साल 1932 में जब भारतीय क्रिकेट टीम को राष्ट्रीय दर्जा मिला. तब भारत और पाकिस्तान के खिलाड़ी एक साथ खेला करते थे. उनमें अब्दुल हफीज कारदार व फज़ल महमूद जैसे शानदार प्लेयर भी शामिल हैं.

आगे, जब भारत का विभाजन हुआ तो भारतीय क्रिकेट टीम भी दो भागों में बंट गईं. जबकि 1947-48 में आस्ट्रेलिया दौरे के लिए कारदार व फज़ल को प्रमुख खिलाड़ी के रूप में चुना गया था.

मगर, विभाजन की वजह से ये दोनों पाकिस्तान टीम का हिस्सा बने. इसके बाद दोनों टीमों ने अपने मुल्क के चुनिंदा खिलाड़ियों को इकट्ठा किया और टीम तैयार हो गई. अलग देश बनने के बाद आईसीसी ने 1952 में पाकिस्तान को टेस्ट का दर्जा दिया. दिलचस्प यह था कि, पाकिस्तान क्रिकेट टीम का पहला दौरा भारत के साथ ही उसी के देश में रहा.

कभी एक साथ खेलने वाली टीमें व उनके खिलाड़ी अब एक दूसरे के विरुद्ध खेलने को तैयार थे. दोनों देशों की प्रतिस्पर्धा दांव पर लगी हुई थी. भारत-पाकिस्तान के फैंसों में बेहद उत्साह था. ऐसे में इस रोमांचक शृंखला के बारे में जानना दिलचस्प रहेगा कि आखिर इस सीरीज में कौन किस पर भारी था.

तो आइये भारत-पाकिस्तान के बीच 1952 में हुई पहली शृंखला के रोचक पलों को थोड़ा करीब से जानते हैं...  

जब पहली बार भारत-पाकिस्तान का हुआ आमना सामना

आज़ादी के लगभग पांच साल बाद यह पहला ऐसा मौक़ा था, जब पाकिस्तान क्रिकेट टीम भारत दौरे पर आ रही थी. दोनों देशों के बीच यह पहली सीरीज थी. वहीं पाकिस्तान के लिए बतौर राष्ट्रीय टीम भी उसकी पहली शृंखलाशृंखला.

1952 में हुए इस सीरीज के लिए पाकिस्तान टीम की कमान हफीज कारदार को सौंपी गई थी, जो पहले कभी भारतीय टीम के प्रमुख खिलाड़ियों में से एक थे.

खैर, भारतीय टीम का नेतृत्व लाला अमरनाथ कर रह थे. इस सीरीज में 5 टेस्ट मैच खेले जाने थे. दिलचस्प यह था कि इस शृंखला में दोनों देशों के अधिकतर खिलाड़ी एक दूसरे की कमजोरी व मजबूती से अच्छी तरह वाकिफ थे.

16 अक्टूबर 1952 एक ऐसी तारीख जब भारत-पाकिस्तान की टीम पहली बार आमने सामने थी. सीरीज का पहला मैच दिल्ली में था. भारत ने टॉस जीतने के बाद पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया.

दर्शकों के तालियों की गड़गड़ाहट पूरे स्टेडियम में गूंज रही थी. दिल्ली का फिरोजशाह स्टेडियम खचाखच भरा हुआ था. जब खिलाड़ी मैदान पर उतरे तो लोगों में बेहद उत्साह का माहौल रहा.

मैच शुरू हुआ. भारत की तरफ से वीनू मांकड़ और पंकज रॉय बतौर ओपनर बल्लेबाजी करने उतरे. जल्द ही पाकिस्तान के गेंदबाज खान मोहम्मद ने दोनों को पवेलियन भेज दिया. 26 रन के स्कोर पर भारत के दो विकेट गिर चुके थे.

Indian Cricket Player Lala Amarnath (Pic: Panjabigram)

शृंखला का पहला मैच भारत के नाम रहा

विजय हजारे एक छोर पर मोर्चा संभाले रहे. जबकि एक तरफ लगातार भारतीय बल्लेबाज आउट होते जा रहे थे. आगे भारत के 180 रन के स्कोर पर अमीर इलाही ने हजारे को भी बोल्ड कर दिया.

तब बल्लेबाजी करने हेमू अधिकारी मैदान पर आए. उन्होंने बड़ी धैर्यता के साथ खेला. वे टीम को 372 रन के सम्मानजनक स्कोर तक पहुँचाने में कामयाब रहे.

पहली पारी में जहां हज़ारे ने 76 रनों का बहुमूल्य योगदान दिया था. तो हेमू ने भी 81 रन ठोक डाले थे. वहीं पाकिस्तान की तरफ से अमीर इलाही ने सबसे ज्यादा 4 विकेट झटके.

अब पाकिस्तान के बल्लेबाजों की बारी थी. पाकिस्तान की टीम जब बल्लेबाजी करने उतरी तो भारतीय गेंदबाजों के आगे उनकी एक न चली. पूरी टीम महज 150 रन पर आलआउट हो गई. भारत की तरफ से आलराउंडर वीनू मांकड़ ने 8 बल्लेबाजों को पवेलियन भेजा था.

पाकिस्तान दूसरी पारी में फालोआन बचाने उतरी. इस बार भी भारतीय गेंदबाजों ने कहर बरपाया. पूरी टीम 152 रनों पर आलआउट हो गई. वीनू मांकड़ (5 विकेट) के साथ गुलाम अहमद (4) ने भी घातक गेंदबाजी की थी.

इस तरह भारत ने पाकिस्तान के साथ हुए पहले ही मैच में उसको 1 पारी व 70 रनों से करारी मात दे दी थी.

India's Best All-Rounder Vinoo Mankad in Cricket (Pic: Espn)

पाकिस्तान ने भी दिखाया अपना दमखम

सीरीज के पहले ही मैच में जीत हासिल करने के बाद भारतीय खिलाड़ियों का कॉन्फिडेंस बहुत बढ़ चुका था. एक तरफ जहां भारत दूसरे मैच को जीत कर सीरीज में बढ़त बनाना चाहता था. वहीं पाकिस्तान को जीत के साथ सीरीज में वापसी करना था.

शृंखला का दूसरा मैच नवाबों के शहर लखनऊ में था. इस बार भी भारत ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया. पहली पारी में भारतीय बल्लेबाजों का निराशजनक प्रदर्शन रहा. पाकिस्तानी गेंदबाजों के आगे पूरी टीम लड़खड़ा गई थी.

कभी भारत के लिए खेलने वाले पाकिस्तानी गेंदबाज फज़ल महमूद ने सर्वाधिक 5 विकेट प्राप्त किया था. भारत किसी तरह 106 रनों तक पहुँचने में कामयाब रही थी.

पाकिस्तान ने पहली पारी में 331 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया. इसमें नज़र मोहम्मद के 124 रनों का बहुमूल्य योगदान था. भारतीय गेदबाजों का प्रदर्शन औसतन रहा.

भारत के बल्लेबाजों ने दूसरी पारी की शुरुआत की. पारी की शुरुआत में ही भारत के 77 रन पर पांच विकेट गिर चुके थे. लाला अमरनाथ के 61 रनों के योगदान के साथ भारत का स्कोर 182 रन तक पहुंचा.

इस बार भी पाकिस्तान के दिग्गज गेंदबाज फज़ल महमूद ने भारत के 7 खिलाड़ियों को अकेले ही पवेलियन भेज दिया था. पाकिस्तान ने 1 पारी व 43 रनों से सीरीज का दूसरा व अपना पहला मैच जीत लिया था.

इतिहास में पहली बार पाकिस्तान को जीत हासिल हुई थी. इसी के साथ सीरीज 1-1 की बराबरी पर पहुँच गया.

India vs Pakistan in 1952 (Representative Pic: Cricketcountry)

भारत ने पाकिस्तान को दी करारी शिकस्त

अपने ऐतिहासिक जीत के साथ पाकिस्तानी खिलाड़ियों का मनोबल ऊँचा था. सीरीज का तीसरा मैच मुंबई में होना था. यहां एक बार फिर कांटे का मैच देखने को मिल सकता था. ऐसे में स्टेडियम में दर्शकों की तादाद अत्यधिक थी.

13 नवंबर 1952 को यह मैच शुरू हुआ. इस बार पाकिस्तान ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला लिया. वकार हसन के महत्वपूर्ण 81 रनों की बदौलत पाकिस्तान की टीम ने 186 रन बनाये. भारत की तरफ से कप्तान लाला अमरनाथ (4 विकेट) और वीनू मांकड़ (3 विकेट) ने शानदार गेदबाजी की थी.

वीनू मांकड़ व अप्टे ने भारत की पहली पारी की शुरुआत की. घातक गेंदबाजी के बाद मांकड़ (41 रन) ने टीम को अच्छी शुरुआत दी. आगे विजय हजारे(146 रन) व पाली उमरीगर (102 रन) ने शतक लगाया. दोनों बल्लेबाजों के शतक की बदौलत भारत ने 387 रन के 4 विकेट पर पारी घोषित कर दी.

पाकिस्तान की तरफ से महमूद हुसैन (3 विकेट) को छोड़ सभी गेंदबाज जूझते नज़र आये. पाकिस्तान के बल्लेबाजों ने अपनी दूसरी पारी की शुरुआत की. टीम 242 रन खड़ा करने में कामयाब रही. जिसमें हनीफ मोहम्मद के 96 रन व वकार हसन के 65 बहुमूल्य रन शामिल थे. एक बार फिर वीनू मांकड़ ने घातक गेंदबाजी करते हुए 5 विकेट चटकाए थे.  

भारत को जीत के लिए महज 42 रनों की ज़रुरत थी. भारतीय बल्लेबाजों ने बिना कोई विकेट खोये आसानी से लक्ष्य हासिल करने में कामयाब रही. इस तरह सीरीज का तीसरा मैच भी भारत ने अपने नाम कर लिया था.

भारत शृंखला में 2-1 से आगे था. सीरीज का चौथा मैच चेन्नई में खेला जाना था, जो ड्रा रहा.  

इस शृंखला का पांचवा मैच दोनों टीम के लिए महत्वपूर्ण था. एक तरफ जहां पाकिस्तान अंतिम मैच को जीतकर बराबरी करना चाहता था. वहीं भारत के पास इस सीरीज को अपने नाम करने का सुनहरा मौक़ा था.

मगर, कोलकाता में खेला गया यह मैच एक बार फिर ड्रा रहा. इस तरह पाकिस्तान के साथ अपनी पहली सीरीज में ही भारत ने जीत हासिल की और अपना सम्मान बचाए रखा.

A Great Spiner Bollwer Fazal Mahmood (Pic: Cricketcountry)

तो ये थी भारत पाकिस्तान के साथ हुई पहली सीरीज के दिलचस्प किस्से, जिसमें दोनों देशों की क्रिकेट टीम ने कई रिकार्ड बनाये थे. 5 टेस्ट मैचों की सीरीज में भारत ने 2-1 से ऐतिहासिक जीत दर्ज की थी.

इस सीरीज में भारत की तरफ से उमरीगर ने 258 रन व विजय हजारे ने 223 रन बनाये थे. वहीं गेंदबाजी में वीनू मांकड़ (129 रन व 25 विकेट) का आलराउंडर प्रदर्शन रहा. गुलाम अहमद (12 विकेट) ने भी अच्छी गेंदबाजी की थी. पाकिस्तान की तरफ से वकार हसन ने सीरीज में सबसे ज्यादा 357 रन बनाये थे. वहीं फज़ल महमूद ने 20 बल्लेबाजों को आउट किया था.

Web Title: When Indian Cricket Team Played Her First Series Against Pakistan, Hindi Article

Feature Image Credit:Navhindtimes/Pakteahouse