भारत का उत्तर पूर्वी भाग विविधताओं से भरा हुआ है. यहां कई प्रकार की जनजातियां रहती हैं जिनकी संस्कृति अलग अलग है.

माना जाता है कि इसमें से कुछ तो हजारों साल से भारत के इस भाग में रह रही हैं और अपने रीति-रिवाजों का अपने पूर्वजों की भांति निर्वहन कर रही हैं.

ऐसी ही एक जनजाति है नागा जिसके ज्यादातर लोग नागालैंड के पहाड़ी क्षेत्रों में रहते हैं.

स्कूली दिनों में हममें से बहुत सारे लाेगों ने नागा जनजाति के बारे में थोड़ा बहुत पढ़ा ही होगा, लेकिन इन सभी के बावजूद नागा जनजाति के बारे में बहुत कुछ ऐसा है जो हमने न कभी पढ़ा है और न ही कभी सुना है. कुछ ऐसी ही बातों पर आज हम चर्चा करेंगे.

तो आइये जंगलों में बसने वाली भारत की एक प्राचीन जनजाति ‘नागा‘ के बारे में जानते हैं–

…तो इसलिये कहलाए नागा!

सबसे पहले यह जानना दिलचस्प होगा कि आख़िर नागा जनजाति को ‘नागा’ क्यों कहा जाता है?

नागा जनजाति के बारे में कई लोगों को अधिक जानकारी नहीं होती है. असल में इसकी वजह है उत्तर-पूर्व क्षेत्र का भारत के अन्य हिस्सों से ज्यादा दूर होना और उनसे एकदम कटा होना.

फिर भी इसके पीछे के कारणों के पीछे एक ठोस वजह है. असल में नागालैंड का अधिकांश हिस्सा बर्मा या म्यांमार के जंगलों में लगता है. पुराने समय में बर्मा के जंगलों में रहने वाले लोगों को ‘नाका’ कहा जाता था.

असल में नाका लफ्ज़ बर्मा भाषा का एक हिस्सा है. वहीं प्राचीन दौर में जो लोग कानों में बूंदे पहनते थे उन्हें भी बर्मा में ‘नाका’ कहा जाता था. जब बर्मा के जंगलों में इस जनजाति का विस्तार हुआ तो यह नागालैंड के जंगलों तक पहुंचे जहां इन्हें नागालैंड में रहने के कारण नाका से नागा बोला जाने लगा.

इसके बाद पूरी दुनिया में यह लोग ‘नागा’ के नाम से मशहूर हो गए.

Hornbill Festival Nagaland (Pic: wikipedia)

धर्म में रखते है ‘अटूट विश्वास’

जब बात जंगलों में रहने वाले आदिवासियों की होती है तो धर्म की चर्चा अवश्य होता है.

असल में वे ही सबसे ज्यादा प्रकृति के करीब होते हैं इसलिए उनके जीवन में पूजा और धर्म विशेष महत्व रखता है.

इसी तरह आपको जानकर हैरानी होगी कि नागा जनजाति के ज्यादातर लोग ईसाई धर्म के अनुयायी हैं.

कहा जाता है कि नागालैंड के घने जंगलों में 100 से अधिक जनजातियां रहती हैं, जिसमें से 16 अलग-अलग प्रकार की नागा जनजातियां हैं जिसमें प्रत्येक की अपनी अलग-अलग संस्कृति रीति-रिवाज और भाषाएं हैं.

हालांकि सभी नागा जनजाति के लोग ईसाई धर्म के अनुयायी नहीं हैं. कुछ नागा लोग आज भी प्रकृति पूजा में भी विश्वास रखते हैं. ये लोग पेड़ पौधे, सूरज और चांद की पूजा करते हैं.

अंग्रेजी भाषा में महारथी

अगर बात जंगल में रहने वाले लोगों की हो तो आप कहेंगे कि इन लोगों की कोई अपनी भाषा होती होगी, लेकिन अगर आप से कहा जाए कि नागा जनजाति के लोग अंग्रेजी भाषा के काफी अच्छे जानकार हैं, तो यकीनन आपको हैरानी होगी!

इतना ही नहीं नागा जनजाति के लोगों की गिनती अनपढ़ों में नहीं पढ़े लिखों में की जाती है!

नागा जनजाति के ज्यादातर लोग अंग्रेज़ी भाषा में वार्ता करते हैं. हालांकि जनजाति के सभी लोगों को अंग्रेज़ी नहीं आती.

जनजाति के लोगों ने जंगलों में ही स्कूलों की स्थापना की है, जिससे इनके बीच शिक्षा का प्रसार प्रचार काफी अच्छा और उम्दा है.  इन स्कूलों में जनजाति के बच्चे शुरू से अंग्रेज़ी पढ़ते हैं.

इस तरह से नागा जनजाति की पीढ़ियां जंगलों में रहने के बावजूद पढ़ाई लिखाई के मामले में आगे हैं.

विरासत है हड्डियों की माला!

अगर इस बार आप नागालैंड घूमने का मन बना रहे हैं तो नागा जनजाति के लोगों के पहनावे को देखकर बिल्कुल न घबराएं क्योंकि इनमें से अधिकांश लोग आपको रंग बिरंगे कपड़े पहने और गले या कान पर हड्डियों की माला पहने नजर आ सकते हैं. ये लोग चमकती सफ़ेद जानवरों की हड्डियों को माला और हार बनाकर शरीर के कई हिस्सों में पहनते हैं.

ये वेशभूषा किसी को डराने के लिए नहीं बल्कि परंपरा निभाने के लिए नागा जनजाति के लोग सदियों से पहनते आ रहे हैं.

असल में जब ब्रिटेन का भारत पर कब्जा था तब अंग्रेजों ने जंगलों पर अपना वर्चस्व जमाने के लिए जनजाति के लोगों को सताना शुरू कर दिया. इनके पास आधुनिक हथियार थे जबकि नागा जनजाति के लोग निहत्थे और इस बात से बेखबर थे कि उन पर उन्हीं के घर में हमला कर दिया जाएगा.

इसलिए इन लोगों ने जानवरों की हड्डियों को नुकीला कर अंग्रेज़ों से लड़ाई लड़ी और इस कारण अपने पूर्वजों के योगदान को याद करने के लिए नागा लोग गले में हड्डियों को पहनते हैं.

New Year festival in Naga Tribe. (Pic: zivkoren)

अंधविश्वास में यकीन?

जंगलों में रहने और प्रकृति की पूजा करने के कारण इन लोगों में अंधविश्वास भी काफी हद तक प्रभाव रखता है. असल में नागा जनजाति के लोग बुरे सपनों पर काफी विश्वास रख़ते हैं.

ऐसे में जब इस जनजाति में शादी की बात आती है तो नागा लड़कियों को रिश्ता ठुकराने की पूरी आज़ादी होती है. नागालैंड में शादी करने की ये अजीब परंपरा काफी अनोखी है.

नागा लोगों के बीच अंधविश्वास के चलते कई बार लड़की शादी का रिश्ता ठुकरा सकती है. अगर जनजाति की किसी लड़की का रिश्ता लड़के से होता है और लड़की तीन दिन के अंदर कोई ऐसा सपना देख ले जो काफी डरावना और बुरा है, तो ऐसे में वह उस रिश्ते को ठुकरा देती है.

है न काफी अज़ीब?

हस्तशिल्पकला में महारत

प्राकृतिक पर्यावरण के कारण इन लोगों में बहुत रचनात्मकता होती है. कम ही लोगों को पता होगा कि नागा जनजाति के लोग हस्तशिल्प के बेहतरीन कारीगर होते हैं.

नागा लोग अपना काफी समय कारीगरी करने में गुजार देते हैं, इस जनजाति के अधिकांश लोग हस्तशिल्प से जुड़ी बेहतरीन और नायाब चीजें बनाते हैं. जिनमें घरों में प्रयोग होने वाले जरूरत के सामान, गर्म शॉल इत्यादि प्रमुख हैं.

वहीं बांस की लकड़ी से घरेलू उत्पाद बनाने में नागा जनजाति के लोगों को महारत हासिल है.

Naga Women crafting in a village. (Pic: flickr)

तो ये था हमारी दुनिया का एक सच जो जंगलों में रहता है और प्रकृति को पूजता है.

इसी तरह अगर आप भी ऐसी किसी जनजाति के बारे में जानते हैं तो कृपया नीचे कमेंट बॉक्स में हमारे साथ जरूर शेयर करें.

Web Title: Naga tribes Of Nagaland: Ancient Mysterious Tribe of India, Hindi Article

Featured Image Credit: qz