दुनिया की सबसे ऊंची इमारत के नाम पर हमारी जुबान पर फिलहाल दुबई में स्थित ‘बुर्ज खलीफा‘ का नाम आता है. इसकी लंबाई 828 मीटर है और इसमें 163 मंजिलें हैं. आधिकारिक रूप से 2010 में इसका उद्घाटन किया गया था.

किन्तु, आगामी कुछ सालों में यह रिकॉर्ड इसके नाम नहीं रहेगा.

चौकिये मत! यह सच है.

असल में सऊदी अरब के जेद्दा में ‘किंगडम टावर’ नाम से एक इमारत तैयार हो रही है. इसे ‘जेद्दा टॉवर’ के नाम से भी जाना जाता है. 3,280 फीट से अधिक ऊंची यह दुनिया की सबसे ऊंची इमारत होगी. बुर्ज खलीफा की तुलना में यह लगभग 600 फीट ऊँची होगी.

अब चूंकि, यह ‘बुर्ज खलीफ़ा’ से भी ऊंची होगी, इसलिए यह खास हो ही जाती है.

तो आइये, वर्तमान के इस भव्य इंजीनियरिंग नमूने के बारे में विस्तार से जानने की कोशिश करते हैं:

20 बिलियन डॉलर की मेगा परियोजना

किंगडम टावर को मूल रुप से 20 बिलियन अमेरिकी डॉलर मेगा परियोजना का एक प्रारंभिक कदम कहा जा सकता है.

बताते चलें कि इस भारी भरकम राशि से साऊदी अरब में एक आधुनिक शहर बसाने का खाका खींचा गया था. किंगडम टावर इसी का ही एक हिस्सा है, जो नये शहर के एकदम बीचो-बीच है. प्रारंभिक योजना के अनुसार इस शहर का आकार 23 वर्ग किलोमीटर था, जिसे बाद में कुछ कारणों से 5.2 वर्ग किलोमीटर कर दिया गया.

गौरतलब हो कि, 2011 में साऊदी अरब के प्रिंस अलवलीद बिन तलाल ने ‘जेद्दा टॉवर’ की योजना की घोषणा की थी. उस समय कहा गया था कि इसका निर्माण कार्य शुरू होने के बाद महज 36 महीनों में ही पूरा कर लिया जायेगा. नवंबर, 2014 तक इस टावर की चार-मंज़िला नींव तक तैयार हो चुकी थी.

किन्तु, बीच में आर्थिक उतार-चढ़ावों के कारण इसकी रफ्तार में धीमी देखी गई. फिलहाल, इसका निर्माण 2018 तक पूरा होने की उम्मीद जताई जा रही है.

अगर ऐसा हुआ तो यह टावर 2019-20 तक लोगों के लिए खुल जायेगा.

Saudi Billionaire Prince Alwaleed Bin Talal (Pic: businessinsider)

सबसे आकर्षक मेगा टावर कैसे?

किंगडम टावर को दुनिया का सबसे आकर्षक मेगा-टावर कहा जा रहा है. इसके पीछे वाजिब कारण भी हैं.

पहला यह कि इसकी ऊंचाई एक किलोमीटर से अधिक मानी जा रही है. शुरुआत में यह 1.6 किलोमीटर रखी गई थी, किन्तु भूविज्ञान अनुकूल न होने के कारण इसे कम करके 1 किलोमीटर कर दिया गया.

दूसरा यह कि इसे मशहूर वास्तुकार एड्रियन स्मिथ और गॉर्डन गिल ने डिजाइन किया है. इस लिहाज से इसे फुलप्रूफ माना जा रहा है.

बताते चलें कि ये वही स्मिथ हैं, जिन्होंने बुर्ज खलीफा का भी डिजाइन किया था. बुर्ज खलीफा ही क्यों दुनिया की शीर्ष 11 इमारतों में से चार की डिजाइन उन्होंने ही किया है. इसमें चीन का जिफांग टावर, शिकागो का ट्रम्प इंटरनेशनल होटल टावर कुछ खास हैं.

किंगडम टॉवर जिस नये आधुनिक शहर में बन रहा है, उसे बसाने का मुख्य श्रेय सऊदी के प्रिंस अलवलीद बिन तलाल को जाता है.

इस टावर को मुख्य रूप से एक आवासीय होटल के रूप में इस्तेमाल किया जाएगा. यह टावर 245,000 वर्ग मीटर के क्षेत्रफल में होगा, जिसमें कार्यालय हेतु 200 कमरे, चार सीज़न होटल, 121 सर्विस अपार्टमेंट्स और 360 आवासीय अपार्टमेंट शामिल होंगे.

होटल की 157 वीं मंजिल के सामने 30 मीटर की चौड़ाई के साथ एक बाहरी बरामदा है. इसे मुख्यत: हेलीपैड के रूप में इस्तेमाल करने की योजना थी. किन्तु, बाद में बदल दिया गया.

An Artist’s Impression of the Tower (Pic: thesun.co.uk)

डिजाइन और कंस्ट्रक्शन की कहानी

किंगडम टावर का डिजाइन त्रिकोणीय रखा गया है, ताकि यह हवा के किसी भी प्रकार के वेग को झेल सके. इसका ऊपरी सिरा तो दूर से सुई की तरह दिखाई देता है. इमारत के किनारों को कुछ इस तरह से डिज़ाइन किया गया है कि बहुत कम हिस्सों तक सूरज की तेज रोशनी पहुंच सके.

इसमें चढ़ने के लिये एस्केलेटर और लिफ्ट भी बनाई गई हैं, लेकिन यह आम लिफ्ट्स से अलग होंगी. इमारत के शीर्ष छोर पर पहुंचने के लिए यात्रियों को लिफ्ट चेंज करनी होगी. वह सीधे एक ही लिफ्ट से ऊपर नहीं पहुंच सकते. लोगों की सुविधा के लिए इस टावर के चारों तरफ शॉपिंग मॉलों, आवासीय परिसरों, स्वीमिंग पूल और वाणिज्यिक केंद्रों जैसे आदि जरुरी भवनों को बसाने की योजना भी है.

किंगडम टावर का प्राइमरी स्ट्रक्चर बेहद मजबूत कंक्रीट का बना है. टावर के बाहरी भाग को कांच की दीवारें से पाटा जायेगा. इसमें खास किस्म के इस्पात का प्रयोग भी किया जा रहा, जिसकी खपत लगभग 80,000 टन आंकी जा रही है. इसमें कुल करीब 12 अरब डॉलर का खर्च लगेगा.

अगर इससे जुड़े कंस्ट्रक्शन के सन्दर्भ में आगे बात करें तो इसके निर्माण में कई टावर क्रेनों का इस्तेमाल किया गया है. इसके साथ-साथ नींव के लिए 3 मीटर डायमीटर वाले बेस बनाए गए हैं, जो जमीन में 100 मीटर गहराई तक धंसे हैं.

यह टावर कई अन्य खासियतों से लैश है.

The Jeddah Tower will Stand Almost One Kilometre High (PIc: ukstar)

किंगडम टावर को फिलहाल सऊदी अरब की शक्ति और धन संचय का आधार माना जा रहा है. कहा जा रहा है कि यह टावर विश्व के पर्यटकों का ध्यान खींचने में सफल रहेगा. इससे आर्थिक रुप से भी वहां के लोगों को मदद मिलेगी.

यहां तक इसका डिजाइन तैयार करने वाले एड्रियन स्मिथ भी मानते हैं कि किंगडम टावर के पूरा होते ही इसको देखने के लिए एक बड़ी संख्या में लोग यहां पहुंचेंगे.

खैर, अभी कुछ भी कहना जल्दबाजी होगा. आने वाला वक्त सारी तस्वीर खुद साफ कर देगा.

हां, इस बात में दो राय नहीं कि इसका निर्माण आर्किटेक्चर की दुनिया का एक नायाब उदाहरण होगा.

भले ही शंघाई दुनिया भर में अपनी ऊंची-ऊंची इमारतों के लिए मशहूर है, किन्तु, इस टॉवर के सामने उसकी सभी इमारतें फीकी ही नज़र आएँगी. उम्मीद है कि आने वाले समय में भारत भी कुछ ऐसे नमूने पेश करेगा.

Web Title: Jeddah Tower Will be the Worlds Tallest Building, Hindi Article

Featured Image Credit: swcc-ksa