जैसा कि हम सब जानते हैं कि पुरातन समय लगभग पूरी दुनिया के लिए एक जैसा ही रहा. हर क्षेत्र का एक राजा होता था, जिसके अधीन हजारों लाखों की प्रजा होती थी. फिर समय बदलता गया और राजाओं का वह दौर इतिहास के पन्नों में छिप गया.

हालाँकि, आज के आधुनिक दौर में भी कई राजा हैं… बस बदले हैं, तो उनके नाम!

अब इन राजाओं को लोग अपनी मर्जी से चुनते हैं और इनका एक निश्चित कार्यकाल होता है.

आधुनिक युग के इन राजाओं को देश का राष्ट्रपति कहा जा सकता है. हम राष्ट्रपति को राजा इसलिए कह रहे हैं, क्योंकि इनके रहन-सहन और शान-ओ-शौकत किसी राजा के समान ही होती है. इनमें सबसे महत्वपूर्ण होता है इनका घर!

तो आईये क्यों न आज हम दुनिया के कुछ चुनिंदा और सबसे मशहूर राष्ट्रपति भवनों को जानें–

वाइट हाउस, अमेरिका

आप मोटे तौर पर इसके बारे में रोज कुछ न कुछ सुनते होंगे, किन्तु यहाँ कुछ ख़ास बातें बताएँगे!

दुनिया के सबसे ताकतवर देश की पहचान रखने वाला देश अमेरिका का राष्ट्रपति सबसे ज्यादा मशहूर है. इस शानदार इमारत की रुप-रेखा साल 1790 के समय में एक आरिश आर्किटेक्चर जेम्स होबन ने तैयार की थी.

निर्माण की बात की जाए तो इसकी शुरुआत 13 अक्तूबर 1792 में की गई थी, इसके बाद अगले आठ साल तक इस खूबसूरत इमारत को बनाने का काम चला. इस कार्य को करने के लिए अफ़्रीकी अमेरिकन और  यूरोपियन प्रवासी लोगों को श्रमिक के तौर पर चुना गया था.

करीब आठ साल के लंबे अंतराल के बाद करीब 232372 डालर की रकम से वाइट हाउस का निर्माण कार्य पूर्ण हुआ और 1 नवंबर 1800 में जॉन एडम्स और उनकी पत्नी एबिगेल एडम्स इस घर के पहले निवासी बने.

इसके बाद साल दर साल इस इमारत में कई बदलाव हुए. जब भी किसी नए राष्ट्रपति को इसका अधिकार मिलता है, तो वह इसमें अपने मुताबिक बदलाव करवाता है.

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि वाइट हाउस में करीब 6 मंजिले हैं, जिनमे कुल 142 कमरे हैं. यह दुनिया का एकलौता ऐसा राष्ट्रपति भवन है,  जिसे देखने के लिए आम जनता को किसी भी तरह का भुगतान नही करना पड़ता.

America’s Presidential House (Pic: ETHNews.com)

राष्ट्रपति भवन, भारत

इस सूची में दूसरे स्थान पर है, भारतीय राष्ट्रपति का निवास स्थान!

इसे राष्ट्रपति भवन के नाम से भी जाना जाता है. इसके निर्माण कार्य की कहानी बेहद दिलचस्प है. असल में जिस समय इसका निर्माण हुआ, उस समय भारत ब्रिटिश हकुमत का गुलाम था.

बहरहाल, इस इमारत का निर्माण वायसराय के निवास स्थान के रुप में किया गया था, मगर आजादी के बाद इसे राष्ट्रपति का आवास गृह घोषित कर दिया गया.

इस दर्शनीय इमारत की रुपरेखा ब्रिटिश आर्किटेक्चर सर एड्विन लयूटेनस ने तैयार की थी. इस के निर्माण कार्य की शुरुआत भारतीय राजधानी के बदलाव के साथ ही शुरु हो गई थी. इसे बनाने से पूर्व सबसे बड़ी परेशानी इसकी जगह को लेकर खड़ी हुई थी, जोकि लंबे समय तक चर्चा में रही. अंतत: इमारत के निर्माण की जगह निर्धारित हुई और इसे बनाने के लिए करीब 23000 मजदूरों को लगाया गया.

राष्ट्रपति भवन में कुल चार इमारतें बनाई गईं, जिनमें कुल 340 कमरे बने. इसकी खूबसूरती को बढ़ाने के लिए इसमें कई जगह सुन्दर नक्काशी की गई है. साथ ही भारत के भिन्न राज्यों से मंगवाया गया बेहतरीन सामान इसके आकर्षण में चार चांद लगाने का काम करता है.

राष्ट्रपति भवन के निर्माण में कुल 700 मिलियन ईटों, 3 मिलियन आयाताकार पत्थरों का इस्तेमाल किया गया था. समय की बात करें तो यह 17 वर्ष की कड़ी मेहनत के बाद कुल 14 मिलियन की राशि की लागत के साथ बनकर तैयार हुआ.

इस भवन के प्रांगण में ही मुगल गार्डन भी मौजूद है, जोकि इसकी असली शान है. हर साल इसे कुछ माह के लिए आम जनता के लिए खोला जाता है. भारत के लोग ही क्यों इसे देखने के लिए विदेशी सैलानियों तक का तांता लगता है.

Rashtarpati Bhavan India (Pic: alphacoders)

दा ग्रैंड क्रेमलिन पैलेस, रशिया

इस तालिका में तीसरे स्थान पर है, रुस का ‘दि ग्रैंड क्रेमलिन पैलेस’.

इसका निर्माण 1837 से 1849 के समय के दौरान हुआ. इसका डिजाइन कोनस्टैनटिन थोन व उनकी टीम द्वारा तैयार किया गया. 125 मीटर लंबी और 47 मीटर उंची यह इमारत करीब 25000 सक्वेयर मीटर में फैली है.

इसमें करीब 700 कमरे हैं. साथ ही अलग-अलग अवसरों के मुताबिक विभिन्न चर्चा स्थल. हर विशेष चर्चा या अवसर अनुसार प्रत्येक हॉल को एक अलग नाम दिया गया है. यहीं पर 1 जून 1988 में अमरीकी राष्ट्रपति रोनॉल्ड रेगन और सोवियत जनरल सेक्रेटरी मिखेल गोरबाचेव ने आई.एन.एफ जैसी बड़ी संधि पर हस्ताक्षर किए थे.

Russian President House ‘The Grand Kremlin’ ( Pic:Terraficionados)

अर ओरडा, कज़ाकिस्तान

कज़ाकिस्तान की राजधानी अस्ताना की सबसे खूबसूरत इमारतों में से एक है ‘अर ओरड़ा’, जोकि कज़ाकिस्तान के राष्ट्रपति का निवास स्थान है.

इस इमारत का निर्माण अमेरिका के वाइट हाउस और इंग्लैंड के बकिंग्म पैलेस की तर्ज पर किया गया है. इसे 24 दिसंबर 2004 में तैयार किया गया था. कहते हैं कि इसकी बनावट कुछ इस तरह की है कि लोगों की नज़र इससे नहीं हटती.

इसे करीब 1800 स्क्वायर मीटर में बनाया गया है. इसमें अलग-अलग विषयों व अवसरों के मुताबिक हॉल बनाए गए हैं. पहली मंजिल पर जहां, राष्ट्रपति के प्रबंधन से जुड़े सभी लोग मौजूद रहते हैं, वहीं दूसरी मंजिल पर छोटे से लेकर बड़े हर स्तर के कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं. यहां बना सफेद और सुनहरे रंग का हॉल विशेषकर राष्ट्रपति की बैठकों के लिए तैयार किया गया है.

जबकि, तीसरी मंजिल पर सरकार से जुड़े मसलों पर चर्चा के लिए हॉल बनाए गए हैं.

दुनिया के अन्य देशों की भांति ‘अर ओरडा’ को भी आम जनता के लिए समय-समय पर खोला जाता है, ताकि वह भी इस खूबसूरत इमारत का दीदार करीब से कर सकें.

Ak orda, Kazakhstan’s President house (Pic: Momentary Awe)

बैल्लिवयू पैलेस, जर्मनी

जर्मनी के राष्ट्रपति का निवास स्थान बैल्लिवयू पैलेस के नाम से विश्वभर में प्रसिद्ध है. इसका निर्माण साल 1786 में किया गया. इस शानदार पैलेस का निर्माण ‘फ्रेडरिक द ग्रेट’ के छोटे भाई प्रिंस फेरदिनंद के निजी आवास के तौर पर किया गया था.

करीब एक शताब्दी के उपरांत साल 1888 से 1918 के आसपास शासक ‘विल्हेल्म द्वितीय’ ने इस इमारत को एक स्कूल के तौर पर इस्तेमाल किया.

इस दौरान दूसरे विश्व युद्ध के चलते इस इमारत को काफी क्षति पहुंची, जिस वजह से इसे दोबारा से बनाया गया और फिर इसे देश के राष्ट्रपति का निवास स्थान बना दिया गया.

यह पैलेस क्विन वींगस और स्प्री वींगस दो भागों में बंटा हुआ है.

Bellevue Palace of Germany (Pic:bellevue palace)

बहरहाल यह थे दुनिया के कुछ बेहतरीन राष्ट्रपति भवन, जिन्हें दुनिया के शायद सबसे बढ़िया आर्किटेक्चर्स ने डिजाइन किया. ये इमारतें दुनिया में इंसान द्वारा निर्मित कुछ चुनिंदा चीजों में से एक हैं. इनके अलावा भी दुनिया के कई अन्य देशों के राष्ट्रपति भवन अपनी-अपनी खासियत की वजह से प्रसिद्ध हैं.

Web Title: Popular Presidential House of the World, Hindi Article

Featured Image Credit: dubai city tour