यदि कोई पूछे कि दुनिया में तकनीक व आधुनिकता का गढ़ कहाँ है तो दिमाग में एक ही नाम आता है ‘सिलिकॉन वैली’.

यह सिलिकॉन वैली अमेरिका में है.

आज दुनिया भर में चल रही तमाम हाईटेक तकनीकें व एप्पल का बसेरा इसी सिलिकॉन वैली में है, जिसके चलते यह जगह अब धीरे-धीरे प्रत्येक युवा के सपनों की नगरी बनती जा रही है.

हर कोई इस जगह पर काम करने की चाह रखता है. मगर क्या आप जानते हैं कि सिलिकॉन वैली केवल अमेरिका में ही नहीं है.

दुनिया में अपनी अलग पहचान रखने वाले देश रूस के पास भी अपनी खुद की सिलिकॉन वैली है. यह रुस की राजधानी मॉस्को से 3000 किलोमीटर दूर साइबेरिया में है.

यह स्थान अपने वातावरण के लिए दुनिया भर में जाना जाता है.

यहां की हड्डियों को जमा देने वाली माइनस 40 डिग्री की सर्दी और गर्मियों में यहां के मच्छर आवास के लिए बिल्कुल भी अनुकुल नहीं माने जाते हैं. इस नगरी को खासकर वैज्ञानिकों और उनकी रिसर्च के लिए बसाया गया था.

चलिए जरा करीब से जानते हैं साइबेरिया की इस सिलिकॉन वैली के बारे में… कि कैसे हुई इसकी शुरुआत और आज किस मुकाम पर है इसकी तकनीक–

संघ की देन है ‘आकड़ेंगोरोड़ोक’

साइबेरिया की यह सिलिकॉन वैली आकड़ेंगोरोड़ोक के नाम से जानी जाती है, जिसकी शुरुआत साल 1957 में हुई थी.

स्टैलिन की मौत के बाद रूस में माहौल काफी बदल गया था. इस बीच सोवियत संघ की मुखिया निकिता ख्रुश्चेव को महसूस हुआ कि यदि दुनिया में अपने देश को मजबूती से खड़ा करना है तो उन्हें विज्ञान के क्षेत्र में खुद की अलग पहचान स्थापित करनी होगी.

इसी के चलते निकीता के दिमाग में आकड़ेंगोरोड़ोक को बनाने का विचार आया और उनकी इस सोच को यथार्थ का रुप देने का कार्य साइबेरिया में शुरु किया गया.

इस वैली को करीब 30 किलोमीटर के क्षेत्र में बसाया गया. इस स्थान पर करीब 35 रिसर्च इंस्टीट्यूट का निर्माण किया गया. साथ ही एक मेडिकल एकेडमी, अर्पाटमेंट, घर, स्टोर, होटल व इंसानी जरुरतों से जुड़ी अन्य सुख सुविधाओं के स्थानों की भी व्यवस्था की गई.

इतना ही नहीं यहां के लोगों के लिए नकली बीच भी तैयार किया गया है.

इसे बनाने के लिए खास तौर पर टन के हिसाब से रेत लाई गई और इस स्थान पर बिछाई गई. आकड़ेंगोरोड़ोक में बहुत ज्यादा संख्या में वैज्ञानिक रखते हैं. इस स्थान पर अलग-अलग क्षेत्रों से जुड़े अवयवों पर रिसर्च की जाती है.

Russian’s own silicon valley (representing pic: amusingplanet)

निजि निवेशकों ने किया फिर ‘खड़ा’

यदि आप सोच रहे हैं कि आखिरकार इस वैली को साइबेरिया में ही क्यों बनाया गया तो उसका पीछे का कारण जान लीजिए.

इसका मुख्या कारण यह था कि संघ चाहता था कि इस स्थान पर होने वाली रिसर्च व वैज्ञानिकों के किसी भी काम में सरकार का किसी भी तरह का हस्तक्षेप न हो और वह बिना किसी रोक टोक के अपना काम कर सकें.

यही कारण था कि यहां बसने वाले वैज्ञानिकों व उनके परिवार वालों के जीवन-यापन से जुड़ी हर सुख-सुविधा को यहां उपलब्ध करवाया गया.

वैली के शुरुआती समय में आकड़ेंगोरोड़ोक पर संघ की अच्छी पकड़ थी, लेकिन जैसे जैसे समय बीतता गया रूस में संघ का प्रभुत्व कम होता गया.

1990 में संघ का प्रभुत्व खत्म होने के साथ ही वैली में संघ का हस्तक्षेप पूरी तरह से बंद हो गया. इस बीच हालात यूं थे कि अनुमान लगाया जा रहा था कि शायद आकड़ेंगोरोड़ोक का भी अंत हो जाएगा.

हालांकि विज्ञान के विकास में रुचि रखने वाले कुछ निजि निवेशकों ने मानो वैली को गोद ले लिया.

साल 1997 में वैली के विकास हेतु निवेशकों द्वारा 10 मिलियन की बड़ी राशि निवेश की गई. वर्तमान समय की बात करें तो इस वक्त आकड़ेंगोरोड़ोक में 300 के करीब कंपनिया चल रही हैं. यहाँ नैनो टेक्नोलॉजी से लेकर हाईटेक ग्राफिक इंडस्ट्रीज तक है.

वैली में हुए इस तकनीकी विकास ने और भी लोगों को इस ओर आकर्षित किया, जिसके चलते यहां की जनसंख्या आज हजारों की संख्या में है.

Russian Silicon Valley Center Of Science And Technology (Pic: dialogdesign)

जैनेटिक रिसर्च के लिए है प्रसिद्ध

वैली का अधिकतम क्षेत्र जंगल होने के कारण यहां जैनिटिक रिसर्च पर भी खास गौर किया जाता है.

यहां पाई जानी वाली अलग-अलग प्रजातियों की लोमड़ियों पर लगातार रिसर्च चल रही है.

सिर्फ लोमड़ी ही नहीं यहाँ पर बाकी जानवरों पर भी टेस्ट किए जाते हैं. यहाँ पर देखा जाता है कि आखिर कैसे एक जानवर का डीएनए दूसरे जानवर पर काम करेगा. माना जाता है कि इसके जरिए रूसी वैज्ञानिक एक नई प्रकार की जानवर प्रजाति बनाने की कोशिश में हैं.

इस समय रूस समेत अन्य देशों के ढेरों लोग इस स्थान पर आकर अपनी कंपनियां बसाए बैठे हैं. 2014 के आंकड़ो के अनुसार वैली में करीब 1100 के करीब नई कम्पनियां शुरु हुई हैं.

शायद इन्हीं में से कुछ आगे चल कर गूगल या फेसबुक जैसी पहचान पाएंगी.

एक शख्स की सोच से शुरु हुई यह वैली आज टेक्नोलॉजी का हब बन चुकी है. इतना ही नहीं अब तो इसकी वजह से रुस को आर्थिक तौर पर भी काफी फायदा मिल रहा है.

यहाँ पर खुलने वाली कंपनियों के कारण रूस को काफी अच्छा पैसा मिल जाता है. कंपनियां भारी टैक्स के बाद भी यहाँ पर आती हैं क्योंकि यहाँ पर बहुत फायदा है.

गिनीज बुक में भी मिल चुकी है जगह

रूस की इस सिलिकॉन वैली की खास बात यह है कि यहां के करीब 70 प्रतिशत क्षेत्र में जंगल है. इस वजह से यह पता लगा पाना बहुत मुश्किल है कि यहां के किस कोने में कौन सी बड़ी रिसर्च चल रही है.

अपनी इसी खासियत के चलते आकड़ेंगोरोड़ोक का नाम गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड में दर्ज है. यहां 2.5 किलोमीटर के क्षेत्र में आपको 20 वैज्ञानिक रिसर्च सेंटर मिलते है जो दुनिया के किसी और कोने में नहीं है.

Russian Silicon Valley Center Of Science And Technology (Pic: speakingofresearch)

बहरहाल आज जो विज्ञान के क्षेत्र में रुस की अच्छी पकड़ है, उसमें इस स्थान का काफी महत्त्व है. जाहिर तौर पर इसी के बल पर सोवियत संघ के बिखराव के बाद भी रूस आज एक वैश्विक ताकत बना हुआ है.

आप क्या कहेंगे?

 Web Title: Russian Silicon Valley Center Of Science And Technology, Hindi Article

Featured Image Credit: shutterstock