अभी हाल ही में पूरा ट्विटर #metoo से भर गया था.

देश विदेश की लड़कियां और महिलाएं इस हैश टैग का इस्तेमाल कर रही थीं. ट्विटर के 140 अक्षरों में हर लड़की ने अपने शारीरिक शोषण की दास्तान बयान किया. लड़कियों के दिल के अंदर ये बात जो सालों से दबी हुई थी उसे इस हैशटैग ने बाहर निकाला.

यह मुहीम जिसने सबको अपनी ओर खींच लिया, इसका शुरूआती सफ़र इतना आसान नहीं था, जितना प्रतीत होता है. आज से कई साल पहले इसकी नींव रख दी गई थी.

चलिए इस अनोखे सफ़र पर थोड़ी और रोशनी डालें.

एक बच्ची की कहानी सुन शुरू की यह मुहीम

#metoo मुहीम की शुरुआत तराना बुर्के नाम की एक महिला द्वारा की गई. तराना ब्रुकलीन में स्थित एक संस्थान के लिए काम करती थी जिसका काम था अफ़्रीकी-अमेरिकन महिलाओं को सशक्त करना. वह जगह-जगह जा के महिलाओं और लड़कियों से बात किया करती थी, उनकी परेशानी जानने के लिए!

अपने ऐसे ही एक कैंप के दौरान वह एक बच्ची से मिलीं जिसने उन्हें इस मुहीम को शुरू करने के लिए प्रेरित किया. 1996 में तराना के एक सेशन के दौरान एक बच्ची ने उनसे अकेले में बात करने की गुजारिश की.

तराना उस बच्ची को एक कमरे में ले गयीं. कहते हैं कि वह तराना को कुछ बताना चाहती थी लेकिन उसकी ज़बान से अलफ़ाज़ निकले ही नहीं. तराना के प्रोत्साहन के बाद उसने टूटे शब्दों में ही सही अपनी कहानी उनसे कही.

माना जाता है कि उस लड़की ने तराना को बताया कि कैसे उसके सौतेले पिता उसके साथ शोषण करते हैं. वह धीरे-धीरे अपने अंदर कर दर्द तराना के सामने बताने लगी. कहते हैं कि उस बच्ची की कहानी ने तराना को अंदर तक झंझोड़ दिया और उन्होंने उसे बीच में ही रोक दिया. वह आगे और नहीं सुन सकती थी कि आखिर उस बच्ची के साथ क्या-क्या हुआ.

उस लड़की के चेहरे को देख कर तराना को एहसास हुआ कि शोषण कितना खतरनाक हो सकता है. इसलिए उन्होंने #metoo मुहीम शुरू की ताकि और भी ऐसी पीड़ित लड़कियां सामने आकर अपनी बात रख सकें. इस मुहीम का ऑनलाइन होना तो इस साल से शुरू हुआ है लेकिन माना जाता है कि यह काफी समय से एक ऑफलाइन कैम्पेन की तरह काम कर रहा है.

तराना चाहती थी कि एक ऐसी जगह हो जहां हर लड़की आकर अपनी बात कहें. बिना किसी से डरे वह अपना हाल बता सके.

कहते हैं कि तराना का मानना था कि जब सब एक ही जगह आएंगे अपनी बात रखेंगे तो यह देख अपने आप महिलाओं का हौसला बढ़ेगा.

How Girl Child Abuse Story Started #metoo Campaign (Pic: pakistantoday)

ट्विटर ने किया पूरी दुनिया को एक जुट…

ट्विटर पर इस #metoo की शुरुआत करने का श्रेय जात है हॉलीवुड अदाकारा एलिसा मिलानो को. कहते हैं कि उन्होंने सबसे पहले ट्विटर पर एक ट्विट करते हुए कहा कि जिसके भी साथ शारीरिक शोषण हुआ है वह इस हैशटैग को इस्तेमाल करके अपनी कहानी बाताए.

एलिसा के ट्विट के बाद तो जैसे ट्विटर पर #metoo की बारिश ही हो गई. दुनिया भर की महिलाओं ने इसे रीट्विट किया. सबने अपनी कहानी दुनिया के सामने रखी. इंसानी खाल में छिपे कई राक्षसों की असलियत बाहर आने लगी. धीरे-धीरे यह ट्विटर के साथ-साथ फेसबुक और दूसरी सोशल नेटवर्किंग वेबसाइटों पर भी चलने लगा. आंकड़ों की माने तो सिर्फ 24 घंटे के समय में यह पोस्ट 12 मिलियन बार फेसबुक पर शेयर किया गया.

इस ट्रेंड में भारतीय महिलाओं ने भी हिस्सा लिया. उन्होंने भी अपनी आप बीती सबको बताई. माना जाता है कि कई लड़कियों ने तो यहाँ तक कह दिया कि हर लड़की का कभी न कभी, किसी न किसी रूप में शोषण जरूर होता है.

यह ऑनलाइन मूवमेंट समाज के लिए आईना बनके सामने आ गया. हर किसी को पता चला कि कैसे महिलाओं का शोषण होता है… घर, स्कूल, ऑफिस और पब्लिक प्लेस जैसी जगहों पर! एक छोटी सी शुरुआत से यह इतना बड़ा बन जाएगा खुद तराना ने इसके बारे में नहीं सोचा होगा.

हालाँकि, जितनी इस मुहीम की सराहना हुई उतनी ही इसकी आलोचना भी की गई. इस मुहीम के समर्थन में जो महिलाएं खड़ी थीं उनमें से कईयों को कटुवचन सुनने पड़े. परेशानियां बहुत थी लेकिन जब इतनी सारी महिलाएं एक जुट हो गईं तो हर किसी में आत्मविश्वास जग गया. ट्विटर के बाद तो सड़कों तक #metoo की झलक देखने को मिली.

Women Around The World Supporting #metoo (Pic: vice/japantimes)

पुरुषों ने भी लिया इसमें हिस्सा!

शोषण सिर्फ महिलाओं के साथ ही नहीं होता. पुरुषों के साथ भी कई बार ऐसे हादसे होते हैं. जब महिलाओं ने ऑनलाइन अपनी कहानी कही तो उनका साथ पुरुषों ने भी दिया.

आंकड़ों की मानी जाए तो ट्विट करने वाले लोगों में से लगभग 30 प्रतिशत पुरुष भी थे, जिन्होंने इस हैशटैग को रीट्विट करके इसका समर्थन किया. अमेरिका में इसके सबसे ज्यादा समर्थक दिखाई दिए. वहीं भारत में भी काफी बड़ी मात्रा में लोगों ने इसे अपनाया. माना जा रहा है कि भारत में तो महिलाओं से ज्यादा पुरुषों ने इसका साथ दिया.

भारत में पुरुषों को महिलाओं का यूँ समर्थन करता देखना अच्छा तो लगता है लेकिन यह बात दिल भी दुखाती है कि समाज में सुधार की कितनी ज्यादा जरूरत है.

Men Also Supporting #metoo (Pic: instyle)

बॉलीवुड भी आया #metoo के समर्थन में…

यह मुहीम इतनी आगे बढ़ गई है कि हर कोई अब इसके समर्थन में दिखाई दे रहा है. इसमें सिर्फ शारीरिक शोषण ही नहीं बल्कि हर तरह का शोषण शामिल हो चुका है.

सिर्फ हॉलीवुड की अदाकाराओं ने ही इसे सपोर्ट नहीं किया है, बल्कि बॉलीवुड भी इसके साथ खड़ा है. बॉलीवुड की कुछ मशहूर अदाकाराओं ने भी इसके प्रति अपनी संवेदनाएं जताई हैं और इसे सही ठहराया.

बॉलीवुड में इसके सपोर्ट में सबसे ऊपर कंगना रनौत का नाम आया है. अपने बागी अंदाज के लिए मशहूर कंगना सीधे तौर पर इसके समर्थन में दिखाई दीं. माना जा रहा है कि उन्होंने यह तक कह दिया कि इस मुहीम में वह हर तरह से अपना साथ देंगी और इसके लिए किसी से भी लड़ने के लिए वह तैयार हैं.

माना जा रहा है कि कंगना के बाद एक्ट्रेस राधिका आप्टे और कोंकणा सेन ने भी #metoo की सराहना की और कहा कि वह इसके साथ हैं. दोनों एक्ट्रेस खुश हैं कि महिलाएं यूँ एक जुट हो के सामने आ रही हैं जिससे उनकी ताकत जाहिर हो रही है.

Kangna Ranaut & Radhika Apte Came Forward To Support #metoo (Pic: postoast/filmibeat)

भारत में शोषण के आंकड़ें हैं चिंताजनक!

भारत में शोषण के आंकड़ें बहुत ही ज्यादा चिंताजनक पाए गए हैं. ‘नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो’ के मुताबिक़ 2011 से 2015 के बीच महिलाओं के खिलाफ होने वाला जुर्म 41.7% से बढ़कर 53.9% पर पहुँच चुका है! सिर्फ साल 2015 में 3 लाख से ज्यादा केस सामने आए थे.

यह तो बस वह आंकड़ें हैं जिन्हें रिपोर्ट किया गया है. न जाने कितने ही मामले तो कभी सामने ही नहीं आते हैं. आज के समय में भारत में ऑफिस भी सुरक्षित नहीं रहे. ‘इंडियन नेशनल बार एसोसिएशन’ के मुताबिक एक बड़ी मात्रा में ऑफिस में भी लोगों का शोषण किया जाता है. इसमें न सिर्फ महिलाएं बल्कि पुरुष भी शामिल हैं.

इस सर्वे के दौरान यह भी सामने आया कि 70% कर्मचारी सिर्फ इसलिए शोषण की बात आगे नहीं लाते क्योंकि मैनेजमेंट उस पर कोई ख़ास कार्यवाही नहीं करता और खुद उनकी ही बदनामी होती है.

यह आंकड़े दिन ब दिन बढ़ाते जा रहे हैं और हर कोई इसके कारण चिंता में है.

Raising Sexual Harassment In India (Pic: dawn)

#metoo एक बहुत ही अच्छी मुहीम मानी जा रही है. इसके कारण दुनिया भर में क्या-क्या होता है यह बात सबके सामने तो आई है कम से कम!

शोषण कितना खतरनाक हो सकता है और इसका लोगों पर क्या परिणाम होता है यह भी जानने को मिला है. अब आने वाला समय ही बताएगा कि यह #metoo कितना बदलाव लाने वाला है.

Web Title: #Metoo: How It Become A Successful Campaign Against Harassment, Hindi Article

Featured Image Credit: vagabomb