कई लोगों का इंटरव्यू लेने के बाद अचानक बच्चा भैय्या को ‘सीरिया’ याद आ गया. जी हाँ, वही सीरिया जहाँ पिछले कई सालों से मारकाट मची है और तमाम वैश्विक महाशक्तियां सिवाय तमाशा देखने के कुछ और नहीं कर पा रही हैं. रूस के राष्ट्राध्यक्ष व्लादिमीर पुतिन पर आरोप चस्पा किया जा रहा है कि सीरिया में वह मामले को और उलझा रहे हैं. चूंकि, भारत लम्बे समय तक रूस का मित्र रहा है, इसलिए बच्चा भैय्या को रूसी राष्ट्रपति पर लग रहे आरोपों पर चिढ़ मच रही थी.

पर सच को झूठलायें कैसे कि ‘बसर अल असद’ की मदद एकलौता रूस ही कर रहा है. ऊपर से आम जनमानस पर रासायनिक हमले और फिर बड़ी वैश्विक शक्तियों के भिड़ने का खतरा… रहा नहीं गया बच्चा भैय्या से और पहुँच गए मोस्को क्रेमलिन. पहले तो पुतिन मिलने को तैयार नहीं हुए पर जब बच्चा भैय्या ने उनके देश की भारत के साथ लम्बी दोस्ती की याद दिलाई तो पुतिन पिघल गए.
कुछ यूं चला दोनों के बीच इंटरव्यू का सिलसिला…

बच्चा भैय्या: सीरिया का मसला आखिर इतना संगीन कैसे हो रहा है?
व्लादिमीर पुतिन: मामला संगीन कुछ नहीं था, बल्कि सब कुछ रंगीन चल रहा था. पर असल समस्या अमेरिका की है, जिसे कुछ न कुछ खुराफात करनी ही होती है और मामला यहीं से संगीन हो गया.

बच्चा भैय्या: पर बसर-अल-असद पर लगे आरोप भी तो बेहद गंभीर हैं, उनके…
व्लादिमीर पुतिन (बात काटते हुए): अरे आरोप वारोप तो पश्चिमी मीडिया की दिमागी उपज है. खासकर अमेरिका तो इन सभी में उस्ताद है. आपने देखा नहीं, कैसे ‘खतरनाक हथियार रखने’ का आरोप लगातार सद्दाम हुसैन को जॉर्ज बुश ने सत्ता से हटा डाला. पर निकला क्या वहां से… इस्लामिक स्टेट नामक आतंकवादी संगठन.

बच्चा भैय्या: तो आप कह रहे हैं कि ‘आइसिस’ नामक आतंकी संगठन अमेरिकी नीतियों के फेलियर की वजह से उभरा?
व्लादिमीर पुतिन: और नहीं तो क्या, उसमें अमेरिका की मदद सऊदी अरब जैसे कुछ धनी राष्ट्रों ने खूब किया. और आइसिस ही क्यों ‘अल-कायदा’ को ले लीजिये. उसे किसने बनाया? हमारे देश सोवियत संघ के प्रभाव को अफ़ग़ानिस्तान से समाप्त करने के लिए यूएस ने ओसामा को खड़ा किया. सीरिया में भी अमेरिका यही कर रहा है.

बच्चा भैय्या: पर सीरिया में आम जनता पर ‘रासायनिक हमला’ तो हुआ है और इसे वहां की सरकार ने ही संभवतः कराया है.
व्लादिमीर पुतिन (फुसफुसाते हुए): बसर को मैंने मना किया था, पर वह अपनी सत्ता बचाने के लिए यह खतरनाक कदम उठा गया. हालाँकि, वह कह रहा था कि उसने केमिकल अटैक नहीं कराया है… पर, उसे मैंने खूब डांट लगाई है, आगे से वह रासायनिक हमला नहीं करेगा.

बच्चा भैय्या: आगे से नहीं करेगा मतलब? पुतिन साहब, सीरिया में आइसिस के अलावा विद्रोही गुट भी तो हैं, फिर तानाशाह बसर-अल-असद की मदद क्यों कर रहे हैं आप?
व्लादिमीर पुतिन: तो क्या छोड़ दें अमेरिका को मनमर्जी करते रहने के लिए. कल उसने अफ़ग़ानिस्तान और इराक को मटियामेट किया, आज सीरिया को करेगा, कल फिर ईरान और नार्थ कोरिया पर हमला कर देगा… उसे रूकना होगा. और तुम ज्यादा मानवतावादी न बनो बच्चा… नहीं भेज देंगे तुमको भी बसर-अल-असद के पास!

बच्चा भैय्या (डरते हुए): पर अमेरिका को रोकेगा कौन? रूस की अर्थव्यवस्था तो…
व्लादिमीर पुतिन: याद मत दिलाओ. हम कमजोर हालत में जरूर हैं, किन्तु अमेरिका की कमजोर नस जानते हैं. वह तो ‘ट्रम्प’ ने… (अचानक चुप हो जाते हैं पुतिन)

बच्चा भैय्या: बोलिये, बोलिये… ट्रम्प ने क्या किया?
व्लादिमीर पुतिन: उसने हमारे साथ धोखा किया है. हमने उसके लिए हिलेरी क्लिंटन को कितना बदनाम कराया और सनकी की इमेज होने के बावजूद ट्रम्प को जिताया, पर उसने हमारे साथ धोखा किया. पर कोई बात नहीं, हम जिताना जानते हैं तो हराना भी जानते हैं. ऐसा उलझायेंगे कि…

बच्चा भैय्या: कैसा और कैसे उलझायेंगे कि अमेरिका सुधर जायेगा?
व्लादिमीर पुतिन: दक्षिणी चीन सागर पर चीन बढ़त बना ही रहा है. सीरिया में उसे किसी कीमत पर नहीं घुसने देंगे, और दक्षिण कोरिया के माध्यम से अमेरिका की नाक रगड़ने की तैयारी पूरी है. आखिर, किम जोंग किस दिन काम आएगा.

Fake Interview of Vladimir Putin, Destruction in Syria (Pic: Reuters)

बच्चा भैय्या: तो विश्व युद्ध करा के ही मांनेंगे आप लोग?
व्लादिमीर पुतिन: देखो बच्चा, युद्ध तो होते ही रहे हैं. वैसे भी हमारे वेपन-डीपो में हथियार पुराने पड़ रहे हैं. ऊपर से अमेरिका ऊँगली करता जा रहा है. वैसे तो हम शांतिप्रिय हैं. आखिर (तंज कसते हुए), भारत जैसे देश से हमें कुछ तो सीखना ही था. पर अब भारत बदल रहा है तो हमें भी तो बदलना होगा.

बच्चा भैय्या: भारत से याद आया. आपने इतनी पुरानी दोस्ती के बावजूद पाकिस्तान के साथ सैन्याभ्यास क्यों किया?
व्लादिमीर पुतिन: तुम इतने तो भोले नहीं लगते बच्चा कि इतना भी न समझ पाओ. भारत भी तो अमेरिका से गलबहियां कर रहा है. वैसे भी तुम्हारे देश में ‘मोदी मोदी’ के नारों के बीच कुछ और सुनाई नहीं दे रहा है आजकल. अब छोड़ो भारत की बातें ‘सीरिया’ मुद्दे पर पूछो, नहीं तो मैं इमोशनल हो जाऊंगा.

बच्चा भैय्या: इमोशनल मत होइए, नहीं मैं भी रो पडूंगा (और रूस का भारत चीन वॉर के समय का ‘भाई और दोस्त’ वाला स्टेटमेंट याद आ जायेगा.) खैर, बताइये कि पाकिस्तान के पूर्व आर्मी चीफ़ राहिल शरीफ़ द्वारा सऊदी नेतृत्व वाले सैन्य गठबंधन का अगुआ बनने का क्या मतलब है?
व्लादिमीर पुतिन: दिखावटी के लिए यह गठबंधन इस्लामिक स्टेट के आतंकियों के खिलाफ कार्य करेगा, किन्तु हकीकत यह है कि इसमें भी अमेरिकी नौटंकी है. नाम भी इसका क्या खूब रखा है… इस्लामिक मिलिट्री एलांयस टू फ़ाइट टेररिज्म (आईएमएएफ़टी). क्या आश्चर्य है कि पाकिस्तान और सऊदी अरब आतंकवाद से लड़ेंगे? हंसी नहीं आती तुम्हें बच्चा? पर ईरान द्वारा विरोध कराकर हम इस गठबंधन को ‘फुस्स’ कर देंगे, क्योंकि रूस विरोधी गठबंधन हम किसी कीमत पर मध्य एशिया में तैयार नहीं होने देंगे.

बच्चा भैय्या: तो ये ‘मूंछ’ की लड़ाई कब तक चलेगी और रासायनिक हथियारों से मासूम कब तक मरते रहेंगे?
व्लादिमीर पुतिन: देखिये, बसर अल असद से रूस को कोई जातीय मोहब्बत नहीं है. पर अमेरिका इस पूरे क्षेत्र को अस्थिर करना चाहता है. मैंने पहले भी कहा था कि सीरिया में युद्धरत हज़ारों इस्लामी आतंकवादी मध्य एशिया और उत्तरी कोहकाफ़ के रास्ते बाद में रूस में घुस आएँगे, इसलिए इनको रूस की सीमाओं से दूर ही रोका जाना चाहिए. और रही बात ‘मूंछ’ की तो हाँ, रूस दुनिया की महाशक्ति होने की बात को सिद्ध करना चाहता है. सच कहा जाए तो, वैश्विक राजनीति में सोवियत संघ के पतन के बाद रूस का असर दुनिया पर से जैसे ख़त्म ही हो गया था. रूस अपने उस प्रभावशाली ’चेहरे’ को फिर से वापिस पाना चाहता है. यही सोचकर रूस अमेरिका से पावर-शेयरिंग करने के लिए ‘हॉटलाइन’ पर था, पर अमेरिका तैयार नहीं. अब हमने ‘हॉटलाइन’ काट दी है और अमेरिका के गिड़गिड़ाने तक हॉटलाइन दोबारा शुरू नहीं करेंगे. रासायनिक हथियारों पर कोई ठोस सबूत नहीं दिया गया है कि इसका प्रयोग सीरियाई सरकार ने ही किया. अगर सुबूत मिलेंगे तो रूस जरूर सोचेगा और सीरिया राष्ट्राध्यक्ष को दो-चार बार उठक बैठक कराकर सजा देगा.

बच्चा भैय्या: चलते-चलते बताते जाएँ कि बराक ओबामा और डोनॉल्ड ट्रम्प में बुद्धिमान कौन था?
व्लादिमीर पुतिन: वैसे, अमेरिकन बुद्धिमान होते ही कहाँ हैं… धूर्त होते हैं, बल्कि “महाधूर्त“. पर बराक फिर भी ‘मूर्ख’ नहीं था, किन्तु ‘ट्रम्प’ को देखकर वह भारतीय कहानी याद आती है, जिसमें एक बन्दर ने राजा की नाक पर तलवार चला दिया था, क्योंकि वहां मक्खी बैठी हुई थी. खैर, अच्छा रहा इंटरव्यू बच्चा भैय्या. आप ‘नमो’ से मिलो तो मेरा ‘सलाम’ बोलना कि एक ‘पुराना मित्र’ सौ नए मित्रों से बेहतर’ होता है.

मन ही मन बच्चा भैय्या सोच रहे थे कि यही बात आप पर भी तो लागू होती है पुतिन जी. पर बोले नहीं, नहीं तो क्या पता ट्रम्प के गुस्से से परेशान पुतिन बच्चा भैय्या पर भी ‘रासायनिक हमला’…

Fake Interview of Vladimir Putin, Chemical Attack in Syria (Pic: AFP)

Web Title: Fake Interview of Vladimir Putin, Russia President Interview in Hindi

Keywords: Sakshatkar, Hindi Satire, Bachcha Bhaiya, Controversial Hindi Articles, Exclusive Interview, Fake Talk in Hindi, Bachcha Bhaiyya, Fake Interviews in Hindi, Satire, International Politics, USA, Iran, Russia, Syria, Basr Al Asad, Muslim Politics, Terrorism, ISIS

Featured image credit / Facebook open graph: Team Roar / Kajal Kumar