सब कहते हैं कि हम यानी भारत ने बहुत तरक्की कर ली है. चांद तक पहुंच हो गई है हमारी. जीरो जैसी ढ़ेरों खोजों का सेहरा तो पहले से ही हमारे सिर पर बंधा हुआ है. बावजूद इसके एक नहीं बल्कि ढ़ेरों ऐसे रहस्य आज भी हमारे पास मौजूद हैं, जो सुलझने का नाम ही नहीं ले रहे हैं. ऐसा नहीं है कि किसी ने कोशिश नहीं की. कई सारे फन्ने खां हुए, जो इन्हें सुलझाने के लिए आगे बड़े, लेकिन सक्सेस नहीं हो पाये. आइंस्टीन होते तो शायद वह भी यही कहते कि, क्या यार कहां फंसा दिया इस रहस्यों के चक्कर में! हमसे ना होगा यह सब. भईया हमको माफ करो… तो आईये जरा नजदीक से देखने की कोशिश करते हैं ऐसे रहस्यों में से कुछ नमूनों को:

शांति देवी

आप ज्यादा से ज्यादा कितनी पुरानी बात याद रख सकते हैं. एक दिन, दो दिन या फिर एक हफ्ता? सच तो यह है कि आप कुछ भी कहें, लेकिन इस व्यस्त जीवन में हम बहुत कम ही पुरानी चीजों को सटीक तरीके से याद रख पाते हैं. पर क्या आप जानते हैं कोई ऐसा भी है, जिसे एक, दो दिन नहीं बल्कि अपनी पिछली जिंदगी का एक एक पल याद है. हैरान हो गये न? लेकिन यह उतना ही सही है, जितना यह कि हफ्ते में सात दिन होते हैं. शांति देवी महज़ 4 बरस की थीं, तभी से बोलने लगी थीं कि उनका घर मथुरा में है और उन्हें उनके पति और बच्चों के पास जाना है. जब थोड़ी जांच पड़ताल की गई तो पता चला कि शांति देवी बिलकुल सच बोल रही हैं. ढ़ेर सारे लोगों ने इस पहलू को जांचने की कोशिश की, लेकिन कोई बता न पाया कि यह कैसे हो सकता है? अब शांति देवी हमारे बीच नहीं है, लेकिन सवाल आज भी वही है कि क्या ऐसा संभव हो सकता है कि किसी को अपनी पिछली जिंदगी याद रहें.

Indian Unsolved Mysteries (Pic: humansarefree.com)

रूपकुंड की झील

उत्तराखंड की एक सबसे बड़ी पहेली है रूपकुंड की झील. इसे कंकालों की झील भी कहा जाता है. 1942 में जब इस झील को खोजा गया उस वक़्त हर कोई हक्का-बक्का रह गया था. यह पूरी झील कंकालों से भरी हुई थी. गर्मियां आने वाली थी और बर्फ पिघनले लगी थी. थोड़े वक्त के बाद जब देखा गया तो झील से तकरीबन 200 कंकाल पाए गए. रूपकुंड के कंकाल आखिर किसके हैं?  यह कोई पता नहीं लगा पाया. समय के साथ इससे जुड़ी अलग-अलग तरह की कहानियां आती रही. जहां एक कहानी कहती है कि यह कंकाल जापानी सैनिकों के हैं, जो एक बर्फीले तूफ़ान में वहां फंस गए थे.  वही दूसरी कहानी कहती है कि यह एक परम्परा के लिए की गयी सामूहिक आत्महत्या थी. अब सच क्या है भगवान जाने!

प्रहलाद जानी

प्रहलाद जानी एक साधू हैं. पर यह अन्य साधुओं की तरह आम नहीं है. प्रहलाद जानी का कहना है कि वह सन 1940 से बिना पानी व अन्न के जिंदा हैं. प्रहलाद मां अम्बे के भक्त हैं. वह कहते हैं कि उनको यह करने की शक्ति माँ अम्बे ही देती हैं. प्रहलाद पर वैज्ञानिकों नें कई प्रकार के टेस्ट भी किये, लेकिन इसके पीछे के कारण जानने में उन्हें सफलती नहीं मिली. एक बार तो प्रहलाद जानी को 10 दिन के लिए बिना भोजन और पानी के एक कमरे में बंद रखा गया, ताकि पता किया जा सके कि वह झूठ तो नहीं बोल रहे हैं. पर जब उन्हें निकला गया तो वह एकदम स्वस्थ मिले. अब इसे क्या कहा जाये समझ से परे है!

Indian Unsolved Mysteries (Pic: higherperspectives.com)

सम्राट अशोका के 9 रहस्यमय लोग

माना जाता है कि अपने शासन काल में सम्राट अशोक ने 9 लोगों का एक गुप्त संगठन बनाया था. इन सभी को एक-एक किताब भी दी गई थी. उस किताब में समाज से जुड़ी कई सारी जरूरी बातें थी. जैसे कि प्रचार-प्रसार, शारीरिक क्रिया-विज्ञान, कीटाणु-विज्ञान, संचार, गुरुत्वाकर्षण आदि. पर अशोका द्वारा नियुक्त किये गए यह 9 लोग थे कौन? इसकी पहचान न उस समय कोई कर पाया था और न ही इस दौर में कोई कर पाया है. माना जाता है कि अशोका ने इस संगठन को इसलिए बनाया था, ताकि यह लोग समाज को एक सुचारू रूप से चलाने में मदद कर सकें. वही कुछ किस्से कहते हैं कि अशोक का यह संगठन आज भी काम कर रहा है, वह भी बिना किसी की नज़रों में आए. अब भगवान जाने क्या सही है और क्या गलत?

Indian Unsolved Mysteries (Pic: modernwhiz.com)

हिमालय में छुपा ज्ञानगंज

ज्ञानगंज हिमालय से जुड़ा वह राज़ है, जिसके बारे में कोई नहीं जानता. कई साधुओं का मानना हैं कि ज्ञानगंज हिमालया में ही कहीं छुपा हुआ है, जिसको आम आदमी नहीं ढूंढ सकता. माना जाता है कि ज्ञानगंज में रहने वाले साधुओं के पास अपार ज्ञान है और वह अमर हैं. धारणाएं यह भी कहती हैं कि ज्ञानगंज के साधू योग के जरिये खुद को जीवित रखते हैं. अगर सच में ऐसा है तो यह दिलचस्प है.

Indian Unsolved Mysteries (Pic: realparanormalexperiences.com)

जतिंगा-परिंदों की मौत का रहस्य

आपने इंसानों की आत्महत्या की बात तो अक्सर सुनी होगी. पर आपसे हम कहें कि परिंदे भी आत्महत्या करते हैं तो शायद आप चौक जायेंगे. असम के एक छोटे से गांव जतिंगा में हर साल सितम्बर व नवम्बर के महीने में परिंदे आसमान से सीधे नीचे गिरके आत्महत्या करते हैं. यह दस्तूर काफी समय से चलता आ रहा है. पर किसी के पास इस बात का सही जवाब नहीं है कि ऐसा होता क्यों है? कुछ का कहना है कि पक्षी ऐसा इसलिए करते हैं क्योंकि मानसून के मौसम में वह गांव से आ रही रोशनी की तरफ आकर्षित हो जाते हैं और पेड़ों से टकरा जाते हैं, जिस कारण इनकी मौत हो जाती है.

Indian Unsolved Mysteries (Pic: welcomenri.com)

नेताजी सुभाष चंद्र की मृत्यु का रहस्य

‘तुम मुझे खून दो मैं तुम्हे आज़ादी दूंगा’ सुभाष चंद्र बोस का यह नारा शायद ही कोई भूल पाया होगा. बोस की मृत्यु भारत के लिए आज भी एक रहस्य बनी हुई है. आधिकारिक तौर पर यह माना जाता है कि नेताजी की मृत्यु 1945 के एक प्लेन दुर्घटना में हुई थी, पर इसका कोई पुख्ता सबूत नही है. लोग अंदाजा लगाते हैं कि नेताजी को एक साजिश के तौर पर मारा गया और बाद में इसे एक हादसे का रुप दे दिया गया. कुछ अफवाहों में तो यह भी सुनने को मिला की नेताजी को छुपा दिया गया था और अंत में वह अपनी मौत मरे. ऐसे में किसको सही माना जाये? यह बड़ा सवाल है.

Indian Unsolved Mysteries (Pic: pinterest.com)

हमशकलों का गांव

केरल का एक छोटा सा गांव कोदिन्ही लोगों में बहुत चर्चित है. इसकी चर्चा का कारण गांव में पाये जाने वाले 200 हमशकल जोड़े हैं. महज़ 2000 लोगों की आबादी वाले इस गांव में इतने हमशकल कैसे जन्मे यह बात कोई नहीं समझ पाया. 2008 में यहां 15 हमशकल बच्चों ने जन्म लिया. डॉक्टरों ने बहुत कोशिश की इसके पीछे की सही वजह जानने की, लेकिन कोई खास जानकारी न निकल सकी.

बुलेट बाबा

टार्ज़न-द-वंडर कार फिल्म में आपने एक अदभुत कार के कारनामे देखे होंगे पर क्या आपने उसी की तर्ज पर करतब दिखाती हुई कोई मोटरसाइकिल देखी है. अगर नहीं देखी है तो आपको ओम बन्ना की मोटरसाइकिल को देखना चाहिए. माना जाता है कि ओम की मौत एक सड़क-हादसे में हो गई थी. हादसे के बाद घटना स्थल से पुलिस ने उनकी गाड़ी को बरामद कर नजदीकी पुलिस थाने में पहुंचा दिया था. पर बाद में देखा गया कि वह फिर से घटना स्थल पर पहुंच गई थी. इसके बाद कई बार उसे थाने लाया गया, लेकिन वह बार-बार अपनी जगह पर पहुंच जाती थी. कई बार तो गाड़ी का पेट्रोल तक निकाल दिया गया पर नतीजा वही रहा. अब तो लोगों ने ओम बन्ना के नाम पर मंदिर बना दिया है. यहां के लोगोंं का मानना है कि कि ओम कीआत्मा मंदिर के पास से गुजरने वाले लोगों की मदद करती है. रही बात ओम की बाइक की गुत्थी का पेंच तो वह वहीं का वहीं फंसा हुआ है.

Indian Unsolved Mysteries (Pic: travelgenes.com)

भारत में हवाईजहाज़ का आविष्कार

1895 के अखबारों में प्रकाशित बात सच मानी जाए तो भारत के महाराष्ट्र में रहने वाले शिवकर बापूजी तलपडे नें विश्व का पहला हवाई जहाज़ बनाया था. वह भी वाइट भाइयों से 10 साल पहले. शिवकर ने अपने जहाज़ का नाम ‘मरुत्सखा’ रखा था. शिवकर का यह जहाज़ मरकरी को ईंधन के रूप में इस्तेमाल करता था. माना जाता है कि उनकी पहली उड़ान असफल रही थी और पैसों की कमी के कारण वह फिर कोई विमान नहीं बना सके. चूंकि इसके कोई पुख्ता सबूत नहीं मिलते हैं, इसलिए यह भी एक रहस्य बनकर रह गया है.

जोधपुर सौनिक बूम

18 दिसम्बर 2012 की सुबह जोधपुर के आसमान में एक बहुत ही जोरदार आवाज़ सुनाई दी थी. आवाज कुछ ऐसी थी जैसे कोई जंगी हवाई जहाज़ वहां से गुज़रा हो. वहां के निवासियों की मानें तो यह आवाज़ किसी विस्फोट से होने वाली ध्वनि से कम नहीं थी. बाद में अफवाह चली कि यह धमाका पास ही के एक सैन्य क्षेत्र में नए हवाई जहाजों के परिक्षण के दौरान हुआ था. पर जब सेना अध्यक्ष ने यह मान्ने से इनकार कर दिया, तो इसके पीछे के कारण ढूंढे जाने लगे, जो आज तक किसी को नहीं मिले.

तो यह थी कुछ अनसुलझे रहस्यों की एक बानगी. न जाने ऐसी कितनी और अनसुलझी घटनाएं होगी, जिनका बाहर आना अभी बाकी है. काश कोई होता, जो इन रहस्यों से पर्दा उठाता, ताकि हमारे और आपके मन में इनसे जुड़े सवालों का जवाब मिल पाता. आगे उम्मीद है सभी तो नहीं, लेकिन कुछ एक रहस्यों से पर्दा जरुर उठेगा.

Web Title: Indian Unsolved Mysteries, Hindi Article

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