एक समय था जब मुंबई के लोग रात में अपने घरों से बाहर निकलने से भी कतराते थे. कभी न सोने वाले मुंबई शहर में चुप्पी छा गई थी, वह भी बस एक आदमी की वजह से!

वह व्यक्ति काली अंधेरी रातों में आया करता था. हाथ में एक हथियार लिए घूमते हुए, उसकी आंखे ढूंढती थी तो बस एक ही चीज़ ‘उस रात का अपना शिकार’…

यह कहानी है उस शख्स की जो आया था एक तूफ़ान बनके लोगों को मौत की नींद सुलाने.

उसका नाम था ‘रमन राघव’…

मुंबई की सड़कें खून से रंग गई थीं!

वह साल था 1966. हमेशा की तरह मुंबई में लोगों की जिंदगी बिना रुके अपनी पूरी रफ़्तार पर चल रही थी. सब अपने में मग्न थे लेकिन किसी को खबर भी नहीं लगी कि मुंबई के फूटपाथ पर कोई लोगों को मार रहा है.

सबसे पहले पुलिस को इस बात की खबर लगी थी कि शहर में एक क़त्ल हुआ. जब पुलिसकर्मी घटना स्थल पर पहुंचे तो वह देख कर दंग रह गए. मरने वाले व्यक्ति का पूरा का पूरा चेहरा बिगाड़ दिया गया था.

साफ पता चल रहा था कि किसी ने उसे किसी बहुत ही मजबूत लोहे जैसी चीज़ से मारा है. किसी को समझ नहीं आया कि आखिर किसका था यह काम!

शुरुआत में तो इसे एक आम मर्डर केस की तरह ही समझा गया. सबको लगा कि किसी आपसी रंजिश के कारण किसी ने हत्या की है, ऊपर से मरने वाला भी गरीब था. किसी ने केस को ज्यादा तवज्जो नहीं दी.

पुलिस का असली ध्यान तो केस की ओर तब खिंचा जब एक के बाद एक कई और लाशें उसी इलाके के पास मिलीं. सभी हत्याओं में एक चीज़ गौर करने वाली थी, मारने का तरीका!

जब लाशों की संख्या बढ़ने लगी तब जाके सबकी समझ में आया कि शहर में कोई ‘सीरियल किलर’ आ चुका है.

सबसे बड़ी परेशानी यह थी कि हत्यारे को कोई नहीं जानता था. किसी को खबर नहीं थी कि आखिर वह कौन है और क्यों वह लोगों को मार रहा है. वह जो भी था उसके इस काम ने मुंबई की कई सड़कों को लहूलुहान कर दिया था.

लोग सदमें में थे, पुलिस बौखलाई हुई थी और कातिल, वह तो बेफिक्र घूम रहा था.

Raman Raghav Notorious Serial Killer Of Mumbai (Pic: neilvenketramen)

पुलिस फ़ोर्स लगी खोज में

वक़्त बीतता जा रहा था और मरने वालों की संख्या भी बढ़ती रही थी. पुलिस फ़ोर्स पर भी इलज़ामों की बौछार हो गई. पुलिस को मुंबई जैसे बड़े शहर में एक गुमनाम आदमी को ढूंढना था, जो भूसे के ढेर में सुई ढूँढने के बराबर था.

मुंबई पुलिस ने भी ठान ली थी, कि किसी भी हालत में इस कातिल को वह पकड़ कर ही दम लेंगे. पूरी की पूरी मुंबई पुलिस फैल चुकी थी शहर भर में इस एक आदमी को ढूँढने के लिए.

हर रात खूनी की खोज में लगे थे पुलिसकर्मी. कोने-कोने पर थी नज़र लेकिन फिर भी क़त्ल होते रहे.

एक खून की तफ्तीश पूरी होती नहीं थी कि दूसरे की खबर आ जाती. पुलिस ने अपने खबरी तक बिछा दिए थे लेकिन उनसे भी नहीं मिला कोई सुराग.

सारी कोशिशें जाया हो रही थी. सबका मनोबल टूट रहा था.

Raman Raghav Notorious Serial Killer Of Mumbai (Pic: thebetterindia)

पकड़ा गया ‘रमन राघव’…

लोगों ने रमन राघव को एक जादुई शैतान बता दिया जो क़त्ल करने के बाद किसी भी जानवर का रूप लेकर भाग जाया करता था. असल में तो ऐसा कुछ भी नहीं था लेकिन पुलिस की नाकामयाबी के कारण लोगों को इस पर विश्वास हो गया.

रमन ने बहुत लोगों को मारने की कोशिश की थी लेकिन उसमें से कुछ लोग जिंदा बच गए. जिंदा बचे हुए उन लोगों में से एक ने यह कबूला कि उसने कातिल को देखा है.

इस बात ने पुलिस में एक उम्मीद जगा दी. गवाह ने बताया कि रमन किसी बाबा की तरह दिखता है जिसकी बड़ी-बड़ी दाढ़ी है. उस बात के आधार पर ही हर जगह रमन राघव के पोस्टर लगा दिए गए. हर तरफ रमन की तलाश होने लगी.

एक दिन पुलिस को अचानक से एक फोन आया. फोन पर एक महिला ने कहा कि उसने खूनी को देखा है मलाड के पास. उस औरत ने बताया कि उसने खाकी रंग के निक्कर और नीले रंग की कमीज़ पहनी हुई थी, खूनी के हाथ में एक छाता भी था. पुलिस ने इस बात को अपने दिमाग में बांध लिया और फिर से निकल पड़ी रमन की खोज में.

रमन का हुलिया जानने के थोड़े दिन बाद ही एक पुलिस ऑफिसर को एक आदमी दिखा जो हूबहू उस औरत के दिए बयान के मुताबित दिख रहा था. उसने भी खाकी निक्कर और नीली कमीज़ पहनी हुई थी, उसके हाथ में भी एक छाता था!

वह अफसर समझ गया कि यही है जिसे वह इतने दिनों से ढूंढ रहा था. अफसर सीधा गया और रमन को पीछे से धरदबोचा और अपने साथ जेल ले गया.

Raman Raghav Notorious Serial Killer Of Mumbai (Pic: fridayrating)

‘चिकन करी’ ने उगलवाए सारे राज़

जेल के अंदर पुलिस की मार के बाद भी रमन कुछ नहीं बोला. उसने कहा कि वह सब बताएगा लेकिन पहले उसे ‘चिकन करी‘ खिलाई जाए. चिकन खाते ही रमन पर न जाने क्या जादू हुआ कि वह तोते की तरह बोलने लगा.

उसने बताया कि उस पर पहले भी चोरी और लूट के इलज़ाम लग चुके हैं. अपने हर क़त्ल के बारे में भी उसने बड़े आराम से बताया कि उसने कैसे किसी को मारा और किस चीज़ से मारा.

तफ्तीश के बाद पुलिस को पता चला कि रमन के क़त्ल करने के पीछे कोई वजह नहीं थी, उसने सारे कत्ल बिना सोचे समझे किए. वह अपने साथ पुलिस वालों को पूरे शहर में ले गया और हर कोने से अपने हथियार उन्हें निकाल के दिए.

बाद में रमन का केस अदालत तक पहुंचा और उसे उम्र कैद की सज़ा सुनाई गई. इस बीच उसकी दिमागी जांच भी की गई, जिसमें यह सामने आय कि वह दिमागी रूप से ठीक नहीं है.

आखिर में रमन को सलाखों के पीछे भेजा गया जहाँ उसकी किडनी फेल होने के कारण मौत हो गई. इसी के साथ ख़त्म हो गया रमन राघव का खौफ.

Raman Raghav Notorious Serial Killer Of Mumbai (Pic: mastercardcenter)

रमन रघाव के नाम से आज बेशक कई लोग परिचित न हों लेकिन बीते वक़्त में मुंबई का हर शख्स उसके बारे में जानता था. यूँ तो उस कातिल को सब भूल गए थे लेकिन अनुराग कश्यप की फिल्म ‘रमन राघव 2.0‘ ने एक बार फिर लोगों को उस खौफनाक मंज़र की याद दिला दी थी.

आपने देखी वह फिल्म? इस स्टोरी से मिलती जुलती कहानी है उस मूवी में या अलग प्लाट है उसका… कृपया कमेन्ट सेक्शन में जरूर बताएं.

Web Title: Raman Raghav Notorious Serial Killer Of Mumbai, Hindi Article

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