अभी थोड़े ही दिन हुए हैं, जब एप्पल ने अपने नए आईफोन दुनिया के सामने पेश किए थे. उस दिन आईफोन के साथ दुनिया के सामने एप्पल ने अपना चर्चित नया ऑफिस ‘एप्पल कैंपस‘ भी लांच किया था.

काफी समय से एप्पल इस ऑफिस पर काम कर रहा था. यह तमाम खूबियों से भरा हुआ एक बिलकुल ही नए जमाने का ऑफिस है. तो चलिए देर किस बात की, आपको भी इसकी खूबियों से परिचित कराते हैं…

स्टीव जॉब्स का सपना था यह ‘कैम्पस’

एप्पल का जन्म और उसको बुलंदियों तक लाने का श्रेय स्टीव जॉब्स को ही जाता है. टेक्नोलॉजी के दीवाने और कुछ नया करने की सोच रखने वाले स्टीव के लिए यह एप्पल कैंपस एक सपना था. कहते हैं कि स्टीव हमेशा से चाहते थे कि कुछ इसी प्रकार का उनका ऑफिस हो जैसा एप्पल कैंपस आज है. हमेशा की तरह स्टीव ने इस ऑफिस के लिए भी एक अलग ही डिज़ाइन चुना था.

इस ऑफिस की बनावट किसी अंतरिक्ष यान की तरह है. इसी वजह से यह ‘स्पेसशिप कैंपस’ के नाम से भी मशहूर हो गया है. 2013 में इस ऑफिस के बनने का काम शुरू हुआ था. यह बहुत ही दुखद रहा कि स्टीव अपने जीते जी इस ऑफिस की नींव नहीं रख पाए थे.

2011 में ही स्टीव की मृत्यु हो गई थी!

अपनी मृत्यु से पहले ही स्टीव ने इस ऑफिस का पूरा प्लान सोच लिया था. स्टीव तो चले गए थे लेकिन कंपनी को उनका सपना याद था. इसलिए उन्होंने स्टीव को श्रद्धांजलि देने के लिए इस ऑफिस का निर्माण पूरा किया है. एप्पल ने जिस जगह पर नए आईफोन का इवेंट किया था, ऑफिस की उस जगह का नाम एप्पल ने ‘स्टीव जॉब्स थिएटर’ रखा है.

Features Of New ‘Apple Campus’ (Pic: businessinsider)

असीमित पैसा लगाया ‘एप्पल’ ने…

एप्पल की कोई चीज़ हो और उसके दाम छोटे हों, ऐसा हो ही नहीं सकता है. अपने डिवाइसेस में जिस तरह एप्पल हर चीज़ बेस्ट डालता है, ठीक उसी तरह अपने ऑफिस में भी एप्पल ने हर बेस्ट चीज़ डालने की कोशिश की है.

बात चाहे मटेरियल की हो या डिज़ाइन की एप्पल ने किसी बात पर समझौता नहीं किया है. कहते हैं कि इसी काम की वजह से एप्पल के निवेशक थोडा भड़क भी गए थे.

उनका मानना था कि एप्पल बेकार का खर्चा कर रहा है. आखिर में हुआ तो वही जो एप्पल करना चाहता था. बिल्डिंग जिस आलीशान तरह से बननी थी उसी तरह बनाई भी गई है. बिल्डिंग की तरह ही इसे बनाने का खर्च भी आलीशान ही आया है. कहते हैं कि 2011 से ही इसके निर्माण के दाम बढ़ते जा रहे हैं.

अब तक तो अरबों डॉलर इसे बनाने में लग चुके हैं, जबकि काम अभी जारी है.

2011 में 3 बिलियन डॉलर में इसे बनाने का प्रस्ताव सामने आया था. उसके बाद जब 2013 में इसका असली काम शुरू हुआ तो उस समय यह दाम 3 से 5 बिलियन में तब्दील हो गया था.

उसके बाद वक़्त के साथ जैसे-जैसे एप्पल की जरूरतें और बाज़ार में महंगाई बढ़ी इसकी कीमत और बढती गई है. अब माना जाता है कि इसकी कीमत 5 बिलियन डॉलर से भी अधिक हो चुकी है.

Making Of Apple Campus (Pic: jeccomposites)

सोच से भी ज्यादा बड़ा है यह ऑफिस

जब इस बिल्डिंग में इतने साल और पैसे लगे हैं तो भला यह कैसे कोई आम बिल्डिंग हो सकती है. एप्पल की यह बिल्डिंग भविष्य को ध्यान में रख कर बनाई गई है. इसमें वह हर जरूरत पूरी करने की कोशिश की गई है, जिसकी आवश्यकता एप्पल के कर्मचारियों को होती है. इस ऑफिस का आकार बहुत बड़ा है. यह 42 एकड़ में बनाया गया है, जो चार स्टोरी तक है. सिर्फ ऑफिस के लिए ही 2.8 मिलियन वर्ग फुट की जगह ली गई है. माना जा रहा है कि यह कुछ सौ नहीं बल्कि 12 हज़ार कर्मचारियों के लिए बनाया गया है.

हालांकि बात यह भी है कि हर एप्पल के कर्मचारी को यहाँ आने का मौका नहीं मिलेगा. सिर्फ चुनिंदा 12 हज़ार कर्मचारियों को ही इस आलिशान ऑफिस में कार्य करने का अनुभव मिलने वाला है.

यहाँ पर कर्मचारी सिर्फ काम ही नहीं करेंगे बल्कि वह यहाँ पर रह भी सकते हैं. यही कारण है कि एप्पल ने उनकी सेहत का भी ख़ास ख्याल रखा है. कहते हैं कि लगभग एक लाख वर्ग फुट का तो यहाँ पर फिटनेस सेंटर ही बनाया गया है. इसके साथ-साथ 11,000 गाड़ियों की पार्किंग और 2000 बाइक की पार्किंग भी यहाँ पर दी जाने वाली है. इसके साथ यहाँ ऑफिस एरिया के अंदर ही रेस्तरां भी होंगे.

तकनीक के मामले में भी एप्पल पीछे नहीं रहा है. अपने इस ऑफिस में एप्पल ने सबसे बढ़िया टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया है. बिजली संरक्षण पर भी एप्पल ने ख़ास ध्यान दिया है. पूरी बिल्डिंग के उप्पर सोलर पैनल लगाए गए हैं. सोलर पैनल के जरिए यह बिल्डिंग अधिकतर समय बिना बिजली इस्तेमाल किए रह सकती है.

एप्पल के इस लाजवाब ऑफिस का निर्माण ‘कूपर्टीनो’ शहर में किया गया है. यह वही जगह है जहाँ से एप्पल के खोजकर्ता स्टीव जॉब्स ने अपनी शुरुआत की थी.

Features Of New ‘Apple Campus (Pic: archpaper)

पर्यावरण के लिए भी ख़ास है बिल्डिंग

एप्पल ने अपने इस कैम्पस में पर्यावरण को भी काफी अहमियत दी है. ऑफिस के अंदर व बाहर दोनों तरफ ही पेड़ लगाए गए हैं. उन पेड़ों की खासियत यह है कि वह कम पानी की खपत करते हैं. कम खपत के चलते वहां का पानी भी बचा रहेगा और पेड़ पौधे भी लगे रहेंगे.

ऑफिस के अंदर नेचुरल वेंटिलेशन सिस्टम लगाया गया है. उस सिस्टम से ऑफिस में साल के 75% समय में एसी चलाने की जरूरत नहीं पड़ेगी. पानी को बचाने में भी यह ऑफिस काफी मदद करेगा. माना जा रहा है कि एप्पल कैंपस के अंदर रीसायकल हुआ पानी आया करेगा. ऐसी ही और भी तमाम चीजों के जरिए एप्पल अपने इस ऑफिस को एक आइकन के तौर पर दुनिया के सामने पेश करेगा.

एप्पल के इस ऑफिस का दुनिया भर में डंका बजने लगा है. जिस तरह इस समय आईफोन के फीचर्स की लोग चर्चा करने में लगे हैं, उसी तरह ‘एप्पल कैंपस’ के फीचर भी लोगों को अपनी ओर लुभाने लगे हैं. अभी तो इसके पूरी तरह खुलने में थोड़ा समय है, लेकिन पूरी तरह तैयार होने पर निश्चित रूप से यह ऑफिस क्रांतिकारी होगा.

Web Title: Features Of New ‘Apple Campus’, Hindi Article

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