30 दिन, 30 प्लान की कड़ी में जम्मू-कश्मीर के बाद आइये, आज हम आपको ले चलते हैं मध्य प्रदेश की ओर. वही मध्य प्रदेश जो सुंदरता और राजसी ठाठ-बाठ के लिए जाना जाता है. इस राज्य का इतिहास, संस्कृति, परंपरा, कला और शिल्प का अनूठा संगम सैलानियों को लुभाने के लिए मशहूर है. यहां के विश्व स्तरीय स्मारक देश के ऐतिहासिक परंपरा को प्रदर्शित करते हैं. इसके अलावा मध्य प्रदेश में कई अन्य बेहतरीन जगहें हैं, जहां गये बिना यहां की यात्रा पूरी नहीं होती. तो देर किस बात की है, आइये चलते हैं मध्य प्रदेश की ओर:

पहला दिन: शाही ओरछा का आनंद

बेतवा नदी के किनारे स्थित ओरछा एक शाही शहर है. ओरछा बुन्देला युग की यादों को आज भी सहेजे हुए दिखाई देता है. यहां घूमने लायक जगहों की बात करें तो इनमें लाल ओरछा फोर्ट, चतुर्भुज मंदिर, राजा राम मंदिर, लक्ष्मी मंदिर, भडो पिलर, फूल बाग, पलकी महल खाना, राज प्रवीण महल आदि आते हैं. इन सभी स्थलों को बिना रुके एक दिन में घूमा जा सकता है.

ओरछा में हाथ से बने पेपर आइटम बहुत प्रसिद्ध हैं, इसलिए इन्हें खरीदना न भूलें. ओरछा पहुंचने का सबसे सुविधाजनक साधन ट्रेन को माना जाता है, क्योंकि झांसी रेलवे स्टेशन ओरछा से लगभग 14 कि.मी. की दूरी पर है और झांसी से ओर्चा के लिए बसों और कारों की अच्छी संख्या उपलब्ध है.

30 Days, 30 Plans in Madhya Pradesh, Orchha (Pic: esamskriti.com)

दूसरा दिन: कान्हा राष्ट्रीय उद्यान

‘कान्हा’ मध्य प्रदेश में एक प्रमुख पर्यटन स्थल माना जाता है. यह राष्ट्रीय उद्यान अपनी विभिन्न वनस्पतियों और जीवों के लिए लोकप्रिय है. यहां भारत में विलुप्त होने वाली कई प्रजातियां जैसे-बारहसिंगा आदि देखने को मिलती हैं. यहां बांस और महुआ के पेड़ भी हैं. इसके अलावा,

यहां शेर को देखना, सनसेट का लुत्फ़ और जीप से जंगल सफारी करना सबसे ज्यादा रोमांचकारी माना जाता है. इस पार्क को घूमने में आपकी अच्छी खासी कसरत हो जायेगी. पूरा घूमने के लिए आपको रात यहीं गुजारनी होगी. जबलपुर से ‘कान्हा’ तक आसानी से पहुंचा जा सकता है. यह शहर सबसे पास है.

तीसरा दिन: भारतीय कला का दीदार

मध्य प्रदेश में खजुराहो एक छोटा शहर है, जो इतिहास में गहरी रूचि रखने वाले लोगों के लिए एक शानदार स्थल भी है. इसे भारतीय कला का प्रतीक भी कहा जाता है. खजुराहो को विश्व यात्रियों के बीच प्रसिद्ध बनाने के लिए यहां 22 मंदिरों का एक समूह मौजूद है. इन मंदिरों में आपको भारतीय कला की जटिल नक्काशी और सुंदर मूर्तिकला के कई उदाहरण देखने को मिल जायेंगे.

खाने के मामले में यहां मौजूद मद्रास कॉफी हाउस का दक्षिण भारतीय भोजन और राजा के कैफे का नाश्ता बहुत चर्चित है. इस तरह पूरे दिन का यहां उपयोग किया जा सकता है.

खजुराहो अच्छी तरह से भारत के कई शहरों में रेलगाड़ी और बस से जुड़ा हुआ है. इसलिए यहां किसी भी साधन से आसानी से पहुंचा जा सकता है.

Khajuraho Temple, Madhya Pradesh (Pic: yatra.com)

चौथा दिन: पन्ना राष्ट्रीय उद्यान

‘कान्हा’ की तरह पन्ना राष्ट्रीय उद्यान भी मध्य प्रदेश का दूसरा लोकप्रिय स्थल है. इसे रॉयल बंगाल टाइगर्स के लिए सबसे महत्वपूर्ण आश्रयों में से एक माना जाता है. सैकड़ों वर्ग किलोमीटर के क्षेत्र में फैले हुए इस राष्ट्रीय उद्यान में तेंदुए, जंगली कुत्ते, भेड़िया, हाइना, आलसिया भालू, चितिल और चोषिंघा जैसी प्रजातियां देखने को मिलती हैं. यहां पक्षियों की कई प्रजातियां भी मौजूद हैं.

यहां हाथी की सवारी और जीप की सवारी मशहूर है. कुल मिलाकर यह कि भिन्नता को समेटने में आपका तीसरा दिन गुजर ही जाना है. इस पार्क में पहुंचने के लिए खजुराहों का रास्ता सबसे आसान माना जाता है, जो भारत के कई शहरों में सड़क और रेलवे से जुड़ा हुआ है.

पांचवा दिन: उज्जैन की सैर

उज्जैन अपने मंदिरों के लिए प्रसिद्ध है. इस शहर को आध्यात्मिक आत्माओं के लिए एक आदर्श माना जाता है. इन मंदिरों में बुंदेला कला और वास्तुकला के मनमोहक नमूने देखने को मिलते हैं. उज्जैन सबसे बड़ा हिंदू मेला मनाने के लिए चर्चा में रहता है. दर्शनीय स्थलों में यहां का महाकालेश्वर मंदिर, गोपाल मंदिर, चिंतन गणेश मंदिर, इंदिरा गांधी प्रतिमा, हर्षिद्ध मंदिर, राम घाट आदि को गिना जाता है. इस शहर का झरोखा रेस्टोरेंट, खाने के स्वाद लिए यहां आने वालों की पंसदीदा जगह है. यहां भी आपको एक पूरा दिन लग ही जाना है. उज्जैन तक पहुंचने के लिए सबसे अच्छा साधन ट्रेन को माना जाता है.

छठा दिन: सांची का स्तूप

हम बचपन से ही साँची के स्तूप के बारे में पढ़ते आ रहे हैं. यह स्तूप मध्य प्रदेश के रायसेन जिले के सांची में मौजूद है. इसको बौद्ध हब के रूप में भी जाना जाता है. इस स्तूप को सम्राट अशोक ने बनवाया था. सांची के बारे में कहा जाता है कि यह व्यापारियों के लिए हॉटस्पॉट हुआ करता था. यहां मौजूद मंदिर, पुरातत्व संग्रहालय और मोनैस्ट्री 45, 47 भी देखने लायक स्थल हैं. सांची के सबसे ज्यादा नजदीक विदिशा रेलवे स्टेशन है. इसके अलावा भोपाल से भी बसों जैसे कई साधन यहां के लिए चलते हैं. सांची की सैर के लिए कम से कम एक दिन का टूर तो चाहिए ही होगा.

Sanchi Stupa, Madhya Pradesh (Pic: seangoldenindia)

सातवां दिन: भीमबेटका गुफाएं

भीमबेटका गुफाएं मध्यप्रदेश के रायसेन जिले के भयानपुरा में मौजूद हैं. इन गुफाओं की दीवारों पर बने चित्र और यहां मौजूद शिलालेख दर्शकों को लुभाते हैं. इसके अलावा यहां भोजपुर और होशंगाबाद घूमने लायक स्थल हैं. आपके पास कम से कम एक दिन का समय होना चाहिए. यहां पहुंचने के लिए सबसे पहले भोपाल पहुंचना अच्छा होगा, क्योंकि भोपाल यहां से बहुत पास है. साथ ही भारत के अन्य प्रमुख शहरों से यह अच्छी तरह से जुड़ा हुआ है.

आठवां दिन: ग्वालियर फोर्ट

ग्वालियर अपनी कला और वास्तुकला के लिए सैलानियों को आकर्षित करता है. इस शहर में मान सिंह पैलेस, ग्वालियर फोर्ट, जय विलास पैलेस और सिंधिया म्यूजियम के साथ-साथ सास बाहू मंदिर, तानसेन का मकबरा और तेली का मंदिर देखने लायक जगहे हैं. बस आपको इन सबके लिए अपना एक दिन देना होगा. यहां पहुंचने के लिए आप ग्वालियर का रास्ता चुन सकते हैं.

नवां दिन: खिलौना ट्रेन की सवारी

भोपाल मध्य प्रदेश की राजधानी है. वैसे तो इस शहर में घूमने लायक कई स्थल हैं. पर इन सबमें यहां मौजूद संग्रहालय, आम के पेड़ के नीचे बैठकर खाना, पर्यटन बोट क्लब की यात्रा करने के साथ-साथ खिलौना-ट्रेन की सवारी का आनंद लेना विशेष माना जाता है. इन सब में कब पूरा दिन गुजर जाता है, पता ही नहीं चलता. यहां पहुंचने के लिए आप रेल, बस या हवाई जहाज जैसे साधनों का प्रयोग कर सकते हैं.

दसवां दिन:’बांधवगढ़’ में हाथी की सवारी

मध्य प्रदेश के उमरिया जिले में बांधवगढ़ राष्ट्रीय उद्यान भारत में बाघ के पर्यटन के लिए सबसे अच्छी जगह माना जाता है. बाघों के अलावा, पार्क में लगभग 250 प्रजातियों के पक्षी पाये जाते हैं. यह पार्क एक रोमांचकारी स्थल है. यहां हाथी की सवारी के साथ जीप की सवारी का मजा लिया जा सकता है. यहां पहुंचने के लिए सबसे अच्छा साधन ट्रेन है. सबसे नजदीक उमरियां रेलवे स्टेशन पड़ता है.

Bandhavgarh National Park, Madhya Pradesh (Pic: mouthshut.com)

ग्यारहवां दिन: महेश्वर के मंदिर

महेश्वर एक छोटा सा शहर है, जो भगवान शिव को समर्पित है. महेश्वर आध्यात्म में रुचि रखने वालों के लिए एक हॉटस्पॉट है. यहां मौजूद मंदिरों के घाट देखते ही बनते हैं. यहां की साड़ियां भी बहुत चर्चित हैं. कुल मिलाकर आप यहां अपना एक यादगार दिन गुजार सकते हैं. यहां इंदौर होकर आसानी से पहुंचा जा सकता है.

बारहवां दिन: मण्डू में मनील कंठ

मण्डू मध्य प्रदेश का एक छोटा शहर है. यह शहर अपनी ऐतिहासिक जगहों और वास्तुशिल्प के लिए जाना जाता है. यहां रूपमती पैविलियन, नील कंठ पैलेस, होशांग मकबरा, जलाज महल और आशर्फी महल कुछ घूमने लायक स्थल हैं. यह शहर छोटा जरुर है, लेकिन इसको देखने के लिए एक दिन का समय चाहिए ही होता है. इंदौर होकर इस शहर तक आसानी से पहुंचा जा सकता है.

तेरहवां दिन: भिंड के सदर में खरीददारी

भिंड के बारे में कहा जाता है कि यह चंबल के किनारे बसा एक ऐसा शहर है, जो पर्यटन की विशेष क्षमताएं रखता है. एटर फोर्ट, जैन मंदिर, नारददेव मंदिर, गोहद का किला इस शहर के कुछ देखने लायक स्थान हैं. यहां का सदर बाजार भी खरीदारी के लिहाज से बढ़िया है. हां, इसके लिए आपको अपना एक दिन देना होगा. यहां पहुंचने के लिए आपको ट्रेन की सवारी करनी चाहिए.

चौदहवां दिन: भोज रॉयल पैलेस का दीदार

भोजपुर को मध्य प्रदेश के इतिहास के बारे में जानने के लिए एक सही जगह माना जाता है. भोजेश्वर मंदिर, भोज रॉयल पैलेस, जैन मंदिर, पार्वती गुफा रॉक आदि के साथ-साथ यहां की चित्रकारी रोमांच भरने में माहिर है. यहां पहुंचने के लिए भोपाल का रास्ता सबसे सुगम है. यहां की घुमक्कड़ी में आपको थकान न हो, इसलिए अपने प्लान में पूरा एक दिन दें इस शहर को.

पंद्रहवां दिन: चित्रकूट का धार्मिक भ्रमण

चित्रकूट मध्यप्रदेश का ऐसा शहर है, जिसका कुछ हिस्सा उत्तर प्रदेश को भी छूता है. चित्रकूट के बारे में कहा जाता है कि यह एक जंगल था, जहां भगवान राम और सीता ने अपने निर्वासन के 11 वर्ष गुजारे थे. यहां राम घाट, कमदगिरी मंदिर, सती अनसुइया आश्रम, साप्तिक शिला, जानकी कुण्ड और हनुमान धारा कुछ प्रमुख आकर्षण के केंद्र माने जाते हैं. अब आप भगवान राम को महसूस करने आए हैं, तो एक दिन तो देना ही होगा. यहां पहुंचने के लिए रेल का प्रयोग किया जा सकता है.

Ramghat, Chitrakoot, Madhya Pradesh (Pic: wikimapia.org)

अगले 15 दिनों का प्लान हम आपके लिए जल्द इस लेख के पार्ट-2 में लेकर आयेंगे. नीचे दिए इनबॉक्स में लिखकर जरुर बताएं कि आपको यह लेख कैसा लगा? और मध्य प्रदेश के बाद आप किस राज्य की घुमक्कड़ी करना चाहते हैं? ताकि अगली कड़ी में हम आपको आपके पसंदीदा राज्य की सैर पर ले चलें.

Web Title: 30 Days, 30 Plans in Madhya Pradesh, Hindi Article

Keywords: Orchha, Kanha National Park, Panna National Park, Khajuraho, Ujjain, Heritage Tourist Attractions, Heritage Sites of India, Sanchi, Bhimbetka Caves, Gwalior, Bhopal, Bandhavgarh National Park, Maheshwar, Mandu, Bhind, Omkareshwar, Bhojpur, Chitrakoot, Indore, Madhya Pradesh, India, Travel

Featured image credit / Facebook open graph: fiestroholidays.com