एनाकोंडा...

ये नाम सुनते ही दिमाग में एक सांप की तस्वीर उमड़ पड़ती है. वो सांप, जो इंसानों से भी लंबा है. वो सांप जिसकी कुंडली में अगर कोई फंस जाए, तो उसकी हड्डियाँ चकनाचूर हो जाती हैं. वो सांप, जो एक पूरा इंसान निगल सकता है!

एनाकोंडा की इन्हीं बातों की वजह से लोग अक्सर उससे दूरी बनाए रहते हैं. कोई भी नहीं चाहता कि उसका सामना इस विशालकाय सांप से हो. 

तो चलिए आज जानते हैं कि आखिर एनाकोंडा क्यों है इनता खतरनाक–

इनका विशालकाय शरीर होता है डरावना!

अगर हम हॉलीवुड फिल्मों में देखें, तो एनाकोंडा को लगातार शिकार करने वाला सांप दिखाया गया है. इतना ही नहीं इसे बहुत ही ज्यादा फुर्तीला भी दिखाया गया. हालांकि वहीं दूसरी ओर असलियत में एनाकोंडा की जिंदगी फिल्मी दुनिया वाली जिंदगी से बिलकुल अगल है. 

एनाकोंडा आकार में बहुत ज्यादा बड़े होते हैं. माना जाता है कि एक एवरेज एनाकोंडा करीब 20 फीट या उससे भी ज्यादा लंबा हो सकता है. इसलिए यह पेड़ों तक पर बड़ी ही आसानी से चढ़ जाता है. 

इनका आकार इतना बड़ा होता है, तो लाजमी है कि इनका वजन भी उसी हिसाब से होगा. एक आम एनाकोंडा का वजन करीब 550 पौंड या कहें कि 250 किलो तक हो सकता है.

यही कारण है कि यह इतने विशालकाय दिखाई देते हैं. हालांकि इसके बाद भी यह जंगल में इतनी शांति से इधर-उधर जाते हैं कि किसी को कोई खबर तक नहीं होती है.

अपने इस शरीर के इन्हें कुछ फायदे हैं, तो वहीं कुछ नुक्सान भी. जहाँ इतने बड़े जीव को देखकर, जानवर तो जानवर, इंसान भी दूर भागते हैं. वहीं दूसरी ओर इनका यह शरीर खुद इन्हें ही नहीं भागने देता. 

अपने भारी वजन के कारण यह बहुत सुस्त हो जाते हैं. बाकी साँपों की तरह एनाकोंडा में पलक झपकते ही हमला करने की काबिलियत नहीं होती.

इसलिए यह शिकार करने के लिए घंटों-घंटों घात लगाकर बैठे रहते हैं! ये थोड़े सुस्त जरूर हैं मगर इसका मतलब ये नहीं कि इन्हें आसानी से चकमा दिया जा सकता है.

एक बार अगर ये किसी को पकड़ लें, तो उसका छूटना मुश्किल हो जाता है. इसलिए दक्षिणी अमेरिका और अमेज़न के जंगलों में इनके नाम का खौफ रहता है. 

Anaconda Can Be More Than 25 Feet Long (Pic: gsfdcy)

शांति से करते हैं शिकार...

एनाकोंडा बहुत ही शांति पसंद सांप है. इन्हें अपने अलावा और किसी की मौजूदगी पसंद नहीं होती है. इसलिए यह जंगलों में सबसे दूर और बिलकुल अकेले रहते हैं. 

कहते हैं कि इन्हें अपने इलाके में किसी और का आना भी बिलकुल पसंद नहीं होता. अपने बड़े शरीर के साथ अकेले शिकार करना बहुत मुश्किल होता है. इसलिए यह अक्सर नदियों के पास अपना इलाका बनाते हैं.

ऐसा करने की वजह है कि वहां पर इन्हें शिकार के लिए कहीं जाना नहीं पड़ता. शिकार अपने आप ही इनके पास आ जाता है. इतना ही नहीं एनाकोंडा बहुत अच्छे तैराक भी होते हैं. यह पानी में बहुत ही सरलता से तैर सकते हैं. 

जैसे ही कोई जानवर या छोटा जीव पानी के करीब आता है यह अपने काम पर लग जाते हैं. धीरे से ये पानी में चले जाते हैं बिना कोई शोर मचाए. इनकी आँखें मगरमच्छ की तरह ऊपर की तरफ होती हैं. 

ठीक उसकी ही तरह ये पानी में घात लगाकर बैठ जाते हैं और शिकार को देखते रहते हैं. इसके बाद ये धीरे-धीरे उसके पास जाते हैं और तुरंत ही उसे जकड़ लेते हैं. 

इसकी कुंडली में फंसने के बाद बहुत कम ही खुशनसीब जीव होते हैं, जो बाहर निकल पाते हैं. एक बार किसी को ये पकड़ लेते हैं, तो फिर उसका छूटना नामुमकिन हो जाता है. 

इसके बाद धीरे-धीरे ये अपनी कुंडली को कसते जाते हैं और तब तक कसते हैं जब तक उसका दम ना निकल जाए. जब इन्हें लगता है कि शिकार मर चुका है, तब ये अपनी पकड़ ढ़ीली करते हैं. 

इसके बाद शुरू होती है इनके खाने की प्रक्रिया. इनका मुंह कुछ इस तरह का बना है कि वह अपनी क्षमता से काफी अधिक खुल सकता है. इतना अधिक की पूरे शिकार को ये एक बार में निगल जाते हैं. 

इतना ही नहीं रात में तो ये और भी खतरनाक हो जाते हैं. इनकी आँखें रात में भी बड़े आराम से देख सकती हैं. इसलिए यह आराम से कमजोर जानवरों को अपना खाना बना लेते हैं. इतना सब करने के बाद भी यह कोई सबूत नहीं छोड़ते. इसलिए जंगल में इन्हें ढूंढना बहुत मुश्किल हो जाता है. 

Anaconda Can Kill In River (Pic: wallpapers13)

जब जिंदा इंसान को निगल गया एनाकोंडा!

ये बात है 2014 की जब एक वाइल्डलाइफ एक्सपर्ट पॉल रोसोली ने एनाकोंडा का निवाला बनने की सोची. यह सब उन्होंने अपने स्पेशल शो के लिए किया था. 

अपने इस शो के लिए उन्होंने अमेज़न के जंगलों मे बहुत दिन तक एक एनाकोंडा की तलाश की. एनाकोंडा को ढूँढना बहुत ही मुश्किल काम था मगर आखिर में उन्होंने उसे ढूंढ ही लिया.

इसके बाद देखा गया कि कहीं उसने पहले कोई शिकार तो नहीं किया. ऐसा इसलिए क्योंकि एक बार शिकार करने के बाद एनाकोंडा कई हफ्तों तक दूसरा शिकार नहीं करते हैं.

पॉल की किस्मत अच्छी थी कि वह एनाकोंडा भूखा था. इससे उनका काम चल सकता था. इसके बाद उनकी टीम ने शूटिंग की सारी तैयारियां की.

पॉल को इस शूट के लिए एक स्पेशल' स्नेक प्रूफ सूट' दिया गया. इसे बहुत ही मजबूत बनाया गया ताकि एनाकोंडा की पकड़ से पॉल को कोई नुक्सान न हो.

इसके बाद पॉल के शरीर पर सूअर का खून लगाया गया ताकि एनाकोंडा को वो अपना शिकार लगे.  जो एनाकोंडा उन्होंने पकड़ा था वो करीब 25 फुट लंबा और 250 किलो वजनी था. इतना बड़ा एनाकोंडा बड़ी आराम से किसी को भी निगल सकता है.

अपने ऊपर खून लगाने के बाद पॉल उस एनाकोंडा के सामने आ गए. कहते हैं कि शुरूआत में वह पॉल को खाना नहीं चाहता था. हालांकि थोड़ी बहुत जबरदस्ती के बाद वह पॉल को खाने के लिए तैयार हो गया.

इसके बाद धीरे-धीरे उसने पॉल को अपने मुंह में डालना शुरू किया. थोड़ी ही देर में पॉल पूरी तरह से उसके शरीर के अंदर पहुँच गए थे. शुरुआत में लगा कि यह बहुत ही आसान काम था मगर कुछ ही मिनट में हालात बदल गए. उन्हें एहसास हो गया था कि आखिर उन्होंने कैसी गलती कर दी है.

एनाकोंडा उनकी सोच से ज्यादा खतरनाक था. उसके दबाव के आगे पॉल का सूट भी नहीं चला. सूट पहनने के बाद भी उन्हें अपनी हड्डियों पर दबाव का एहसास होने लगा.

थोड़ी ही देर में उन्हें हड्डियाँ टूटने का दर्द भी महसूस हुआ. पॉल समझ गए कि अब वह ज्यादा देर यहाँ रहे, तो वो सच में एनाकोंडा का निवाला बन जाएंगे. इसलिए उन्होंने तुरंत ही अपनी टीम को मदद के लिए बुलाया.

टीम ने आते ही एनाकोंडा को उल्टा किया और जैसे-तैसे उसके पेट से पॉल को बाहर निकाला. बाहर आने के बाद पॉल ने राहत की सांस ली. इसके बाद उन्हें पता चला कि आखिर क्यों एनाकोंडा को इतना खतरनाक माना जाता है.

Paul Rosolie Tried To Get Inside Anaconda's Stomach (Pic: wamc)

तो देखा आपने आखिर क्यों एनाकोंडा को इतना खतरनाक सांप माना जाता है. ये न सिर्फ देखने में मगर असलियत में भी एक जानलेवा सांप है. यूं ही नहीं इसका नाम इतना बदनाम है.

Feature Image: straitstime