कुत्ता इंसान का सबसे वफादार जानवर माना जाता है. घर की निगरानी हो या फिर मालिक की बात मानना. कुत्ता सब कुछ समझता है. जहां पूरी दुनिया इस समय इंटरनेट पर कुत्तों के लिए अपना प्यार जाहिर करती नजऱ आती है, वहीं दूसरी तरफ चीन में इन्हें एक पकवान समझा जा रहा है. चीन में हर साल एक खास किस्म का त्यौहार मनाया जाता है, जिसमें हजारों कुत्तों की बलि चढ़ा दी जाती है!

वह भी सिर्फ इसलिए क्योंकि वह उसके मांस का स्वाद चख सकें. इतना ही नहीं, कुत्तों के साथ जो दुर्दशा चीन में होती है, वह जानवरों के प्रति मानवीय संवेदना को कटघरे में खड़ा करती है. तो आईये इसके पीछे की असल वजह को जानने की कोशिश करते हैं:

क्या है ‘यूलिन’ फेस्टिवल?

यूलिन दक्षिणी चीन का एक शहर है. चीन में शायद ही कोई ऐसा व्यक्ति होगा, जो इस शहर के बारे में नहीं जानता होगा. इस शहर में हर साल एक खास किस्म का त्यौहार आयोजित किया जाता है. यह त्यौहार चीनी लोगों के सिवा कोई और नहीं मनाता. त्यौहार का नाम है ‘यूलिन डॉग ईटिंग फेस्टिवल’ (Link In English).

इसके नाम से साफ तौर पर जाहिर होता है कि यह एक ‘डॉग ईटिंग फेस्टिवल’ है. यानी यह खास तौर पर कुत्तों का मांस खाने के लिए मनाया जाता है. इस फेस्टिवल को लेकर यहां के लोगों में अलग किस्म की दीवानगी देखने को मिलती है. हफ्ते भर में हज़ारों कुत्ते इस त्यौहार की भेंट चढ़ जाते हैं. इस फेस्टिवल की हर साल खूब निंदा की जाती है, फिर भी चीन के कानों में कोई जूं नहीं रेंगती. शायद वह इसे नहीं रोकना चाहता है.

Dog Eating Festival China (Pic: plantbasednews.org)

जिंदा जलाए जाते हैं कुत्ते, क्योंकि…

जो चीज इस फेस्टिवल की सबको परेशान करती है वह है, कुत्तों के साथ होने वाला अमानवीय व्यवहार. कुत्ते भले ही बेजुबान हैं, लेकिन उनके दर्द को भी समझना जरूरी है. हर साल लोगों की भूख मिटाने के लिए हज़ारों कुत्तों को काल के गाल में भेज दिया जाता है. हर तरफ बस उनकी दर्द भरी चीखें ही सुनाई देती है. कई दुकानदार तो हदें पार कर देते हैं. वह कुत्तों के जिंदा रहते ही उनकी खाल निकाल देते हैं. फिर वह कुत्ता चाहे कितना भी दर्द से क्यों न चिल्ला रहा हो, उन पर कोई असर नहीं पड़ता.

त्यौहार के पहले हजारों की तादाद में कुत्तों को छोटे-छोटे पिंजरों में कैद रखा जाता है. फिर वक्त आने पर इन्हें काले अंधेरे कमरे में जाकर काटा जाता है. कई बार तो रोमांच के लिए कुत्तों को जिंदा जला दिया जाता है. इसके पीछे की वजह हैरान करने वाली है. असल में इससे उन्हें कुत्तों की खाल निकालने में कम मेहनत करनी पड़ती है. दुकानदार तो दुकानदार, यहां की आम जनता भी कुत्तों को खरीद कर ले जाती है और ऐसे ही अपने घरों में दुर्व्यवहार करती है.

इस फेस्टिवल की धूम के आगे कुत्तों पर होने वाले इस अन्याय पर लोग ध्यान नहीं देते हैं. माना जाता है कि इस फेस्टिवल के दौरान लगभग 10,000 (Link In English) कुत्तों को मार के उनका मांस बेचा जाता है.

Dog Eating Festival China (Pic: Social Voice)

पुराना रिवाज़ नहीं है यह

जिस तरह से चीन के लोग इस फेस्टिवल को मनाते हैं, उसे देखकर यही ख्याल आता है कि यह किसी पुराने रीति-रिवाज से जुड़ा हुआ होगा. पर ऐसा है बिल्कुल नहीं!

यह फेस्टिवल किसी रिवाज से नहीं जुड़ा हुआ है. इसे शौकिया तौर पर ही यहां के लोग मनाते हैं. 2010 (Link In English) में पहली बार इस त्यौहार को मनाया गया था. माना जाता है कि इसकी शुरुआत के पीछे कुत्तों का मीट बेचने वालों का हाथ था. मीट बेचने वालों का धंधा गर्मियों में नहीं चला करता था, इसलिए उन्होंने जान बूझकर इसकी शुरुआत की थी. वह अपने मंसूबों में कामयाब भी रहे. उन्होंंने लोगों को इस चालाकी के साथ गुमराह किया कि यह एक फेस्टिवल बन गया.

चीन में सालों से कुत्तों का मीट खाया जाता है. उनका मानना है कि यह सेहत के लिए अच्छा होता है. साथ ही यह अच्छी किस्मत का प्रतीक भी है. अमूमन चीन में कुत्तों का मीट सर्दियों में खाया जाता है, लेकिन इस फेस्टिवल में यह धारणा भी टूटती नज़र आती है, क्योंकि यह फेस्टिवल गर्मियों में मनाया जाता है.

Dog Eating Festival China (Pic: petsarena.com)

चुराकर लाये जाते हैं यहां कुत्ते

किसी भी जानवर का मीट कोई तभी बेच सकता है, जब उसके पास जानवरों को पालने का कोई फार्म हो. फिर चाहे वह कोई भी जानवर क्यों न हो. चीन में बाकी जानवरों के लिए यह नियम लागू है, लेकिन कुत्तों के मामले में इसकी अनदेखी की जाती है. माना जाता है कि असल में चीन में कुत्तों के लिए कोई फार्म है ही नहीं. इस बात का मतलब है कि कुत्ते यहां मीट के लिए नहीं पाले जाते. कहते हैं कि इस ‘डॉग मीट फेस्टिवल’ में जो कुत्ते आते हैं वह चोरी (Link In English) के होते हैं.

पूरे चीन से कुत्तों को चुराकर लाया जाता है, ताकि मीट बेचने वाले इससे पैसा कमा सकें. जिन कुत्तों को यह लाते हैं, वह ज्यादातर सड़क में घूमने वाले होते हैं. हालांकि, पालतू कुत्तों को भी चुराने से कारोबारी पीछे नहीं हटते.

Dog Eating Festival China (Pic: todayonline.com)

कई कोशिशें की गई, पर नहीं बनी बात

शुरुआत में चीन के इस फेस्टिवल ने ज्यादा लोकप्रियता नहीं पाई, लेकिन थोड़े समय बाद यह वैश्विक मुद्दा बन गया. दुनिया भर के लोग इसकी निंदा करने लगे थे. डॉग लवर्स को कुत्तों की यह दुर्दशा देख बहुत ठेस पहुंची थी. कोशिश (Link In English) खूब की गई थी. चीनी जीव संरक्षकों ने भी सरकार के आगे यह मुद्दा उठाया, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ. सरकार इस मामले में मदद करती नहीं दिखी. बीच में खबर आई कि यह बंद हो जाएगा, लेकिन यह सिर्फ खबर ही निकली. परिणाम स्वरुप फेस्टिवल के नाम पर यहां कुत्तों का कत्ल जारी है.

Dog Eating Festival China (Pic: pinimg.com)

चीन में जिस तरह से कुत्तों को मारा जा रहा है, वह चिंताजनक है. जानवर हुआ तो क्या हुआ उसका महत्त्व उतना ही है, जितना किसी इंसान का होता है.

दर्द भी उनको उतना ही होता है!

उम्मीद है, आने वाले समय में चीन सरकार इस मामले में कुछ करेगी, ताकि हजारों बेजुबान कुत्तों की जान बच सके.

Web Title: Dog Eating Festival China, Hindi Article

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