पुरानी पैंट की जेब में रखा 50 रुपए का नोट मिल जाए, तो कितनी खुशी मिलती है?

सोचिए, जब किसी को जमीन में दबा या समंदर में डूबा करोड़ों-अरबों रुपए का खजाना मिलता है तो उसे कैसा लगता होगा?

और हां, गड़ा हुआ खजाना केवल किस्से-कहानियों में ही नहीं मिलता, असल जिंदगी में भी ऐसे बड़े-बड़े खजाने खोजे गए हैं.

इन खजानों की तलाश के लिए किसी को इंडियाना जोन्स या कैप्टन जैक स्पैरो बनने की जरूरत नहीं पड़ी. बल्कि किस्मत ने यूं ही चमचमाते सोने से कई लोगों को मिलवा दिया. खास बात यह है कि इस खजाने का किसी ने निजी इस्तेमाल नहीं किया, बल्कि इन्हें दुनिया भर के मशहूर संग्रहालयों में सुरक्षित रखा गया है.

यदि आपने अब तक इन बहुमूल्य वस्तुओं को नहीं देखा है तो हम आपको लिए चलते हैं सबसे पुराने खजानों की दुनिया में…

वाइकिंग साम्राज्य का खजाना

1840 ईस्वी के दौरान रिबेल नदी पर बांध का निर्माण किया जा रहा था. यहां काम करने वाले मजदूरों को खुदाई में एक पुराना बॉक्स मिला. यह काफी बड़ा और भारी था. जब उन्होंने इसे खोला तो वह सब चौंक गए. इस बक्से में सालों पुराने चांदी के गहने, सिक्के, और लगभग 8,600 प्रकार की कीमती वस्तुएं थीं.

पुरातत्व शास्त्रियों ने खजाने के बारे में शोध करके बताया कि यह वाइकिंग साम्राज्य के दौरान की वस्तुएं हैं. जिस जगह पर खुदाई की जा रही थी वह उस साम्राज्य की सबसे बड़ी आभूषण की दुकान थी और वहां दुकान का तहखाना था.

सिक्कों और वस्तुओं पर अंकित प्रतीक चिन्हों से साफ पता चल रहा था कि खजाने में कई चीजें स्कैंडिनेविया, इटली और बाइजेंटाइन साम्राज्य की थीं. बाद में यह खजाना ब्रिटिश की महारानी विक्टोरिया को उपहार स्वरूप दे दिया गया. इसका कुछ अंश आज भी ब्रिटिश संग्रहालय में संभालकर रखा गया है. एक अनुमान के अनुसार खजाने की कीमत 3.2 मिलियन यूएस डॉलर है.

Viking Treasure (Pic: teachinghistory100)

वीनस डी मिलो

वीनस डी मिलो यूनानी कलाकारों द्वारा बनाई गई नायाब कलाकृति है. संगमरमर से बनी इस मूर्ति को 100 से 130 ईसा पूर्व बनाया गया. माना जाता है कि यह यूनानियों के लिए प्रेम और सुंदरता की देवी हुआ करती थीं.

8 अप्रैल 1820 को यह मूर्ति एक किसान को मिलो द्वीप पर खंडहर हालत में मिली थी. वह गरीब किसान अंजान था कि आखिर उसके हाथ कितनी बड़ी चीज लगी है. उसके लिए तो यह बस एक मूर्ति थी. उसने आखिर में इस मूर्ति को फ्रांस के राजा अट्ठारहवें लुई को दे दिया एक उपहार के तौर पर.

लुई को इस प्रतिमा की ऐतिहासिकता का अहसास था इसलिए उन्होंने 1821 में इसे फ्रांस के लूव्र संग्रहालय को दान कर दिया. एक अनुमान के मुताबिक आज उस मूर्ति की कीमत करीब 1 बिलियन अमेरिकी डॉलर से भी ज्यादा है.

हालांकि यूनानियों के लिए इसका महत्व पैसे से कहीं ज्यादा है. वह मूर्ति तो संग्रहालय में है मगर उसके हाथ का एक टुकड़ा आज तक किसी को नहीं मिल पाया है.

बताया जाता है कि 1796 में नेपोलियन की सत्ता थी. उसने इटली पर कब्जे के दौरान इस मूर्ति को लूट लिया था. इटली के सम्राट मैथी के लिए यह बेहद शर्म की बात थी. जब यह मूर्ति मिली तो इसे फ्रेंच ने राष्ट्रीय अपमान का बदला लेने के लिए इस्तेमाल किया.

Venus De Milo Statue (Pic: wikimedia)

रोम का पोम्पी शहर

इटली में एक हजारों साल पुराना माउंट वेसुवियस ज्वालामुखी है. माना जाता है कि इस ज्वालामुखी में 79 ईसा पूर्व एक बड़ा विस्फोट हुआ था. ज्वालामुखी का लावा शहर पर भी गिरा और देखते ही देखते करीब 20 हजार लोग पत्थर की मूरत बन गए.

1748 में एक्सप्लोरर्स का एक समूह पोम्पी शहर की तलाश में दोबारा यहां आया. धुंध की मोटी पर्त के पीछे और काफी गहरी खुदाई के बाद आखिरकार इस शहर को ढूंढ ही निकाला गया. हालांकि यहां केवल खंडहर ही बचे थे.

यहाँ देखने के लिए तो कुछ ख़ास नहीं था मगर इसने लोगों के सामने इतिहास को खोल कर रख दिया था. यहाँ से खोजकर्ताओं को पाता चला कि आखिर कैसे जिंदगी जीते थे उस समय के लोग.

लगभग 250 सालों बाद यूनेस्को ने पोम्पी शहर को दुनिया के सबसे विनाशकारी और विश्व धरोहर स्थलों में शामिल कर लिया. आपको बता दें कि करीब 25 लाख लोग पोम्पी शहर की यात्रा के लिए हर साल इटली आते हैं.

Dead People OF Pompeii City (Pic: ancientworldwonders)

इजराइल की धरती पर मिला सालों पुराना खजाना

इजराइल में स्थित सीजरिया राष्ट्रीय उद्यान के पास स्थित समुद्र में स्कूबा गोताखोर समुद्र के स्तर का अध्ययन कर रहे थे. वह धीरे-धीरे खोज करने समंदर के अंदर जाते रहे. जैसे ही वह थोड़ा और नीचे पहुंचे उन्हें एक सोने का सिक्का वहां समुद्र तल पर पड़ा हुआ मिला.

गोताखोरों ने जब पहले वह सिक्का देखा तो उन्हें वह ज्यादा पुराना नहीं लगा. हालांकि जैसे ही उन्होंने सिक्के पर अंकित निशान देखे तो उनके होश उड़ गए. उन्हें सिक्के के निशान देखने के बाद पता चला कि यह एक ऐतिहासिक खजाने का हिस्सा है.

इसके बाद पुरातत्व विभाग के अधिकारियों ने मेटल डिटेक्टर से जांच की तो उन्हें और सोने के सिक्के होने का अंदाजा हुआ. वहां खुदाई की गई और करीब 2 हजार वैसे ही सिक्के दिखाई दिए. इतने सारे सिक्कों को एक साथ देख हर कोई हैरान हो गया.

अभी तक कोई ठीक रूप से अनुमान नहीं लगा पाया है कि आखिर यह सिक्के कब के हैं. हालाँकि धारणाओं की मानें तो यह 10वीं से 12वीं शताब्दी के हैं.

Gold Coin Founded In Israel (Pic: businessinsider)

टिल्या टेपे की कब्रों का खजाना

उत्तरी अफगानिस्तान के टिल्या टेपे में साल 1978 में 6 कब्रों के टीलों से 20 हजार से ज्यादा सोने के गहने मिले थे. इसलिए इस क्षेत्र को आज बैक्ट्रियन गोल्ड के नाम से जाना जाता है. इसके बारे में इतिहासकार बताते हैं कि इन सिक्कों को भारत, चीन, ग्रीस, जैसे कई देशों से लाकर यहां पर इकठ्ठा किया गया था.

इस खजाने के बारे में ग्रीक-रूसी पुरातत्वविद् विक्टर ने शोध किया है. इस शोध के अनुसार दूसरी शताब्दी के दौरान चीन और पश्चिमी देशों के बीच व्यापार के लिए यहां से होकर रास्ता गुजरता था. इस दौरान कई सूफी भी यहां से यात्रा करते थे. इस जगह में कब्रिस्तान का निर्माण किया गया था.

माना जाता है कि यह नोमेडिक राजा और उसकी 5 रानियों की कब्रे यहीं पर दफन हैं. इतना ही नहीं कहते हैं कि यह जो खजाना पाया गया है यह उसी राजा का है.

1988 के दौरान अफगानिस्तान के राष्ट्रपति मोहम्मद नजीबुल्लाह को अंदेशा था कि सोवियत संघ युद्ध के दौरान खजाना लूट लेगा. आखिर में हुआ भी कुछ ऐसा ही. इस खजाने का बहुत सा हिस्सा सोवियत संघ और अफगानिस्तान की लड़ाई में लूट लिया गया.

इसके बाद 1993 में भी इस खजाने को लूटा गया. खजाने का वह लूटा हुआ हिस्सा आज कई देशों के संग्रहालय में मौजूद है.

Bactrian Gold (Pic: assemblynewyork)

यह थे दुनिया के कुछ ऐसे खजाने जो महज़ कहानी नहीं हकीकत थे. यूँ तो इनसे पाने वाले लोग बहुत अमीर बन सकते थे मगर उन सभी ने इसे सुरक्षित सरकार को देना ही सही समझा. जिस तरह इन लोगों को इतिहास के यह कीमती खजाने मिले वह वाकई हैरतअंगेज था. आप भी कोशिश करते रहिए क्या पता कब आपकी किस्मत भी कोई मोड़ ले ले 🙂

वैसे मजाक से इतर, खजानों के बारे में आपका क्या विचार है… कमेन्ट-बॉक्स में अपनी राय से हमें भी अवगत कराएं.

Web Title: When Common People Found Treasure, Hindi Article

Featured Image Credit: dailydew