जब हम किसी पहाड़ी क्षेत्र पर बस या ट्रेन से जा रहे होते हैं, तो अक्सर हमें पहाड़ देखने को मिल जाते हैं. जिसके बाद मन में अनेक प्रश्न आते हैं, जैसे ये पहाड़ इतने बड़े कैसे हैं? क्या इन पर कोई चढ़ सकता है? इसकी लंबाई कितनी है? और कई अन्य सवाल… कहने के लिए तो यह सवाल आम हैं, लेकिन यकीन मानिए इनके जवाब जानने की उत्सुकता कुछ कम नहीं होती. तो आइये हम इन जबाबों को जानने के लिए पहाड़ों की तरफ चलते हैं:

अरावली पर्वत

प्राचीन भारत के प्रसिद्ध पर्वतों में शुमार अरावली पर्वत श्रृंखला भारत के पश्चिमी भाग में मौजूद है. कहा जाता है कि हिंदकुश पर्वत की तरह इस पर्वत पर भी परिजात वृक्ष पाया जाता है. प्रचलित कथाओं के अनुसार भगवान कृष्ण ने इस पर्वत पर वैकुण्ठ नगरी बसाई थी. राजस्थान के पूर्व क्षेत्र से गुजरती 560 किलोमीटर की लंबाई वाली इस पर्वत माला की कुछ पहाड़ियां दिल्ली के हिस्से तक अपना प्रसार रखती हैं. इस पर्वत पर कई खनिज पदार्थ भी मौजूद हैं, जिनमें सीसा, तांबा, जस्ता आदि प्रमुख हैं. इस पहाड़ के जंगलो में शेर, चीता आदि जैसे वन्य जीव का वास पाया जाता है. इस पर्वत की प्रमुख चोटियां सैर, अचलगढ़, देलवाड़ा,आबू, ऋषिकेश आदि हैं.

Famous Mountain of India and World, Arawali (Pic: wikipedia )

विंध्याचल

भारत के सप्तकुल पर्वतों में से एक माने जाने वाला विंध्याचल पर्वत माला भारत के मध्य में स्थित है. बता दें कि विंध्य के नाम का उल्लेख महाभारत, रामायण, वेद आदि में पाया जाता है. विंध्य को पहाड़ों की रानी माता विंध्यवासिनी के कारण भी जाना जाता है. उनका मंदिर उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जिले में मौजूद है, जिसकी गिनती देश के प्रसिद्ध शक्ति पीठों में की जाती है इस पर्वत का फैलाव उत्तर प्रदेश मध्य प्रदेश छत्तीसगढ़, गुजरात, बिहार तक करीब 1086 किलोमीटर तक है.

मलयगिरि

भारत के प्रसिद्ध शिखरों में से एक माने जाने वाला मलयगिरि शिखर भारत के उड़ीसा राज्य में मौजूद है. इस पर्वत की ऊंचाई लगभग 1187 मीटर है. प्रचलित कथाओं के अनुसार यह शिखर कभी महर्षि अगस्त्य का तपोभूमि हुआ करता था. इस पर्वत का विस्तार उड़ीसा से लेकर दक्षिण तक है. पौराणिक कथाओं के अनुसार कहा जाता है कि यहां का मलयगिरि चन्दन बहुत ही प्रसिद्ध माना जाता था जो भगवान विष्णु को बहुत प्रिय था. इस पर्वत से निकलने वाली प्रमुख नदियां कृतमाला, तामपर्णी आदि हैं. इस पर्वत पर ग्रेनाइट स्लेट की चट्टानें मुख्य रूप से पाई जाती हैं.

Famous Mountains of India and World, Malaygiri (Pic: mangaloretaxi )

महेन्द्रगिरि

उड़ीसा राज्य के दक्षिणी छोर में मौजूद यह पर्वत भी मलयगिरि और विन्ध्याचल की तरह भारत के प्राचीन पर्वतों में से एक माना जाता है. इस पर्वत की ऊंचाई 1,501 मीटर है. वैसे तो यह पर्वत पूर्वी घाट का सबसे ऊँचा पर्वत माना जाता है और गोण्डवानालैंण्ड का भी एक हिस्सा कहा जाता है. इस पर्वत से पौराणिक घटनाओं का सम्बन्ध माना जाता है. महेंद्र गिरी और महिंद्राचल दो पर्वत माने जाते हैं, जो क्रमश: पूर्वी और पश्चिमी घाट पर हैं. रामायण के मुताबिक महेंद्र गिरी से ही हनुमान जी लंका गए थे. इस पर्वत से निकलने वाली मुख्य नदियां त्रिसामा ऋषि कुल्या, वंशकरा आदि हैं.

सह्याद्रि

यह भी प्राचीन भारत के सप्तकुल पर्वत का हिस्सा माना जाता है. इस पर्वत का विस्तार 1600 किमी की लंबाई में ताप्ती नदी से लेकर अंत दीप तक माना जाता है. लगभग 1600 वर्ग किलोमीटर क्षेत्रफल में फैले इस पर्वत की ऊंचाई 1200 मीटर है. इसके जंगलों में अनेक जानवर और चिड़ियों की कई अहम् प्रजातियों के साथ 1600 फूलों की प्रजातीयां भी पाई जाती हैं. इस पर्वत को यूनेस्को ने अपनी विश्व धरोहर की सूची में स्थान दिया है. इस पर्वत से निकलने वाली मुख्य नदियां गोदावरी, कृष्णा, तुंगभद्रा, कावेरी और वन्जुला आदि हैं.

Famous Mountains Of India and World, Sahasdri (Pic: ratangadbhandardaratrek )

चित्रकूट

प्राचीन भारत के प्रसिद्ध पर्वतों में से एक इस पर्वत का काफी धार्मिक महत्व माना जाता है. इस पर्वत की महिमा का वर्णन अनेक ग्रन्थों और पुराणों में किया गया है. जंगल से घिरे इस पर्वत के नीचे ढेर सारे मंदिर बने हैं. सबसे प्रसिद्ध और लोकप्रिय कामतानाथ और भरत मिलाप का मंदिर भी यही मौजूद है, जहां पर भक्त आकर अपनी मनोकामना पूर्ण करते हैं. कहा जाता है कि महर्षि बाल्मीकि ने कहा था कि जब तक मनुष्य चित्रकूट के पहाड़ों का दर्शन करता रहता है, तब तक वह सही दिशा और सत्य के मार्ग पर चलता रहता है.

हिन्दूकुश पर्वत

अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच में मौजूद हिंदुकुश पर्वत का नाम अरबी भाषा से लिया गया है, जिसका मतलब भारत का पहाड़ होता है. हिंदुकुश पर्वत हिमालय का ही विस्तार है. इस पर्वत में ऐसे बहुत से दरारें हैं, जहां से कजाकिस्तान, उज्बेकिस्तान, चीन, रशिया, मंगोलिया आदि देशों में जाया जा सकता है. कहा जाता है कि पहले इस पर्वत का नाम पारियात्र पर्वत था. इसके आलावा एक दूसरा नाम भी था हिंदुकश जिसका मतलब होता है अंतिम सिरा. इस पर्वत से निकलने वाली प्रमुख नदियां कुम्भा, सुवस्तु, गोमल आदि हैं.

Famous Mountains of India and World, Hindukush ( Pic: wikimedia)

शुक्तिमान

शक्ति पर्वत के नाम से मशहूर यह पर्वत अन्य पर्वतों की तरह प्राचीन भारत के प्रसिद्ध पर्वतों में से एक है. इस पर्वत का फैलाव छत्तीसगढ़ से लेकर बिहार तक है. जानकारों के मुताबिक इस पर्वत का नाम शुक्तिमती नदी के नाम पर पड़ा है. कहा जाता है कि इसका सम्बन्ध महाभारत काल से है. इसका उल्लेख श्रीमद्भागवत में भी किया गया है. इस पर्वत से निकलने वाली मुख्य नदी काशिका, कुमारी, मंदवाहिनी सुदामा आदि हैं.

माउंट एवरेस्ट

नेपाल में स्थित यह पर्वत दुनिया का सबसे ऊँचा पर्वत है. 1955 के एक सर्वे के मुताबिक इस पर्वत की ऊंचाई 8848 मीटर है. इस पर्वत को नेपाल में सागरमाथा (यानी स्वर्ग का शीर्ष) नाम से जाना जाता है. वहीं तिब्बत में इसे चोमोलंगमा के नाम से लोग जानते हैं. कहा जाता है कि इस पहाड़ का नाम वैज्ञानिक सर जॉर्ज एवरेस्ट के नाम पर रखा गया है. अब तक इस पर्वत पर दुनिया के कई पर्वतारोही पहुंच चुके हैं.

Famous Mountains of India and World, Mount Everest (Pic: kingofwallpapers)

ऋक्ष पर्वत

ऋक्ष पर्वत भारत का प्रसिद्ध पर्वत माना जाता है. बता दें कि इस पर्वत की श्रृंखला में कई पहाड़ियां भी शामिल हैं. इस पर्वत की भी गिनती प्राचीन भारत के सप्तकुल पर्वत में होती है. इस पर्वत से होकर निकलने वाली नदियों में मंदाकिनी, चित्रकूटा, तमसा, विपाशा आदि नदियां हैं.

धौलागिरी

दुनिया के पहाड़ों में धौलागिरी का नाम काफी प्रसिद्ध माना जाता है. नेपाल में स्थित इस पहाड़ का मतलब ( सफ़ेद सुन्दर) होता है. लगभग 8167 मीटर ऊँचे इस पहाड़ को हिमालय के प्रमुख पहाड़ों में से एक माना जाता है. बता दें कि एक समय इस चोटी को दुनिया की सबसे बड़ी चोटी माना जाता था.आज इसकी गिनती दुनिया के सातवीं सबसे ऊँची चोटी में होती है.

Famous Mountains of India and World, Dhaulagir (Pic: wikimedia )

मनास्लु

मनास्लु दुनिया का आठवा सबसे ऊँचा पर्वत माना जाता है. यह पहाड़ नेपाल के हिमालय में स्थित है. लगभग 8163 मीटर ऊंचाई वाले इस पहाड़ का नाम संस्कृत शब्द मनासा से लिया गया है, जिसका मतलब बुद्धि या आत्मा होता है.  इस पर्वत पर सबसे पहले पहुंचने का कीर्तिमान 1956 में जापान के तोशियो इमनीषी, ज्ञलज़ेन नोरबू के नाम है.

कंचनजंगा

भारत सहित पूरी दुनिया में प्रसिद्ध कंचनजंगा विश्व की तीसरी सबसे ऊँची चोटी है. सिक्किम के उत्तर पश्चिम भाग में स्थित इस चोटी का नाम तिब्बती मूल के चार शब्दों से लिया गया है जिसे कांग-छेन-दजों-ङ्गा लिखा जाता है और नेपाल में इसे कुंभकरन लंगूर के नाम से जाना जाता है. 8,586 मीटर ऊंचाई वाले इस पर्वत पर अब तक कई पर्वतारोही पहुंच चुके हैं.

Famous Mountains of India and World, Kanchan Jangha ( Pic: indiamike)

चोयु

दुनिया के प्रसिद्ध पर्वतों में शुमार चोयु नेपाल तिब्बत सीमा में स्थित है. इस पर्वत की ऊंचाई 8201 मीटर है. इस पर्वत का नाम भी तिब्बती भाषा से लिया गया है तिब्बत में चोयु का मतलब रंग की देवी है. बता दे कि इस पर्वत से कुछ दूर पर लगभग 18753 फुट की ऊंचाई पर नांगपा ला का दर्रा भी मौजूद है, जहां से हिमालय और रोलवालिंग के भाग अलग होते हैं.

भारत सहित दुनिया में न जाने ऐसे कितने और पहाड़ हैं, जो अपनी खूबसूरती के साथ सभ्यता और संस्कृति के लिए प्रसिद्ध हैं. आज जिस तरह से लोग इन पहाड़ों को देखने के लिए आते हैं, उससे यह पता चलता है कि इनकी लोकप्रियता काफी ज्यादा है. पर्यटन के अलावा प्राकृतिक संतुलन में पहाड़ी श्रृंखलाओं की बेहद महत्वपूर्ण भूमिका है और यह बात वैज्ञानिक रिसर्च में प्रमाणित हो चुकी है.

Famous Mountains of India and World, Choyu ( Pic: wikipedia )

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