विराट की अगुवाई में 2008 का आईसीसी अंडर-19 क्रिकेट विश्व कप भारत जीतने में कामयाब रहा. टीम का हिस्सा रहे खिलाड़ियों को देश के लोगों ने अपनी पलकों पर बैठाया. यहां तक कि खबरिया चैनलों ने घंटे-घंटे पर इस खिताब के नायक रहे खिलाड़ियों पर स्पेशल प्रोग्राम बनाए. इसी कड़ी में कुछ खिलाड़ी सीनियर टीम का हिस्सा बनकर आगे बढ़े, तो कुछ के संघर्ष का दौर जारी रहा. ऐसे में यह जानना दिलचस्प होगा कि इस खिताब के इतने साल बीत जाने के बाद वह सितारे कहां हैं? उनकी जिंदगी कैसी है? तो आईये सिलसिलेवार एक-एक करके सभी के बारे में जानने की कोशिश करते हैं:

तरुवर कोहली

इस टूर्नामेंट में विराट के अलावा कोहली के सरनेम वाला एक खिलाड़ी और खेलता हुआ देखा गया. इस खिलाड़ी का नाम था, तरुवर कोहली. दाएं हाथ के इस बल्लेबाज ने सभी को बहुत प्रभावित किया. इसने तीन अर्धशतक जड़ते हुए 218 रन जोड़े थे. लेकिन दुख की बात है कि वह अभी तक भारतीय टीम में जगह बनाने में कामयाब नही हो सके हैं. वह टूर्नामेंट के बाद लगातार अपनी खराब फार्म से जूझते रहे. वह पहले राजस्थान रॉयल्स और बाद में किंग्स इलेवन पंजाब की तरफ से आईपीएल खेले. हालांकि, उनका प्रदर्शन खास नहीं रहा. वह आजकल पंजाब की तरफ से घरेलू क्रिकेट खेलते हैं.

तन्मय श्रीवास्तव

तन्मय इस टूर्नामेंट के शीर्ष स्कोरर थे. उनका व्यक्तिगत स्कोर 262 रन था. विश्व कप के बाद वह 2009 में उत्तर प्रदेश के लिए घरेलू क्रिकेट खेलते दिखे. वह उस समय के बेहतरीन सलामी बल्लेबाजों में थे. अपने प्रदर्शन के चलते उन्हें आईपीएल के लिए अलग-अलग सीजनों में डेक्कन चार्जर्स, किंग्स इलेवन पंजाब और कोच्चि टस्कर्स जैसी टीमों से खेलने का मौका मिला. वर्तमान में वह उत्तर प्रदेश की तरफ से खेलते हुए, खुद को बेहतर बनाने में लगे हुए हैं.

Tanmay Shrivastava (Pic: espncricinfo.com)

सौरभ तिवारी

सौरभ ने इस टूर्नामेंट में मध्यक्रम की जिम्मेदारी संभाली. वह एक मजबूत हिटर के रुप में उभरे. इसी के चलते उन्हें आईपीएल में मौका मिला. 2010 में उन पर मुंबई इंडियंस ने अपना दांव लगाया. उन्होंने भी निराश नहीं किया और कई मौकों पर शानदार बल्लेबाजी की. आगे वह भारतीय टीम में अपनी जगह बनाने में कामयाब रहे, लेकिन यह सफर ज्यादा लंबा नहीं चला. कड़ी प्रतिस्पर्धा में वह खुद को प्रमाणित नहीं कर सके. फिर वह लगातार चोटों से जूझते रहे और फिर आईपीएल तक ही सिमट कर रह गये. वह झारखंड की तरफ से घरेलू टीम का हिस्सा बने हुए हैं. भारतीय टीम में वापसी की उनकी कोशिशें जारी हैं, देखना होगा कि उनको सफलता कब मिलती है.

मनीष पाण्डे

टूर्नामेंट में मनीष, अपने साथी सौरभ तिवारी के साथ टीम के मध्यम क्रम को मजबूत करते हुए दिखे थे. इसके बाद आईपीएल 2009 के सीजन में डेक्कन चार्जर्स के खिलाफ उन्होंने शतक जड़कर इतिहास रच दिया. अंतिम कुछ आईपीएल सीजनों से वह कोलकात्ता नाइट राइडर्स का हिस्सा बने हुए और लगातार शानदार बल्लेबाजी करते दिखे हैं. उनके आंकड़े बहुत मजबूत हैं. कह सकते हैं कि वह छोटे फॉर्मेट के बड़े खिलाड़ी बन चुके हैं. यही कारण है कि उन्हें कई मौकों पर सीनियर टीम का हिस्सा बनने का मौका दिया गया. हालांकि, वह अभी तक टीम में अपनी जगह पक्की नहीं कर पाये हैं और कर्नाटक की टीम का महत्वपूर्ण हिस्सा है.

श्रीवत्स गोस्वामी

यह टूर्नामेंट में बतौर विकेट कीपर-बल्लेबाज खेले थे. प्रदर्शन भी इनका संतोषजनक रहा, लेकिन सीनियर भारतीय टीम में महेंद्र सिंह धोनी की मौजूदगी के कारण वह कभी चयनकर्ताओं की पसंद नहीं बन सके. वह आईपीएल में कोलकाता नाइट राइडर्स, रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु और राजस्थान रॉयल का हिस्सा रह चुके हैं. वर्तमान में वह बंगाल की तरफ से प्रथम श्रेणी क्रिकेट का हिस्सा हैं. उनके रिकार्ड्स इस फार्मेट में बढ़िया हैं, बावजूद इसके अगले स्तर पर पहुंचने के लिए उन्हें बहुत काम करने की जरुरत है.

Shreevats Goswami (Pic: espncricinfo.com)

सिद्धार्थ कौल

टूर्नामेंट के फाइनल मुकाबले में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ दाएं हाथ के इस गेंदबाज ने भारत को जीत दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा की थी. उन्होंने 15.40 के औसत से 10 विकेट लिए थे, पर बाद में उनको किसी की नजर लग गई और वह चोटों के भंवर में फंस गये. कुछ वक्त बाद वह आईपीएल में दिल्ली डेयरडेविल्स की तरफ से गेंदबाजी करते हुए दिखे. प्रदर्शन ठीक नहीं रहा तो दिल्ली ने उन्हें रिलीज कर दिया और वह 2017 के सीजन में सनराइजर्स हैदराबाद का हिस्सा बने और सभी को प्रभावित किया. वैसे वह पंजाब के लिए प्रथम श्रेणी टीम का हिस्सा हैं.

इकबाल अब्दुल्ला

अब्दुल्ला इस टूर्नामेंट में टीम के दूसरे बाएं हाथ के स्पिनर थे. उन्होंने अपने साथियों रवींद्र जडेजा और सिद्धार्थ कौल का पूरा साथ दिया. भारत फाइनल तक पहुंचा और जीता भी. वह टीम इंडिया में जगह भले ही न बना पाये हों, लेकिन उनका आईपीएल का सफर शानदार रहा है. वह आईपीएल 2016 में रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर का हिस्सा रहे. वर्तमान में वह केरला से रणजी खेलते हैं.

प्रदीप सांगवान

बाएं हाथ के मध्यम गति गेंदबाज प्रदीप सांगवान ने इस टूर्नामेंट में बहुत प्रभावित किया था. बाद में प्रथम श्रेणी क्रिकेट मेंं खराब फॉर्म के कारण उनका प्रदर्शन निराशाजनक रहा. परिणाम स्वरुप वह कभी चयनकर्ताओं की पसंद नहीं बन सके. वह आईपीएल का हिस्सा जरुर बने और दिल्ली डेयरडेविल्स, गुजरात लायंस और कोलकाता नाइट राइडर्स की तरफ से अपने जौहर दिखाते दिखे. फिलहाल वह दिल्ली की तरफ से प्रथम श्रेणी खेलते हुए आगे बढ़ने की कोशिश में लगे हुए हैं.

अजितेश अर्गल

टूर्नामेंट के फाइनल मुकाबले में अजितेश ने अपने पांच ओवर में महज 7 रन देकर दो विकेट लिए थे. माना जा रहा था कि यह गेंदबाज लम्बी रेस का घोड़ा होगा, लेकिन आगे के सफर में उन्होंने निराश किया. वह बड़ौदा के लिए खेलते जरुर हैं, लेकिन उनके आंकड़े बहुत खराब हैं. वह अपने करियर के बुरे दौर से गुजर रहे हैं. उम्मीद है वह जल्द वापसी करेंगे.

रविन्द्र जडेजा

विराट के बाद जडेजा इस टूर्नामेंट के बाद चमके और 2009 में सीनियर भारतीय क्रिकेट टीम में शामिल हुए. शुरू में उनका सफर संघर्षपूर्ण रहा, लेकिन वह धीरे-धीरे टीम के मुख्य स्पिन गेंदबाजी के विकल्प बन गये. 2012 में वह भारत के लिए अपना पहला टेस्ट मैच खेले. उनके रिकॉर्ड बहुत शानदार हैं. एक बात और मैदान पर उनकी चुस्ती के लिए उन्हें ‘सर जडेजा’ कहकर बुलाया जाता है.

Ravinder Jadeja (Pic: yahoo.com)

विराट कोहली

2008 का यह खिताब विराट की अगुवाई में भारत ने जीता था, इसलिए सबसे ज्यादा सुर्खियां उन्होंने ही बटोरी. उन्हें 2008 में श्रीलंका के खिलाफ सीनियर भारतीय टीम में जगह दी गई थी. तब से उन्होंने कभी वापस नहीं देखा. वह अब सभी फार्मेटों में भारतीय टीम के कप्तान हैं और दुनिया के सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाजों में गिने जाते हैं.

Virat Kohli (Pic: yahoo.com)

अभिनव मुकुंद

अभिनव टूर्नामेंट में टीम का हिस्सा जरुर रहे थे, लेकिन वह प्लेइंग 11 में नहीं थे. घरेलू क्रिकेट में शानदार आंकड़ों के कारण उन्हें वेस्टइंडीज के दौरे पर सीनियर टीम का हिस्सा बनाया गया. लेकिन वह इस मौके को भुना नहीं पाये. जल्द ही उन्हें टीम से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया.

इनके अलावा इस टूर्नामेंट का हिस्सा रहे डीएस कुमार आंध्र प्रदेश के लिए. पेरी गोयल, पंजाब के लिए और नेपोलियन आइंस्टीन तमिलनाडु के लिए वर्तमान में अपना योगदान दे रहे हैं.

Web Title: Where are ICC Under-19 2008 World Cup winning Players, Hindi Article

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