेयर

जब भी आप भालूओं के बारे में पढ़ते होंगे तो एक नाम आपको ज़रुर याद आता होगा. जी हां, पोलर बेयर का. पोलर बेयर भालूओं की एक प्रजाति है.

पोलर बेयर की गिनती मांसाहारी भालूओं में की जाती है.

अलास्का के ठंडे पहाड़ों पर रहने वाले पोलर बेयर मांस खाने के मामले में बाकी भालुओं से भी आगे होते हैं. यह बर्फीली नदियों में बड़ी मछलियों का शिकार करने के लिए जाने जाते हैं. एक बात जो पोलर बेयर को अलग बनाती हैं वह यह कि यह भालू मांस नहीं मिलने की सूरत में मीलों का सफर तय कर छोटे जानवरों का शिकार करते हैं.

कहा जाता है पूरी दुनिया में बीस से पच्चीस हज़ार पोलर बेयर ही बचे हैं. एक पोलर बेयर का वज़न पांच सौ किलो से भी ज़्यादा होता है. वहीं पोलर बेयर की औसतन आयु बीस से पच्चीस वर्ष होती है. वहीं एक नर पोलर बेयर की ऊंचाई आठ से नौ फीट और मादा पोलर बेयर की सात फीट होती है.

यह बर्फ में दुनिया से दूर रहते हैं. इनका अपना एक इलाका होता है जहाँ यह किसी का आना पसंद नहीं करते हैं.

Polar Bear (Pic: marksethlender)

विशालकाय पांडा

इस बात में कोई दो राय नहीं कि भालू का नाम सुनकर आपके दिमाग में सिरहन पैदा हो जाती होगी, लेकिन जब आप पांडा का नाम सुनते होंगे तो दिल पर हाथ रखकर कुछ देर ठंडी सांस ज़रुर लेते होंगे. पूरे भालू की प्रजातियों में पांडा बेयर ही एक ऐसा प्राणी है जो बेहद शांत होता है.

कहा जाता है पूरे विश्व में 1,864 पांडा ही बचे हैं. ज़्यादातर जाइंट पांडा चाइना के जंगलो में ही वास करते हैं. यह पांडा अपनी सुस्ती के लिए अधिक जाने जाते हैं. यह बम्बू और अन्य ऊंचे पेड़ों पर चढ़कर हरी पत्तियां खाना पसंद करते हैं. इनका हरी पत्तियां खाने का अंदाज़ भी बड़ा नवाबी होता है.

नवाबी अंदाज़ में जाइंट पांडा अपने हाथ पांव डाली के नीचे लटका कर लेट जाता है और जिस डाली तक इसके हाथ पहुंचते हैं वहां से यह हरी पत्तियां तोड़ कर खाता रहता है. आपको यह जानकर हैरानी होगी कि एक व्यस्क पांडा 13 हज़ार फीट की ऊंचाई पर आसानी से चढ़ सकता है. मादा पांडा का वज़न 70 किलो होता है जबकि नर पांडा का वज़न सौ किलो होता है. वज़नी होने के बावजूद यह पांडा अठारह मील प्रति घंटे की रफ्तार से भाग सकता है.

यूँ तो यह पांडा बहुत ही शांत स्वभाव के होते हैं मगर कई बार यह भी बाकी भालुओं की तरह खूंखार हो जाते हैं. इनके हमले में कई बार लोग बहुत ही बुरी तरह घयाल हो जाते हैं. इनके चेहरे की शांति देख कई बार लोग इन्हें खतरनाक नहीं समझते और इनके शिकार बन जाते हैं.

Giant Panda (Pic: pgcpsmess)

तो यह थी भालुओं की कुछ दुर्लभ प्रजातियाँ. इनमें से आपको कौन सा भालु सबसे ज्यादा अच्छा लगा हमे कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं.

Web Title: Most Famous Bear Species, Hindi Article

Feature Image Credit: howstuffworks