आज के समय में क्रिकेट का ख़ुमार सबके सिर चढ़ कर बोल रहा है. क्रिकेट के चाहने वाले सारे काम छोड़ कर किसी भी मौके पर अपने पसंदीदा खिलाड़ी और टीम का मनोबल बढ़ाते हुये नहीं थकते.

पर क्या आपने कभी सोचा है कि क्रिकेट विश्वभर में इतना लोकप्रिय क्यों होता जा रहा है?

जाहिर तौर पर इसमें सर डॉन ब्रेडमैन जैसे महान खिलाड़ियों का भी काफी योगदान है.

इसमें कोई शक नहीं कि सबसे अधिक रनों एवं बल्लेबाज़ी रिकॉर्ड के मामले में भारतीय खिलाड़ी सचिन तेंदुलकर का नाम लिया जाता है, लेकिन क्या कभी आपने ‘सर डॉन ब्रैडमैन’ का नाम सुना है?

वहीं  ब्रैडमैन जिसके नाम से क्रिकेट के भगवान कहे जाने वाले सचिन तेंदुलकर भी काफी प्रेरित रहे.

आईये जानते हैं क्रिकेट के इस सूरमा को–

घर के गार्डन में तराशे नये शॉट

क्रिकेट के सबसे बड़े महानायक सर डॉन ब्रैडमैन का जन्म ऑस्ट्रेलिया के कूटमुंड्रा, न्यू साउथ वेल्स में 27 अगस्त 1908 में हुआ. उनके चाहने वालों को शायद नहीं मालूम होगा कि उनका पूरा नाम ‘डोनाल्ड जॉर्ज ब्रेडमैन’ था.

ब्रैडमैन बहुत छोटे थे, जब उन्होंने अपने हुनर को पहचाना और क्रिकेट को अपना करियर बना लिया. उन्होंने जिस दौर में क्रिकेट को चुना, उस समय क्रिकेट का कोई अच्छे से नाम तक नहीं जानता था!

बावजूद इसके उन्होंने खुद को क्रिकेट को सौंप दिया. यहां तक कि अपने घर के गार्डन को ही अपनी कर्म भूमि बना डाला.

जानकर हैरानी होगी कि वह अकेले ही क्रिकेट खेला करते थे. वह स्टंप को अपना बैट बनाते थे और गोल्फ की बॉल से खेला करते थे. फिर घर के गार्डन में बने पानी के टैंक पर स्टंप से बॉल को ज़ोर से हिट करते थे. बॉल पानी के टैंक पर लग कर तेज़ी से वापिस आती थी और वह दोबारा उसे हिट करते थे.

कहा जाता है कि तेज़ी से बॉल वापिस आने के कारण उनके द्वारा हिट करने की प्रैक्टिस से उनकी बल्लेबाज़ी टाइमिंग और बॉल पर नज़रे जमाये रखने का संतुलन निखरा और इन दोनों चीज़ो के बूते उन्होंने विश्व क्रिकेट में बल्लेबाज़ी करते हुये कई बॉलरों की धुनाई की और बेहतरीन रिकॉर्ड अपने नाम किये.

Great Cricket Player Don Bradman (Pic: Pinterest)

12 की उम्र में ठोका पहला शतक

अपने घर के गार्डन में की गई प्रैक्टिस से डॉन ब्रैडमैन की बल्लेबाज़ी निखर चुकी थी. किन्तु, दुनिया तब तक उनकी इस कला से अपरिचित ही थी. उन्हें खुद को प्रमाणित करने के लिए एक मौके की तलाश थी. इसी बीच ब्रैडमैन को अपनी स्कूल टीम की ओर से खेलने का मौका मिला.

12 साल के ब्रैडमैन जब बल्ले के साथ मैदान पर उतरे तो लोगों की निगाहें उन पर थीं. हालाँकि, किसी को उनसे बड़ी उम्मीद नहीं थी, किन्तु उन्होंने देखते ही देखते रनों का अंबार लगा दिया. गजब तो तब हो गया जब उन्होंने विरोधी गेंदबाजों की धुनाई करते हुए शतक ठोक दिया.

सही मायने में यहीं से डॉन ब्रैडमैन का क्रिकेट का सफ़र चमकना शुरु हो गया था.

16 दिसंबर 1927 को उन्होंने फर्स्ट क्लास क्रिकेट मैच में डेब्यू किया और यहां भी ब्रैडमैन की बल्लेबाज़ी का जादू जमकर चला. उन्होंने विपक्षी टीम दक्षिण ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 118 रन की लंबी पारी खेली. वह प्रथम श्रेणी डेब्यू मैच में शतक बनाने वाले बीसवें ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी बने.

Greatest Cricketers Don Bradman (Pic: Skysports)

न टूटने वाले ‘ब्रैडमैन’ के रिकॉर्ड

प्रथम श्रेणी मैच में बेजोड़ बल्लेबाज़ी करके डॉन ब्रैडमैन सुर्खियों में आ गये थे. हर कोई अब उन्हें बल्लेबाज़ी करते हुये देखना चाहता था. सेलेक्टर्स डॉन ब्रैडमैन की बल्लेबाज़ी से इतने प्रभावित हुए कि 1930 में इंग्लैंड टूर पर जा रही ऑस्ट्रेलियाई टीम में उन्हें शामिल कर लिया. उस समय डॉन ब्रैडमैन की उम्र महज़ 20 साल थी. यह इंग्लैंड टूर उनके लिये यादगार साबित हुआ. इंग्लैंड में उन्होंने शानदार 236 रनों की पारी खेल डाली.

इंग्लैंड की सरज़मी पर दोहरा शतक लगाने वाले वह पहले बल्लेबाज़ बने.

ब्रैडमैन ने अपने 52 टेस्ट मैच की 80 इनिंग्स में बल्लेबाज़ी की, जिसमें वह दस मर्तबा नॉट आउट रहे. डॉन ब्रैडमैन ने अपने 52 मैचों में 29 शतक ठोके, जिसमें 99.94 की औसत से 6996 रन बनाये. टेस्ट मैच में इस औसत से रन बनाने का उनका यह रिकॉर्ड आज तक कोई नहीं तोड़ पाया है.

रोचक बात यह है कि डॉन ब्रैडमैन के इस महान रिकॉर्ड के बाद ऑस्ट्रेलियन ब्रॉडकास्टिंग कॉरपोरेशन द्वारा सभी राज्यों के डाकघर का पोस्टल कोड 9994 रखा गया, जोकि डॉन ब्रैडमैन का 99.94 टेस्ट औसत है.

डॉन ब्रैडमैन के नाम टेस्ट मैच में सबसे ज़्यादा दोहरे शतक लगाने का रिकॉर्ड भी है. ब्रैडमैन के बल्ले से 12 दोहरे शतक निकले. रिकॉर्ड की इसी कड़ी में वह अपने करियर के दौरान कभी स्टंप और नर्वस नांइटी का शिकार नहीं हुये.

क्रिकेट खेलते हुये अपने समय में डॉन ब्रैडमैन ने ऐसे कई नये रिकॉर्ड बनाये और 1949 में इंटरनेशनल क्रिकेट से सन्यास ले लिया था. अपने बेमिसाल करियर के लिए उन्हें नाइटहुड की उपाधि मिली. वह एकमात्र ऑस्ट्रेलियन क्रिकेटर हैं, जिन्हें यह सम्मान मिला.

Don Bradman Retirement (Pic: Wikimedia )

सारी दुनिया ब्रैडमैन की दीवानी पर वो…

भले ही विश्व क्रिकेट में सर डॉन ब्रैडमैन का कद काफी ऊंचा हो, लेकिन यह खिलाड़ी भारतीय क्रिकेटर सचिन के खेल से काफी प्रभावित थे. खुद सचिन ने इस बात का ज़िक्र अपनी किताब ‘प्लेईंग इट माय वे’ में किया. सचिन ने कहा साल 1994-95 में जब डॉन ब्रैडमैन ने उन्हें खेलते हुये देखा तो अपनी पत्नी से कहा कि इस लड़के की बल्लेबाज़ी का तरीका मेरी बल्लेबाज़ी से मेल खाता है.

सचिन आगे लिखतें हैं कि डॉन ब्रैडमैन की यह प्रतिक्रिया उनके लिये अब तक की श्रेष्ठ प्रतिक्रिया थी.

व्यक्तिगत जीवन की बात की जाए, तो ब्रैडमैन 12 की उम्र में ही अपने पड़ोस में रहने वाली जेसी नाम की एक लड़की को दिल दे बैठे थे. वह उनके साथ स्कूल भी जाते थे. आगे चलकर वह उनकी पत्नी भी बनी. क्रिकेट के अलावा ब्रैडमैन को संगीत में खासी दिलचस्पी थी. 1930 में उन्होंने एक गाना गाना कंपोज करके रिकॉर्ड किया था.

साथ ही साथ वह पियानो बजाने के भी शौकीन थे.

Great Cricket Player Don Bradman (Pic: penguin)

क्रिकेट के महान खिलाड़ी सर डॉन ब्रैडमैन ने 25 फरवरी 2001 को 92 साल की उम्र में दुनिया को अलविदा कह दिया. आज भले ही सर डॉन ब्रैडमैन हमारे बीच मौजूद नहीं है, लेकिन उनके जाने के कई साल बाद भी उनके बनाये गये रिकार्डस आज भी विश्व क्रिकेट में सुरक्षित है.

उनकी इच्छा के अनुसार उनके पसंदीदा एडिलेड मैदान में एक संग्रहालय बनाया गया है, जहां उनका पसंदीदा सोफा और रेडियो भी रखे गए हैं.

Web Title: Great Cricket Player Don Bradman, Hindi Article

Feature Image Credit: Indulgexpress