दुनिया भर में कई तरह के बिच्छू पाए जाते हैं!

छोटे और जहरीले बिच्छू बहुत ही घातक माने जाते हैं. इनका अस्तित्व आज का नहीं, बल्कि 430 साल पुराना है.

दुनिया भर में बिच्छू की 2,000 प्रजातियां पाई जाती हैं. कहते हैं कि इन दो हजार में से कुछ प्रजातियां इतनी खतरनाक होती हैं कि अपने एक वार से ही किसी व्यक्ति को मौत के घाट उतार दें.

तो चलिए आज जानते हैं, दुनिया के सबसे जहरीले बिच्छुओं के बारे में, जिनका काटा पानी नहीं मांगता–

इंडियन रेड स्कोर्पियन

इंडियन रेड स्कोर्पियन दुनिया का सबसे घातक बिच्छू माना जाता है. दिखने में यह छोटा है पर इसके एक बार काटने भर से ही इंसान की मौत की गिनती शुरू हो जाती है. इसका जहर इतना हानिकारक माना जाता है कि इसके काटने के कुछ ही देर बाद से पीड़ित को साँस लेने में परेशानी, फेफड़ों में दर्द और किस्मत बुरी हुई तो मौत तक का समाना करना पड़ता है.

कहते हैं कि महँगी दवाईयाँ भी इसके जहर का कुछ नहीं कर पाती हैं. इसके काटने के बाद अगर एंटीडोट दे भी दिया गया तो सिर्फ 4% ही चांस रहता है कि घायल व्यक्ति जिंदा बचेगा!

यह खतरनाक बिच्छू भारत, नेपाल और श्रीलंका में पाया जाता है.

वैसे यह आकार में बहुत ज्यादा बड़े नहीं होते हैं लेकिन फिर भी जानलेवा माने जाते हैं. माना जाता है कि यह नारंगी, भूरे और ग्रे कलर के होते हैं.

Indian Red Scorpion (Pic: pettrending)

डेथ स्टाल्कर

इस बिच्छू के नाम से ही पता चलता है कि यह कितना खतरनाक हो सकता है. इसके नाम से भी ज्यादा खतरनाक है इसका शिकार करने का तरीका!

कहते हैं कि यह अक्सर रात के समय ही शिकार करने निकलता है. पीले रंग का यह छोटा सा बिच्छू अक्सर रेगिस्तान में ही पाया जाता है. रेगिस्तान की रेत में यह कब और कहाँ से हमला कर दे किसी को पता नहीं चलता.

माना जाता है कि आमतौर पर छोटे-मोटे कीड़े इसका शिकार होते हैं लेकिन खतरा दिखने पर यह बड़े से बड़े जानवर पर भी हमला कर देता है.

इसके जहर के बारे में कहा जाता है कि वह इसकी नन्ही सी पूँछ में होता है, जो बहुत ही ज्यादा खतरनाक माना जाता है. कहते हैं कि इसके जहर का छोटा हिस्सा भी जानवरों तक के लिए घातक बन जाता है. पूरी तरह से अगर इसने जहर छोड़ दिया तो कोई इंसान भी शायद ही बच पाए!

Deathstalker Scorpion (Pic: picssr)

ब्राजीलियन येलो स्कोर्पियन

पीले रंग के यह ब्राजीलियन येलो स्कोर्पियन किसी चलती फिरती मौत से कम नहीं है. इसके जहर को काफी तेज माना जाता है. कहते हैं कि इसके एक बार काटने से ही शरीर के अंग काम करना बंद कर देते हैं, पूरे शरीर में असीमित दर्द होने लगता है और फेफड़ों में सूजन आने लगती है.

ब्राजील में तो हर जगह पर इनका ही कहर होता है. कहते हैं कि हर साल कई हजारों-लाखों लोगों को इनके काटने के कारण ही अस्पताल में जाना पड़ता है जिसमें से 3000 की तो मौत ही हो जाती है.

ऐसा माना जाता है कि इनके काटने के बाद सिर्फ एंटीडोट ही है जो पीड़ित को बचा सकता है लेकिन वह भी 100% काम करेगा… इसकी गारंटी कोई नहीं देता!

Brazilian Yellow Scorpion (Pic: planetdeadly)

अरेबियन फैट टेल्ड स्कोर्पियन

अरेबियन फैट टेल्ड स्कोर्पियन को देखते ही एहसास हो जाता है कि सामने कितना बड़ा खतरा खड़ा है. चटक काले रंग का यह बिच्छू रेगिस्तान में हर समय अपने शिकार के लिए घूमता रहता है.

माना जाता है कि यह काफी गुस्सैल होते हैं. कहते हैं कि इनके आगे चाहे जितना ही बड़ा जानवर क्यों न हो यह किसी से नहीं डरते. इनका डंक और उसमें भरा जहर तो जानलेवा माना जाता ही है लेकिन इनके पंजे भी काफी खतरनाक माने जाते हैं.

यह पंजे इसे छोटे-मोटे कीटों से बचाते हैं और उन्हें पकड़ने में भी मदद करते हैं.

Arabian Fat Tailed Scorpion (Pic: michaelgvelasco…)

एरिज़ोना बार्क स्कोर्पियन

एरिज़ोना बार्क स्कोर्पियन अमेरिका के एरिज़ोना में बड़ी मात्रा में पाए जाते हैं. कहते हैं कि हर साल लगभग 100 लोगों को यह बिच्छू अपना शिकार बनाता है.

यह बहुत जहरीला है लेकिन इसके जहर का तोड़ खुद इसका जहर ही है. माना जाता है कि बार्क स्कोर्पियन का जहर एंटीडोट बनाने में भी काम आता है. आम दवाईयां तो इसके जहर के आगे विफल हो जाती हैं, लेकिन इसके जहर से बना एंटीडोट पूरी तरह से काम करता है.

कहते हैं कि इसका एंटीडोट तो आपकी जान बचा देगा लेकिन एक ही शर्त पर, जब आप समय पर अस्पताल पहुंचे. देर करने से बहुत परेशानियां आ सकती हैं.

Arizona Bark Scorpion (Pic: wikipedia)

एम्परर स्कोर्पियन

एम्परर स्कोर्पियन की खासियत है कि इन्हें पाला जा सकता है. जी हाँ आप सही सुन रहे हैं इसे भी पालतू बनाया जा सकता है!

कई अतरंगी लोगों को इसके जैसे शांत बिच्छू पालने की आदत होती है. माना जाता है कि इन्हें पाल तो सकते हैं लेकिन बहुत सावधानी से क्योंकि एक गलती मौत को दावत दे सकती है.

यह सबसे बड़े आकार के बिच्छू होते हैं. माना जाता है कि इनकी लंबाई करीब 6 इंच तक हो सकती है, लेकिन इनकी उम्र काफी कम होती है. यह 6-8 साल से ज्यादा नहीं जी पाते हैं.

इनका काटना भी खतरनाक माना जाता है, लेकिन हर किसी पर इसके जहर का बुरा असर नहीं होता. जिन पर इनके जहर का असर हो जाता है और अगर उसे समय पर मेडिकल सहायता न मिलें तो उसके लिए यह शांत बिच्छू जी का जंजाल बन सकता है.

Emperor Scorpion (Pic: commons)

साउथ अफ्रीकन फैट टेल स्कोर्पियन

साउथ अफ्रीकी इलाकों में पाया जाने वाला यह बिच्छू बहुत से लोगों को अस्पताल पहुंचने का ज़िम्मेदार है. माना जाता है कि इसके एक बार काटने पर ही शरीर में इतना दर्द होता है कि प्राण निकल जाएं.

कहते हैं कि इसके जहर की मात्रा बताती है कि पीड़ित के साथ कितना बुरा होने वाला है. अगर जहर कम मात्रा में हो तो शरीर में बेहिसाब दर्द होगा.

जहर की मात्रा थोड़ी और बढ़ जाने पर नसों की कार्यप्रणाली रुक जाएगी और शरीर में लकवा हो जाएगा. अगर किस्मत बहुत बुरी रही और जहर बहुत ज्यादा बड़ी मात्रा में शरीर में चला गया तो पीड़ित की मौत भी हो सकती है.

अगर आपको लग रहा है कि बस इसका डंक ही एकमात्र खतरा है तो आप गलत हैं. माना जाता है कि यह बिच्छू जहर को पिचकारी की तरह छोड़ने में भी माहिर होते हैं. वह जहर शरीर में सीधा अंदर तो नहीं जाएगा लेकिन अगर वह आँखों में चला गया तो बहुत बड़ी परेशानी हो सकती है.

Transvaal Thick Tailed Scorpion (Pic: flickr)

बिच्छू छोटे भले ही होते हैं लेकिन इनका वार बहुत घातक होता है. एक डंक और इंसान का काम खत्म. यूँ तो इनमें से कई बेहद शांत होते हैं और अपने से बड़े जीवों पर हमला नहीं करते लेकिन कई बार अपनी रक्षा के लिए इन्हें हमला करना पड़ता है और ऐसे में जो नहीं बच पाया, वह तो….

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Web Title: Most Poisonous Scorpion In The World, Hindi Article

Featured Image Credit: bestwallpaperfreedownloading