एंटिगा का मैदान, मैच भारत बनाम वेस्टइंडीज!

क्रीज पर भारत का एक गेंदबाज बैटिंग कर रहा था. तभी अचानक एक तेज गेंद उसके जबड़े पर आ लगी. उसके हाथ से बल्ला छूट जाता है. मैदान पर मौजूद लोग तेजी से उसकी तरफ दौड़ते हैं. पूरा स्टेडियम सन्नाटे से भर जाता है. फिजियो मैदान में पहुंचते हैं, तब तक हर जगह खून ही खून फैल गया था. फिर भी इस खिलाड़ी ने हिम्मत नहीं हारी. मुंह में पट्टी बांधकर गेंदबाजी करने तक के लिए मैदान पर उतरा.

यह खिलाड़ी कोई और नहीं पूर्व भारतीय क्रिकेटर अनिल कुंबले थे!

चोटिल होने के बावजूद उस मैच में गेंदबाजी करके अनिल कुंबले ने प्रेरणादायक तस्वीर पेश की थी…

शीर्ष खिलाड़ी पवेलियन लौट चुके थे इसलिए…

2002 में भारत-वेस्टइंडीज के बीच पांच मैचों की एक टेस्ट सीरीज चल रही थी. तीन मैच पहले ही हो चुके थे. इसमें दोनों टीमों ने 1-1 मुकाबला जीतकर बराबरी कर ली थी. एक मैच बेनतीजा रहा था.

इसी कड़ी में चौथे मुकाबले के लिए भारत-वेस्टइंडीज एक बार फिर से मैदान पर थे. पहले बैटिंग पर उतरे भारत के शीर्ष क्रम के बल्लेबाज पवेलियन लौट चुके थे. अपनी टीम की पारी को आगे बढ़ाने के लिए कुंबले नंबर सात पर बैटिंग करने के लिए आये. उनका साथ देने के लिए क्रीज पर मौजूद थे अजय रात्रा.

धीरे-धीरे दोनों ने पारी को आगे ले जाने की कोशिश शुरु की. इसी बीच मर्वन डिल्लन की एक उठती हुई गेंद कुंबले के जबड़े पर आ लगी. उनके मुंह से खून की एक पिचकारी सी छूट गयी. पलभर में पूरा चेहरा खून से लाल हो गया. सब उनकी तरफ तेजी से दौड़े. फिजियो एंड्रयू लीपस मैदान पर जब तक उनके पास पहुंचते, कुंबले का मुंह काफी सूज गया था.

प्राथमिक उपचार के साथ फिजियो ने उन्हें वापस लौटने को कहा, लेकिन वह नहीं माने. उन्होंने सिर हिलाते हुए कहा कि वह खेलना चाहते हैं. मैदान पर मौजूद खिलाड़ियों के साथ-साथ सभी दर्शक उनके इस फैसले से हैरान थे. करीबन 20 मिनट तक वह दर्द के साथ मैदान पर डटे रहे. थोड़ी देर बाद इनिग ब्रेक हुआ तो इंडिया ने 513 पर अपनी पारी घोषित कर दी.

Anil Kumble Batting (Pic: sports.ndtv)

डॉक्टर ने कहा कुंबले गेंदबाजी नहीं कर सकते, लेकिन…

कुंबले पवेलियन लौटे तो उनकी हालत और ज्यादा खराब हो गई थी. वह नहीं जाना चाहते थे, लेकिन उन्हें हॉस्पिटल ले जाया गया. उन्हें बताया गया कि उनके दांत सुरक्षित हैं. चूंकि, मुंह सूजता जा रहा था, इसलिए चोट का एक्सरे किया गया. रिपोर्ट चिंताजनक थी. उनके जबड़े में क्रेक था. यह खबर भारतीय टीम के लिए परेशानी पैदा करने वाली थी.

इस मैच में कुंबले की गेंदबाजी करने का तो सवाल ही नहीं था!

आगामी दौरे पर भी टीम के साथ उनका जाना मुश्किल लग रहा था. कुंबले के न जाने का मतलब था, भारत की गेंदबाजी का कमजोर होना. वह भारत के लिए स्पिन गेंदबाजी की रीढ़ थे. उनके बिना टीम की कल्पना करना कप्तान गांगुली के लिए बुरे सपने जैसा था.

डॉक्टर साफ तौर पर कह रहे थे कि कुंबले फिलहाल गेंदबाजी नहीं कर सकते. उनकी चोट गंभीर है. सभी लोग मायूस थे. इसी बीच कुंबले ने दबी आवाज में कहा कि वह गेंदबाजी करने के लिए तैयार हैं. उन्होंने ने कहा मुझे अब दर्द नहीं हो रहा है. उन्होंने आगे बढ़ते हुए अपना हाथ घुमाकर सबको दिखाया.

वह किसी की सुनने को तैयार नहीं थे. वह अपनी जिद पर वापस लौटे.

कुंबले मुंह में पट्टी बांधकर मैदान पर उतरे तो…

टीम इंडिया मैच को पूरा करने के लिए मैदान पर उतरी, तो सभी के रोंगटे खड़े हो गए. पवेलियन से अपने साथियों के साथ कुंबले मैदान के अंदर दाखिल हो रहे थे. उनके मुंह पर एक मोटी पट्टी बंधी हुई थी. किसी को समझ नहीं आ रहा था कि यह कैसे हो सकता है.

ऐसा करते हुए तो उन्होंने इससे पहले सिर्फ अपनी फिल्मों के हीरोज को देखा था.

असल में कुंबले को मैदान में उतरने से पहले खूब समझाया गया था. अगले दिन उनके बैंगलोर जाने का इंतज़ाम तक करवा दिया गया था. कुंबले बैंगलोर जाने के लिए तैयार थे, लेकिन वह मैच खत्म करके जाना चाहते थे.

उन्होंने गांगुली से कहा ‘मैं मैदान के बाहर इस तरह नहीं बैठ सकता. ‘मैं मैदान पर टीम के साथ रहना चाहता हूं’. आखिरकार गांगुली को मानना ही पड़ा था.

मैच शुरु हुआ तो कुछ समय बाद कुंबले ने सचिन को गेंदबाजी करते हुए देखा. उन्हें पिच से बहुत मदद मिल रही थी. गेंद बहुत बढ़िया घूम रही थी. यह देखकर वह खुद को रोक नहीं सके. उन्होंने अपने कप्तान गांगुली से गेंदबाजी करने की इच्छा जाहिर की.

शुरुआत में गांगुली उन्हें गेंद देने में संकोच कर रहे थे. किन्तु, जब कुंबले ने ज्यादा जिद की तो उन्होंने उनको गेंद थमा दी.

Anil Kumble Broken Jaw (Pic: Sportskeeda)

लगातार 14 ओवर तक की थी गेंदबाजी

कुंबले के हाथों में गेंद देखकर सारे दर्शक रोमांच से भर उठे. वह कुंबले के सम्मान में अपनी कुर्सियों पर खड़े हो गये थे. कुंबले ने गेंदबाजी शुरु की. एक-दो ओवरों में उनका मन नहीं भरा. टूटे हुए जबड़े के साथ उन्होंने लगातार 14 ओवर तक गेंदबाजी की.

उनकी गेंदबाजी में कहीं भी यह नहीं लगा कि उनकी धार कम हुई है. वह और ज्यादा आक्रामक लग रहे थे. फिर उन्होंने अपनी टीम के लिए वह कर दिया, जिसकी टीम को जरुरत थी. उन्होंने ब्रायन लारा जैसे सेट बल्लेबाज को आउट करके पूरी टीम को जोश से भर दिया था.

हालांकि अंत में यह मैच बेनतीजा रहा था, लेकिन कुंबले के जज्बे ने इसे एक ऐसा मैच बना दिया था, जिसकी चर्चा अगर आगे आने वाली पीढ़ियां करती हैं, तो हैरानी की बात नहीं होती.

मैच खत्म होने के बाद विव रिचर्ड्स ने तो यहां तक कहा कि, उन्होंने खेल के मैदान पर इससे पहले ऐसी बहादुरी का परिचय देते हुए किसी को नहीं देखा.

आज इस मैच को कई साल हो चुके हैं. लगभग उस मैच का हर खिलाड़ी क्रिकेट को अलविदा कह चुका है, लेकिन इसकी चर्चा खत्म नहीं होती. गांगुली और सचिन जैसे दिग्गज अक्सर इस मैच की यादों को ताजा करते दिख जाते हैं.

Sourav-Ganguly (Pic: espncricinfo)

क्रिकेट के प्रति कुंबले के इसी समर्पण ने उन्हें क्रिकेट का बड़ा नाम बनाया. वह टेस्ट में 600 विकेट लेने वाले दुनिया के तीसरे गेंदबाज भी बने. उनसे आगे बस शेन वॉर्न और मुरलीधरन का नाम ही शुमार है. उनकी काबिलियत की वजह से उन्हें राहुल द्रविड़ के बाद भारतीय टीम की कप्तानी करने का मौका मिला. साथ ही वह भारतीय टीम के भूतपूर्व कोच भी रह चुके हैं.

Web Title: Kumble Bowls With a Broken Jaw, Hindi Article

Featured image credit / Facebook open graph: cricrevolutionespncricinfo.com