अन्ना आंदोलन से निकलने के बाद केजरीवाल ने दिल्ली विधानसभा चुनाव में भ्रष्टाचार और जनलोकपाल के मुद्दे पर दिल्ली की सत्ता तो पा ली, लेकिन सत्ता में आते ही कथित ईमानदार केजरीवाल सर्वाधिक विवादित बोल वचन वाले नेता भी बनते जा रहे हैं. राजनीति के कीचड़ को साफ करने के इरादे से राजनीति में आने वाले केजरीवाल खुद निरर्थक और मर्यादाविहीन बयानबाजी के दलदल में फंसते जा रहे है.
आइये चर्चा करते है उनके कुछ बड़े विवादित बयानों की, जिन्हें सभ्य आदमी ही नहीं, बल्कि दुसरे राजनेता भी सुनकर शर्मा जायेंगे…

Kejriwal Top Controversial Statements, Election Commission of India (Pic: India.com)

1. ‘चुनाव आयोग बेहया और रीढ़विहीन’

हद हो गई केजरीवाल के बयान की! पंजाब सहित पांच राज्यों में एक ओर चुनाव आयोग निष्पक्ष चुनाव कराने में जुटा हुआ तो दूसरी ओर केजरीवाल जैसे नेता इस संवैधानिक संस्था की गरिमा नष्ट करने में जुटे हुए हैं. काश, केजरीवाल सोचते कि उन्होंने ‘चुनाव आयोग के लिए “रीढ़विहीन और बेहया” जैसे जिन शब्दों का प्रयोग किया है, उसका प्रयोग भारतीय सभ्यता में वर्जित है. इतना ही नहीं, केजरीवाल ने बिना किसी ठोस सुबूत के कहा कि ‘चुनाव आयोग ने पीएम नरेंद्र मोदी के सामने आत्मसमर्पण कर दिया है’. पर प्रतीत होता है कि राजनीति के कीचड़ के सामने घुटने खुद केजरीवाल ने ही टेक दिए हैं.

2. ‘मोदी कायर और मनोरोगी’

Kejriwal Top Controversial Statements, LG Najeeb Jung (Pic: PTI)

हमारे देश में सभी को बोलने की आजादी है, लेकिन इसका यह मतलब तो नहीं कि हम अपनी मर्यादा भूल जाएं! दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल अगर भारत के प्रधानमन्त्री को कायर औऱ मनोरोगी कहे तो आप समझ सकते हैं कि ऐसे व्यक्ति की मानसिक अवस्था क्या है. केजरीवाल जी! वह देश के साथ-साथ आपके भी प्रधानमंत्री हैं. कितना आसान है एक ट्वीट करके लिख देना कि “मोदी कायर और मनोरोगी हैं”. केजरीवाल के ऐसे बयानों से उस बड़े वर्ग को भी दुःख पहुंचा जो उन्हें पसंद करता है.

3. ‘केंद्र के इशारों पर चलते है जंग’

Kejriwal Top Controversial Statements, Arun Jaitley, Narendra Modi (Pic: PTI)

केजरीवाल महोदय का दिल्ली के उप राज्यपाल नजीब जंग से रोज-रोज हो रही लड़ाई किसी ‘सास बहु’ के डेली सोप की याद दिलाती थी. नजीब जंग उपराज्यपाल के रूप में केन्द्रशासित दिल्ली के मुखिया थे और जब-जब दिल्ली सरकार संवैधानिक नियमों का उल्लंघन करती थी, वह केजरीवाल को टोकते थे, किन्तु केजरीवाल तो केजरीवाल हैं, उन्होंने नजीब जंग को ‘दलाल’, मोदी का नौकर, घुटना टेकने वाला और न जाने क्या-क्या कह डाला! उन पर केंद्र सरकार के इशारों पर चलने का आरोप रोज लगाते रहे. बाद में नजीब जंग ने इस्तीफा दे दिया.

4. ‘मेरी जबान गंदी हो सकती है …’

Kejriwal Top Controversial Statements, Delhi CM Bad Statements (Pic: IndiaToday)

केजरीवाल की यह ख़ास आदत दिखी है कि वह स्वयं ही वादी, वकील और न्यायाधीश बन जाते हैं. उन पर किसी प्रकार की जांच होती है, तो वह भड़क जाते हैं. सिर्फ भड़कते ही नहीं, जो दिल में आता है वह कह डालते हैं, बेशक वह कितना भी मर्यादाविहीन क्यों न हो! अपने बयानों को केजरीवाल यह कहकर जायज़ ठहराते हैं कि ‘मेरी जबान गंदी है, लेकिन कर्म नहीं’! मतलब अरविन्द केजरीवाल खुलेआम अपनी गन्दी जबान की स्वीकारोक्ति कर चुके हैं.

5. ‘जेटली जी रोज भीख मांग रहे हैं’

अरविन्द केजरीवाल पर कई सारे मानहानि के मुकदमे हुए, जिन पर न्यायालय की तरफ से उन्हें मुंह की भी खानी पड़ी. कई बार तो केजरीवाल को माफी तक मांगनी पड़ी. इसी कड़ी में जब वित्तमंत्री अरुण जेटली ने केजरीवाल पर किसी मामले को लेकर मानहानि का मुकदमा कर दिया, तो वह खिसियानी बिल्ली की तरह हल्के बयानों पर उतर आए. उन्होंने कहा “जेटली जी रोज खड़े होकर भीख मांग रहे हैं कि केजरीवाल जी मांफी मांग लीजिए”.

यह कड़ी यहीं ख़त्म नहीं होती है, बल्कि केजरीवाल के राजनीतिक जन्म से ही इस तरह के बयानों की भरमार है. आप देखते रहिये, अभी अरविन्द केजरीवाल के अमर्यादित तरकस से कौन कौन से विवादित बयान निकलते हैं. काश, वह चुनाव आयोगों जैसी संवैधानिक संस्थाओं को बख्श देते, तो शायद इतना माना जाता कि राजनीतिक द्वेष के बावजूद केजरीवाल लोकतंत्र की कुछ तो मर्यादा रखते हैं.

Web Title: Kejriwal Top Controversial Statements
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